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  • 8 hours ago
EPFO New Rules: ₹1 लाख सैलरी पर भी सिर्फ ₹1,800 PF कटौती? क्या है पूरा सच? एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड स्कीम 2026 के नए नियमों ने देश के करोड़ों प्राइवेट नौकरीपेशा लोगों के बीच बड़ी हलचल पैदा कर दी है.

क्या एक लाख रुपये की बेसिक सैलरी होने पर भी आपके पीएफ अकाउंट में अब सिर्फ 1,800 रुपये ही कटेंगे? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नए नियमों को लेकर इस वक्त सोशल मीडिया से लेकर कॉरपोरेट जगत में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. दरअसल, 'एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड्स स्कीम, 2026' में यह स्पष्ट किया गया है कि 15,000 रुपये की वैधानिक वेतन सीमा पर 12 प्रतिशत यानी अधिकतम 1,800 रुपये का योगदान ही कानूनी रूप से अनिवार्य होगा.

इस नियम का मतलब यह कतई नहीं है कि हर किसी का पीएफ अपने आप घटकर 1,800 रुपये हो जाएगा. यह मुख्य रूप से अनिवार्य योगदान और स्वैच्छिक योगदान (Voluntary Contribution) के अंतर को साफ करता है. अब यह पूरी तरह आपकी कंपनी की एचआर पॉलिसी और कर्मचारी के अनुबंध पर निर्भर करेगा कि वे वास्तविक बेसिक सैलरी पर पीएफ काटना जारी रखना चाहते हैं या केवल न्यूनतम अनिवार्य सीमा तक ही सीमित रहना चाहते हैं.

EPFO के इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक लचीलापन देना है. नए लेबर कोड्स और सीटीसी (CTC) मॉडल के तहत अब कर्मचारियों के पास विकल्प होगा कि वे हर महीने हाथ में ज्यादा कैश (Take-Home Salary) चाहते हैं या फिर वीपीएफ (VPF) के जरिए अपने रिटायरमेंट फंड को मजबूत रखना चाहते हैं. इसके अलावा, इस नई व्यवस्था में पीएफ निकासी की श्रेणियों को भी 13 से घटाकर सिर्फ 3 कर दिया गया है, जिससे क्लेम सेटलमेंट बेहद आसान होने की उम्मीद है.

About the Story:
The newly introduced Employees' Provident Funds Scheme 2026 by EPFO has sparked intense debate regarding PF deductions for corporate employees. The new structure caps the statutory mandatory PF contribution at 12% of the ₹15,000 wage ceiling (₹1,800 per month), providing flexibility for higher voluntary contributions. This shift allows employees to choose between higher take-home salaries or a larger retirement corpus via VPF.

