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Iranian singer Parastoo Ahmadi has been sentenced to 74 lashes after performing without a hijab in a viral concert video. The performance featured the patriotic song “Az Khoone Javanan-e Vatan,” sparking a global debate over women's rights, freedom of expression, and Iran’s strict hijab laws. Human rights groups have criticized the verdict, while Iranian authorities defend it under public morality regulations. Watch the full report for all details.


ईरान की 29 वर्षीय गायिका परस्तू अहमदी को बिना हिजाब एक संगीत प्रस्तुति देने के मामले में 74 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। इस प्रस्तुति में उन्होंने प्रसिद्ध देशभक्ति गीत 'अज खूने जवाने वतन' गाया था। अदालत ने इसे सार्वजनिक नैतिकता के उल्लंघन का मामला बताया है, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने फैसले पर सवाल उठाए हैं। क्या एक देशभक्ति गीत भी उन्हें सजा से नहीं बचा पाया? जानिए पूरा मामला इस रिपोर्ट में।

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Singer Parastoo Ahmadi कौन हैं? Hijab के बिना गाने पर मिली 74 कोड़े खाने की सजा, 2 साल तक देश में 'कैद'! :: https://hindi.oneindia.com/trending/who-is-singer-parastoo-ahmadi-iranian-youtuber-influencer-sentenced-to-74-lashes-hijab-controversy-1590805.html?ref=DMDesc

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Transcript
00:00क्या इरान में एक महिला के लिए देश भक्ती सिरफ हिजाब का मोहताज है?
00:06क्या इसलाम में वतन परिष्टे के नगमे गाने की भी इजाजत नहीं है?
00:11क्या किसी महिला को इसलिए 74 कोड़े मारे जा सकते हैं क्योंकि वजो क्यामरे पर देश भक्ती गीत का रही
00:18थी
00:18और उसने हिजाब नहीं पहना था
00:20हम बात कर रहे हैं 29 साल की सिंगर परस्तु एहमदी की
00:25जो अपने देश के लिए गीद का रही थी
00:28लेकिन आच चर्चा उनके देश भक्ती की नहीं बलकी उनके बिना हिजाब होने की है
00:33इसलामिक कानूनों वाले इरान में उन्हें 74 कोडों की सजा सुनाई गई है
00:38सवाल यह है कि आखिर अदालत की नजर उस देश भक्ती गीद पर गई
00:43या फिर उस महिला के सिर्फ पर ना होने वाले हिजाब पर
00:47नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक और आज हम बात करेंगे कैसे मामले की
00:52जो इरान में महिलाओ की अजादी, हिजाब कानून और अभी व्यक्ती की स्वतंतरता पर एक बड़ी बहस छेर रहा है
01:00आखिर कौन है यह परस्तु है मदी
01:02इरान की एक स्वतंतर गायका, संगीतकार और फिल्म डारेक्टर उनका जन्म 21 मार्च 1997 को इरान के नौशहर शहर में
01:11हुआ था
01:12परस्तु होने सूर इंटरनाशनल उनिवर्सिटी से फिल्म डारेक्टर की पढ़ाई के बाद संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई
01:20लेकिन आज परस्तु अपने संगीत की वज़ा से नहीं बल्कि एक अदालत के फैसले की वज़ा से दुनिया भर की
01:27सुर्ख्यों में है
01:28पूरा मामला दिसंबर दोजार चॉबिस से जुड़ा है परस्तु एहमदी ने दायरे सचिन कारवा से राई नामक इतिहासिक स्तल पर
01:37एक संगीत प्रस्तुती रिकॉर्ड की
01:39लगबग 27 मिनट लंबे इस वीडियो में वे बिना हिजाब नजर आई और चार पुरुष संगीत कारों के साथ कई
01:47गीत प्रस्तुत किये
01:48इन गीतों में एक नाम सबसे ज़ादा चर्चा में रहा
01:51अजखूने जवाने वतन
01:53यह इरान का एक प्रस्त देशभक्ती गीत है
01:56जो मात्र भूमी और देश के लिए बलिदान देने वाले युवाओ को समर्पित माना जाता है
02:02वीडियो यूट्यूब पर अप्लोड हुआ और देखते ही देखते लाखों लोग तक पहुँच कया
02:08कई लोगों ने इसे कला, सास और अभी व्यक्ती की स्वतन्तता का प्रतीग बताया
02:14लेकिन इरानी अधिकारियों की नजर में ये मामला कुछ और था
02:17इरान में महिलाओ के लिए सारवजनिक स्थानों पर हिजाब पहना निवारे है
02:22इसके अलावा महिलाओ के पुरुषों की मिश्रित ओडियंस के सामने
02:26एकल प्रस्तुती देने को लेकर भी सक्त नियम लागू है
02:30ओनलाइन पब्लिश कंटेंग भी सरकारी निगरानी और सेंसर्शिप के दाइरे में आती है
02:36अधिकारों का आरोप है कि परस्तु एहमदी की प्रस्तुती ने नियमों का उलंगन किया है
02:4118 जून 2026 को कोंपरान्त की अपरादिक अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया
02:48अधालत ने परस्तु एहमदी, दो मुख्य संगीत कारों और प्रोडक्शन टीम के 6 सदस्यों समेत कुल 9 लोगों को 74
02:57-74 कोडों की सजा सुनाई है
03:00इसके साथ ही 2 साल तक देशोडने पर प्रतिबन और 2 साल तक किसी भी कलात्म गतिविधी में सलेने पर
03:07रोग भी लगा दी है
03:09अदालत ने सारवजनेक नेतिकता के उलंगन और कथित रूप से नेतिक समागरी प्रकाशत करने से जुड़े प्रवधानों के तहट के
03:18फैसला सुनाया है
03:19हाला कि इस फैसले के खिलाफ अपील का रास्ता भी खुला हुआ है
03:23परस्तु हैमधी का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है
03:26साल 2022 में महसामीनी की मौत के बाद जब पुरे रान में वुमिन लाइफ प्रीडम अंदोलन शुरू हुआ था
03:33तब परस्तु ने खुल कर उसका समर्थन किया था
03:38महसामीनी वे बाईस्वर्ष ये इरानी कुर्द महिला थी जिनकी हिरासत में मौत ने पूरे रान को हिला दिया था
03:44उनकी मौत के बाद महिलाओं के अधिकारों और अनिवार्य हिजाब कानून के खिलाफ बड़े पेमाने पर प्रदर्शन हुए थे
03:52इसी दौर में परस्तु महिला की अभी व्यक्ति की स्वतंतता की एक प्रमुक अवाज बनकर उभरी और ये पहला मामला
03:59भी नहीं है जब बिना हिजाब किसी महिला को सक्त सजा का सामना करना पड़ा हो
04:042024 में कुर्द महिला अधिकार कारे करता रोया हैश्मती को सोशल मीडिया पर बिना हिजाब तस्वीर पोस्ट करने के कारण
04:14गिरफतार किया गया था
04:16बाद में उन्हें भी 74 कोड़ों की सजा सनाई गई और अंतराश्ट्र मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये सजा लागू भी
04:22की गई
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