00:00व्यास जी उनके पुत्र थे शुकदेव और वो जन्म से ही ब्रह्म ग्यानी थे जब व्यास जी बोले कि हम
00:05जो ग्यान देने आ रहे हैं कि इसको दे तो लोग उने घागे आपकर जो बेटा है सबसे सुपात्रत होई
00:22है उसको इदर उतर है तो गड़ ढूंडने उनको कहीं मिल
00:25नहीं थे तो उनने कपड़े लगते सब बच्पन से ही त्याग रखे थे तो यह अग्दम युवा हो गए थे
00:29लेकिन रहते पूरे नंगे थे तो वहां अंदर महिलाइन आ रही तलाब में वही नंगी थी लेकिन वहां से वो
00:34शुक्देव दोड़ते हुए निकल गए महिला
00:55क्याते दोनों आगया बोलते बात बताओ अभी वह निकला है वह जवान भी है और नंगा भी था उसको देखके
01:01तुम लोगों को जरांतर नहीं पड़ा तुम लोगों ने ऐसे करा जैसे कि कुछ वही नहीं और मैं आया हूं
01:05बुढ़ा आदमी और कपड़े ही मैंने पैन र�
01:23अल्क्षन होता है वह प्रक्रति के अंदर अंतर करना चोड़ देता है जैसे वह गोरे-काले का मीरीव के अंतर
01:30नहीं कर सकता वैसी उस त्री पुरुष का अंतर नहीं कर सकता
01:33है
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