00:00तमिल नाटू की राजनीती में सत्ता बदलते ही बड़े फैसले भी देखने को मिल रहे हैं।
00:04मुख्यमंत्री विजे की तमिलगा वैत्री कईगम यानी टीवी के सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री
00:10M.K. स्टालिन की D.M.K. सरकार के दोरान मंजूर की गई 46 मंदर विकास पर योजनाओं को रद
00:17कर दिया है।
00:18सरकार का कहना है कि ये फैसला मंदिरों की आर्थिक सिती को देखते हुए लिया गया है।
00:23जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक फैसला बता रहा है।
00:36आखिर पूरा मामला क्या है आईए समझते हैं।
00:5646 पर योजनाओं को रद कर दिया है।
00:59सरकार का कहना है कि कई मंदिरों की आए सीमित है और उनके पास इतने बड़े निकास कार्यों का खर्च
01:05उठाने के लिए परियाप्त संसाधन नहीं है।
01:08सरकारी सूतरों के मताबिक यदि इन पर योजनाओं को पहले की तरह जादी रखा जाता तो कई मंदिरों की वित्यस्थिती
01:14कमजोर हो सकती थी।
01:16कुछ मंदिरों के सामने आर्थिक संकट तक खड़ा होने का खत्रा था।
01:20इसी वज़ा से सरकार ने इन योजनाओं की समीक्षा की और अंततहा उन्हें निरस्त करने का फैसला लिया।
01:26सरकार का दावा है कि मंदिरों का पैसा सबसे पहले मंदिरों की दैनिक पूजापाट, रख रखाव, कर्मचारियों के वेतन और
01:34धार्मिक गतिविधियों पर खर्च होना चाहिए।
01:36यदि किसी मंदिर की आय सीमत है तो उस पर अतिरिक्त वित्तिय बोज डालना उचित नहीं होगा।
02:34उजद नहीं है।
02:36प्रद करने का फैसला एक बर फिर इस मुद्दिक को चर्चा के केंदर में ले आया है।
02:40आने वाले दिनों में इस फैसले को लेकर राचनितिक बयान बाजी और तेज हो सकती है।
02:45फिलहाल सरकार अपने फैसले को मंदिर के हित में बता रही है।
02:49जबकि विपाक्ष इसे जनहित और विकास कारियों के खिलाफ कदम मान रहा है।
02:53अब यह देखने दिल्चस्प होगा कि क्या सरकार इन परियोजनाओं के लिए कोई नया वित्य मॉडल लेकर आती है।
02:59या फिर योजनाएं हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी।
03:02आप इसे कैसे देखते हैं।
03:04क्या मंदिरों के फंट का इस्तमाल उनकी आर्थिक शमता को ध्यान में रखकर ही होना चाहिए।
03:09या पहले से मन्जूर विकास परियोजनाओं को हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए।
03:13अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए।
03:16और देखते रहिए वन इंडिया हिंदी।
Comments