Skip to playerSkip to main content
दादाजी कहते थे मैं दादा भगवान नहीं हूँ, मैं तो ज्ञानी पुरुष हूँ। एक true सेल्फ है और एक डेवेलपिंग सेल्फ है। पहले रिलेटिव में डेवेलप होते होते फिर अंत में true सेल्फ के साथ एक हो जाता है। अज्ञानता में उसको अहंकार बोलते हैं।

#SpiritualMaster #Spirituality #Video #DailyMotion #DadaBhagwanFoundation
Transcript
00:06दादा भगवान ने का है कि उनको दादा भगवान फूली तरह मैनिफेस्ट हुए थे
00:13तो पहली बात में समझने चाहती हूँ कि जब उन्होंने ये कहा कि उनको मैनिफेस्ट हुए
00:19इसका क्या मतलब है उनको रिलेटिव सेल्फ जैसा मैं समझती हूँ कि
00:25रिलेटिव सेल्फ एंड रियल सेल्फ तो आप इस रेफरेंस में समझाए जिए कि उन्हों ने क्या काहा कि उन्हें
00:34manifest हुए थे क्या सिचुएशन थी क्या हुआ था असल में आपने परस्न लिखा कागज में तो मैं पढ़ सकता
00:43हूँ
00:44तो मैंने पढ़ा का इस वज़े से लाइट के वज़े से लाइट नहीं होती तो मैं पढ़ नहीं सकता था
00:49अंधेरे में क्या पढ़ू तो मैं पढ़ने की शक्ति है मेरे में पढ़ जाला नहीं तो मैं नहीं पढ़ सकता
00:54तो उजाला हुआ बाद में देख सका पढ़ाई कर सका
00:59तो ये दो पार्ट होते हैं, मुझे पढ़ना है, और उजाला की मैं हेल्प लेना जाता है, अंधेरे में मुझे
01:05उदर बिठाएंगे, मुझे दिखता नहीं, चलो अजेला मुझे अभी दिखाई दिया, तो उजाला एक है, और जानने की शक्ति दूसरी
01:12है, तो ये ट्रू सेल
01:14है, वो ज्यान स्वरूप है, प्रकाश स्वरूप है, और ट्रू सेल को दादा भगवान कहा गया, और खुद दादा भगवान
01:21खुद के लिए नहीं बताते हैं, मैं ज्यानी पुरुष हूं, एक ट्रू सेल्फ है, पर्मनेंट है, और दूसरा है, डेवलपिंग
01:30स्टेज वा
01:42से लोगन से और गयान से मॉल आत्मा में स्वरूप बोला जता है, तो सब्सक्तने हैं, और समयारा नहीं भूरुष
01:52हूं, ति ज्यान के बाद आपको समंझे, लिटा तो शरीर का सिरूप तो मैं, हूं
01:59इस हो वानने वाला डेवलपिंग सोल है
02:02डेवलप्मेंटोंटे होतों अश्च मेंपसलिट सोल हो ग그래
02:05मुल आत्मा में मर्ज हो जाएगा
02:08ओर रीत मानने से मुल आत्मा से जुदा हुआ है
02:11तो मुल आत्मा है च्रु से बोडी में है
02:14अर दादा बगवान नको बता का John
02:28तो बोलते थे कि जब तक मुझे अनुभव नहीता, ।ब तक संसार में मान की भी है, संसारी भीक, यने
02:35भिखरी पनीर
02:37तो मेरा भिखारी पना चुट गया, राजा पना प्रगट वा, ब्रह्मान का मालिकों, ब्रह्मान का सामिय, ऐसा इश्वर्य मेरे प्रगट
02:43हुआ, तब मुझे समझ मेया कि मेरे भीतर ब्रगवान प्रगट हुए, तो रियल सेल्फ जो रेलिटिव सेल्फ थी, उसको अनुभ�
03:02प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान प्रगवान
03:17प्रगवान प्रगवान �
03:33फोर डिगरी थोड़ा दूर रहे गया, चार डिगरी कमी है, एक दो उतार में पूरा हो जाएगा, तो फुल दादा
03:39बगवान के साथ, वन्नेस भी दादा बगवान.
Comments
DadaBhagwan
Creator
Introduction Of Dada Bhagwan | Param Pujya Dada Bhagwan

Recommended