00:00इंसानियत कब मरती है तब जब मलबे के नीचे दबी एक नन्ही सी जान अपनी आखरी सासे गिन रही हो
00:08और बाहर खड़ा सिस्टम सेल्फी ले रहा हो आज जमीन का एक तुकड़ा काम पाँ लेकिन उसे भी जादा काम
00:16उठी इंसानियत वेनेजुएला एक ऐसा देश जो कभी
00:20कि अपनी खुबसूरती के लिए जाना जाता था आज मलबे का धेर बन चुका है हर तरफ सिर्फ तबाही है
00:28हर तरफ सिर्फ चीखें है लेकिन इस तबाही से भी ज्यादा खौफनाक है वहां के एड्मिनिस्ट्रेशन का चेहरा एक तरफ
00:37लासे दूसी तरफ इंसेंसिटिव
00:40सिस्टम एक तरफ लोग अपनों को ढूंड रहे हैं दूसरी तरफ अफसर फोटो लेने में बिजी है आज जो कहानी
00:48हम आपको दिखाने जा रहे हैं वो सिर्फ और्थक्विक की स्टोरी नहीं है एक इंसानियत के जनाजी की रिपोर्ट है
00:55कहानी शुरू होती है दो जबरद
00:58अर्थक्विक शॉक से रिक्टर स्केल पर 7.2 और 7.5 इंटेंसिटी सूचिए कुद्रत कितना भयानक तांडव रहा होगा सिर्फ
01:08कुछ सेकंड्स और पूरे के पूरे शहर बरबाद हसते खेलते घर पल भर में कबरिस्तान बन गए सबसे जादा तबहाई
01:17हुई है वेनेज�
01:21पत्तों के तरह गिर गए ओफिशल नंबर्स के मताबिक अब तक 1430 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन ग्राउंड
01:29रियालिटी इससे भी ज्यादा खौफनाक है गर्मी बहुत ज्यादा है मलबे के नीचे दबे बॉडी अब सड़ना शुरू हो चुकी
01:37है पूरी जगा एक �
01:38भयानक बद्बू फैली हुई है एक ऐसी स्मेल जो हर पल याद दिलाती है कि मलबे के नीचे किसी का
01:45बेटा किसी की मा किसी का बच्चा दबा हुआ है बत्तिस हजार से ज्यादा लोग सीरियसली इंजूर है हॉस्पिटल्स फुल
01:54है बेड्स नहीं है डॉक्टर्स कम पड़ �
01:57हैं और सबसे डरावनी बात करीब पचास जार लोग अभी भी मिसिंग है जी हां पचास हजार वो कहा है
02:05जिन्दा है या मलबे के नीचे फसे हुए है किसी को नहीं पता यूएन के मताबिक 67 लाक लोग इस
02:14डिजास्टर से अफेक्टेड है दुन्या भर से हेल्प पहुच र
02:26हो जाती है जब देश पर ऐसी मुसीबत आती है तो गवर्मेंट अपनी पूरी ताकत लगा देती है लेकिन मैंने
02:34जुआला में जो हुआ उसने सब को शॉक कर दिया जहां लोग अपने बच्चों को बचाने के लिए नंगे हातों
02:41से पत्थर हटा रहे थे वहां गवर्में�
02:56इतना इंसेंसिटिव हो सकता है लेकिन क्रुएल्टी यहां खतम नहीं हुई help करने के बजाए restrictions लगा दी गई सबसे
03:04affected area में entry restrict कर दी गई ठीक है security concern हो सकता है लेकिन शौक तब लगा जब
03:12local volunteers के लिए भी permit mandatory कर दिया गया
03:15permit सूचिए लोग मलबे के नीचे तड़प रहे हैं हर second important है और bureaucracy कह रही है पहले pass
03:23बनाओ फिर अंदर जाओ यह paperwork यह delay यह लापरवाही rescue operations को घंटों लेट कर गया और उन घंटों
03:31की कीमत लोगों ने अपनी जान दे कर चुका है इस negligence ने families के दर्द को गुस्से में बदल
03:37दि
03:44रात के सनाटे में मलबे के नीचे से बच्चों की चीखने की आवाज आ रही थी newborn babies की आवाज
03:52है छोटे बच्चे health के लिए चिला रहे थे वो जिन्दा थे उन्हें बचाया जा सकता था लेकिन machinery टाइम
04:00पर नहीं पहुची कोई urgent response नहीं आया आखिर में local लोगों ने अपने
04:06हाथों से पत्तर हटाया अपनी उंगलियों से मलबा खोदा लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी जो बच्चे जिन्दा
04:14थे वो लाशे बन चुके थे एक और कहानी एक मा की इस मा को अपनी बेटी और दमाग की
04:21बॉडी खुद मलबे से निकालनी पड़ी कोई ambulance नी कोई
04:25रेस्क्यूनी कोई government help नहीं सिर्व एक मा और उसका तूट चुका दिल ही टिकती ज्यादा थी कि बॉडी जल्दी
04:33डीकंपोज होने लगी उस मा को बिना proper farewell बिना final goodbye अपनी उलाद का तुरंत अंतिम संसकार करना पड़ा
04:41सूचिए एक मा के लिए इससे बड़ा दर्थ क्या हो
04:44कि वो अपने बच्चों को आखरी बार गले भी ना लगा सके इस अंधेरे में एक उम्मीती किरन भी दिख
04:51रही है और वो किरन है इंडिया जहां वेनिजुएला का अपना सिस्टम फेल हुआ हुआ इंडिया ने दोस्ती का हाथ
04:58बढ़ाया इंडिया ने लॉंच किया ओपरे
05:15एक ऐस सिस्टम जो कुछ ही मिनिट्स में सेट अप हो सकता है और डिजास्टर जोन्स में तुरान ट्रीट्मेंट शुरू
05:21हो सकता है इंडिया वेनिजुएला के लिए खोप पन कर खड़ा है लेकिन सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है
05:28दवाई दी जा सकती है हॉस्पिटल
05:31बेज़े जा सकते हैं रेस्ट्यू टीम्स बेज़े जा सकती हैं लेकिन एक इनसेंसिटिव सिस्टम को इनसानियत कौन देगा वेनिजुएला की
05:39तस्वीरे दुनिया के हर भी रौकिसी के लिए बॉर्ड नहीं है आज वेनिजुएला रो रहा है लेकिन उसका दर्द सिरफ
05:45�
05:45अर्थ के की वज़े से नहीं सिस्टम की वज़े से भी है और जाते जाते आप से एक सवाल अगर
05:52आज हम इस इनसेंसिटिवीटी के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे तो कल जब को डिजास्टर हमारे दर्वाजी पर आएगा क्या गैरेंटी
05:59है कि हमारा सिस्टम हमारे मल्
06:03ऐसे ही कबरों के लिए बने रही है One India Hindi के साथ
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