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  • 3 months ago
92 की उम्र में भी बच्चों पर बोझ बनने के बजाय, इदरीस मियां हाथों में हथौड़ी थामकर स्वाभिमान से अपनी जिंदगी जी रहे हैं

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00:03इन हाथों की जुरियों पर मत चाहिए ये बुजुर्ग हाथ आज भी वो हुना रखते हैं जो इन से आधी
00:11उम्र के लोगों के पास भी नहीं है
00:13क्या आप सोच सकते हैं कि 92 साल का कोई बुजुर्ग आज भी किसी जवान लड़के की तरहे हार तोड
00:21मेहनत कर रहा हो
00:22जी हां बिहार के गया में एक ऐसे ही सूपरमैन है जिन्होंने पिछले 40 सालों से अस्पताल का मुह तक
00:30नहीं देखा है
00:54मिलिये गया के कोठी था नाक्षेत रस्थित इमनाबाद गाउं के मुहम्मद इद्रिस मिया से जब आप इनके कारे कुशलता देखेंगे
01:04तो दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे
01:26चौंकाने वाली बात ये है कि इद्रिस के दोनों बेटे आर्थिक रूप से बहुत मजबूत है
01:31सरकार से इन्हें व्रधा पेंशन भी मिलती है लेकिन इनके खुददारी ऐसी है कि ये उम्र के इस पड़ाव में
01:38भी बेटों के आगे हाथ नहीं फैलाना चाहते
01:41खुद पतनी भी कहती है कि मना करने के बावजूद इद्रिस नहीं मानते
02:01इसलिए मेहनत करते हैं हाँ मेनत भी करते हैं यह मेरा सही रहेगा चलते फीज़ रहेंगे तो 100 रुपा लेते
02:09हैं एक दिन का जी
02:38इद्रिस मियां की फिटनेस का राज
02:40सबस्तों सुनिये उनकी हैं जूबानी
02:54हम लोग को मेहनत करना है एल्ला काते है कि मेहनत करो मैजुरी हम गए शाइड़ी महनत कर रहा
03:01कब तक मेहनत की जएगा जब तक अला टाकते
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03:35ुणकी नमाज में सिर्फ एक ही दुआ होती है कि जब भी मौत आए, काम करते हुए ही आए
03:42ETV भारत के लिए गया से सरताज एहमत की रिपोर्ट
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