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  • 1 minute ago
मलबा होता काले सोने पर बसा सिंगरौली का मोरवा, 80 करोड़ टन कोयले के लिए पूरा शहर होगा तबाह, एक-एक कर धराशाई हो रहे सपने.

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00:28E.T.V. Bharat's Ground Report
00:30जिस जगह को बियाबान से शहर बनते देखा, आँखों के आगे दरकती उसकी एक एक दीवार जैसे चाती पर गिरती
00:38है। जिसने इंट इंट बसना देखा हो, उन्ही आँखों के सामने वही शहर ढह रहा है। गुलाब चंद चश्मदीद हैं
00:47उस मोरवा के, जिसकी गिंती ए
00:59इतना पिरे भाव भी कहीं नहीं में जगा, मैं इसके पूल सकी भी थे इस मंदिर के, अब तो चला
01:06गया है वहां करेटर के आधिर में, तो फिर भी हम लोग, हम दीना, दस आदमी हम लोग मिलके सादस
01:12हैं इसके, अभी भी चर्दा, बस कुछ नहीं था, एक सिर्फ मंदिर हम
01:29जिस बरस पहले जिस स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की, आज उनका बेटा भी उसी स्कूल में है, लेकिन ये
01:37स्कूल किसी भी दिन धराशाई हो सकता है
02:17पूरे देश के कोईला उतपादन का 15% कोईला अकेले सिंग्रॉली में होता है, मोरवा के विस्थापन के बाद ये
02:25उतपादन बढ़ाने की तयारी है
02:27विकास की शर्त पर हो रहे विस्थापन में सवाल कई है
02:32बरसों की बसाहट छोड़ देने की जज़बाती सवाल के साथ प्रश्न ये कि जिन्दगी दुबारा कैसे खड़ी होगी
02:57मैं भावक हो जा रहा हूँ, मैं जितना साल इहां गुजार लिया, उतना था मैं अपने गाउं घर परिवार में
03:04नहीं गुजारा हूँ
03:04मैं चालिस साल मैं गुजारा हूँ
03:34मैं यहां दुकान चल रही है, हमारे एक होटल भी है, वो भी हम अभी सब अच्छा चल रहा है,
03:40आगे आप कहा जाने कि बाद में वेपार होगा, नहीं होगा, यह बहुत दुख्या दुखत है
03:46विलोपन हो रहा है एक शहर का, और इस दिशा में इस बार हमारे मुख्यमंत्री जी आये थे, उन्होंने भी
03:53यह बात उठाई थी, उसके बहुजूद, एस दिशा में कोई भी कदम उठाता हुए नहीं दिख रहा है, यह बड़ा
03:58दुखत है
03:59दूसरी बात यह कि बार-बार हम लोग यह बात कर रहते हैं कि इतना छेत्र आप लोगों ने अरिग्रही
04:04किया है, वो समस्त छेत्रों का विस्थापन आप एक साथ कीजिए
04:07और विस्थापन विलोपन मत कीजिए, शहर अगर एक उजड रहा है तो इसको बसाने की दिशा में भी सोचिए
04:15तकरिवन 30 से 35 स्कूल हैं, प्राइवेट मिला के, 30 के आस पास मंदिर हैं
04:31मुर्वा के विस्थापन को एशिया के बड़े शहरी विस्थापनों में गिना जा रहा है
04:39विस्थापन इसलिए कि इस मुर्वा के नीचे दबा है 80 करोड टन कोईला
04:45ये एक पूरे शहर जैसी बेदखली है, पूरे 50 हजार की आबादी विस्थापित होगी
04:51इस एक विस्थापन के लिए 927 हेक्टर में बसे करीब 22,000 मकान गिराए जा रही है
04:58इसके अलावा स्कूल, धार्मेकेंद्र, अस्पताल अलग है
05:02नॉर्दन कोल फील्ड ने विस्थापन में 35,000 करोड रुपए का मुआफ़जा तै किया है
05:08विस्थापन के बाद जिन्दगी क्या फिर दुबारा पट्री पर आपाती है
05:13विस्थापन एक जीवन को कैसे प्रभावित करता है
05:16सिंग्रॉली जिले का चंदावल गाओं इन सारे सवालों का जवाब है
05:33सिंग्रॉली को देश की एनरजी कैपिटल भी कहा जाता है
05:36कोईले का 2724 मिलियन टन का बड़ा भंडार है यहां
05:42लेकिन फिलाल कोईले के खजाने पर बसे मोर्वा के विस्थापन से देश भर में इसकी चर्चा है
05:51विस्थापन के मुद्दे पर एनसे ल के जनसंपरक अधिकारी राम विजय सिंग ईटीवी से बताते हैं
05:57किस विस्थापन से 25 वर्षों के लिए एनसे ल की जैनत परियोजना का कोल उत्पादन बना रहेगा
06:04यह एनसे ल की सबसे बड़ी खदान है जिसका एक साल का उत्पादन 30 मिलियन टन है
06:10यहां से देश के कई राज्यों के बिजली घर में कोईला भेजा जाता है
06:15देश की अर्थ व्यवस्था में कॉंट्रिब्यूशन होगा और हर साल 3000 करोड का मुनाफ़ा
06:22तरक्की की शर्थ पर एक शहर मलबे में तबदील हुआ जाता है
06:28मुनवर राना साहब का शेर है
06:40आखों के आगे तिनका तिनका बसाए घर और कारोबार को मिटते देखना इस दर्द का कोई मुआफजा होगा क्या
06:49सिंग रॉली में दिनेश्टिवारी के साथ शिफाली एटीवी भारत के लिए
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