00:00मैं एक उद्हान देता हूँ रसोई गैस यानि लपीजी के बावविशह मैं हम सब जानते हैं हमारी जरुरतों की करीब
00:1460 प्रतिशत लपीजी अन्य देशों से आयात की जाती थी
00:23और इस मैं से भी 90 प्रतिशत लपीजी गल्प देशों से आ रही थी
00:32और मुझ से होकर के आ रही थी और अचानक से युद्ध के हालातों ने
00:40उस सप्लाई को लगभग बंद कर दिया आप अंदाज लगा सकते हैं हमारे देश में
00:52कितना बड़ा हाहा कार मचने जा रहा था
00:58लेकिन राजस्तान की इस धर्ती ने हमें चुनोतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है
01:09और इसलिए हमने संकट शुरू होते ही रिफाइन रिच के सामर्थ पर फोकस किया
01:21और जोगी काम के लिए जो गैस बनती थी उसकी जरगार रिफाइन रिच को
01:29रसोई गैस लपीजी बनाने के लिए कहा गया
01:32और साथ दिनों के भीतर भीतर एल्पीजी के उत्पादन में बढ़ोत्री हुई
01:41पहले जो 35,000 मेट्रिक तन एल्पीजी का उत्पादन देश पे होता था
01:49संकट के दोरान वो 54,000 मेट्रिक तन बढ़ गया
01:58जिन रिफाइन रिच ने पहले कभी अल्पीजी नहीं बनाया था
02:02उन्हें भी इसके लिए कन्फिगर किया गया
02:09साथियों रसोई गैस की डिमाइन का पूरा लोड
02:15अल्पीजी पर न पड़े
02:18सरकार ने इसका भी ध्यान रखा
02:20पी एंजी कनेक्शन यानि पाइप से रसोई गैस के कनेक्शन बढ़ाने का
02:28अभियान चलाया गया
02:32बहुत ही कम समय में भारत ने
02:35करीब ग्यारा लाग से ज़्यादा गणों को
02:39गैस का पी एंजी कनेक्शन से जोड दिया
02:45भाई यो भेहनो
02:46हमने एक और सप्लाई को सुनिस्चित किया
02:51दूसरी और
02:53गरेलू उपभोकताओं पर
02:56बहुत बोज भी नहीं पड़ने दिया
03:00जो हाला थे
03:03उनमें गरेलू गैस सिलिंडर की कीमत
03:07दो हजार रुपिय तक जा सकती थी
03:12बड़े बड़े मारकेट एक्सपर्ट यही आकलन कर रहे थे
03:17लेकिन हमारे यहां अभी भी गरेलू एलपिजी सिलिंडर
03:24साड़े नव सो रुपिये से भी कम में दिया जा रहा है
03:30गरीबों को तो उजवला सिलिंडर
03:33साड़े छे सो के भी भीतर पड़ रहा है
03:38अपसे दो दिन पहले सरकार ने
03:41कमर्शियल गैस की किमतों में बेवी
03:45बहुत बड़ी कटोती कर दी है
03:47यह दिखाता है कि हमारी सरकार
03:54कितनी सम्वेदन सिल्टा से काम कर रही है
03:57युद्ध की वज़े से डीजल पैट्रोल पर आया संकट भी बहुत बड़ा था
04:05हमारे देश में पेल के बड़े-बड़े कुए नहीं है
04:12जब यह संकट बड़ा
04:13तो क्रूर आयल की कीमते
04:18सत्तर डॉलर प्रती बैरल से
04:22एग सो बीस डॉलर प्रती बैरल तक पहुँच गई थी
04:28आयात के रास्ते भी बन थे
04:30दुनिया के कई देशों में
04:35डीजल पैट्रोल की कीमतों में
04:3840 से 50 प्रतीसत का इजापा हो गया
04:44कई देशों में तो
04:47डीजल पैट्रोल
04:49कोटे के आधार पर मिलने लगा था
04:54लेकिन भारत में
04:57एक दिन भी
05:00ऐसे हालात नहीं आए
05:06कर देशों में
05:08कर देशों में
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