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  • 3 months ago
GhareebZaadi Ep 25 - A Plus Entertainment

The story revolves around the societal struggles, family politics, and hardships faced by the titular character, exploring themes of resilience, class divide, and difficult domestic dynamics.

Directed by:
Naveed Jaffery
Written by:
Ibn-e-Aaas
Produced by:
Gold Bridge Media
Cast:
Suzzaine Fatima
Shakeel Ahmed
Ghazala Kaife
Saleem Mairaj
Ajab Gul
Resham Naqvi
Tipu Shareef
Parveen Akbar
Atif Rathore
Shahid
Saima Naz
Zara Gul
Tabbasum Arif
Rana Majid
Arooj Ali
Saira
Afnan
Faisal Naqvi

Category

📺
TV
Transcript
00:00अब के मोरे नहना को साधन नाले चाओ
00:49अब के मोरे नहना को साधन नाले चाओ
01:00किनम के अजय करी नवन, अजय कर्म.
01:16कि ऑने का घफारे
01:18कि वेर वाले करें नाथा, हमारेद कर इसे लिंदowan
01:20कि अपनी जुद आपकायँ कि कि अपनी अपनी चाई।
01:24बिलकुष तुम जानती है, जब से डाड में हमारी शादी के लिए रजामंदी का इसाथ किया है, तब से मुझे
01:34ऐसा लग रहा है, जैसे मेरे अंगर नई जिन्देगी आगे है, आज कर तुम कुछ जादाई रोमेंटिक नभीस नहीं देख
01:44रहे हैं, क्या मुझा रहा है, बा
01:53यानि तुम्हे है, मेरी मुहबत का यतिन नहीं है, अरे ले तुम मचाद कर रही है, तुम तस यह सो
01:59रहे हैं, तुम पता है दिलकुष, जब तुम मेरे इलगिर नहीं होती नहीं, तो मुझे ऐसा लगता है, जैसे, मेरी
02:12जिन्दगी बिलकुल बेमानी है,
02:24एक बेजान जिस्म की तरह महसूस करता हूँ, खुब खुब खुब, और जब तुम मेरे पास आजाती है, तो मुझे
02:39ऐसा लगता है, जैसे उस बेजान जिस्म में, किसी ने एक हस्ती बोलती, खुश रहने वाली रूप भूपती है, छोड़के
02:49मत जाना देका देका देए,
02:50इहाँ, कभी ने. दूर जाँ में. कभी ने.
03:12यह जावेद, हमेशा और बपार है रहेगा.
03:17क्यों, हम लोग इसी तरह इससे इंजेक्शन टिप्स नहीं देखें, सुनाते रहेंगें, यह कभी नॉर्मल नहीं होगा
03:31नहीं चोईरिया, अर्य हमारा बेटा देखो, नॉर्मल है, वो तो बस ऐसी पुराने यादें उसको आजाती हैं कभी कभार, जिसके
03:41वज़से वो जुनूनी कैफियत में आजाता है, बस
03:45कब तक हमायों, यह अपने माजी को याद करकरके, मुझे आपको और अपने आपको परिशाद करता रहेंगा
03:55चोईरिया, देखो
04:04चोईरिया, डॉक्टर से लाज कर रहे हैं, हमारा बेटा ठीक हो रहे है, इशाला चल्दी ठीक हो जाएगा, इंशाला
04:26जावे, जावे, पिटा नहीं पूरी हुए आपके, जी डाड, डाड, जी बिटा, मैं तो
04:51जी आप लोग मुझे कहां ले आये हैं, बेटा, बेटा, बेटा, हॉस्पिटल में हो तो, हॉस्पिटल, हाँ,
05:03क्या पर से मेरी तबियत बगड़ ली थी, ने ने बेटा, बस ऐसे मामूली से चोट लग गई, हाथ कड़िया
05:10इसलिए,
05:31अफसूस, फिर मेरी कोशिश नाकाम हो गई, ने बिटा, मरा नहीं मैं, जाबेट, बिटा,
05:40बच गया, जावेट, एसी बाते क्यों करते हो, ठुबे पता है न, कि तुम हमारी जान हो,
05:51मामा, मैं समझता है था कि, कि मेरी जान, दिलकश्च में है, पर देखें,
06:13मैं तो, अब भी जिन्दा हूं,
06:23मरा नहीं मैं, ते बिटा, ऐसा नहीं बोड़ा,
06:29मरा नहीं मैं, मरा नहीं मैं,
07:14अब क्या, दुम है।
07:19तो किरा रही है?
