00:00दिल्ली के बिशली उप्भुकताओं पर एक बहुत बड़ा और डराफना अर्थिक बोश तूटने जा रहा है।
00:30सीधे साथ से अठारा फीज़ी तक की डरावनी बढ़ातरी होगी और उनकी चेब खाली होने वाली है।
00:37सुन्य दिल्ली सरगार में मंत्री आशीश सूध मामले पर क्या जानकारी दे रही हैं।
00:41देखिए पावर परचेस एडजस्टमेंट कॉस्ट पीपी एसी यह कोई नई वेवस्था नहीं है।
00:53विजली कंपनियों को इंधन की जो कॉस्ट बढ़ती रहती है जिससे विजली प्रड्यूस होती है।
01:02उसकी एडजस्टमेंट करने की अनुमती देश के विजली कानूं में दी गई है।
01:07और आप सब जानते हैं कि पिछले कुछ महीनों से वेस्ट एशिया के कारण और बाकी परिस्थितियों के कारण इंधन
01:17की कॉस्ट बहुत बढ़ रही है।
01:20उसके चलते बिजली कंपनियों की पावर परचेजिंग अलग-अलग जगा पे एवरेज आउट करें तो पिछले महीने में 31 प्रतिशत
01:30बढ़ी थी।
01:31मगर मार्च 31 तक DERC ने सरकार के इंटर्वेंशन के कारण केवल साड़े चौदा प्रतिशत का PPAC अलाउ किया था।
01:50की गई है हमारी सरकार की पूरी तरह से प्रतिवद्धता है कि कंजूमर पर बिजली के दामों का यथा संभव
01:58असर नहीं पढ़ने देंगे सरकार इस पर निगा रखे हुए हैं मगर देश भर में देश भर में देश भर
02:08में देखिए बिजली कानूनों के चलते PPAC की कॉस्�
02:14महीने की जाती है उसी के अंतरगत पिछले साड़े चौदा प्रतिशत जो 31 मार्च तक था इंधन की कॉस्ट वेस्ट
02:23एशिया संकट के कारण बढ़ने के कारण अब इस महीने धाई 2.4 परसंट की बढ़ोतरी उसमें दी गई है
02:30यानि साड़े चौदा से बढ़कर लगभग
02:33सत्रा पॉइंट पाच परसंट के सत्रा पॉइंट नौ परसंट के आसपास गया है इसलिए हम पूरी तरह इसमें निगा रखें
02:39जंता पर इसका बोज नहीं पड़ने की सबसेदी है क्या उन पर पीपी एसी का कोई फरक पड़ेगा देश में
02:47इस समय वल्चर पॉलिटिक्स
03:01दोराना चाहता हूँ प्रधान मंत्री श्री नरेंदर मोदी जी के मार्क दर्शन में आज तक जो सबसीडी जिसको मिलती है
03:09उसके साथ सरकार खड़ी हुई है किसी कंज्यूमर को घवराने की कोई आपशक्ता नहीं
03:15रहत की बात इतनी है कि दोसु से 400 यूनिट तक खर्च करने वाले और दिले सरकार की सबसीडी का
03:21लाप लेने वाले उबहुकताओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा क्योंकि सबसीडी यूनिट पर मिलती है बिलकी रकम पर नहीं
03:27कमपनियों का कहना है कि कोईला और इंधन महंगा होने से बिजली खरीद की लागत बढ़ गई जिसे वसूलना कानूनी
03:33रूप से जरूरी है अगर ये चार्ज ना लिया चाए तो कमपनियों पर पैसे का संकटाएका
03:37हलांकि विशशक्यों का आरूप है कि बिना किसी CHE ओडिट के जनता पर ये भारी बूच टाला गया
03:43इसके लाव करीब 38,500 करोड रुप का पुराना न्यामकिय घाटा भी उपभुकताओं से वसूला जाना है जो कि भविश्य
03:52के लिए एक और बड़ा आर्थी चटका है
Comments