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00:01यह देखो इतने में खुश हो गया
00:09तुम्हारी खुशी तुम्हारी अपनी है
00:13यह भ्रम बिलकुल भीतर से निकाल दीजिए कि आपकी फीलिंग्स आपकी अपनी है नहीं है
00:17तुम कटपुतली हो कोई भी न चा सकता है बाहर से
00:30आपकी एक एक फीलिंग किसी सामाजिक मूवी से आ रही है
00:34उस मूवी का नाम परिवार हो सकता है, परिवेश हो सकता है, धर्म हो सकता है, मेडिया हो सकता है
00:40और अब वो मूवी आपको भीतर से नियंतरित करेगी
00:44वो मालिक बन गई आपकी आप गुलाम हो गए
00:47तुम्हारा अपना कोई हिसाब है कहां
00:49तो फिर ऐसा क्यों होता है
00:51थोड़ा खुद्रापन बेचैनी सी अंदर होती है
00:53जब आप सोने जाते हो तो मन उदास होता है
00:56लोलनीने थोड़ा चड़ पे होता है
00:57यही तो बात है ना
00:59हमारी गुलामी कितनी गहरी है
01:01हमारा सुख तो संसकारित है
01:03हमारा दुख भी संसकारित है
01:05यह दिल नहीं है हमारा
01:07यह धर्मशाला है
01:08यह कबूतर खाना है
01:10तो फिर अपने फैसले कैसे लें
01:12अपने फैसले लेने के लिए पहले
01:18ना श्काराचार जी
01:19मेरा नाम अमंचाना
01:20तो basically as a student
01:22we intend to suppress our feeling
01:24हम यह सोचते हैं, long term में सोचते हैं
01:26कि हम अभी के time अपनी जो feelings हैं
01:29जो भी हैं, उसको हम suppress करेंगे
01:30इन से let's say
01:32passion में, relationship में, किसी भी चीज में
01:34तो हम अपने feelings तो
01:36suppress करने कोशिस करते हैं, और किसी
01:38big aims की तरह हम बढ़ते रहते हैं
01:40लेकिन फिर उस चक्कर में
01:42जब हम conflict तो चलते ही रहता है
01:44मारे internal, एक hollowness
01:46create हो जाती, और फिर
01:48वो दुखी मन से, loneliness में
01:50अकेले अकेले, हम वही
01:52करते रहते हैं फिर
01:58मन करता है
02:00कि मज़े करें
02:03लेकिन treasure रहता है
02:04कि पढ़ाई करो, यही
02:06खुल में लाकर कह रहे हैं ना
02:08feeling कह रही है
02:10कि चलो मज़े करते हैं
02:14लेकिन
02:17society, responsibility
02:18discipline यह सब
02:21कह रहे हैं कि चलो
02:22पढ़ाई करो
02:27यहां तक तो ठीक बताया है
02:28कि ऐसा होता है
02:31पर जो problem
02:33statement ही है
02:35उसके description
02:37में ही एक छोटा सा
02:39error हो गया है
02:41error यह है कि
02:42यहां तक ठीक बता दिया
02:45कि
02:47responsibility, duty, discipline
02:52यह सब तो
02:53बाहर से आप पर enforce होता है
02:59यह सब तो बाहरी चीज़े हैं
03:01यहां नहीं आपको अपने
03:03future का ख्याल रखना है
03:07थोड़ा ambitious बनी है, कुछ करके
03:09दिखाई है, यह सब आपको बाहर से आगया तो आप कह रहे हों कि
03:12इसका पालन करना ही पड़ता है
03:16पर जो दूसरी चीज़ थी
03:18उसके बाहर में आपने कह दिया कि
03:19वो बाहर से नहीं आई है, वो तो अपनी है
03:24इन्होंने जिस शब्द का प्रयोक किया
03:26वो था हमारी feelings
03:29हमारी feelings
03:31तो tasks, targets,
03:34responsibility, discipline
03:37इसको तो हम मान रहे हैं
03:39अभी मैं आपका जो problem statement है
03:41मैं उसको ही investigate कर रहा हूँ
03:45टास्क, target,
03:48responsibility,
03:50discipline
03:52इन सब चीज़ों को तो हम मान रहे हैं कि ये
03:55external है