07:20जी.
07:25तुब तुब
07:27क्या कहता है डॉक्टर?
07:30देखो.
07:31जब गाता नहीं है उसे.
07:33मुझे सबस्ट पता हूँ.
07:36क्या कहा डॉक्टर ने?
07:40ऑपरेशन करने का कहा है?
07:43परेशन.
07:45वैसा परेशन?
07:47कहते हैं कि एक छूटा सा ऑपरेशन होगा, उसके बाद आप बिल्कुल ठीक हो जाएंगे.
07:57ऑपरेशन?
07:59छूटा सा ऑपरेशन?
08:01अरे भई?
08:04ऑपरेशन?
08:05जाए छूटा हो?
08:07या बड़ा हो?
08:10खर्शो तो पड़ा ही हो?
08:16आप उसके फिकर ना करें ना, अल्ला रह्म करेगा.
08:22फिकर करना तो अब हमारी आदत होगी है.
08:32और रही रह्म करने की बात, उसना हम भी अल्ला से बस यही दुआ करते हैं कि परवदिकार तो हमारी
08:45उसना परह्म करना है.
08:50अब हमारी ते लिए लगता है, तो अब हमारी तर्व से तो को परशानी में मत देुआ.
09:00क्यों सोचते हैं आप ये सब कुछ अरे सूचने का लाब हम और कर भी कह सकते हैं
09:08यह दो देखो मैं इस तुम्हारे चैले पर परशानी और दुख देखते हैं न तुसमें पता है
09:22यह दिल की तक्लिफ से ज्यादा तक्लिफ होती है इसलिए बस अल्ला से कहता हो कि परवतकार तो जड़ी से
09:33मजे उठा ले
09:35मैं नहीं होगा तो कम से कमें लो परिशानी हो का बोज़ तो कम हो जाए क्यों मायूसी की बाते
09:42करते हैं आप
09:45हम आप से बिलकुल परेशान नहीं हैं अपने जहन से यह मायूसी की बाते निकाल दीजिए अपस्दान तब कब तक
09:57अब को छूटी तस्द्या दीती रहो कि कशी साब रहूं इतरह दुख सेने के बात ता होसला है
10:19हम आप से बिलकुल परेशान नहीं हैं अपने जहन से यह मायूसी की बाते निकाल दीजिए
10:31हम इतने अर्से से जहवेद का ट्रीटमेंट कर वा रहे हैं लेकिन ठीक होने के बज़ाए दिन बादिन उसके हाड़त
10:39प्रिगड़ती जाए
10:40मैं परिशानी समझ सकते हूं मायो साब आपकी परिशानी बिलकुल जाइज है डॉक्टर साब आप जावेद के बारे में हमसे
10:48खुलकर डिसकस क्यों नहीं करती हैं
10:50इस तरह हमारी बॉड़ी के दूसरे पार्ट बिमार हो जाते हैं, इसी तरह हमारा दिमाग भी बिमार हो जाता है,
10:55और ट्रीट्मेंट करवाने पर बिल्कु ठीक हो जाता है
10:57आटक से वो ठीक है लेकिन आखिर ऐसी क्या बिमारी है उसको के जो इलाज के बावदूर तो ठीक नहीं
11:04हो रहा है
11:05देखें, हमारा दिमाग भी डिस्ट्राइब के मानुद होता है
11:08जैसे स्क्रेचिस से भरी हुई डिस्ट बगएर बफ के चला दी जाये तो वो अटक ने लग जाती है
11:14बिल्कुल इसी तरह हमारा दिमाग भी माजी की तल्ख यादों में अटक जाता है
11:19और जावेद का केस भी कुछ ऐसा ही है
11:21और जावेद के साथ जो माजी में ट्राजेडी हुई है उसका दिमाग भी उसे में अटक चुका है
11:26और रख साब लेकिम वो बार बार खुद को या पिर किसी और को नुक्सान कोचाने की कोशिश क्यों करता
11:31है
11:32बिकाॉज इसे लगता है कि दिलकश मर गई तो बो जिन्दा क्यों है
