00:00मुद्धों पर सबसे ज्यादा बात होनी चाहिए एक रफली डेटा मैं भी चेक कर रही थी मैंने आपका वो वीजो
00:05भी देखा जुसमें एक पेरिट एक मा पहुँची थी किसी बच्चे की जिनका बेटा ग्राजुएशन में था लेकिन उनका कहना
00:11था कि वो चब चीज हमारे
00:13घर में हो जाएगी तब क्या हम इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे तो इसी दौरान मैंने एक डेटा पढ़ा अभी जो
00:17एक महीने में है जिन बच्चों ने मौत को गले लगा लिया है इसी परिक्षा इसी पेपर लीक से दुखी
00:22होकर डिप्रेस्ड होकर वो संख्या तो ल
00:43बासट हजार से ज्यादा बच्चों ने मातर चार साल में मौत को गले लगाया है इस पर आप क्या कहेंगे
00:47शिविंद्र जी
00:49फैर जाटियका अब कहते है ना जिसके हाथ पे चिंगारी गिरती है उसकी जलन दो जानता है जूसरों के लिए
00:57होता है तो चिंगारी गिरी यह क्या होगा
00:59लेकिं निचा हम आप सब घर में रहते हैं कभी चाई बनाते समय कभी किसी की जड़ों में आग जिलाते
01:06समययं
01:06आज किमितारी गिरी है तो हम उसका दर्थ पता होता है
01:09जब जिसके घर का चिराग बुषता है
01:14जिसने अपने बेटे को
01:16कहते हैं पालों के पूठ तो पूजों के भूठ
01:19यह कहा बता हमने सुनी होगी
01:21जैनि कि जिसके बच्चे जब पलते हैं
01:24तो जब वो चोटे से बच्ची हो, बच्चा हो, उसको बुखार होता है, तो वो जो है इलाज किराने के
01:30लिए दाक्टरों के आगे हाथ पैर जोडते हैं, पैसे खर्च करते हैं, सब कुस्दाओं से लगा देते हैं, एक बच्चा
01:35एक साल, दो साल, तीन साल, शे साल, अज़ ज
01:51साल का 18 साल का 22 साल का युवा बनाते हैं, तहां कहां से बचाया होता है, उसको बिचारे, इस
01:58मजार, उस मंदिर, उस पंत्रे को उसके पास भी मत कर देखते हैं, गंडा तावीज भी बनाते हैं कि कुछ
02:04भी हो जाए मेरे बच्चे को पुछना हो, और जब उनके पास उन ब�
02:13जो बच्चे की लाग इठानी होती होगी, तो उसको बही माभाब बया कर सकते हैं, हमाब बया नहीं कर सकते
02:20रिचार, वो बहुत ही ददनाक होता है, 20 साल बच्चा कोई पाले, उसकी सहेच करे, उसके लिए गंडा तावीज बनाए,
02:30दबाए कराए, सब कुछ उसकी जिन्द
02:35भर की कमाई उसकी पढ़ाई में लगा दे, घर गिर्मी डाल दे, उसको बाग कर दे, उसके बाद में, उसके
02:41हाथ में उसकी बेटी की, उसके बेटे की लास आ जाए रिच्चा, इसको बया मैं तो नहीं कर सकता, विचार,
02:49बिलकुल शिवेंद जी आपने जो भी बाते कहीं,
02:53अगर ये सुनकर भी सिस्टम की आखे नहीं खुल रही है, उन परिवारों से पूछिए, जब से मैं हमने ये
02:58लाइव शुरू की है, हमने सबसे पहले उसी डेटा पर बात की, कि सिर्फ एक महीने में, सिर्फ इस पेपर
03:04लीग के वज़े से, सिर्फ इस एक नीज की लीग के �
03:0712 से 14 बच्चों ने अब तक बहुत को गले लगा लिया है, और बिल्कुल उन परिवारों से क्या सरकार
03:13ने संपर्क साधा है, क्या संपर्क में सरकार ने जाने की कोशिश की है, कि वो परिवार किस इस्तिथी में
03:19है, जब उनके घर का उनका बेटा, उनका बेटी अब इस द�
03:34तक बैठने के काबिल बनाती है, और फिर आता है सरकार और सिस्टम को संपर्क रखर ना है, उसकी वज़े
03:42से पेपर लीक हो जाता है, उसके बाद आता है, सरकार की नोटेंग की शुरू हो जाती है, Instagram की
03:49तो पार्टी है जो प्रोटेस्ट करिए, यह बंद करेंगे टेलीग्
03:52तो क्या टेलिग्राम बंद करने से पेपर लीग बच जाएगा जब टेलिग्राम नहीं था तो अब तब क्या पेपर लीग
03:58नहीं होता था देश में
