00:05My purpose is that my children will be a world class of golfers.
00:126 children have been in the slum golfers.
00:18I have been in Paris and Europe.
00:23I have been in Paris and Europe.
00:32Golf is a game.
00:34The country of Mumbai, the golf coach,
00:37Suresh Mhebubadi, has thought about golf.
00:41This is a place where the children of the school,
00:44the children of the school,
00:46the kids, the gas pipe,
00:49and the plastic bags.
00:52They have a new story.
00:59They have a new story.
01:00And these stories are very important.
01:03When I was beginning to get the people,
01:06they all knew about golf.
01:08They have not only the best you can find.
01:08But now, the bring of golf club is constellation.
01:13The second time we have been a school of golf.
01:22ुरेश और उनकी टीम को एक गॉल्फर ने यूट्यूब पर देखा
01:282018 में पैरिस में वर्ल्ड अर्बन गॉल्फ कप में हिस्सा लेने के लिए बुलाया
01:34उनके नित्रतों में भारतिय टीम ने इस प्रतियोगिता में पाच्वा स्थान हासिल किया
01:39और यहीं से स्लम गॉल्फ को पहचान मिली
01:43महबुबानी और उनकी टीम जल्द ही अमेरिका में होने वाले अर्बन गॉल्फ कप में हिस्सा लेने वाली है
01:58अगर मैं किसी ऐसे बच्चे की सिफारिस करता हूँ जो अच्छा खेलता है
02:02तो उसे तुरंट खेलने का मौका दिया जाता है
02:04चह बच्चे स्लम गॉल्फ से मुख्यधारा के खेल में आ चुके हैं
02:08मुझे भरोसा है कि भविस्य में भी यह संख्या 40 से जादा हो जाएगी
02:12यूरोप, कनाडा और अमेरिका जैसे जगहों पर दुनिया भर में अरबन गॉल्फ कप आयोजित किये जाते हैं
02:19मैंने पहले पेरिस में भारत का परतेनेदित किया और यूरोप का दोरा भी किया है
02:29कपिल देव सहित मराठी फिल्म इंडस्ट्री के कलाकार और विदेश के लोग भी सुरेश के काम की तारीफ कर चुके
02:36है
02:44कपिल देव ने खुद हमारे काम की तारीफ की है
02:47मराथी फिल्म इंडस्ट्री के कलकारों और विदेशों के लोगों ने भी हमारी कोशिशों की सराहना की है
02:53मेरा मकसद जुगी बस्तियों के इन बच्चों को वर्ल्ल क्लास गोलफर बनाना है
02:57मैं इसी दिसा में काम कर रहा हूँ
03:03लेकिन सुरेश का ये सफर यू ही नहीं शुरू हुआ था
03:071993 में जब बहबु बाड़ी स्कूल के बाद चेंबुर गोल्फ कलब के बाहर से गोल्फ देखा करते थे
03:14इससे उन्हें इस खेल में दल्चस्पी हुई
03:16लेकिन पैसो की तंगी के कारण उन्हें कलब में खेलने की इजाज़त नहीं थी
03:21फिर भी उन्होंने इस खेल को देखा, समझा और सीखा
03:26फिर दोस्तों की मदद से चेंबुर की गलियों में स्लम गोल्फ का ये रूप तयार किया
03:32जिसने उन्हें पहचान दी, नाम दिया
03:36ब्यूरो रिपोर्ट, ETV भारत
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