11:36और इसलिए मैं बार बार सुसाइट करने की कोशिश करते हैं और दूसरों को मारने की भी
11:41रख साब ये तो बहुत कतना बाद है
11:43यही वज़ा है कि मैंने उसे हॉस्पिटलाइज करने का मश्वरा दिया
11:47पर हम और कितने दिन इसको रखेंगे हॉस्पिटल में
11:50जब तक वो ठीक नहीं हो जाता जब तक वो माजी से बाहर नहीं आ जाता
11:54और इन सब में मुझे आपकी मदद चाहिए हो
11:57और हमें उसे हर हाल में खुछ रखने की कोशिश करनी होगे जब तक वो अपनी मादी की परानी बातें
12:02भुला नहीं देता
12:13केदर है सारा लोग केदर है
12:16हॉस्पिटल अबू के पास
12:20अचा तो कैसा तब यहता है आपके अबू का थोड़े बहतर हैं पहले से
12:26तुमको अगर पैसों के जरूरत हो तो मुझको बोलो
12:31ने ने आपने पहले भी हमारी इतनी मदद की है
12:35कोई भाग नहीं तोड़ा बहुत ही दिया है सतर हजार हुए तू क्या है
12:42सतर पच्छतर हजार
12:44हाँ
12:45क्यों तुम तुम तुम टोग जब पैसे लेता है तूसको पर बाद में गिनता नहीं है
12:50जामनी करता कि कितना कभी दस अजार कभी पाँच कभी आठ कभी साथ
12:55तो पच्छतर हजार रुपे तो कोई चीज ही नहीं
12:59वो बात नहीं है काकर
13:01मैं तो यह सोच रही हूं कि
13:03मैं
13:04हम लोग अपको वापिस कैसे
13:07ओ उसका तो इतना मसाला नहीं है
13:10वो
13:13एक बात है बस
13:17मगर मैं
13:18पतरी
13:20दिल
13:21कहते है करो पिर कहते है ना करो
13:23तुम बुराना माना जो इसलिए
13:26नहीं नहीं आप बोलें
13:30चंदा
13:31बात उपर का है
13:34पाता नहीं
13:35तुम्हारा समझ में आए या नाए
13:38लेकिन
13:42मैं
13:43मैं दिल से कहता है
13:46के
13:48शराइत होर पे मैं चाहता हूं कि
13:50मैं तुमसे शादी करो
13:56अच्छा
13:56पेसे चोड़ देगा पेसो कोई बात कि
13:59पेसो कोई बात कि उच्छा पात कि
14:00पेसो और चे यह तो
14:02भून
14:05अच्छा
14:05आपको शरम नहीं आती
14:07आपने पहले मेरी बहन पर दोरे डारे
14:09और अच्छा
14:10अच्छा
14:14काकड हम लोग खरीब जरूर हैं
14:16लेकिन हम लोग बगहरत नहीं हैं
14:19शरम
14:22बगहरत
14:26मैंने ऐसा क्या कह Дिया
14:30मैंने टो एक इसलामी तरीखे
14:32से तुमको वो लै कि में शादी
14:33करना चाहते ओ तुम से
14:37अगर इस में कोई शरम और बेशरमी का बात है
14:41तो यह तो खुदा को बात है
14:43मुझे तो मालूम नहीए
14:43कि मैंने कौंसा ऑसा बूरा बात कह दिया
14:54उसमें भी सरा सोचू।
14:59निगल जाए यह से
15:02मैं है कह रही हूँ इस घर से निकल जाए इससे पहले के
15:06इससे पहले के
15:08और उसके बाद
15:12कुछ मैं
15:15ना पहले कुछ है ना बाद में कुछ है
15:18अभी है दरम्यान सीधा
15:24यह दर्वाज हमने देखा इदरी से हम आया और इदरी वापस जाएगा
15:29हमको यह मत दिखाओ के जाए
15:35इकना बत्तमीजी हमने नहीं किया तुम्हारे साथ
15:41एक सही और दीनी बात क्या है
15:45तुम लोगों का पतनी यह बात क्यों बरह लगता है
