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A powerful testament to a father's selfless love unfolded at the exam center. Walking barefoot under the scorching sun, a humble man stood proudly to support his daughter's dreams. Earning a meager living by ironing people's clothes, he saved every penny to ensure her education. His worn-out feet and teary eyes spoke volumes of a parent's ultimate sacrifice. This is the raw, inspiring reality of a father fighting against all odds for his daughter's future.

परीक्षा केंद्र पर एक पिता के निस्वार्थ प्रेम की दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई। भीषण गर्मी में नंगे पैर चलकर, एक बेबस पिता अपनी बेटी के सपनों को सहारा देने खड़ा रहा। लोगों के कपड़े इस्त्री करके आजीविका चलाने वाले इस गरीब पिता ने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए अपनी हर खुशी कुर्बान कर दी। उनके छाले पड़े पैर और गर्व से भरी आंखें एक माता-पिता के सर्वोच्च बलिदान की कहानी बयां करती हैं।
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Transcript
00:00कि लोग इसके लिए पूरी जिंदगी निकाल देते हैं, इनको देख रहा था है यह ऐसे बेटे हैं तब से,
00:04इनके लिए यह मजदूर इनसान है, इनके लिए अठारा सो रुपे एक फॉर्म भणना नीट के लिए भी बहुत बड़ी
00:09बात है, तो उन्होंने आवाज उठाई �
00:11अच्छाई के लिए, क्या किया, थपड़ मार दिया उनके बताओ, यह कौन सी बात हैं?
01:09अब लेकर आएं, घरवालों की, सब की क्या सिती रही है?
01:11उन्होंने अपना जो एक जीवान है, इसी लाइन में त्याग दिया, अभी मैं अंकल को देख रहा था, इनके पेर
01:22उपे भी लीजिए एक वीडियो, इनको देख रहा था, यह ऐसे बेटे हैं तब से, इनके लिए यह मजदूर इनसान
01:27है, इनके लिए अठारा सो रुपे ए
01:31बहुत ज्यादा बड़ी बात है, अंकल के लिए यह देख सकते हैं आप यहां पर कोई वीवस्ता भी नहीं है,
01:38पेरेंट्स के लिए करनी चाहिए, मैं चाहता हूँ कि जो नीट के लिए यह फॉर्म बंड़ी के लिए जो पेपर,
01:43जो पैसे लेते हैं, उसमें से अगर एक प
02:00देख सकते हैं, अंकल यह मज़दूरी करते हैं, इनके पास पानी तक कर नहीं है, आप उधर केमरा गुआ सकते
02:05हैं, पिर सालसन की साइड भी गुआ सकते हो, अब यह उधर कोल्डिंग चली है, अभी अम्मा यह बैठी थी
02:10यहां पर और यह कुरसी पर बैठी थी वहां से य
02:30एजुकेशन मिनिस्टर जो है हमारा धर्मेन पिंद्धान जी, इनके लिए बेली जंतर मंतर पे धर्णा हो रहा है, वो CJP
02:41जो क्या नाम है उनका में, अभी देखा है मैंने वो देखते रहता हूं मैं, सोसेल मीडिय पे भी, तो
02:48उन्होंने आवाज उठाई अच्छाई के ल
03:00आओकी लोग जो जिन्होंने उनको भेजा है किसीने बेजा होगा पावर होगी पीछे कुछ लोग कुछ हाथ होगा, इससे थफड़
03:06तो नहीं मारेगा आके वहो उनका जी से बात करते हैं, कहां से आये हैं आप। जेवर से आये हैं
03:11जेवर जेवर में अभी एएरपोर्ट �
03:25परिक्षा दिलाने किसका परिक्षा दिलाने यह मेरी भाई की लड़की आपके भाई की लड़की आप दिल्ली रहते हैं तो आप
03:34क्या करते हैं
03:35हम प्रेस करते हैं कपड़ा आयरन करते हैं ठीक है तो जो परिक्षा दिलाने इस आपको पता है इससे पहले
03:42परिक्षा हुआ था और कैंजिल हो गया था तो अब क्योंकि आप प्रेस करते हैं और जिनकी लड़की है वो
03:48क्या करते हैं वो भी प्रेस करते हैं तो आपको जो फीस
04:06तो जब दुबारा परिक्षा हुई पहली बार पेपर लिग हो गया तो घर में कैसा महौल था घर मैं ऐसे
04:12समझ लोग है
04:16क्या हलती आपके भाई की और इस लड़की की जो परिक्षा देने गए बच्चा पढ़ता है सालवर तक पढ़ता है
04:24और सालवर के बाद वह फेल होता है तो कितना असर पढ़ता है यह आप सोचिए सालवर पढ़के पेपर लिग
04:33हो गया सरकार की वज़े से हुआ ना और किसकी
04:38कितना परता है कये माता इंसान लगाता प्लाई में तो कहां से आता है तो कूछना तो नहीं चाहिवें लेकिन
04:47सरकार को देखना चाहिआ
04:48सरकार तो दुनिया में दिखाती है कि भारत मेशर्व हो चक़े अमीर तो disrupt хот a vert Scroll hum के
04:57तो always��ं मुदूर आदमी कि भी बालकन के
05:07मतलब किस साधन किस साधन किस साधन से बस से आएं मेट्रों से बस से लिक्सा से थिरी विलर से
05:15तीन चार गाड़ी बदली है जब यहां कर और किया हमें भालूम भी नहीं थी कहां पर है कहां पर
05:21है कहां पर महीं दिन का आप कितना कमाल लेते होंगी वहीं चार से पांसे रुप
05:35कि इक्षा है हां बच्चों को भी पढ़ा रहे हैं कर्चा भी चला रहे हैं रोक के चला रहे हैं
05:42बच्चों की पढ़ाही में लगा रहे हैं तो किसलिए लगा रहे हैं कि बच्चा का इलाग बने
05:53और ऐसे में परिक्षा कैंसिल हो जा रही है तो फिर क्या बीटता होगा अब क्या बीटेगा वो जो सब
05:59पर भी बीट रहा है तो जब भी खाना और जब भी खाना सरकार कौन से हमारे घर में देने
06:06गुआ रही है यह बताईए पहले भी पैसे खड़ चुए क्या दिया और आब
06:14तो बशल्या तो सरकारी दे यह हमीं दे रही है बोटों का जो समय होता है प्रहाद जोर-जोर के
06:21लेते हैं तो आपके करके और जब कोई काम परता है या सरकारी काम होता है तो पीछ यह आटी
06:30आते है उसकी भी तो जुबनिदारी लेनी चाहिए बिल्कुल अब क्या करें बि
06:42अंकल जी को एक बार फिर से दिखाईए और पैरों में बिना चपल के इस तप्ती धूप में यहां पर
06:47पहुंचे हुए हैं
06:48और यह हम आपको बार-बार इसलिए दिखा रहे हैं क्योंकि सब की स्थिति एक समान नहीं होती है
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