00:08४ुछ कलाकार अभिनय करते हैं ४ुछ किरदार निभाते हैं ४ुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने दर्द को ही कला
00:19बना देते हैं
00:21हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा नाम है जिसकी आखों में छुपा दर्द आज भी लाकों दिलों को छूजाता
00:29है
00:30उन्हें दुनिया ने ट्रेजेडी क्वीन कहा लेकिन उनके भीतर एक शायरा, एक प्रेमिका और एक बेहद अकेली स्त्री भी थी
00:39यह कहानी है मीना कुमारी की
00:48एक अगस्त 1933 को मुंबई में जन्मी महजबी बानों आगे चलकर मीना कुमारी बनी
00:54घर की आर्थिक स्थिती मजबूत नहीं थी
00:58कहा जाता है कि बहुत छोटी उम्र में ही उन्हें फिल्मों में काम करना पड़ा
01:04जिस उम्र में बच्चे खिलोनों से खेलते हैं
01:08उस उम्र में महजबी कैमरे की रोशनी के सामने खड़ी थी
01:13धीरे धीरे बाल कलाकार से वे हिंदी फिल्मों की नाईका बन गई
01:221952 में आई फिल्म बैजू बाबरा ने मीना कुमारी की किस्मत बदल दी
01:28दर्शकों ने पहली बार महसूस किया कि यह अभिनेत्री केवल सुन्दर नहीं
01:34बलकि भावनाओं की अद्भुत कलाकार है
01:381924 में उन्हें पहला फिल्म फेर बेस्ट आग्प्रेस पुरसकार मिला
01:43और इसी के साथ शुरू हुआ एक स्वर्णिन सफर
01:53मुझे चोटी बूबू ते सथे बहुत के सबसे बड़ी ताकत थी
02:01चिंता सन्यम प्रसाद रखते हैं उनके सांगे
02:06हमारे यह शुदा दुलाल का प्रसाद ही और पुरा सिनेमा और खामोश हो जाता था
02:11उनके चेहरे की उदासी और आखों के लिए कि बारे में मत शर्माना है
02:17नहीं तो बुरा मानूं दिमागा
02:20और वो सप्तान साथ अहां है
02:22नाम लाँ प्रसाद आपने नहीं करती थी
02:24वह किर्दार को जीती थी
02:28उनकी सबसे बड़ी ताकत थी
02:30वह कि अपने दोस्तों के साथ चला गया
02:32यह वह जबद़ दोस्ति अपने साथ ले गए
02:33सिर्फ नजरे जुका लेती थी
02:37और पूरे सिनेमा और खामोश हो जाता था
02:41उनके चेहरे की उदासी और आखों की नवी
02:45तंबादों से कहीं ज्यादा असर करती थी
02:52गच फिल्म निर्देशत, पठकता लेखत और उर्दू कवी कमाल अमरोही उनका असली नाम सेयद अमीर हैदर कमाल नकवी से विवाह
03:01किया
03:01शुरुआत में यह रिष्टा बेहत खुबसूरत था
03:05लेकिन समय के साथ दूरिया बढ़ती गई
03:10शोहरत तो मिली
03:11मगर सुकून नहीं
03:14यहीं से शुरू हुआ वह अकेलापन
03:17जो जीवन धर उनका पीछा करता रहा
03:22आइना भी अब सवाल करता है
03:24चहरे पर यह मलाल क्यों है
03:26मैं हस तो देती हूँ दुनिया के लिए
03:29पर अंदर इतना बवाल क्यों है
03:38बहुत कम लोग जानते हैं कि मीना कुमारी एक बहतरीन शायरा भी थी
03:44वे नाज नाम से शायरी लिखा करती थी
03:48उनकी नस्मों में दर्ग, तनहाई और अधोरी मोहबबत की छलक साफ दिखाई देती है
03:55तनहाई ने आज फिर दस्तक दी है
03:57मैंने चुपचाप दर्वाजा खोल दिया
04:05पाकीजा केवल एक फिल्म नहीं थी
04:08वह मीना कुमारी का सपना थी
04:12फिल्म कई वर्षों तक बन दी रही
04:15जब यह रिलीज हुई
04:16तब तक बीमारी उनके शरीर को कमजोर कर चुकी थी
04:21लिवर सिरोसिस ने उन्हें घेड लिया था
04:2431 मार्च 1972 को
04:28महस 38 वर्ष की उम्र में
04:31भारतिय सिनेमा की यह अमर कलाकार दुनिया को अलविदा कह गई
04:40मीना कुमारी आज हमारे बीच नहीं है
04:45लेकिन उनकी आवास
04:47उनकी शायरी
04:49और उनके किरदार
04:51आज भी जीवित है
04:53वह सिर्फ प्रेजडी क्वीन नहीं थी
04:56वह भारतिय सिनेमा की संबेदंशील आत्मा थी
05:01मीना कुमारी को हमारी विनमर श्रगधांजली
05:04मीना कुमारी केवल दर्शकों की ही नहीं
05:08बलकि फिल्म समीक्षकों की भी चहेती अभिनेत्री थी
05:12उनके असाधारण अभिनय को कई प्रतिष्ठित पुरसकारों से सम्मानिक किया गया
05:18साल 1954 में फिल्म बैजू बावरा के लिए
05:22उन्हें फिल्म फेर बेस्ट अक्ट्रेस का पहला पुरसकार मिला
05:25इसके साथ ही वे फिल्म फेर बेस्ट अक्ट्रेस पुरसकार जीतने वाली पहली अभिनेत्री बन गई
05:32इसके बाद परी नीता, साहिब बीबी और गुलाम तथा काजल जैसी फिल्मों के लिए भी उन्होंने सर्वश्रिष्ट अभिनेत्री का फिल्म
05:42फेर अबोर्ड अपने नाम किया
05:44लेकिन उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्स है, जिसे आज तक बॉलिबुड इतिहास में बड़े सम्मान से याद किया
05:52जाता है
05:53साल 1963 के फिल्म फेर अबोर्ड में बेस्ट अक्ट्रेस श्रेणी के तीनों नामांकन केबल मीना कुमारी के थे
06:00साहिब बीबी और गुलाम आरती और मैं चुप रहूंगी
06:05यहाँ उपलब्धी आज भी भारतिय सिनेमा के इतिहास की सबसे दुर्लब उपलब्धियों में तिनी जाती है
06:14यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि उस दौर में अभिनय की दुनिया में मीना कुमारी का कोई सानी
06:20नहीं था
06:27Unhomne Shoharat Dekhi
06:29Unhomne Mohabbat Dekhi
06:31Unhomne Tandhai Dekhi
06:34Lekin In Sabke Veech Unhomne Duniyahko Aisah Abhinay Diyah
06:39Jisay Bhulana Namunkin Hai
06:41Aaj Bhi Jab Unki Aakho Me Chhipa Dard Pardae Par Dikhai Deta Hai
06:46Toh Lagtas Hai Maanon Sumayi Thheher Gaya Ho
06:49Meena Kumari Chalhi Gai
06:52Lekin Unhaki Muskan, Unhaki Shairi
06:55Or Unhaki Adakari Hemesha Zinda Rahe Ghi
06:59Prajedi Queen Ko Shakshak Naman