00:00June का माइना आदे से जादा गुज़र चुका है लेकिन देश के कई हिस्सों में अब भी लोग बारिश का
00:04अंतजार कर रहे हैं।
00:06मौनसूनी बादल है लेकिन बरस नहीं रहे हैं।
00:08आएनबी के आकड़े बताते हैं कि 4 जून से 15 जून के बीच देश में जितनी बारिश होनी चाहिए थी
00:13उससे 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
00:16राजिस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट, चतिसगर, पिहार, उत्रप्रदेश और दिल्ली समीब, 16 राज्यों में मौनसून की रफ्तार थम गई है।
00:23सवाल है क्या इस साल मौनसून कमजोर पड़ रहा है, क्या अल्मीनो इसकी वज़े है, अगर बारिश कम हुई तो
00:30क्या होगा, क्या मैंगाई बढ़ेगी, क्या फसले प्रभावित हूँगी, और आखिर वेग्यानी क्यों कह रहे हैं आने वाले महिने बेहत
00:37एहम है।
00:38नमस्कार मैं हूँ राहूल बंसल, एटीव भारत के आज के एक्स्प्लिनर में हम समझेंगे अल्मीनो क्या है, ये भारत के
00:43मौनसून को कैसे प्रभावित करता है और आखिर आपके जीवन पर इसका असर कितना बढ़ा हो सकता है।
01:08लेकिन केवल हुई 19.2 मिलिमिटर यानि बारिश में 64 प्रतिशत की कमी। इसी वजह से मौसब विग्यानिक लगतार एक
01:16शब्द दोरा रहे हैं अल्नीनो। लेकिन आखिरी अल्नीनो है क्या। भारत में बारिश कम हो रही है। लेकिन इसकी कहानी
01:24हजारों किलोमिटर दूर �
01:25पशांत महासागर्थ शुरू होती है। सामाने पर इस्तितियों में पूर्व से पश्चिम की और चलने वाली ट्रेट विंस गर्म समुदरी
01:32पानी को एशिया और आस्ट्रेलिया की तरफ धकेलती है। यही गर्म पानी बादलों को जनम देता है और यही सिस्टम
01:38भारत के मा
01:39मांसून को उर्जा देता है। लेकिन जब यह हवाएं कमजोर पढ़ जाती है तो समुदर का संतुलन भी गड़ जाता
01:44है। गर्म पानी वापस मध्ये और पूर्विय प्रशांत महासागर्थ की और फैनने लगता है। समुदर का तापमान सामानी से काफी
01:51ज़्यादा बढ
01:54करते हैं। अल्मीनो सिर्फ समुदर का तापमान नहीं बढ़ाता। यह पूरी प्रत्थी के मौसम तल्थ को प्रभावित करता है। समुदर
02:01गर्म होता है, उसके उपर की हवा गर्म होती है, बादलों का पैटरन बदलता है, हवाओं की दिशा बदलती है
02:06और मॉन्सून कम�
02:08पढ़ सकता है। आएमडी की मुताविक अल्मीनो के वर्षों में भारत में सामने से कम बारिश होने के आशंका पढ़
02:14जाती है। अब सवाल यह है कि वैग्यानिकों को कैसे पता चलता है कि अल्मीनो आ रहा है। वैग्यानिक प्रशांत
02:20महासागर के विशिव सिस्से की ल�
02:38पान सामानी से दो डिगरी सेल्सियस से भी जादा उपर पहुंच चुका है। और समुंदर की सतह के नीचे का
02:43पानी लगभग छे डिगरी तक जादा गर्म रिकॉर्ड किया गया है। ऐसे हालात 1997 में अठान में और 2015 सोलर
02:50जैसे मजबूर अल्लीनो वर्षों में भी देखे �
03:07का नुमान दिया है। यानि इस बार 10% कम बारिश होने का नुमान है। अगर बारिश और कम हुई
03:13तो सबसे पहले असर खेती पर दिखाई देगा। धान, मक्का, सोयबीन और दूसरी खरीफ की फसलें मानसून पर निर्बर है।
03:20बारिश कम हुई तो जादा उतपादन घट
03:22गटेगा, उतपादन घटेगा तो कीमते बढ़ेंगी और कीमते बढ़ी तो महगाई सीदे आपकी जेब तक पहुँचेगी। वही पीने के पानी
03:29पर भी संकटा सकता है। बिजली उतपादन पर असर पढ़ सकता है। 2015-16 के अलनीनों के दौरान भारत में
03:35मक्का उतपादन
03:52फिर भी बारिश के बादल मुंबई तक नहीं पहुँच पाएं। इससे देश भर में बारिश की कमी बढ़कर 35%
03:58हो गई है। यह आकड़ा मंगलवार 16 जुन तक का है। अलनीनों का सबसे ज़्यादा असर महाराज, कोकंतर्ट और मध्य
04:03भारत में दिखाई दे रहा है। य
04:2045% की कमी दर्ज हुई है। मध्य भारत में यह आकड़ा सबसे खराब है। यानि 61% की कमी।
04:26दक्षिन प्रयादीप में भी 14% की कमी देखी गई है। इन आकड़ों से साफ है कि मौन्सून का सर
04:32देश के बड़े हिस्से में कमजोर पड़ा है। क्या अलनीनों हमेशा सूखा �
04:36दिल्चस बात यह है कि अलनीनों हमेशा सूखे की गारंटी नहीं होता। पिछले 70 सालों में तीन सूपर अलनीनों आये।
05:06पिछे शग्यों का कहना है कि भारते मौन्सून को सिर्फ अलनीनों ही प्रभावित नहीं करता। इसके अलावा दो और बड़े
05:11मौसमिय कारक हैं।
05:36बनाने में मदद करती है। वही M.J.O. बादनों और बारिश का एक विशाल चलता फिरता सिस्टम है। जो
05:41पूरी प्रत्वी के उस्ट कटी बदनी शेत्रों में घुमता रहता है। जब M.J.O. हिंद महासागर और भारत के
05:47आसपास सक्रिय होता है तो मौन्सूनी गतिविद
06:03का अंतिम अनुमान नहीं लगाती है। आई O.D. और M.J.O. जैसे कारक भी ये तै करते हैं
06:07कि भारत में बारिश कितनी होगी। फिलाल अन्लीनो भारत के लिए एक वितावी है। आपदन है। लेकिन अगर आने वाले
06:14हफ्तों में मौन्सून मजबूत नहीं हुआ तो इसका �
06:17खेतों से लेकर बाजार तक और बाजार से लेकर आपकी जीव तक दिखाई दे सकता है। यानि इस समय सिर्फ
06:23भारत ही नहीं। दुनिया भर के मौसम वैग्यानिक प्रशांत महासागर पर नजर ठिकाए हुए है। ईटियो भारत के आज के
06:29से एक्स्प्लेनर वे बस इतना ह
06:30आजिकाए