00:00क्या इरान में एक महिला के लिए देश भक्ती सिरफ हिजाब का मोहताज है?
00:06क्या इसलाम में वतन परिष्टे के नगमे गाने की भी इजाजत नहीं है?
00:11क्या किसी महिला को इसलिए 74 कोड़े मारे जा सकते हैं क्योंकि वजो क्यामरे पर देश भक्ती गीत का रही
00:18थी
00:18और उसने हिजाब नहीं पहना था
00:20हम बात कर रहे हैं 29 साल की सिंगर परस्तु एहमदी की
00:25जो अपने देश के लिए गीद का रही थी
00:28लेकिन आच चर्चा उनके देश भक्ती की नहीं बलकी उनके बिना हिजाब होने की है
00:33इसलामिक कानूनों वाले इरान में उन्हें 74 कोडों की सजा सुनाई गई है
00:38सवाल यह है कि आखिर अदालत की नजर उस देश भक्ती गीद पर गई
00:43या फिर उस महिला के सिर्फ पर ना होने वाले हिजाब पर
00:47नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक और आज हम बात करेंगे कैसे मामले की
00:52जो इरान में महिलाओ की अजादी, हिजाब कानून और अभी व्यक्ती की स्वतंतरता पर एक बड़ी बहस छेर रहा है
01:00आखिर कौन है यह परस्तु है मदी
01:02इरान की एक स्वतंतर गायका, संगीतकार और फिल्म डारेक्टर उनका जन्म 21 मार्च 1997 को इरान के नौशहर शहर में
01:11हुआ था
01:12परस्तु होने सूर इंटरनाशनल उनिवर्सिटी से फिल्म डारेक्टर की पढ़ाई के बाद संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई
01:20लेकिन आज परस्तु अपने संगीत की वज़ा से नहीं बल्कि एक अदालत के फैसले की वज़ा से दुनिया भर की
01:27सुर्ख्यों में है
01:28पूरा मामला दिसंबर दोजार चॉबिस से जुड़ा है परस्तु एहमदी ने दायरे सचिन कारवा से राई नामक इतिहासिक स्तल पर
01:37एक संगीत प्रस्तुती रिकॉर्ड की
01:39लगबग 27 मिनट लंबे इस वीडियो में वे बिना हिजाब नजर आई और चार पुरुष संगीत कारों के साथ कई
01:47गीत प्रस्तुत किये
01:48इन गीतों में एक नाम सबसे ज़ादा चर्चा में रहा
01:51अजखूने जवाने वतन
01:53यह इरान का एक प्रस्त देशभक्ती गीत है
01:56जो मात्र भूमी और देश के लिए बलिदान देने वाले युवाओ को समर्पित माना जाता है
02:02वीडियो यूट्यूब पर अप्लोड हुआ और देखते ही देखते लाखों लोग तक पहुँच कया
02:08कई लोगों ने इसे कला, सास और अभी व्यक्ती की स्वतन्तता का प्रतीग बताया
02:14लेकिन इरानी अधिकारियों की नजर में ये मामला कुछ और था
02:17इरान में महिलाओ के लिए सारवजनिक स्थानों पर हिजाब पहना निवारे है
02:22इसके अलावा महिलाओ के पुरुषों की मिश्रित ओडियंस के सामने
02:26एकल प्रस्तुती देने को लेकर भी सक्त नियम लागू है
02:30ओनलाइन पब्लिश कंटेंग भी सरकारी निगरानी और सेंसर्शिप के दाइरे में आती है
02:36अधिकारों का आरोप है कि परस्तु एहमदी की प्रस्तुती ने नियमों का उलंगन किया है
02:4118 जून 2026 को कोंपरान्त की अपरादिक अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया
02:48अधालत ने परस्तु एहमदी, दो मुख्य संगीत कारों और प्रोडक्शन टीम के 6 सदस्यों समेत कुल 9 लोगों को 74
02:57-74 कोडों की सजा सुनाई है
03:00इसके साथ ही 2 साल तक देशोडने पर प्रतिबन और 2 साल तक किसी भी कलात्म गतिविधी में सलेने पर
03:07रोग भी लगा दी है
03:09अदालत ने सारवजनेक नेतिकता के उलंगन और कथित रूप से नेतिक समागरी प्रकाशत करने से जुड़े प्रवधानों के तहट के
03:18फैसला सुनाया है
03:19हाला कि इस फैसले के खिलाफ अपील का रास्ता भी खुला हुआ है
03:23परस्तु हैमधी का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है
03:26साल 2022 में महसामीनी की मौत के बाद जब पुरे रान में वुमिन लाइफ प्रीडम अंदोलन शुरू हुआ था
03:33तब परस्तु ने खुल कर उसका समर्थन किया था
03:38महसामीनी वे बाईस्वर्ष ये इरानी कुर्द महिला थी जिनकी हिरासत में मौत ने पूरे रान को हिला दिया था
03:44उनकी मौत के बाद महिलाओं के अधिकारों और अनिवार्य हिजाब कानून के खिलाफ बड़े पेमाने पर प्रदर्शन हुए थे
03:52इसी दौर में परस्तु महिला की अभी व्यक्ति की स्वतंतता की एक प्रमुक अवाज बनकर उभरी और ये पहला मामला
03:59भी नहीं है जब बिना हिजाब किसी महिला को सक्त सजा का सामना करना पड़ा हो
04:042024 में कुर्द महिला अधिकार कारे करता रोया हैश्मती को सोशल मीडिया पर बिना हिजाब तस्वीर पोस्ट करने के कारण
04:14गिरफतार किया गया था
04:16बाद में उन्हें भी 74 कोड़ों की सजा सनाई गई और अंतराश्ट्र मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये सजा लागू भी
04:22की गई
Comments