00:00एक मा जो दो बच्चों को जनम देती है, एक पिता जो उने पहली बार गोध में उठाता है, अगर
00:06उने पता चले कि उन बच्चों से उनका कोई भी जेनिटिक रिष्टा है ही नहीं, तो उन पर क्या बीतेगी?
00:12क्या एक क्लिनिक की लापरवाही किसी का परिवार हमेशा के लिए अदला बदली कर सकती है? दरशकों, आज हम बात
00:21कर रहे हैं गुरुगराम के राहुल और मीनूरा ठौर की, जिनकी जिन्दगी में खुशी का सबसे बड़ा मौका एक खौफनाक
00:28नाइट मेर बन गया, इनकी �
00:30जिन्दगी में कुछ ऐसा हो गया जो शायद फिल्मों में भी नहीं होता। सालों के इंतजार के बाद इस साल
00:37जानवरी में उनके घर जुडवा बेटियों ने जनम लिया। परिवार खुश था लेकिन जैसे जैसे बच्चे बड़े हुए उनके नक्ष
00:44माता पिता से बिलक
01:00इंप्लांट कर दिया गया था। जी हां दर्शो को जिस मा ने उन बच्चियों को जनम दिया उनहीं से डी
01:07एने मैच नहीं हुआ। अब चलिए इस पूरे सच को बहुत क्रिस्प तरीके से डिकोट करते हैं और समझते हैं
01:13कैसे क्लिनिक किला परवाही ने चार जिन्दगिया
01:16तबाह कर दी। राहुल और मीनू ने दिल्ली के ग्रेटर किलाश मिस्थित एक आई वी एफ क्लिनिक से ट्रीटमेंट करवाया
01:23था जिसे डॉक्टर शिवानी सचडेव हैंडल कर रही थी। लाखो रुपे खर्च करने और लंबे मेंटल ट्रॉमा से गुजरने के
01:30बाद उन
01:32लेकिन एक DNA टेस्ट ने उनसे उनका बायोलोजिकल हक छीन लिया। आप सोचिये मीनू ने जिस बच्चे को 9 महीने
01:39अपनी कोक में पाला खुन पसीना दिया वो बायोलोजिकली उनका है ही नहीं। ये सीधे सीधे एक क्रिमिनल मेडिकल निकलेजिंज
01:47का मामला है जिसे लेकर
01:48अब दिल्ली कोट ने पुलिस को तुरंत F.I.R. दर्च कर देने की निर्देश दिये हैं। अब है आज
01:53जर्निलिस्ट जब मैं इस केस को देखता हूँ तो दो बड़े सवाल सामने आते हैं जिनका जवाब मिलना अभी बाकी
01:59है कि असली में इनका बच्चा गया का अगर ये
02:15बच्चों से DNA मेल नहीं खाता। दूसरा कि इन बच्चों के असली मबाप आखिर कौन है जिन बच्चियों को इस
02:22कपल ने अडॉप्ट नहीं किया बलकि जनम दिया है उनके असली पेरेंस कौन है क्या उनने पता भी है कि
02:28उनका बच्चा किसी और के घर पल रहा है और शाय�
02:44अडिया में IVF इंट्रियूस किया था तो ये एक वरदान था लेकिन आज जब देश में हजारों IVF क्लिनिक्स खुल
02:50चुके हैं तो क्या ये सिरफ एक मुनाफ़े का धंदा बन गया है
02:54IVF जैसी टिकनोलजी में लेबिलिंग, स्टोरिज और इंप्लांटेशन में 100% आक्यूरेसी चाहिए होती है
03:01यहां एक छोटी से गलती दो या तीन परेवारों की जिंदकी हमेशा के लिए तबहा कर सकती है
03:06गुरुगराम का ये केस इस बात का सबूत है कि हमारे रेगुलेटरी सिस्टम्स में कितने जादा बड़े लूप होल्स हैं
03:13और ये IVF वाले क्लिनिक्स आजकल कैसे काम कर रहे हैं ये तो सामने आ गया
03:19वरना जिस माने अपनी कोक से बच्चा जन्मा हो वो उसके साथ क्यों ही DNA टेस्ट करवाएंगे
03:26आप सोचिए कहीं ये स्कैम पिछले कई सालों से तो नहीं हो रहा
03:30IVF से कंसीव हुए बच्चों में कई बार ऐसा तो नहीं हुआ कि भाईया चीजें आगे पीछे हो गई हो
03:37मिस्प्लेस हो गया हो
03:38क्योंकि आखिरकार माने अपनी पेट से बच्चे को जन्मा है तो शक भी कभी नहीं किया होगा
03:44अब भाईया राहुल और मीनू कोट के चकर काट रहे हैं अपनी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन आप
03:50सोचिए उन दो मासूम बच्चियों की क्या गलती है
03:53जब वो मासूम बच्चियां बड़ी हो जाएंगी तो सवाल पूछेंगी लेकिन फिर भी राठ और परिवार के लिए तो ये
03:59बेहद मुश्किल धिन है
04:00ये लड़ाई सिर्फ उनकी ही नहीं है बलकि उन लाखो कपल्स की है जो टेकनोलोजी पर भरोसा करके अपने सपने
04:07उनके हाथ में सौम देते हैं
04:09मेडिकल अडवांस्मेंट ज़रूरी है लेकिन जब तक स्ट्रिक्ट लॉज और स्ट्रिक्ट ऑडिट्स नहीं होंगे तब तक ऐसी लापरवाही किसी ना
04:16किसी परिवार की जजबात का कतल करती रहेगी
04:19आपकी इस बारे में क्या रहे हैं हमें कॉमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा अब देख रहे हैं One India मैं
04:24हूँ आखर रिश्का होशेगा
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