Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो यूट्यूब पर : तुम्हारा स्वाद किसी की ज़िंदगी से ऊपर है? || आचार्य प्रशांत (2026)
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #DairyIndustry #AnimalCruelty #Veganism #GoVegan #Buffaloes #MeatIndustry #CompassionForAnimals #EthicalLiving #AnimalRights #ConsciousConsumption #FoodChoices #EnvironmentalAwareness #PlantBasedLiving #Ahimsa

Category

📚
Learning
Transcript
00:00भारत चुकि दुक्त उपयोग में अगरणी है इसलिए जितना यहां से मीट एक्सपोर्ट होता है उतना शायद दुनिया किसी देश
00:09से नहीं हम कभी पहले नंबर पे रहते हैं कभी दूसरे नंबर पे किसी साल तीसरे पर आ जाते हैं
00:14पर इसी पर रहते हैं हम पहले दूसरे �
00:29पी रहे हो वो भी मैमल्स होते हैं एक महिला अगर 80 साल जीती है तो 80 साल के आधे
00:3740 साल में उसका मीनोपॉस हो जाता है उसके बाद उसकी जो पूरी रिप्रोड़क्टिव मशीनरी है उसका काम करना बंद
00:44कर देती है इसी तरीके दे भैस होती है जिस दिन वो दूद देना ब
00:51पाकी है अब उसे कौन जिलाएगा, कौन खिलाएगा, दूद तो दे नहीं रही तो जिस दिन उसने दूद देना बंद
00:57किया, उसको मेनोपॉस हो गया, उसका क्या किया जाएगा, उसको काट दिये जाएगा वही सारा मास एक्सपोर्ट होता है ya
01:03आपको लग रहा है हम इतनी
01:04अच्छे लोग हैं कि अब भेंस दूद नहीं भी देती है तो अभी हम उसको 7 साल और खिलाएंगे पिलाएंगे
01:09हम इतने अच्छे लोग हैं और काफी खिलाना भी लेना बड़ता है वो 400-500 किलो का पशू होता है
01:16मास भी रोगने की जरूरत नहीं है यह सब जो चायबाज हैं अगर इनको ही रोग दो
01:21तो मास इतना महंगा हो जाएगा कि मास की खपत अपने आप कम हो जाएगी
Comments

Recommended