00:00कि लोग इसके लिए पूरी जिंदगी निकाल देते हैं, इनको देख रहा था है यह ऐसे बेटे हैं तब से,
00:04इनके लिए यह मजदूर इनसान है, इनके लिए अठारा सो रुपे एक फॉर्म भणना नीट के लिए भी बहुत बड़ी
00:09बात है, तो उन्होंने आवाज उठाई �
00:11अच्छाई के लिए, क्या किया, थपड़ मार दिया उनके बताओ, यह कौन सी बात हैं?
01:09अब लेकर आएं, घरवालों की, सब की क्या सिती रही है?
01:11उन्होंने अपना जो एक जीवान है, इसी लाइन में त्याग दिया, अभी मैं अंकल को देख रहा था, इनके पेर
01:22उपे भी लीजिए एक वीडियो, इनको देख रहा था, यह ऐसे बेटे हैं तब से, इनके लिए यह मजदूर इनसान
01:27है, इनके लिए अठारा सो रुपे ए
01:31बहुत ज्यादा बड़ी बात है, अंकल के लिए यह देख सकते हैं आप यहां पर कोई वीवस्ता भी नहीं है,
01:38पेरेंट्स के लिए करनी चाहिए, मैं चाहता हूँ कि जो नीट के लिए यह फॉर्म बंड़ी के लिए जो पेपर,
01:43जो पैसे लेते हैं, उसमें से अगर एक प
02:00देख सकते हैं, अंकल यह मज़दूरी करते हैं, इनके पास पानी तक कर नहीं है, आप उधर केमरा गुआ सकते
02:05हैं, पिर सालसन की साइड भी गुआ सकते हो, अब यह उधर कोल्डिंग चली है, अभी अम्मा यह बैठी थी
02:10यहां पर और यह कुरसी पर बैठी थी वहां से य
02:30एजुकेशन मिनिस्टर जो है हमारा धर्मेन पिंद्धान जी, इनके लिए बेली जंतर मंतर पे धर्णा हो रहा है, वो CJP
02:41जो क्या नाम है उनका में, अभी देखा है मैंने वो देखते रहता हूं मैं, सोसेल मीडिय पे भी, तो
02:48उन्होंने आवाज उठाई अच्छाई के ल
03:00आओकी लोग जो जिन्होंने उनको भेजा है किसीने बेजा होगा पावर होगी पीछे कुछ लोग कुछ हाथ होगा, इससे थफड़
03:06तो नहीं मारेगा आके वहो उनका जी से बात करते हैं, कहां से आये हैं आप। जेवर से आये हैं
03:11जेवर जेवर में अभी एएरपोर्ट �
03:25परिक्षा दिलाने किसका परिक्षा दिलाने यह मेरी भाई की लड़की आपके भाई की लड़की आप दिल्ली रहते हैं तो आप
03:34क्या करते हैं
03:35हम प्रेस करते हैं कपड़ा आयरन करते हैं ठीक है तो जो परिक्षा दिलाने इस आपको पता है इससे पहले
03:42परिक्षा हुआ था और कैंजिल हो गया था तो अब क्योंकि आप प्रेस करते हैं और जिनकी लड़की है वो
03:48क्या करते हैं वो भी प्रेस करते हैं तो आपको जो फीस
04:06तो जब दुबारा परिक्षा हुई पहली बार पेपर लिग हो गया तो घर में कैसा महौल था घर मैं ऐसे
04:12समझ लोग है
04:16क्या हलती आपके भाई की और इस लड़की की जो परिक्षा देने गए बच्चा पढ़ता है सालवर तक पढ़ता है
04:24और सालवर के बाद वह फेल होता है तो कितना असर पढ़ता है यह आप सोचिए सालवर पढ़के पेपर लिग
04:33हो गया सरकार की वज़े से हुआ ना और किसकी
04:38कितना परता है कये माता इंसान लगाता प्लाई में तो कहां से आता है तो कूछना तो नहीं चाहिवें लेकिन
04:47सरकार को देखना चाहिआ
04:48सरकार तो दुनिया में दिखाती है कि भारत मेशर्व हो चक़े अमीर तो disrupt хот a vert Scroll hum के
04:57तो always��ं मुदूर आदमी कि भी बालकन के
05:07मतलब किस साधन किस साधन किस साधन से बस से आएं मेट्रों से बस से लिक्सा से थिरी विलर से
05:15तीन चार गाड़ी बदली है जब यहां कर और किया हमें भालूम भी नहीं थी कहां पर है कहां पर
05:21है कहां पर महीं दिन का आप कितना कमाल लेते होंगी वहीं चार से पांसे रुप
05:35कि इक्षा है हां बच्चों को भी पढ़ा रहे हैं कर्चा भी चला रहे हैं रोक के चला रहे हैं
05:42बच्चों की पढ़ाही में लगा रहे हैं तो किसलिए लगा रहे हैं कि बच्चा का इलाग बने
05:53और ऐसे में परिक्षा कैंसिल हो जा रही है तो फिर क्या बीटता होगा अब क्या बीटेगा वो जो सब
05:59पर भी बीट रहा है तो जब भी खाना और जब भी खाना सरकार कौन से हमारे घर में देने
06:06गुआ रही है यह बताईए पहले भी पैसे खड़ चुए क्या दिया और आब
06:14तो बशल्या तो सरकारी दे यह हमीं दे रही है बोटों का जो समय होता है प्रहाद जोर-जोर के
06:21लेते हैं तो आपके करके और जब कोई काम परता है या सरकारी काम होता है तो पीछ यह आटी
06:30आते है उसकी भी तो जुबनिदारी लेनी चाहिए बिल्कुल अब क्या करें बि
06:42अंकल जी को एक बार फिर से दिखाईए और पैरों में बिना चपल के इस तप्ती धूप में यहां पर
06:47पहुंचे हुए हैं
06:48और यह हम आपको बार-बार इसलिए दिखा रहे हैं क्योंकि सब की स्थिति एक समान नहीं होती है
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