00:00बाद पोड़े के केतन हद्याकान की जिसमें हर रोज नए खुला से हो रहा है
00:03मुख्यारोपित सिया की मा का कहना है कि अगर उनकी बेटी दोशी सावित होती है तो उसे भी किले से
00:08नीचे फैक कर मारती जाए
00:10जहां से केतन को फैका गया था लेकिन ये सब तो जाच पर निर्भर करता है
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