#EPFONewRules #PFDeduction2026 #TakeHomeSalary #RetirementSavings

~PR.514~ED.108~HT.178~GR.510~VG.HM~

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Transcript
00:00अगर आपके महीने की बेसिक सेलरी एक लाख रुपए है तो क्या आपके पीएफ अकाउंट में अब भी सिर्फ अठारा
00:06सो रुपए ही कटेंगे
00:07सुनने में ये बात किसी अफवाह जैसी लग सकती है
00:10लेकिन देश के करोडो प्राइवेट कर्मचारियों के बीच इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा इसे मुद्दे पर हो रही है
00:16कर्मचारी भविश्य निधी संगठन यानि की ई-पीएफ उके नए नियमों को लेकर सवालों की बाढ़ आ गई है
00:23सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं क्या अब कंपनिया कर्मचारियों का पीएफ कम काट सकेंगी
00:28क्या टेक होम सैलरी बढ़ जाएगी क्या रिटार्मेंट फंड छोटा हो जाएगा
00:33और सबसे बड़ा सवाल अगर किसी की बेसिक सैलरी एक लाक रुपए है
00:37तो क्या उसके पीएफ में अब भी सिर्फ अठारा सो रुपए ही जमा होंगे
00:41नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराश्चर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:50दरसल इस पूरे विवाद की शुरुआत Employees Provident Fund Scheme 2026 से हुई है
00:55नई योजना में EPFO ने पहली बार साफ शब्दों में ये स्पष्ट किया है
01:00कि 15,000 रुपए की बैदानिक वेतन सिमा पर 12 प्रतिश्वत यानि की अधिक्तम 1800 रुपए का योगदान अनिवारे होगा
01:08यानि कानून के हिसाब से निउन्तम अनिवारे योगदान 15,000 रुपए की बैसिक सेलरी तक सिवित रहेगा
01:14यहीं से ब्रहम भी शुरू हुआ
01:16कई लोगों ने इसे इस तरह से समझ लिया कि अब चाहे किसी भी कर्मचारी की बैसिक सेलरी 25,000
01:22हो 50,000 हो या फिर एक लाख रुपए हो
01:24उसके पीएफ में केवर 1800 रुपए ही जमा होंगे
01:27लेकिन पूरी तस्वीर इतनी सीधी नहीं है
01:30असल में यह नियम अनिवार योगदान और स्वैक्षिक योगदान यानि की वॉल्यूंटरी कॉंट्रिटूशन के बीच अंतर को स्पष्ट करता है
01:37अब तक अधिकाउंश नीजी कंपनियां अपने कर्मचारीों की बास्तविक बेसिक सेलरी पर पीएफ काटती थी
01:44उधारन के लिए यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सेलरी साथ हजार उपए है
01:48तो कर्मचारी और कमपनी दोनों लगभग साथ हजार दोसो और साथ हजार दोसो रुपए पीएफ में जमा करते थे
02:08यदि कर्मचारी और कमपनी इससे अधिक राशी पीएफ में जमा कराना चाहते हैं तो वो स्वैक्षिक ववस्था के तहत होगा
02:14यदि की वॉल्यून ट्री स्कीम गित है
02:16यानि एक लाख रुपए की बेसिक सेलरी होने का मतलब ये नहीं है कि हर कर्मचारी का पीएफ अपने आप
02:21अठारो सो रुपए हो जाएगा
02:23ये इस बात पर निर्भर करेगा कि कमपनी की पीएफ पॉलिसी क्या है
02:27कर्मचारी का नियुक्तिय अनुबंद क्या कहता है
02:30और दोनों पक्षो का उसका अधिक योगदान जारी रखना चाहते हैं या नहीं
02:35एप एफो का कहना है कि इस बदलाव का उदेशक कर्मचारीों को ज्यादा लचीला पन देना है
02:41कई कर्मचारी चाहते हैं कि उनके हाथ में हर महीने ज्यादा नकत बैसा आए
02:46जबकि कुछ लोग अपने रिटार्मेंट वज़त बढ़ाना चाहते हैं
02:49अब दोनों के पास विकल्प मौजूद रहेगा
02:51इस बदलाव का एक बड़ा संबंध नए लेबर कोड से भी जोड़ा जा रहा है
02:56सरकार लंबे समय से वेतन सनरशना को अधिक पारदर्शी और फ्लेक्सिबल बनाने की कोशिश कर रही है
03:03नीजी छेतर में अधिकांश कर्मचारियों का वेतन कॉस्ट कंपनी यानि की CTC मॉडल पर आधारित होता है
03:09ऐसे में यदि PF योगदान को लेकर अधिक विकल्प मिलते हैं तो कंपनीया भी अपने वेतन धाचे को नए तरीके
