00:00मैं अपनी जासी नहीं दूगी, अगर युद लेक मात्र रास्ता है, तो युद होगा.
00:30लक्षमी भाई को याद करते हैं, और सामने ये खड़े हुए हैं, ये बड़े बड़े अंग्रेद अपनी ये सब ले
00:35करके, और उन्होंने क्या रखा है कि आप इतना अलग हो जाई है, वो तु रानी के साथ संदी भी
00:40करने को तयार थे, बोले आपको इतना पैसा और दे दें
00:57तो जिस वजह से रानी लक्षमी भाई की महानता है, उसी वजह से फिर उन्हें हार भी झेलनी पड़ी, महानता
01:04किसमें है, कि किसी का ख्याल नहीं करा, बोली मुझे जो सही लग रहा है वो करूंगी, बच्चे को पीट
01:14पे बांध के लड़ूंगी, तो हार ना मंजूर है, �
01:19जूट के सामने जुकना मंजूर नहीं है, अन्याय चेलना मंजूर नहीं है.
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