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A powerful earthquake has caused widespread destruction across parts of Venezuela, leaving thousands affected and triggering large-scale rescue operations. As emergency teams continue search and relief efforts, questions are being raised over the pace of the response and disaster management. Here's a complete report.

वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस बीच राहत कार्यों की गति और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। जानिए इस प्राकृतिक आपदा और रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी कहानी।

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00:00इंसानियत कब मरती है तब जब मलबे के नीचे दबी एक नन्ही सी जान अपनी आखरी सासे गिन रही हो
00:08और बाहर खड़ा सिस्टम सेल्फी ले रहा हो आज जमीन का एक तुकड़ा काम पाँ लेकिन उसे भी जादा काम
00:16उठी इंसानियत वेनेजुएला एक ऐसा देश जो कभी
00:20कि अपनी खुबसूरती के लिए जाना जाता था आज मलबे का धेर बन चुका है हर तरफ सिर्फ तबाही है
00:28हर तरफ सिर्फ चीखें है लेकिन इस तबाही से भी ज्यादा खौफनाक है वहां के एड्मिनिस्ट्रेशन का चेहरा एक तरफ
00:37लासे दूसी तरफ इंसेंसिटिव
00:40सिस्टम एक तरफ लोग अपनों को ढूंड रहे हैं दूसरी तरफ अफसर फोटो लेने में बिजी है आज जो कहानी
00:48हम आपको दिखाने जा रहे हैं वो सिर्फ और्थक्विक की स्टोरी नहीं है एक इंसानियत के जनाजी की रिपोर्ट है
00:55कहानी शुरू होती है दो जबरद
00:58अर्थक्विक शॉक से रिक्टर स्केल पर 7.2 और 7.5 इंटेंसिटी सूचिए कुद्रत कितना भयानक तांडव रहा होगा सिर्फ
01:08कुछ सेकंड्स और पूरे के पूरे शहर बरबाद हसते खेलते घर पल भर में कबरिस्तान बन गए सबसे जादा तबहाई
01:17हुई है वेनेज�
01:21पत्तों के तरह गिर गए ओफिशल नंबर्स के मताबिक अब तक 1430 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन ग्राउंड
01:29रियालिटी इससे भी ज्यादा खौफनाक है गर्मी बहुत ज्यादा है मलबे के नीचे दबे बॉडी अब सड़ना शुरू हो चुकी
01:37है पूरी जगा एक �
01:38भयानक बद्बू फैली हुई है एक ऐसी स्मेल जो हर पल याद दिलाती है कि मलबे के नीचे किसी का
01:45बेटा किसी की मा किसी का बच्चा दबा हुआ है बत्तिस हजार से ज्यादा लोग सीरियसली इंजूर है हॉस्पिटल्स फुल
01:54है बेड्स नहीं है डॉक्टर्स कम पड़ �
01:57हैं और सबसे डरावनी बात करीब पचास जार लोग अभी भी मिसिंग है जी हां पचास हजार वो कहा है
02:05जिन्दा है या मलबे के नीचे फसे हुए है किसी को नहीं पता यूएन के मताबिक 67 लाक लोग इस
02:14डिजास्टर से अफेक्टेड है दुन्या भर से हेल्प पहुच र
02:26हो जाती है जब देश पर ऐसी मुसीबत आती है तो गवर्मेंट अपनी पूरी ताकत लगा देती है लेकिन मैंने
02:34जुआला में जो हुआ उसने सब को शॉक कर दिया जहां लोग अपने बच्चों को बचाने के लिए नंगे हातों
02:41से पत्थर हटा रहे थे वहां गवर्में�
02:56इतना इंसेंसिटिव हो सकता है लेकिन क्रुएल्टी यहां खतम नहीं हुई help करने के बजाए restrictions लगा दी गई सबसे
03:04affected area में entry restrict कर दी गई ठीक है security concern हो सकता है लेकिन शौक तब लगा जब
03:12local volunteers के लिए भी permit mandatory कर दिया गया
03:15permit सूचिए लोग मलबे के नीचे तड़प रहे हैं हर second important है और bureaucracy कह रही है पहले pass
03:23बनाओ फिर अंदर जाओ यह paperwork यह delay यह लापरवाही rescue operations को घंटों लेट कर गया और उन घंटों
03:31की कीमत लोगों ने अपनी जान दे कर चुका है इस negligence ने families के दर्द को गुस्से में बदल
03:37दि
03:44रात के सनाटे में मलबे के नीचे से बच्चों की चीखने की आवाज आ रही थी newborn babies की आवाज
03:52है छोटे बच्चे health के लिए चिला रहे थे वो जिन्दा थे उन्हें बचाया जा सकता था लेकिन machinery टाइम
04:00पर नहीं पहुची कोई urgent response नहीं आया आखिर में local लोगों ने अपने
04:06हाथों से पत्तर हटाया अपनी उंगलियों से मलबा खोदा लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी जो बच्चे जिन्दा
04:14थे वो लाशे बन चुके थे एक और कहानी एक मा की इस मा को अपनी बेटी और दमाग की
04:21बॉडी खुद मलबे से निकालनी पड़ी कोई ambulance नी कोई
04:25रेस्क्यूनी कोई government help नहीं सिर्व एक मा और उसका तूट चुका दिल ही टिकती ज्यादा थी कि बॉडी जल्दी
04:33डीकंपोज होने लगी उस मा को बिना proper farewell बिना final goodbye अपनी उलाद का तुरंत अंतिम संसकार करना पड़ा
04:41सूचिए एक मा के लिए इससे बड़ा दर्थ क्या हो
04:44कि वो अपने बच्चों को आखरी बार गले भी ना लगा सके इस अंधेरे में एक उम्मीती किरन भी दिख
04:51रही है और वो किरन है इंडिया जहां वेनिजुएला का अपना सिस्टम फेल हुआ हुआ इंडिया ने दोस्ती का हाथ
04:58बढ़ाया इंडिया ने लॉंच किया ओपरे
05:15एक ऐस सिस्टम जो कुछ ही मिनिट्स में सेट अप हो सकता है और डिजास्टर जोन्स में तुरान ट्रीट्मेंट शुरू
05:21हो सकता है इंडिया वेनिजुएला के लिए खोप पन कर खड़ा है लेकिन सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है
05:28दवाई दी जा सकती है हॉस्पिटल
05:31बेज़े जा सकते हैं रेस्ट्यू टीम्स बेज़े जा सकती हैं लेकिन एक इनसेंसिटिव सिस्टम को इनसानियत कौन देगा वेनिजुएला की
05:39तस्वीरे दुनिया के हर भी रौकिसी के लिए बॉर्ड नहीं है आज वेनिजुएला रो रहा है लेकिन उसका दर्द सिरफ
05:45
05:45अर्थ के की वज़े से नहीं सिस्टम की वज़े से भी है और जाते जाते आप से एक सवाल अगर
05:52आज हम इस इनसेंसिटिवीटी के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे तो कल जब को डिजास्टर हमारे दर्वाजी पर आएगा क्या गैरेंटी
05:59है कि हमारा सिस्टम हमारे मल्
06:03ऐसे ही कबरों के लिए बने रही है One India Hindi के साथ
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