03:16से तयार कर सकती है
03:18हलाकि यहाँ एक और महतोपुन बात समझना जरूरी है
03:21EPF उने सदस्यता के नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है
03:25यानि जो कर्मचारी पहले से EPF के सदस्य हैं उनकी सदस्यता बनी रहेगी
03:30बदलाव मुख्य रूप से योगदान की अनिवार्यता और फ्लेक्सिबल से जुड़ा है ना कि सदस्यता समाप्त करने से
03:38यानि अभी ये मान लेना होगा कि हर कर्मचारी का प्येव अचानक घट जाएगा
03:43पूरी तरह सही नहीं होगा
03:45अब असली सवाल ये है कि आपकी कंपनी कौन सा मॉडल अपनाती है
03:49अगर कंपनी पहले की तरह पूरी बेसिक सेलरी पर ये तुजारी रखती है
03:53तो आपके खाते में पहले जितना ही पैसा जमा होता रहेगा
03:57लेकिन यदि कंपनी नियुंतम अनिवारी योगदान वाले विकल्प को चुनती है
04:01तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है
04:04और यही वज़ह है कि इस बदलाव को पछले कई वर्षों में
04:08EPFO के सबसे बड़े संरचनात्मक परिवर्तनों में से एकमाना जा रहा है
04:12अब सबसे बड़ा सवाल यही है
04:14अगर आपकी बेसिक सेलरी 50,000, 75,000 या फिर एक लाख रुपए है
04:19तो इस पूरे बदलाव का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा
04:23यही वो हिस्सा है जिसे लेकर सबसे ज्यादा ब्रहम फैल रहा है
04:27मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सेलरी एक लाख रुपए प्रती मा है
04:31अभी तक डेश की बड़ी IT कंपनिया, बैंक मेनफेक्टरिंग कंपनिया
04:36और कई कॉर्पोरेट्स अंस्थान अपने कर्मचारीों की वास्विक बेसिक सेलरी पर प्येफ का योगदान करते रहे है
04:42ऐसे में कर्मचारी की सेलरी से 12 प्रतिशत और कंपनी की ओर से लगभग उतना ही योगदान
04:48EPF खाते में जमा होता है
04:50इसका मतलब है कि हर महीने हजारों रुपए रिटार्मेंट फंड में जमा होते रहते हैं
04:56लेकिन अगर कोई कंपनी भविश्य में केवल वैदानिक अनिवारे योगदान तक खुद को सिमत रखने का पैसला करती है
05:02तो तस्वीर बदल सकती है
05:04ऐसे इस्तिति में कर्मचारी के हाथ में हर महीने ज्यादा पैसा आएगा
05:08क्योंकि पीएफ में जाने वाली राशी कम हो जाएगी
05:11यानि टेक होम सैलरी बर सकती है
05:14पहरी नजर में ये सुनने में अच्छा लग सकता है
05:16कौन नहीं चाहेगा कि हर महीन उसकी जे बे 5 या फिर 6 या फिर 10,000 रुपय ज्यादा आए
05:21लेकिन इसके साथ एक दूसरा पहलू भी जुड़ा हुआ है
05:24पीएफ के वल सैलरी से कटने वाला पैसा नहीं होता है
05:28बलकि ये लंबे समय का निवेश भी है
05:31इस पर सरकार हर साल ब्यार्श देती है
05:33और यही रकम नौकरी खत्म होने या फिर रिटार्मेंट के समय बड़ी पूझी बन जाती है
05:39यानि अगर आज कर्मचारी ज्यादा टेक फूम सैलरी चुनता है
05:42तो भविश्य में उसका रिटार्मेंट कॉर्प्स पहले की तुलना में काफी छोटा हो सकता है
05:47यही पर आता है वोलूंटरी प्रॉविडिन्ट फंड यानि की वीपीएफ
05:52अब वीपीएफ का मतलब है कि यदि कर्मचारी चाहे
05:55तो वो कानून द्वारा अनिवारी योगदान से अधिक राशी अपने पीएफ खाते में जमा कर सकता है
06:00इस अतिरिक्त राशी पर भी वो ब्याज मिलता है जो सामाने ईपीएफ पर मिलता है
06:06इसलिए कई वित्य सलाहकार वीपीएफ को आज भी सबसे सुरक्षित लंबी अबधी के निवेश विकल्पों में गिनते हैं
06:14यानि अब फैसला काफी हद तक कर्मचारी के हाथ में होगा
06:17अगर कोई विक्ति हर महीने ज्यादा नगती चाहता है तो वो नियुनतम योगदान माला विकल्प पसंद कर सकता है
06:23लेकिन अगर उसका लक्ष रिटार्मेंट के लिए बड़ी वचत बनाना है तो वो स्वैक्षिक योगदान जारी रख सकता है
