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Transcript
00:00काम करएंगी बड़ी आई काम करने वाली
00:04कितना कमा लेती हो?
00:05कितना कमा लेती हो?
00:0640,000 ?
00:07हमारे ये तो लाख पाते हैं
00:09अरे हमारे इनकी तो सैलरी ही लाख से उपर है
00:13और 2-3 लाख नीचे से?
00:15तुम क्या पाती हो दीदी ?
00:17तुम्हारे ये नीचे से उपर से जो भी पाते हैं तुम क्या पाती हो और जो काम करना है लड़की
00:22है उसको ताना मार रही होगी तुब 20-40 जारी कमाती है तुम क्या कमाती हो
00:26पर समाज ने इनकी खोपड़े में डाल दिया है कि तुम्हारा मोल्यांकन सामर्थ पर नहीं सौंदर्रे पर होगा तो सामर्थ
00:33को तो कोई वेटे जी नहीं है
00:35सुंदर दिखती रहूं उपयोगी बनी रहूं जो मुझे परंपरागत करतवे बता दिये गए उनका पालन करती रहूं बस यही उनका
00:43काम है
00:43यह समस्या उस मॉडल की है जिसने इस्तरी को धर्म में समाज में परिवार में और रिष्टे में एक बंधा
00:52बंधाया रोल दे दिया और वो रोल सदियों तक सुईकार किया जाता रहा बिना पर्खे
00:58आपने कभी पूछा भी नहीं कि यह रोल कहां से आगया आपको कहा गया इस रोल को मानना धर्म है
01:03इसको मानना संस्कृत है आपने पूछा भी नहीं कि धर्म तो हमारा वैदिक है और हमारा वेदान तो कहीं कहता
01:08नहीं कि ऐसी छवी में बंधना चाहिए इस्तरीयों को तो य
01:11ये सब ये जो चला रहे हो ये नाटक कहां से आ गया
01:13आपने कभी इतिहास में आके देखा भी नहीं कि ये जो नाटक है ये एक तरह की साजिश है जो
01:18करी गई थी
01:19और वो साजिश जब करी गई तो करी गई
01:21हजार साल बीट गए आज भी वो यथावत है
01:23ये तो गजब बात अपनी रोटी भी खुद कमा कर नहीं खा रहा
01:27उसके लिए कौन सी स्वतंतरता और फिर कौन सी मुक्ती
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