00:09वेनिजवाला में बुद्वार शाम धर्ती अचानक काम पुठी।
00:39वेनिजवाला में इतने तेज और लगातार दो भुकंप क्यों आए? इसका जवाब छिपा है धर्ती के अंदर मौजूद टेक्टॉनिक प्लेटों
00:48की हलचल में।
00:49हमारी धर्ती उपर से भले ही स्थेर दिखाए देती है, लेकिन इसके अंदर लगातार हलचल चलती रहती है।
00:55पृत्वी की उपरी परत कई बड़े चटानी प्लेटों में बटी हुई है, जिन्हें टेक्टॉनिक प्लेट कहा जाता है।
01:01ये प्लेटे बहुत धीमी गती से लगातार खिसकती रहती है।
01:04वेनिजवेला ऐसी जगह पर मौझूद है, जहां केरिबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट एक दूसरे के संपर्क में आती है।
01:11इन दोनों प्लेटों के बीच लंबे समय से दबाव बनता रहता है।
01:15जब ये दबाव चटानों की सहने की क्षमता से ज्यादा बढ़ जाता है, तो धर्ती के अंदर मौझूद फॉल्ट लाइन
01:21अचानक तूट जाती है।
01:22इसी प्रक्रिया में जमा हुई उर्जा भूकम्पिय तरंगों के रूप में बाहर निकलती है और हमें भूकम्प महसूस होता है।
01:29लेकिन इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा लगातार आये दो बड़े भूकम्पों की हो रही है।
01:34वेग्यानिकों के मुताबिक कई बार बड़े भूकम्प के बाद उसी क्षेतर में दूसरा बड़ा जटका भी आ सकता है।
01:40इसे अर्थ्क्वेक डबलेट कहा जाता है।
01:42जब पहला बड़ा भूकम्प आता है तो वो आसपास की चट्टानों पर मौजूद तनाव को बदल देता है।
01:48इससे फॉल्ट सिस्टम के किसी दूसरे हिस्से में भी अचानक हलचल शुरू हो सकती है और दूसरा शक्तिशाली भूकम्प पैदा
01:54हो सकता है।
01:55यानि पहला भूकम्प सिर्फ एक अलग घटना नहीं होता बलकि धर्ती के अंदर चल रही पूरी प्रक्रिया का हिस्सा हो
02:01सकता है।
02:01भूकम्प के बाद अब एक और खत्रा आफ्टर शॉक्स का होता है।
02:05आफ्टर शॉक्स वे छोटे या मध्यम जटके होते हैं जो बड़े भूकम्प के बाद कई घंटों, दिनों या कभी-कभी
02:11हफ्तों तक आते रहते हैं।
02:12ऐसा इसलिए होता है क्योंकि धर्ती के अंदर की चटाने नए संतुलन की स्थिती में आने की कोशिश करती हैं।
02:18वैज्यानिकों का कहना है कि साथ से ज्यादा तीवरता वाला भूकम्प काफी शक्तिशाली माना जाता है।
02:24ऐसे भूकम्प कमजोर इमारतों को नुकसान पहुचा सकते हैं और बड़े क्षेत्र में असर डाल सकते हैं।
02:29हाला कि सिर्फ दो बड़े जटकों के आधार पर ये अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि आने वाले समय में
02:34कोई और बड़ा भूकम्प जरूर आएगा।
02:37वेनिजवेला और आसपास का केरिबियन शेत्र पहले भी भूकम्प ये गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है।
02:42इतिहास में इस इलाके में कई बड़े भूकम्प दर्ज किये गए हैं।
02:46इसका कारण वही सक्रिय प्लेट सीमा है जहां धर्ती के अंदर लगातार उर्जा जमा और रिलीज होती रहती है।
02:52ये घटना हमें याद दिलाती है कि धर्ती के अंदर चलने वाली प्रक्रियाएं कितनी शक्तिशाली हैं।
02:57इंसान ने विज्ञान में काफी तरक्की कर ली है लेकिन आज भी भूकम्प की सटीक भविश्यवानी करना संभब नहीं है।
03:03वैज्यानिक सिर्फ भूकम्प ये गतिविधियों को मॉनिटर कर सकते हैं और संभावित खत्रे को समझने की कोशिश कर सकते हैं।
03:10वैनिज्वेला में आए ये दो भूकम्प किसी रहिस्यमई घटना का परिणाम नहीं बलकि करोडों साल से चल रही प्रित्वी की
03:16प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
03:18धर्ती की प्लेटों की ये लगातार हलचल ही कभी पहार बनाती है, कभी समुद्र की संरचना बदलती है और कभी
03:24ऐसे बड़े भूकम्पों को जन देती है।
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