जांच ने खोली परतें, फर्म के आंकड़े और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर
सवाईमाधोपुर. जिले की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा मिड‑डे मील पोषाहार अब बच्चों की थाली से उठकर सीधे घोटाले की परतें खोल रहा है। ताज़ा जांच रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि विद्यालयों तक पहुंचने से पहले ही हजारों क्विंटल गेहूं और चावल गायब हो गए। फर्म सुहानी एंटरप्राइजेज के प्रोप्राइटर पर आरोप है कि उन्होंने पोषाहार का स्टॉक खुर्दबुर्द कर कालाबाजारी की। जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025‑26 के दौरान 3536.54 क्विंटल गेहूं और 1616.44 क्विंटल चावल का स्टॉक कम पाया।
जिला रसद अधिकारी की रिपोर्ट और संयुक्त जांच दल की पड़ताल के आधार पर कोतवाली थाने में फर्म के प्रोप्राइटर संजय जैन के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई थी। पुलिस भी अब इस मामले की जांच में जुटी है। मामले में रसद विभाग के प्रवर्तन अधिकारी प्रहलाद मीणा ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। जांच में खुली पोल जिला रसद अधिकारी की रिपोर्ट और संयुक्त जांच दल की पड़ताल ने पोषाहार वितरण की पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 14 से 19 मई 2026 के बीच ब्लॉकवार गोदामों के भौतिक सत्यापन में भारी अंतर सामने आया। फर्म सुहानी एंटरप्राइजेज से प्रस्तुत आंकड़ों और वास्तविक स्टॉक में सैकड़ों क्विंटल का फर्क पाया गया। यह अंतर केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित गबन का संकेत है। हजारों क्विंटल का गबन वित्तीय वर्ष 2025‑26 के दौरान आवंटित पोषाहार का हिसाब चौंकाने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार 3536.54 क्विंटल गेहूं और 1616.44 क्विंटल चावल का स्टॉक कम पाया गया। इतना बड़ा अंतर यह साबित करता है कि बच्चों के लिए भेजा गया भोजन रास्ते में ही खुर्दबुर्द कर कालाबाजारी में बेचा गया। यह गबन सीधे उन मासूम विद्यार्थियों की थाली से रोटी और चावल छीनने जैसा है। रिकॉर्ड गायब, जवाब नहीं जांच दल ने जब फर्म से वितरण रिकॉर्ड और रसीदें मांगीं तो कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए गए। संजय जैन ने फोन पर बताया कि रिकॉर्ड ब्लॉक स्तर पर भेजे गए हैं, लेकिन प्रमाणित सूचना कभी भी शिक्षा विभाग को नहीं दी। यह स्पष्ट करता है कि रिकॉर्ड जानबूझकर छुपाए गए ताकि अनियमितताओं पर पर्दा डाला जा सके। उधर, जिला रसद अधिकारी के आदेश पर गठित संयुक्त जांच दल ने ब्लॉकवार गोदामों का सत्यापन किया। मौके पर फर्म का स्टाफ अनुपस्थित मिला और सहायक कर्मी ने बताया कि संजय जैन टोंक में गेहूं उठाव कार्य में व्यस्त हैं। इससे साफ है कि फर्म ने जांच से बचने की कोशिश की। इनका कहना है... इस मामले में जांच चल रही है। आवश्यक रिकॉर्ड लिए जा रहे है। रिकॉर्ड जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। मदनलाल मीणा, थानाधिकारी, कोतवाली
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