15:49गरों से बाग जाओ तो उदर खेरत और बेखेरती के बात नहीं है
15:57चलिपुन पे दोस्तानी करो उदर इज़त और बेखेरती का बात नहीं है
16:06कितना अपसुस का बात है
16:09एक मुसल्मान दूसरे मुसल्मान को इज़त से बयाना चाता है
16:16उसके लिए तुम दर्वाजे की तरप इशारा करके किता है क्यों निकल जाओ यास
16:21आप चले जाएगा भी
16:24लिक नियाद रखो
16:27तुम आमारा पेसा खुद देने के लिए एका
16:31खुदा आपस।
16:42तुम आपसुद आपस।
16:46आपस।
16:47आपस।
16:52तुम आपस।
16:56सावन ना दी जो
17:01बदले जो मौसम मौला
17:06आरी इस ही महबबत की वजा से
17:08बज्जो की नजरों में बहुत गिर गई हूँ एमद
17:12महबबत कुछ औरी नहीं होती माला
17:14मैं करूँगा बज्जो से बात उने संझाऊँगा
17:16उने अपनी महबबत पर यकीन दिलाऊँगा
17:30करें अपनी डराम।
17:32उसमा कड्या में कुछ नहीं हूँ जी कि लिए आख तो एक पहले आया हूँ
17:33मैं तो कुछ नहीं कर रहाँ मेरा खाल एक सेंड या बाने आपसे पहले हूँ
17:38मैं तो आहा हूँ दर वाजा भी कुल टूल ता और इसलेर कुछ
17:41कि रोमेंटिक सीन चल रहा है पतनी फिल्म का यह ड्रामिक है मैंने सोच अचलो यह पुरूट शूरूट सबजी सबजी
17:49भी दे देता है इधर गर में जरूरत पड़ता है मर्द लोग नहीं है इसले है
17:54एमर तुम यहां पर क्या कर तुम्हें मैंने मना किया था ना यहां ने से वा हर सुरत तुम बोला
18:04ना कि यम बड़ा गेरतमंग दे बड़ा इज़त वाला है बड़ा इज़त वाला है बड़ा है यह है आपका हया
18:15और गेरत मैं तुम से पूछ रही हूं तुम यहां पर क्या कर
18:19वह जोड़ियोग!
18:22बताओ, हमार!
18:23बजो मैद!
18:26शुकरिया भई
18:28इसको बजो बोलने का
18:30हमारे दिल खुश हो गगए
18:33एक को तो तुमने
18:37पहना बना लिया है
18:40अब जो अगला बात है
18:41वो इसको हम बोले या तुम
18:43बोलेगा?
18:44मेरा खाल हम को बोलने दो तुम
18:50यह जो बाइस साब है ना यह आपका बेहन के साथ इश्क परमाता है इनको मिलने के लिए यहां आता
18:59है यह इनको बलुआता है इधर यह आपके सामने है और यह ना चीज काकड भी आपके सामने है
19:11आम काकड है जूट वोट हम से नहीं बोला जाता है खुदा किसम इतना कारोबार है आला को जान देना
19:16क्यों जूट बोले है लोग पैसे के लिए जूट है मैं पैसे के लिए नहीं बोलता है यह बड़ा बुरा
19:22बात है उस रात आपने एक बात पूचा था कहा था ना कि हम इं�
19:37जाम लगा रहा है इसको सच बोलो जो बात है वो बोलो है या निदा कड़ हाथ मीचे हाथ को
19:48चोड़ो उसको सचा ही बोलो हाथ मीचे हाथ नीचे हाथ थमया
20:08जब भी याद आती है तो मुझ पर हस्ती है कहती है मैं तो चली गई तुम अभी तक जिन्दा
20:32क्यों हो
20:32अगर आज आपने 15,000 जमा नहीं करवाए तो मजबूरान हमें इलाज रोकना पड़ेगा नहीं जोक साब आप इलाज बन
20:41ना कीजिए हम आज ही रकम का बंदोबस्त करते हैं

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