Skip to playerSkip to main content
मुजफ्फरनगर में श्रम विभाग और प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ने बंधुआ मजदूरी के एक गंभीर मामले का खुलासा किया। झोला बनाने वाली फैक्ट्री से 12 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया, जो डेढ़ साल से ज्यादा समय से कैद जैसे हालात में रह रहे थे। मजदूरों ने मालिकों पर शोषण और झूठे वादों के आरोप लगाए हैं। देखिए पूरी रिपोर्ट और जानिए कैसे हुआ इस रैकेट का पर्दाफाश।

A major raid in Muzaffarnagar exposed a shocking bonded labour racket inside a bag manufacturing factory. A joint team of Labour Department and district administration rescued 12 workers who were allegedly trapped for nearly one and a half years. The rescued workers accused the factory owners of exploitation and false promises of good jobs and high salaries. Watch the full report to know how the operation uncovered the hidden reality.

#Muzaffarnagar #BondedLabour #LabourRescue #HumanRights #FactoryRaid #UttarPradesh #BreakingNews #IndiaNews #CrimeNews #LatestNews

Category

🗞
News
Transcript
00:00एक सूचना मिली थी पुलिस को उसके अधार पर लेबर कमिस्नर तथा स्पी आरे की निदित में सीओ फोगाना और
00:11तसिल्दार रादेश्याम एसचो तितावी एसोजी सर्वलांस मोहित चोधरी इस पर रेट देते हैं मजिस्टेट की उपस्तिती में मांडी गाउं में
00:22थाना
00:26की फैक्टरी होती है उसमें से बारा लोग मुक कराएगे हैं जिनके सरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं तथा
00:32जब उनको मुक कराएगया ता उनसे पूस्ताच की गई तो उनने बताया कि इस तरह से उनको जड़ से दो
00:38साल से वहाँ पर बंदक बना गया है दस से बारा ह�
00:41या कभी आठ हजार का लालास दे करके यह लोग मौकरी के नाम पर रिलवेश शेशन बसड़े तथा विविन अस्थानों
00:48से इनको ले आते हैं तथा वहाँ पर बंदक बना लेते हैं तथा इनसे फिर जबस्तिक काम कराते हैं दोने
00:53बनाने का तथा इन्हें कोई तनखा भी �
00:55नहीं देते इन्हें एक टाइम पर रोटी देते हैं उभी सुखी रोटी देते हैं जो की चोकर की रोटी होती
01:01है और इस प्रकार से इनको कई दिनों से इनके मोबाइल रख लेते हैं कहीं वारता नहीं कर रहे देते
01:08कहीं आने जले देते फिट बूल डॉग रखते हैं ताकि
01:23निशान इनका मेडिकल कराये गया है, काफी गंभीर चोटे, कई के रिप्स टूटे हुए है, और यहां तक ही जानकारी
01:29मेरी है, कुछ लोगी इस अत्याचार के दरौन मृत्ती भी हो गई थी, एक व्यक्ति की पहचान भी उसमें हो
01:33गई है, जिसके संदर में आवशक विधिक
02:09सब्सक्राइब कराये हैं, निश्यत और से पूलिस को नोने बहुत धन्यवाद दिया,
02:17है, और आप समझ सकते हैं, कि इस परका का टार्चर करने के बाद, इसमें योहलों के खलाप कारवाई के
02:23लिए, पूलिस इसमें गैंग्स्रेट की गहरी में भी सुनिशित करेगी,
02:56इनके पास जो दो लोग इफ्तार किये गए हैं, ये सिवात त्यागी और प्रदीप बार्यान, जिसमें ये लोग विविन प्रकार
03:04के रिल्वेस्टेशन्स, और वहाँ पर इनके संपर्क होते थे, उनके माध्यम से ये लोग उसको लालस दे कर लाते थे,
03:10कि तनखा देंगे 10 से 12 जार, आओ हमारे यहां काम करो, उसके बाद यहां लाने के बाद वो लोग
03:14बंदख बना लेते थे, और ये रहने वाले जो रहने वाले थे, ये इनकी स्टेट्स के रहने वाले हैं, जिनमें
03:20में अफकतादों की हर्याणा, पंजाब, राजस्थान, ज
03:38से बचे नहीं जेल में, इन्हों ने ये मिल गए वहाँ, इस्टेशन पर, अंकित नाम का आद में, तो वो
03:46कहने लगा काम करोगे, मैंने का 15 दिन तक कर लेंगे, बढ़ियां काम बताया, मैंनत का काम नहीं है, बैठे
03:54बैठे का काम है, जी डोना पतल, बारह जार रुपर, इ
04:05काला बंद कर लिया, डेली पीटना, पैम से खाना भी नहीं देना, कुछ नहीं, ना ना ना दोना, अगर जो
04:14मेरे कपड़े थे, वो दूसरों को दे दिये, उनको पिदा दिये, अब हमें एक ही जोड़ी कपड़े, बस ये सब
04:22बुरी तरीके से आलत कर रखी थी हमाई लोग
04:27वो बेल्टों से मारते थे, सलिये से मारते थे, अतोरे से मारते थे, जो मिल जाए, जो आथ में आ
04:34जाए, काम नहीं करते थे, 24 गंटे काम करवाते थे, 24 गंटे कौन जग लेगा?
04:40कितने लोग रहते थे, वहाँ वो मारते थे, जी, दो आदमी रहते थे, जो आटे की चून की जो च्छान
05:00बचती है ना, उसकी रोटी देते थे, चोकर की, सब्जी में नमक और वो सूकी मिर्च, क्लिक कलना है,
05:07काम के लिए, काम यहीं मसीन वाला काम है, कितनी इतन का कितनी दस अजार बारा जार इन पर हम
05:13को लेकर आया गया, यहां पर दो सुके रोटी है, सब दिया गया, उसके ज़्यादा भीना पानी वाला चाहिए, अड़य
05:19मेना हो गया, दिन रात काम करते थे, हर काम, पैसे मिला �
05:23कुछ भी नहीं है, नहीं चाहिए, पूरा प्रसन नहीं खुछ है, पूरा लू, ओपर चद्रा, एल्वेस्टर, पूरा हीटर, पूरा कॉलिंग
05:36से एकदम मसीन स्था, पूरा हमें तुक हुआ, बहुत मारते थे, थोड़ा सा कट हो जाता था, मिस्टिक मसीन करता
05:43था, बैड
05:53इनके लिए पूरा धन्यबाद, कारवाई के लिए, इन सब को सम्मान के लिए, हम सदा तक पे रहेंगे, कब हावारी
06:00रहेंगे सदा तिरदय से, मिस्टिकाल तक कि कोई आपता या कोई जिद्दा हमारे और नहीं आएंगे, हमें घर भेजने का
06:07मिस्टिक देंगे
06:08कुछङ देल, क्था सब लिए अचिए छ। नहीं आएंगेy, क्था सब्सक्राइब, मिस्टिकालिर नहीं इन सब करेदेगा, कुछण वर्दिकालिकालिय।
06:29की कै चाली बांजिवे दिए, कि मेंचे बांगेदरिकालिय।
06:37download the one india app now
Comments

Recommended