00:04निर्जला एकादशी हिंदु धर्म की सबसे खास एकादशियों में से एक मानी जाती है
00:09इसे भीम सेनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं ये वरत भगवान वर्ष्णों की भक्ती और कठोर उपवास के
00:16लिए प्रसद्ध है
00:17माननेता है कि इसे एक वरत को करने से साल भर की सबी एकादशियों का पुन्निफल मिलता है
00:23अनिकादशी वरतों की तुलना में निर्जला एकादशी का वरत अधिक कठन होता है
00:28क्योंकि इसमें एकादशी के सूर्योदे से लेकर द्वादशी के सूर्योदे तक बिना अन और जल ग्रहन की उपवास रखते हैं
00:36इस साल निर्जिला एकादशी का वरत 25 जून को रखा जा रहा है
00:40निर्जिला एकादशी की तिथी प्रारंब 24 जून 2026 को शाम 6 बचकर 12 मिनट से शुरू होकर 25 जून को
00:48रात 8 बचकर 9 मिनट तक रहेगा
00:51पारंट का समय 26 जून 2026 को सुब़ 5 बचकर 25 मिनट से 8 बचकर 13 मिनट तक रहेगा
00:58द्वादशी तिती समाप्त 26 जून को रात 10 बचकर 22 मिनिट तक
01:02नर्जला एकादशी का वरत अगर आप भी कर रहें तो सुबह जल्दे उटकर स्नान करें
01:06स्नान के पाने में कुछ बूंदे गंगा जलकी जरूर मिलाएं
01:09साफ और स्वच्छ वस्तर धारन करें कादशी के सूर्योदे से द्वादशी के सूर्योदे तक
01:13नर्जला वरत रखने का संकल पलें यानि कि इस दौरान आप अन जलक कुछ भी ग्रहन नहीं करेंगे
01:19भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विदिवत पूजा करें भगवान के पास एक कलश स्थापित करें उसमें जल सुपारी अक्षत
01:25एक सिक्का और आम के पत्ते रखें
01:27भगवान विष्णु को पीले फूल, धूप, दीप, चंदन अक्षत, दुलसी दल, फल और मिठाई अर्पित करें पंचामरित का भोग लगाएं
01:34पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें पूरे दिन नर्जला वरत रखें
01:38हलाक यदि स्वास संबंदी कारणों से बिना पानी के वरत रखना संभव नहीं है तो जल ग्रहन कर सकते हैं
01:44जरुरतमन लोगों को अनाज जल से भरा घड़ा, छाता, वस्त्र, फल या अन्य उपयोगी वस्वों का दान करें
01:50रात्री में जागरण करें और अगले दिन पूजा पूरी करने के बाद वरत का पारण करें
01:54ध्यान रहे वरत खोलने से पहले ब्राह्मनों या जरुरतमन लोगों को भोजन कराना जरूरी है
01:58फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
02:01साथी चानल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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