00:00अगर आपके महीने की बेसिक सेलरी एक लाख रुपए है तो क्या आपके पीएफ अकाउंट में अब भी सिर्फ अठारा
00:06सो रुपए ही कटेंगे
00:07सुनने में ये बात किसी अफवाह जैसी लग सकती है
00:10लेकिन देश के करोडो प्राइवेट कर्मचारियों के बीच इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा इसे मुद्दे पर हो रही है
00:16कर्मचारी भविश्य निधी संगठन यानि की ई-पीएफ उके नए नियमों को लेकर सवालों की बाढ़ आ गई है
00:23सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं क्या अब कंपनिया कर्मचारियों का पीएफ कम काट सकेंगी
00:28क्या टेक होम सैलरी बढ़ जाएगी क्या रिटार्मेंट फंड छोटा हो जाएगा
00:33और सबसे बड़ा सवाल अगर किसी की बेसिक सैलरी एक लाक रुपए है
00:37तो क्या उसके पीएफ में अब भी सिर्फ अठारा सो रुपए ही जमा होंगे
00:41नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराश्चर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:50दरसल इस पूरे विवाद की शुरुआत Employees Provident Fund Scheme 2026 से हुई है
00:55नई योजना में EPFO ने पहली बार साफ शब्दों में ये स्पष्ट किया है
01:00कि 15,000 रुपए की बैदानिक वेतन सिमा पर 12 प्रतिश्वत यानि की अधिक्तम 1800 रुपए का योगदान अनिवारे होगा
01:08यानि कानून के हिसाब से निउन्तम अनिवारे योगदान 15,000 रुपए की बैसिक सेलरी तक सिवित रहेगा
01:14यहीं से ब्रहम भी शुरू हुआ
01:16कई लोगों ने इसे इस तरह से समझ लिया कि अब चाहे किसी भी कर्मचारी की बैसिक सेलरी 25,000
01:22हो 50,000 हो या फिर एक लाख रुपए हो
01:24उसके पीएफ में केवर 1800 रुपए ही जमा होंगे
01:27लेकिन पूरी तस्वीर इतनी सीधी नहीं है
01:30असल में यह नियम अनिवार योगदान और स्वैक्षिक योगदान यानि की वॉल्यूंटरी कॉंट्रिटूशन के बीच अंतर को स्पष्ट करता है
01:37अब तक अधिकाउंश नीजी कंपनियां अपने कर्मचारीों की बास्तविक बेसिक सेलरी पर पीएफ काटती थी
01:44उधारन के लिए यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सेलरी साथ हजार उपए है
01:48तो कर्मचारी और कमपनी दोनों लगभग साथ हजार दोसो और साथ हजार दोसो रुपए पीएफ में जमा करते थे
02:08यदि कर्मचारी और कमपनी इससे अधिक राशी पीएफ में जमा कराना चाहते हैं तो वो स्वैक्षिक ववस्था के तहत होगा
02:14यदि की वॉल्यून ट्री स्कीम गित है
02:16यानि एक लाख रुपए की बेसिक सेलरी होने का मतलब ये नहीं है कि हर कर्मचारी का पीएफ अपने आप
02:21अठारो सो रुपए हो जाएगा
02:23ये इस बात पर निर्भर करेगा कि कमपनी की पीएफ पॉलिसी क्या है
02:27कर्मचारी का नियुक्तिय अनुबंद क्या कहता है
02:30और दोनों पक्षो का उसका अधिक योगदान जारी रखना चाहते हैं या नहीं
02:35एप एफो का कहना है कि इस बदलाव का उदेशक कर्मचारीों को ज्यादा लचीला पन देना है
02:41कई कर्मचारी चाहते हैं कि उनके हाथ में हर महीने ज्यादा नकत बैसा आए
02:46जबकि कुछ लोग अपने रिटार्मेंट वज़त बढ़ाना चाहते हैं
02:49अब दोनों के पास विकल्प मौजूद रहेगा
02:51इस बदलाव का एक बड़ा संबंध नए लेबर कोड से भी जोड़ा जा रहा है
02:56सरकार लंबे समय से वेतन सनरशना को अधिक पारदर्शी और फ्लेक्सिबल बनाने की कोशिश कर रही है
03:03नीजी छेतर में अधिकांश कर्मचारियों का वेतन कॉस्ट कंपनी यानि की CTC मॉडल पर आधारित होता है
03:09ऐसे में यदि PF योगदान को लेकर अधिक विकल्प मिलते हैं तो कंपनीया भी अपने वेतन धाचे को नए तरीके
03:16से तयार कर सकती है
03:18हलाकि यहाँ एक और महतोपुन बात समझना जरूरी है
