00:03सनातंधर में दस महाविद्याओं का बहुत बड़ा महत्व है इनमें से सबसे रहस्मई और उग्र रूप है माधुमावती का इन्हें
00:11अलक्षमी दारीद्र नरायनी और विद्वा रूप में पूजा जाता है अक्सर लोग इनके उग्र रूप को देख डर जाते हैं
00:19लेकिन क
00:21माधँमावती की क्रपा से बड़े-बड़े संकट, कंगाली और रोक पल भर में दूर हो सकते हैं
00:27आज कैसे वीडियो में हम बताएंगे आपको कि दुमावती जैनती क्यों मनाई जाती है और साथ ही आपको बताएंगे
00:33कि धुमावती जैनती की पूजा आप घर पर कैसे करे और किस मुहरत में करे
00:38तो सबसे पहले बात करते हैं कि धुमावती जैनती क्यों मनाई जाती है
00:42हिंदू पंचांग के अनुसार जेस्ट मास के शुकल पक्ष के अस्टमी तिथी को
00:46धुमावती जैन्ती मनाई जाती है, माना जाता है कि इस दिन माधुमावती का प्रकाटे हुआ था, पौरानी कथा कैनुसार एक
00:54बर माता लक्षमी को बहुत तेज भूग लगी, उन्होंने भगवान शिफ से भोजन मांगा, शिफजी ने कहा कि थोड़ी धैरे
01:01रखो, भोजन
01:02की विवस्था हो रही है, लेकिन भूग इतनी तीवर थी कि माता पार्वती से रहा नहीं गया, और उन्होंने भूग
01:09के वश में आकर स्वयम भगवान शिफ को ही निगल लिया, जैसे ही उन्होंने शिफ को निगला, उनके शरी में
01:15धुवा निकलने लगा, तम महादेव ने
01:17उनके शरी के अंदर से ही कहा, कि देवी आपकी भूग ने मेरे अस्तित्व को भी संकट में डाल दिया,
01:24अब आप संसार में धून यानी धूए के रूप में जानी जाएंगी, क्योंकि उन्होंने अपने पती को निगल लिया, इसलिए
01:31उन्हें विधवा रूप में देखा �
01:33जाता है, मधुमावति संगटों को हरने वाली देवी है, जब इंसान चारो तरफ से दुख से घिर जाता है, तब
01:40मधुमावति की शरं में जाने से उसे मोक्ष और दुखों से मुकति मिलती है, वहिजरे अब बताते हैं कि आप
01:46मधुमावति की पूजा कैसे करें, मधुमा�
02:01जलशड़कें उस पर सफेद कपड़ा बिछाएं माता धुमावती के चित्र या फिर यंत्र स्थापित करें मा के सामने घी का
02:08दीपक या धूब चलाएं फिर माधुमावती को सफेद चीज का भोग लगाएं उन्हें सफेद फूल अच्छत और पेड़े का भोग
02:16लगा सकते ह
02:16माधुमावती को काले तिल और कपूर अर्पित करना बेहश छुप माना जाता है ग्रस्त लोग इन्हें काले तिल से बनी
02:23चीजे अर्पित कर सकते हैं
02:25वही माधुमावती के पूजा मोरत के बात करें तो सुभा ब्रहम मोरत में आप चार बच कर 4 मिनट से
02:31लेकर चार बच कर 45 मिनट तक पूजा कर सकते हैं या फिर सुभा आट बच कर 14 मिनट से
02:36लेकर 10 बच कर 38 मिनट के बीच आप माधुमावती की पूजा कर सकते हैं
02:42इस दन पूजा सूर्योदे के समय करने का विशेश विधान है
02:45उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:47फिलाल मारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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