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यह वीडियो 21 जून 2026 को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित "भगवद्गीता" के लाइव सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00आरोपी हैं, अचारे प्रशान
00:04गीता दूसरा अध्या है, तेरवाश लोक, स्क्रीन पे पेश किया जाए
00:09पढ़ लिया है
00:10पढ़ा नहीं हो था तो परिक्षा में पेद होते हैं
00:12इसमें तो कई बार परिक्षा हो जुकी है, सब की सबने पढ़ी लिया है
00:16कृष्ण कह रहे हैं, जैसे शरीर में बचपन, जवानी, बुडापा आता है
00:22उसी प्रकार मृत्यू के बाद देही को दूसरे शरीर की प्राप्ती होती है
00:28लेकिन आरोपी का कहना है कि दूसरे फिजिकल शरीर में जाना ही नहीं है
00:33यह एहंकार की एक अवस्था से दूसरी अवस्था में जाना है
00:37अब हमें तो यहां एहंकार कहीं दिखनी रहा
00:39माननिया, यह रीडिंग सदियों की वेदानतिक परंप्रा में नहीं आती
00:44किसी प्रमुख भाशेकार ने यह नहीं कहा है
00:47यहां बात एहंकार की हो रही है
00:49सदियों से जो अर्थ चला रहा है उसको बदलने से पहले किसी से पूछ तो लिया होता
00:55नहीं पूछा
00:56अरे अननिया जी, सेल्फ कंट्रोल
00:59माननिये सेल्फ कंट्रोल तो आरोपी को करना चाहिए था टेक्स्ट के साथ
01:04नहीं कौन सा वाला सेल्फ, कैपिटल एच स्मॉल एच
01:10अगर कैपिटल एच है तो उसे कोई कंट्रोल करना ही सकता, वो अनन्त है
01:14और स्मॉल एच है तो वो खुद को कंट्रोल करेगा इस से बड़ा पाखंड नहीं हो सकता
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