03:21EPF उने सदस्यता के नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है
03:25यानि जो कर्मचारी पहले से EPF के सदस्य हैं उनकी सदस्यता बनी रहेगी
03:30बदलाव मुख्य रूप से योगदान की अनिवार्यता और फ्लेक्सिबल से जुड़ा है ना कि सदस्यता समाप्त करने से
03:38यानि अभी ये मान लेना होगा कि हर कर्मचारी का प्येव अचानक घट जाएगा
03:43पूरी तरह सही नहीं होगा
03:45अब असली सवाल ये है कि आपकी कंपनी कौन सा मॉडल अपनाती है
03:49अगर कंपनी पहले की तरह पूरी बेसिक सेलरी पर ये तुजारी रखती है
03:53तो आपके खाते में पहले जितना ही पैसा जमा होता रहेगा
03:57लेकिन यदि कंपनी नियुंतम अनिवारी योगदान वाले विकल्प को चुनती है
04:01तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है
04:04और यही वज़ह है कि इस बदलाव को पछले कई वर्षों में
04:08EPFO के सबसे बड़े संरचनात्मक परिवर्तनों में से एकमाना जा रहा है
04:12अब सबसे बड़ा सवाल यही है
04:14अगर आपकी बेसिक सेलरी 50,000, 75,000 या फिर एक लाख रुपए है
04:19तो इस पूरे बदलाव का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा
04:23यही वो हिस्सा है जिसे लेकर सबसे ज्यादा ब्रहम फैल रहा है
04:27मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सेलरी एक लाख रुपए प्रती मा है
04:31अभी तक डेश की बड़ी IT कंपनिया, बैंक मेनफेक्टरिंग कंपनिया
04:36और कई कॉर्पोरेट्स अंस्थान अपने कर्मचारीों की वास्विक बेसिक सेलरी पर प्येफ का योगदान करते रहे है
04:42ऐसे में कर्मचारी की सेलरी से 12 प्रतिशत और कंपनी की ओर से लगभग उतना ही योगदान
04:48EPF खाते में जमा होता है
04:50इसका मतलब है कि हर महीने हजारों रुपए रिटार्मेंट फंड में जमा होते रहते हैं
04:56लेकिन अगर कोई कंपनी भविश्य में केवल वैदानिक अनिवारे योगदान तक खुद को सिमत रखने का पैसला करती है
05:02तो तस्वीर बदल सकती है
05:04ऐसे इस्तिति में कर्मचारी के हाथ में हर महीने ज्यादा पैसा आएगा
05:08क्योंकि पीएफ में जाने वाली राशी कम हो जाएगी
05:11यानि टेक होम सैलरी बर सकती है
05:14पहरी नजर में ये सुनने में अच्छा लग सकता है
05:16कौन नहीं चाहेगा कि हर महीन उसकी जे बे 5 या फिर 6 या फिर 10,000 रुपय ज्यादा आए
05:21लेकिन इसके साथ एक दूसरा पहलू भी जुड़ा हुआ है
05:24पीएफ के वल सैलरी से कटने वाला पैसा नहीं होता है
05:28बलकि ये लंबे समय का निवेश भी है
05:31इस पर सरकार हर साल ब्यार्श देती है
05:33और यही रकम नौकरी खत्म होने या फिर रिटार्मेंट के समय बड़ी पूझी बन जाती है
05:39यानि अगर आज कर्मचारी ज्यादा टेक फूम सैलरी चुनता है
05:42तो भविश्य में उसका रिटार्मेंट कॉर्प्स पहले की तुलना में काफी छोटा हो सकता है
05:47यही पर आता है वोलूंटरी प्रॉविडिन्ट फंड यानि की वीपीएफ
05:52अब वीपीएफ का मतलब है कि यदि कर्मचारी चाहे
05:55तो वो कानून द्वारा अनिवारी योगदान से अधिक राशी अपने पीएफ खाते में जमा कर सकता है
06:00इस अतिरिक्त राशी पर भी वो ब्याज मिलता है जो सामाने ईपीएफ पर मिलता है
06:06इसलिए कई वित्य सलाहकार वीपीएफ को आज भी सबसे सुरक्षित लंबी अबधी के निवेश विकल्पों में गिनते हैं
06:14यानि अब फैसला काफी हद तक कर्मचारी के हाथ में होगा
06:17अगर कोई विक्ति हर महीने ज्यादा नगती चाहता है तो वो नियुनतम योगदान माला विकल्प पसंद कर सकता है
06:23लेकिन अगर उसका लक्ष रिटार्मेंट के लिए बड़ी वचत बनाना है तो वो स्वैक्षिक योगदान जारी रख सकता है
