00:00पुरुशों को तो मतलब ऐसा बना दिया है
00:03कि उनको किसी तरह के इस नहीं कि इस परश की जरूरत ही नहीं होती
00:07मजाल है कि एक बार बेटा जवान हो जाए उसके बाद वो बाप से दिल खोल कर बात कर सके
00:13लड़के का किस से चक्कर चल रहा है?
00:15बाप को गर सुहना है तो जाके लड़के के दोस्तों से पूछता है
00:19पर हो नहीं सकता कि लड़का खुद आये बोले
00:21जैड कैसी लगी ये?
00:24बोले भाई
00:29किरदारों में कैद संबंद
00:31हिंदुस्तानी लोग है भाई हमारे पास बड़े बड़े आदर्श है
00:34बाप बेटे के रिष्टे के राम और दशरत का देश है ये
00:38भीश्म का देश है ये
00:39पिता की खाते कितनी बड़े उसने पतिग्या कर ली
00:42हमें पहले ही पता है कि बाप बेटे का रिष्टा कैसा होना चाहिए
00:45हमारे उत्तर मद्धभारत में तो बेटा अधिक से अधिक बाप कचरन सपरश कर सकता है
00:50गले लगाने की हमारी नहीं परंपरा
00:52पैर वैर छोड़िये बहुत छूलिये पैर
00:55हो गया
00:56कौन से आई थी जादू की जप्पी थी
01:01और लजाईएगा नहीं
01:03गाली थोड़ी देने जा रहे हो गले लगाने जा रहे हो नहीं क्या संकोच है
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