00:00जो आदमी अकेले पंसे खबराता है उसका बड़ा शोशन होता है
00:04उसकी बाहा मरोडी जाती है उसको यही धमकी देखे कि जादा नाटक करोगे तो अकेले छोड़ दिये जाओगे
00:09अच्छा अपने दम पे जीएगी अपने हिसाब से चलेगी बढ़ापे में अकेली मरेगी
00:16और आप ऐसे होते हैं उई मां हाई मैं अकेली रह जाओंगी
00:20जिसने अकेले पंसे खबरा न छोड़ दिया उसके लिए मुक्ते के दर्वाजे खुले
00:24जो अकेले पंसे डरता है वो सामाजिक गुलाम बनेगा बस
00:29घाटियों में तुमने परेटकों की भीड बहुत देखी होगी
00:32शिखरों पर कितने होते हैं
00:34दर्वारों में तुमने सैकडों की भीड देखी होगी
00:36सिंगासनों पर कितने होते हैं
00:39और अन्त में जब मरने जाओगे तो इतनों को इकठे लेके मरोगे, तब भी अकेले ही मरोगे, जो अकेले पन
00:48के साथ है, एकदम सहज हो जाता है, वो आदमी फिर बहुत आगे तक जाता है.
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