03:59वीपिय नहीं है क्या दूसरे साइट्स नहीं है क्या इन से ज्यादा बुद्धी वाले तो वो वो लोग हैं जो
04:04पेपर लीग करा रहे हैं शिवेंद जी के टेलिग्राम बैंक करना सरकार सरकार के सिस्टेम पर रोग पाएगा
04:11मैं एक कड्स सुप्रिम पोट के वकील के पास जाने माने है वकील है वह लिए तो तो तब होगा
04:32तब होगा तब ही तो कोई बालेगा बाई
04:35बिल्कुल पेपर लीक अगर करना होगा तो उसके 50 सादन है रातो रात आज भी चला जाएगा दूसरे तमाम है
04:42मैसेजिंग आफ मैं नाम नहीं लेना चाहता देखिए उन्होंने किलियर कहा और उनकी वासे में सहमत भी हुआ उन्हें का
04:49जब हम कुछ कर नहीं पाते हैं तो करत
05:28करना चाहते हो यानि कि सरकार एकस दिखाना चाहती है लेकिन करना ही पा रही है तो यहीं सवाल मैं
05:34कहूंगा
05:35अगर मुझे माप करें सरकार के लोग भी सुन रहो तो मुझे यह एकसिन जो सवाल आपने पूछा है यह
05:42मुझे उस बंदर की तरह लगता है जो इस जाल
06:12तरफिश पर आप दिल्ली से बिहार या उतर प्रदेश जाने वाली किसी भी ट्रेन को अगर आप देख लीजेगा नहीं
06:18दिल्ली स्टेशन पर याननद वी आपने कहीं कवरेज किया है शिवेंजी खुद स्टेशन पर जाकर तो उन ट्रेनों की क्या
06:22सिति होती है लोग एक पर
06:25एक दस बीस लोग चड़के खड़े होते हैं शायद हम और आप उसमें बैठकर सास भी नहीं ले सकते हों
06:30वैसी स्थी में लोग ट्रावल करने को मजबूर है कि सरकार पैसे नहीं लेती है पहले तो आप अपना बेसिक
06:35फैसिलिटी सुधार नहीं पाते हैं लेकिन बड़े ब
06:51कपड़ा मकान और शिक्षा यह चार चीज़े हैं बहुत बेसिक हैं अभी इस देश में उसमें अगर रोटी कपड़ा किसको
06:59मिलेगा चलिए रोटी कपड़ा की तो बात ही अटा दीजिए देश में अगर मुकमरी और हंगर इंडेक्स देखा जाए तो
07:04एक अलग चिंदा का
07:05विशय हो जाएगा इसके लवा कपड़ा और मकान कपड़ा और मकान सरकारी अगर दस्तावेजों पर देखे तो हर घर योजना
07:12और प्रिधार मंतरी आवास और निवास की योजना है दिखेंगी लेकिन मिलती कितनी है इसके लवा शिक्षा शिक्षा पर जो
07:18की सबसे बड़
07:19अगर कोई भी परिवार बिलो पोवर्टी लाइन है और उस परिवार वो अपने बच्चे को पढ़ाता है पाई पाई जोड़
07:25कर खेती मजदूरी करकर पढ़ाता है उसके बाद जब वो परिक्षा तक पहुशता है उसका बच्चा उसका पेपर लीग हो
07:31जाता है अब तक �
07:32उस बच्चे पर जो लाखो रुपए उस पेरिट ने खर्च किये थे वो एक मिनट में मिट्टी पलेत हो जाता
07:37है और जब वो बच्चा शिक्षा के उसका गार पर आकर फेलियर महसूस करता है फिर वो बच्चा अपने जान
07:44को भी छोड़ देता है यानि की मौत को गले लग
07:47लेता है फिर आती है सरकार की जवाब देही वहाँ पर सरकार मूख दर्शक बन जाती है क्या सरकार को
07:52खबर नहीं हो रही होगी कितने बच्चों ने कितने परिवार हैं जो इस पेपर लीक के वज़े से सफर कर
07:57रहे हैं क्या एक शिक्षा मंतरी उन 15-14 बच्चों के आगे ज
08:15दिमदारी लेनी नहीं चाहिए ये कौकरोच क्या गलक मांगे कर रहे हैं सिर्फ चीखने चिलाने से नहीं होता है अगर
08:22आप ध्यान दीजिएगा सरकार का ही ये फेलियर है जो अब तक सरकार को जो काम खुद करना चाहिए उस
08:28काम को करवाने के लिए आज हजारों यूवा �
08:31जंतरमंतर पहुंचे हैं और वीज्वल्स जो आप अभी थोड़ी देर में प्रोटेस्ट शुरूओ अनवाला है जो भी नए दर्शक हमारे
08:39साथ जूट रहे हैं उन दर्शकों को हम बता दें कि बिल्कुल हम लाइफ दिखा रहे हैं आपको इस वक्त
08:43जंतरमंतर का प्रोट
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