00:00गद्दर में भड़े हुए हैं, जब चत्ता पे थे मलाई, जितना मिले सारे मलाई, चाटली अभी सरकार में नहीं है,
00:10दूसरी जगा मलाई खने चले गए।
00:40गद्दर में भड़े हुए हैं, जब चत्ता पे थे मलाई, जितना मिले सारे मलाई, चाटली अभी सरकार में नहीं है,
00:51दूसरी जगा मलाई खने चले गए।
01:00जहां रहेगा मलाई इस्वाद लेने के लिए, मलाई चाटने के लिए उस तरह के अपना सफर जानी रखेंगे।
01:11प्रसाद नहीं होगा, प्रसाद नहीं हैं, यह सूधी बंद पता डड़े हुए हैं, बड़े ओड़फू का अदमी हैं, एक बार
01:24जेल में हिरासत में लिए थे न, जेल में कुछ सालों के लिए सरे थे हो, वो जानते हैं कि
01:31इधर उधर करेंगे तो फिर जेल के अंदर करवा
01:33देंगे, तो चलो भाई, बीजेपी के पाले में, बीजेपी के बिरे में सामील हो जाओ, आमिस्सा को तरह मैनेज कर
01:42लो, और पंड़सी मजे में चलते रहे, घर का लश्मी घर में रहे गए, मैं पंड़सी लेकर मोदी जी के
01:51हवाले चले गए,
02:00तो पूजबाक ऐसा तो आसान चीज नहीं है, मैं तो सालों से ही कहते आ रहे हैं, दोनों देशों की
02:06बीच कोई करार रहना चाहिए, कोई समझोता रहना चाहिए, कि भाई, ऐसा ऐसा करना है हमें, आप मदद करो, बांगला
02:15देशी को कहे दे, इसका मतब यह नहीं, कि बांग
02:23छुनावी एक मुद्ध बन गए, शीहासत की मुद्ध बन गए, असलियत में जो थे होी रहे गए, नया कुछ क्या
02:31हुआ, बताईए, नया हुआ क्या क्या, कुछ आईए, बांगला देशी की सरकार को यह समझोता करने के बाद, यह सारह
02:38हो सकता है, किसेने सारे हजारों में ह
02:43आदात में आई कि क्रौोग में तदात के बंगलीष यह है या नहीं आज की सरकार को यह जानकरी देना
02:50चाहिए हमें तो अतना जादा जानकरी नहीं है लेकिन के इन्दों सरकार की जरूर यह आंक्रे उनके पास रहेंगे हमें
02:57सजा करें
02:59तब पता चलेगी
02:59चला
03:05पूजबैको, पूजईनो
03:07जो भी हो
03:10उसमें आम
03:15हिंदुस्तानी हो
03:21हिंदुस्तान में हो
03:22जाए बाग्रणडस में हुँ
03:24उसमेह उट छले जाएं
03:24जहाँ भी जाएं
03:25लेकिए खूले आसमान की तले
03:30बारीज गर्मी सायनत हुए
03:33अगर किसी को हम खाली जमीन पर उतार दे
03:38तो ये एक ओमानविक होगी
03:44हिंदुस्तान की सरकार को अगर जोरत परे
03:46United Nations पर जाकर ये मुद्द उठाना चाहिए
03:51कि घुसपेटिया हमारे देश में है
03:53बंगलेश उनको बापस नहीं लेना चाहते है
03:57और खाली जमीन पर नुमेंट लैंड में और गुजार रहे है
04:02देन राग ना खाना ना पानी ये क्या हो रहे है
04:09ये क्या हो रहे है क्या हम
04:13देश चलानी की चलते आउमानविक हो जाएंगे क्या
04:20अरे अरे अरे आजमाल कासा को भी हम खिला के पिला के जिन्दे रखेते अरा वे पुश्बेक करते समाई बांगला
04:31देश की सरकास के साथ चर्चा करते हैं समझोता करते हुए जानकर देते हुए क्यूं नहीं करते
04:36दोनों देशों के पिछ क्यूं नहीं समझोता हो रहे हैं आप कोशिश कीई है हम नहीं चाहते कि बांगला देशी
04:47घुश्बेटिया हिंदुस्तन में रहे लेकिन घुश्बेटिया की नाम को हवाला देते हुए
04:57यह तो आप यह होल्डिंग सिंदा पर रखिये नहीं तो बंगला देश में भेज़िए खाली माईदान में कैसे दुनों देशों
05:05के बीच समझोता ना होने की चलते हम लोग की परिशनिया होते हैं तो इसने बंगला देश की सरकार वो
05:14आमनुविक रवाई अपनाते हैं हमा
05:23सबस्क摇। बंगला आपर τॉन स्थाव ग्या समझोता कर दो इसलिप खाली में अपनाते हैं तो आफ फेकार था� друг
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