00:00चारे जी आया है वो डॉटर सेवन यर्ज क्यों है तो जैसे स्कूल का जो करिकुलम चलता है उसके हिसाब
00:06से होती प्रोग्रामड वे ओफ लाइफ हो गया जो प्रोजेक्ट्स हैं जो सब है अब एक एडुकेशन जब तक बेसिक
00:11होता है तब तक जब ये एक वेब में लगता ह
00:14ठीरल की क्यों है अब ये तो वही है जनम लिये का दंध है कि जो स्कूल्स की है कुछ
00:20हद तक तो माननी पड़ेगी अगर भूआ स्कूल में एक तो ऑसको स्कूल में
00:43ताकि उसको यह पता रहे कि अगर मैं कुछ कर रही थी, स्कूल मुझसे कुछ करवा रहा था तो उसके
00:48पास थोड़ी हद तक कम से कम कुछ वाजिब वजह थी
00:51तो आगे चल कर भी फिर वो कर्म के पीछे वजह पूछेगी तो सही ना
00:55पर आपने वजह का सवाल ही गायब कर दिया और कह दिया कि स्कूल का नियम है ऐसा करना है
01:02तो करना है
01:03तो फिर वो आगे भी जिंदगी में कोई सवाल नहीं पूछने वाली है वो भी बस यही कहेगी कि जिंदगी
01:08का नियम है ऐसा करना है तो करना है
01:11क्योंकि आजाएज जनरली बच्चे मेरा इस तरह यूस करते हूं जो मैं करूंगी एक्जाटली शी लुदा तो मैं खुद अगर
01:18यह कुछ बहुत अच्छी बात में यह बात नहीं है इस देफॉल्ट तिंग विच आप अगे ले जाना यही पेरेंटिंग
01:24यही पेरेंटिंग
01:26कि बच्चे माबाप को कौपी करते हैं तो ठीक है फो इनकी पैदाइशी वृत्ति है पर अभी तो कुछ काम
01:33है ना आप वो करोगे जो आपके लिए सई है आप वो करोगे जो आपके लिए सई है एक पैंटिंग
01:41है ने घर में हुआ करती थी छोटी ही रड़की है इतनी प्र
01:56शुरू होता है ना मुझे पता हो
01:58मेरे लिए क्या है
01:59आत्मग्यान नहीं होगा तो मैं जीवन भर दूसरों की बस
02:02नकल करूँगी
02:04क्योंकि अपना तो पता ही नहीं है
02:05तो मम्मी की सैंडल पहन लूँगी
02:07और बड़ा अच्छा लगेगा कि मामी की सेंडल पहन दी
02:09यह ना?
02:10Thank you. That was illuminating.
02:12Thank you.
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