00:00मेरी पोस्टिंग हेल्थ डिपार्टमेंट में जहां पर जो महिलाएं आती है वो फोर्थ फिफ्थ प्रेग्नेंसी लेकर आ रही हैं
00:07जब मैं उनको काउंसिल करती हूँ तो उनका कहना रहता है कि अगर मैं बच्चा ना करूँ तो मेरे पते
00:14की दूसरी शादी करा दी जाएगी
00:16तो मैं उन तक सही चीजे कैसे पहुचाओं दूसरी शादी करा के पती की
00:23मतलब क्या ये बेगैरत जिंदगी होगी कि जहां पते तुमको मशीन बना रहा है प्रेग्नेंसी की उसके पास तुम वापस
00:31जाना जाती हो
00:32तो मैं पूछा रहा हूँ ये सौदा कराई क्यों मेहनत क्यों नहीं कर ली
00:38ये सौदा करने की जरूरत क्या है
00:41मजदूरी कर लो यार पत्थर तोड़ लो कुछ भी कर लो
00:43पती से बारबार बलातकार कराने से तो बहतर है न
00:46और जैसी भारत की अर्थविवस्था है ठीक है मुटे पैसों की नौकरी मिलना मुश्किल होता होगा
00:52पर एक गरीब घर की महिला घर में भी जितना पैसा पाती है उससे ज्यादा वो खुद अगर बाहर निकले
00:57तो कमा लेगी
00:58हाँ बाहर निकलेगी शोशन होगा वो तो घर में भी होई रहा है न
01:03और बाहर निकलेगी शोषण होगा तो कम सकम जहाँ शोषण होगा वहाँ से भाग तो सकती है
01:07घर में तो जब हो रहा है तो चिला भी नहीं सकती ठीक से
01:10संघर्ष करके सौ बार हारो कोई बात नहीं
01:12बुरे से बुरा क्या होगा मर जाओगी कोई बात नहीं मरना तो ही
01:15अभी भी कौन से जिंदा हो
01:18और एक बात और अच्छे समझ लीजिए
01:20कोई व्यवस्था, कोई जिम्मेदारी, कोई परंपरा, कोई वादा
01:25आपकी जिंदगी से बड़ा नहीं होता
01:27जिंदगी बरबाद करके जो परंपरा, व्यवस्था, जिम्मेदारी, वादा
01:32ये निभाना पड़े, वो तोड़ने लायक है
01:34मादा भी तोड़िये, व्यवस्था भी तोड़िये
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