03:57किसी ने बाहर से हमारे उपर डाल दी है
04:00ठीक है ना
04:02institution ने कहा है
04:03कि आपको पढ़ाई करनी है
04:05इतनी CGPA लानी है
04:06CGPA सिस्टम ही आपके इतनी CGPA लानी है
04:10इतनी departmental rank रखनी है
04:12parents ही कुछ expectations है
04:15वो पूरी करनी है
04:17एक peer group है
04:19उसके भी standards है
04:21उनके साथ चलना है
04:23तो ये सब चीज़ें बाहर ही हैं
04:25हमको इतना दिख जाता है
04:27क्योंकि आपको पता है कि आपका करिकुलम आपने नहीं सेट करा किसी बाहर वाले ने आपका करिकुलम सेट करा है
04:33आपको ये भी दिखता है
04:34मुबाइल पर आप घर पर फोन करते हो
04:37मामा से
04:38वो आप से बोलती है बेटा हमें तुम से बहुत उमीदे हैं
04:41अब तुम वहां पहुँच गए हो
04:42तो आप कुछ करके दिखाना नाम रोशन करना वगरा
04:45तो वहां भी आपको सपष्ट हो जाता है
04:47कि वो जो फोन पर आवाज आ रही हो बाहरी है
04:49मेरी नही है
04:52क्लासरोम में
04:53प्रोफेसर की आवाज भी साफ दिखाई दे जाता है
04:55वो वक्टि है वो बाहरी है
04:57वो अलग है वो सामने खड़ा है
04:58वो मैं नहीं हूँ और मुझसे कह रहा है
05:00कि ये assignment है, ये task है, टार्केट है, ये exam है, ये submission है, इतना तुम्हें करके देना है
05:05ये सब मुझ पर बाहर से आरोपित किया गया है, impose किया गया है, दिख जाता है
05:12मम्मी कुछ कह रही है, वो भी बाहर ही है, वो भी दिख जाता है
05:17पियर्स भी बाहर ही है, अपने दोस्त त्यार, वो भी दिख जाता है
05:20पर feelings को हम क्या कह रहे हैं, हमारी अपनी है
05:25और feelings कह रही हैं, मजे करो
05:29feelings कह रही हैं, मजे करो
05:32क्या सचमुच वो फिलिंग्स आपकी अपनी है
05:37वही मुवी थी
05:40वही मुवी थी जिसमें हीरो बहुत अमीर था
05:44जब वो चलता था तो कारों का काफिला चलता था
05:47और उसके पास प्राइवेट जेट था
05:49और वही मुवी थी
05:52जिसमें वो किसी स्विस पहाड़ी पर
06:00या थाइलेंड की किसी बीच पर
06:04या अमेरिका की किसी कैसीनों में मजे भी कर रहा था
06:10वो एक ही मूवी है
06:14वोही मूवी है जिसने आपको बताया कि जिन्दगी में
06:17आपको बड़ा आदमी बनना है किसी MNC के साथ
06:22किसी developed country के साथ आपका नाम जुड़ा होना चाहिए
06:26वही मूवी है और उसी मूवी ने आपको बताया कि जिन्दगी इसलिए भाई की मजे मार ले
06:35उसी मूवी ने आपको बताया कि
06:39वो बंदा अब ऐसा हो गया है कि सब उसकी इज़त करते हैं सब उसके आगे सर जुकाते हैं
06:44और उसी मूवी में उस हीरो के पास एक आकरशक गल्फरेंड या वाइफ भी थी
06:54जिसको आप अपने उपर पड़ा बाहरी प्रभाव कह रहे हैं और जिसको आप भीतरी कह रहे हैं
07:13itself is flawed
07:17आपकी feelings आपकी अपनी नहीं है
07:21आपकी feelings भी आपके भीतर उसी movie ने डाली है
07:25जिस movie ने आपको सिखाया है
07:27कि भाई जिन्दगी में तरक्की कर मेहनत करके आगे बढ़ते हैं
07:31तमाम तरह की जो pop philosophy होती है
07:33वो उसी movie से आपके पास आई है
07:38ये भ्रम बिलकुल भीतर से निकाल दीजिए कि आपकी feelings आपकी अपनी है नहीं है
07:45आपकी एक-एक feeling
07:48किसी सामाजिक movie से आ रही है
07:51उस movie का नाम परिवार हो सकता है
07:53परिवेश हो सकता है
07:55धर्म हो सकता है
07:56मीडिया हो सकता है
07:58कुछ भी हो सकता है उस movie का नाम
