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Dhumavati Jayanti 2026: सनातन धर्म में दस महाविद्याओं का बहुत बड़ा महत्व है। इनमें से सबसे रहस्यमयी और उग्र रूप है मां धूमावती का। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां धूमावती की कृपा से बड़े से बड़ा संकट, कंगाली और रोग पल भर में दूर हो सकते हैं?आज की इस वीडियो में हम जानेंगे कि धूमावती जयंती क्यों मनाई जाती है,और घर पर इनकी पूजा करने की सही विधि क्या है। चलिए बताते हैं.

Dhumavati Jayanti 2026: The 'Dash Mahavidyas' (Ten Great Wisdom Goddesses) hold immense significance in Sanatan Dharma. Among them, Goddess Dhumavati represents the most mysterious and fierce form. But did you know that the grace of Goddess Dhumavati can instantly dispel even the gravest crises, destitution, and ailments? In today's video, we will explore why Dhumavati Jayanti is celebrated and the correct method for worshipping Her at home. Let us tell you more.

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00:03सनातंधर में दस महाविद्याओं का बहुत बड़ा महत्व है इनमें से सबसे रहस्मई और उग्र रूप है माधुमावती का इन्हें
00:11अलक्षमी दारीद्र नरायनी और विद्वा रूप में पूजा जाता है अक्सर लोग इनके उग्र रूप को देख डर जाते हैं
00:19लेकिन क
00:21माधँमावती की क्रपा से बड़े-बड़े संकट, कंगाली और रोक पल भर में दूर हो सकते हैं
00:27आज कैसे वीडियो में हम बताएंगे आपको कि दुमावती जैनती क्यों मनाई जाती है और साथ ही आपको बताएंगे
00:33कि धुमावती जैनती की पूजा आप घर पर कैसे करे और किस मुहरत में करे
00:38तो सबसे पहले बात करते हैं कि धुमावती जैनती क्यों मनाई जाती है
00:42हिंदू पंचांग के अनुसार जेस्ट मास के शुकल पक्ष के अस्टमी तिथी को
00:46धुमावती जैन्ती मनाई जाती है, माना जाता है कि इस दिन माधुमावती का प्रकाटे हुआ था, पौरानी कथा कैनुसार एक
00:54बर माता लक्षमी को बहुत तेज भूग लगी, उन्होंने भगवान शिफ से भोजन मांगा, शिफजी ने कहा कि थोड़ी धैरे
01:01रखो, भोजन
01:02की विवस्था हो रही है, लेकिन भूग इतनी तीवर थी कि माता पार्वती से रहा नहीं गया, और उन्होंने भूग
01:09के वश में आकर स्वयम भगवान शिफ को ही निगल लिया, जैसे ही उन्होंने शिफ को निगला, उनके शरी में
01:15धुवा निकलने लगा, तम महादेव ने
01:17उनके शरी के अंदर से ही कहा, कि देवी आपकी भूग ने मेरे अस्तित्व को भी संकट में डाल दिया,
01:24अब आप संसार में धून यानी धूए के रूप में जानी जाएंगी, क्योंकि उन्होंने अपने पती को निगल लिया, इसलिए
01:31उन्हें विधवा रूप में देखा �
01:33जाता है, मधुमावति संगटों को हरने वाली देवी है, जब इंसान चारो तरफ से दुख से घिर जाता है, तब
01:40मधुमावति की शरं में जाने से उसे मोक्ष और दुखों से मुकति मिलती है, वहिजरे अब बताते हैं कि आप
01:46मधुमावति की पूजा कैसे करें, मधुमा�
02:01जलशड़कें उस पर सफेद कपड़ा बिछाएं माता धुमावती के चित्र या फिर यंत्र स्थापित करें मा के सामने घी का
02:08दीपक या धूब चलाएं फिर माधुमावती को सफेद चीज का भोग लगाएं उन्हें सफेद फूल अच्छत और पेड़े का भोग
02:16लगा सकते ह
02:16माधुमावती को काले तिल और कपूर अर्पित करना बेहश छुप माना जाता है ग्रस्त लोग इन्हें काले तिल से बनी
02:23चीजे अर्पित कर सकते हैं
02:25वही माधुमावती के पूजा मोरत के बात करें तो सुभा ब्रहम मोरत में आप चार बच कर 4 मिनट से
02:31लेकर चार बच कर 45 मिनट तक पूजा कर सकते हैं या फिर सुभा आट बच कर 14 मिनट से
02:36लेकर 10 बच कर 38 मिनट के बीच आप माधुमावती की पूजा कर सकते हैं
02:42इस दन पूजा सूर्योदे के समय करने का विशेश विधान है
02:45उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:47फिलाल मारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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