06:29अब बात करते हैं EPS यानि की Employee Pension scheme की बहुत से कर्मचारियों को लगता है कि पूरा PF
06:36उनके EPS खाते में जाता है
06:38लेकिन ऐसा नहीं है कमपनी की ओर से जो 12 प्रतिशत योगदान दिया जाता है उसका एक हिस्सा कर्मचारी Pension
06:45योजना यानि की EPS में जाता है
06:47हाला कि योई योगदान भी लंबे समय से 15,000 उपए की वेतन सीमा पर आधाली थे यानि पेंशन की
06:54गढ़ना पहले भी पूरी सेलरे पर नहीं होती थी अधिक्तम निरधारित सीमा तक ही EPS का योगदान माना जाता था
07:01बाकी पैसा EPS खाते में जमा होता था
07:04इसलिए नए धाचे में EPS के मामले में बहुत बड़ा बदलाव देखते को नहीं मुलता असली बदलाव EPS योगदान की
07:12अनिवार्यता और उसके लचीलेपन को लेकर है
07:15अब सवाल ये भी उठता है कि कंपनियों को इससे क्या फाइदा होगा
07:19अगर किसी कंपनी के हजारों कर्मचारी है और वो पूरी बैसिक सैलरी पर पीएफ देती रहती है
07:25तो उसकी कुल कर्मचारी लागत यानि कि Employee Cost काफी ज्यादा होती है
07:30निन्तम अनिवार योगदान वाले मॉडल से कुछ कंपनियों का वित्यबोज कम हो सकता है
07:35हलाकि ये इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी मौजूदा HR नीती बदलती है या फिर नहीं
07:40दूसरी और कर्मचारीों के सामने भी नहीं चुनाओती होगी
07:43क्या वे हर महीने ज्यादा सेलरी लेकर खुद निवेश करेंगे
07:47या फिर PF जैसी अनुशासित बचत को जारी रखेंगे
07:50क्योंकि वेवहारिक रूप से देखा जाए
07:53तो कई लोग हाथ में आने वाला अतरिक्त पैसा खर्च कर देते हैं
07:56जबकि PF ऐसा निवेश है जिसे आसानी से खर्च नहीं किया जा सकता
08:01यही कारण है कि वितिय विशिशग्य इसे
08:05forced saving यानि की मजबूरन होने वाली बचत भी कहते हैं
08:09यही वज़य है कि इस बदलाव को लेकर
08:11दो अलग-अलग राय सामने आ रही है
08:13कुछ विशिशग्य इसे कर्मचारियों को अधिक आर्थिक सोतंत्रता देने वाला
08:17कदम मान रहे हैं जबकि कुछ का कहना है
08:20कि अगर लोगों ने अतरिक्त take home salary को बचाने के बचाए
08:23खर्च कर दिया तो भविशे में उनकी retirement सुरक्षा कमज़र कर सकती है
08:29यानि यह बदलाव सिर्फ PF का नहीं है
08:31बलकि लोगों की वित्य सोच का भी अम्तिहान बनने वाला है
08:35अब यह तै करना कर्मचारियों के हाथ में होगा
08:38कि वो आज जो ज्यादा पैसा चाहते हैं
08:40या आने वाले वर्षों में ज्यादा आर्थिक सुरक्षा यानि कि बुढ़ाते हैं
08:44मिलाकर एपीएफो के नए नियम कर्मचारियों को पहले के मुकाबले अधिक दिकल्प और लचीला पंदेने की कोशिश करते हैं
08:52लेकिन ये लचीला पंद जितना आकरशक दिखता है उतनी ही बड़ी जिम्मदारी भी साथ लाता है
08:58अगर कर्मचारी अतरिक्त टेक हों सेलरी को समझतारी से निवेश नहीं कर पाते तो भविशे में उनका रिटार्मेंट पंद पहले
09:05से काफी छोड़ा हो सकता है
09:07इसलिए किसी भी फैसले से पहले अपनी कंपनी की पिये पॉलिसी वेतन सनरचना और लंबी अवधी की वित्य जरूरतों को
09:15समझना बेहत जरूरी है
09:16आखिरकार आज की थोड़ी सी अतरिक्त कमाई और कल की आर्थिक सुरक्षा के बीच सही संतुलन बनाना ही सबसे बड़ी
09:24समझतारी होगी
09:25तो इस खबर में इतना ही लेकिन नए स्कीम के बाद से जो confused है उनके लिए जिन्होंने ये वीडियो
09:31देख लिया उनके लिए तो विकल्प मिल गया लेकिन जिन लोगों ने ये वीडियो नहीं देखा है उन लोगों तक
09:37ये वीडियो पहुंचाई अपने जो कलीक्स हैं अप
09:54बास is an update
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