06:29अब बात करते हैं EPS यानि की Employee Pension scheme की बहुत से कर्मचारियों को लगता है कि पूरा PF
06:36उनके EPS खाते में जाता है
06:38लेकिन ऐसा नहीं है कमपनी की ओर से जो 12 प्रतिशत योगदान दिया जाता है उसका एक हिस्सा कर्मचारी Pension
06:45योजना यानि की EPS में जाता है
06:47हाला कि योई योगदान भी लंबे समय से 15,000 उपए की वेतन सीमा पर आधाली थे यानि पेंशन की
06:54गढ़ना पहले भी पूरी सेलरे पर नहीं होती थी अधिक्तम निरधारित सीमा तक ही EPS का योगदान माना जाता था
07:01बाकी पैसा EPS खाते में जमा होता था
07:04इसलिए नए धाचे में EPS के मामले में बहुत बड़ा बदलाव देखते को नहीं मुलता असली बदलाव EPS योगदान की
07:12अनिवार्यता और उसके लचीलेपन को लेकर है
07:15अब सवाल ये भी उठता है कि कंपनियों को इससे क्या फाइदा होगा
07:19अगर किसी कंपनी के हजारों कर्मचारी है और वो पूरी बैसिक सैलरी पर पीएफ देती रहती है
07:25तो उसकी कुल कर्मचारी लागत यानि कि Employee Cost काफी ज्यादा होती है
07:30निन्तम अनिवार योगदान वाले मॉडल से कुछ कंपनियों का वित्यबोज कम हो सकता है
07:35हलाकि ये इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी मौजूदा HR नीती बदलती है या फिर नहीं
07:40दूसरी और कर्मचारीों के सामने भी नहीं चुनाओती होगी
07:43क्या वे हर महीने ज्यादा सेलरी लेकर खुद निवेश करेंगे
07:47या फिर PF जैसी अनुशासित बचत को जारी रखेंगे
07:50क्योंकि वेवहारिक रूप से देखा जाए
07:53तो कई लोग हाथ में आने वाला अतरिक्त पैसा खर्च कर देते हैं
07:56जबकि PF ऐसा निवेश है जिसे आसानी से खर्च नहीं किया जा सकता
08:01यही कारण है कि वितिय विशिशग्य इसे
08:05forced saving यानि की मजबूरन होने वाली बचत भी कहते हैं
08:09यही वज़य है कि इस बदलाव को लेकर
08:11दो अलग-अलग राय सामने आ रही है
08:13कुछ विशिशग्य इसे कर्मचारियों को अधिक आर्थिक सोतंत्रता देने वाला
08:17कदम मान रहे हैं जबकि कुछ का कहना है
08:20कि अगर लोगों ने अतरिक्त take home salary को बचाने के बचाए
08:23खर्च कर दिया तो भविशे में उनकी retirement सुरक्षा कमज़र कर सकती है
08:29यानि यह बदलाव सिर्फ PF का नहीं है
08:31बलकि लोगों की वित्य सोच का भी अम्तिहान बनने वाला है
08:35अब यह तै करना कर्मचारियों के हाथ में होगा
08:38कि वो आज जो ज्यादा पैसा चाहते हैं
08:40या आने वाले वर्षों में ज्यादा आर्थिक सुरक्षा यानि कि बुढ़ाते हैं
08:44मिलाकर एपीएफो के नए नियम कर्मचारियों को पहले के मुकाबले अधिक दिकल्प और लचीला पंदेने की कोशिश करते हैं
08:52लेकिन ये लचीला पंद जितना आकरशक दिखता है उतनी ही बड़ी जिम्मदारी भी साथ लाता है
08:58अगर कर्मचारी अतरिक्त टेक हों सेलरी को समझतारी से निवेश नहीं कर पाते तो भविशे में उनका रिटार्मेंट पंद पहले
09:05से काफी छोड़ा हो सकता है
09:07इसलिए किसी भी फैसले से पहले अपनी कंपनी की पिये पॉलिसी वेतन सनरचना और लंबी अवधी की वित्य जरूरतों को
09:15समझना बेहत जरूरी है
09:16आखिरकार आज की थोड़ी सी अतरिक्त कमाई और कल की आर्थिक सुरक्षा के बीच सही संतुलन बनाना ही सबसे बड़ी
09:24समझतारी होगी
09:25तो इस खबर में इतना ही लेकिन नए स्कीम के बाद से जो confused है उनके लिए जिन्होंने ये वीडियो
09:31देख लिया उनके लिए तो विकल्प मिल गया लेकिन जिन लोगों ने ये वीडियो नहीं देखा है उन लोगों तक
09:37ये वीडियो पहुंचाई अपने जो कलीक्स हैं अप
09:54बास is an update
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