08:03पर इंसान बड़े से बड़े धोखें में रह जाता है जब वो सोचता है कि उसकी फीलिंग्स उसकी अपनी है,
08:08नहीं है
08:11वास्तों में हमारे पास फीलिंग्स तो होती भी नहीं है
08:15फीलिंग्स तो बड़ी शुद्ध चीज होती है, प्राकृतिक एकदम
08:18हमारे पास emotions होते हैं, फीलिंग्स और emotions में अंतर है
08:24फीलिंग्स पर जब अहंकार चड़ बैठता है, फीलिंग्स को जब ego distort कर देती है
08:30तो वो emotions बन जाते हैं, हमारे पास emotions होते हैं
08:37all emotions are ego mediated and ego directed, कोई आपका emotion आपका अपना नहीं है
08:51अभी भारत में क्रिकिट का बुखार था
08:54फाइनल इसके बीच था भाई
08:58भारत और
08:59न्यूजिलेंड के बीच में
09:03आप न्यूजिलेंड में पैदा हुए होते
09:06तो फाइनल का जो परिणाम आया
09:10आप क्या पतिकरिया देते
09:12अदास होते
09:13आप उदास हो जाते हैं आपकी फीलिंग सच मुछ आपकी अपनी है या आपके महौल से आ रही है
09:19तो उनको अपना क्यों बोल रहे हैं अपना बोलते ही तुमने उदासी के लिए कारण तयार कर लिया
09:26अब आप कह रहे हैं मेरी अपनी भावना थी और वो सम्मान नहीं पा रही है पूर्ती नहीं पा रही
09:34है तो अब तो मिर पास उदास होने का वाजिब कारण है
09:37वो भावना तुमहरी है यह नहीं एक-एक भावना कंडीशन है एक-एक एमोशन इगोईग है
09:48और यही बात विचार के बारे में भी कही जा सकती है
09:52हमारे emotions, हमारे thoughts कुछ भी हमारे नहीं है
09:56हम वो सोचते हैं जो हमसे सुचवाया जाता है
10:01भाव हमारा वो है पूरा जो हमें आरूपित किया गया है
10:06implant किया गया है
10:10pure feeling
10:12जैसी कोई चीज हम जानते ही नहीं
10:16हम हसते भी हैं तो वो एक condition हसी है
10:19हम रोते भी हैं तो वो condition आसू है
10:25समस्या फिर ये नहीं है
10:27कि बाहर वाला मुझ पर हावी हो रहा है
10:30और मैं अपने दिल की नहीं कर पा रहा
10:32बहुत बार आपको ये मलाल होता है न
10:34कि दुनिया मुझ पर हावी हो रही है
10:36और मैं अपने दिल का नहीं कर पा रहा
10:39यार कब तक दूसरों के ही चलाए चलता रहूंगा
10:42मैं अपने हिसाब से अपनी जिन्दगी कब जीओंगा
10:45कई बारी अफसोस होता है ना कितनों को होता है
10:48कब तक दूसरों के ही चलाए चलता रहूंगा
10:51अपने इसाब से अपनी जिन्दगी कब जीना शुरू करूंगी
10:53यह आता है ना बड़ा विद्रोह फिर उठता है
10:59यह विद्रोह किसी काम का नहीं है
11:05क्योंकि बाहर तो आपको दूसरे संचालित कर ही रहे है
11:09वहां तक आपने ठीक पकड़ा
11:12बाहर से तो आपको दूसरे संचालित कर ही रहे है
11:16आपके भीतर भी दूसरे ही बैठे हुए है
11:20और वो दूसरे आपके भीतर बैठकर आपको भीतर से नियंत्रित करते है
11:26वो दूसरे ही हैं जो आपका भाव और आपका विचार बन जाते है
11:32आपने एक मूवी देखी और मूवी से मेरा आश है बस वही नहीं जो चीज थेटर में देखी जाती है
11:37हमारे चारों और गली महले, परिवार, समाज, व्यापार, बाजार में जो कुछ चल रहा होता है वो सब भी मूवी
11:44ही है
11:44तो मूवी से मेरा ये आश है
11:46आपने एक मूवी देखी
11:49जब मूवी शुरू हो रही है
11:50तो वो शायद बाहर है
11:53पंद्रा बीस
11:54मिनट बीटते बीटते वो मूवी
11:56अब बाहर कम है भीतर जाता है
11:58आपको क्या लगता है
12:01दो तीन घंटे
12:02जब पूरे होते हैं
12:04और परदे पर मूवी
12:06समाप्त हो जाती है
12:07तो क्या सच मूझ समाप्त हो जाती है
12:10नहीं
12:11अब वो आपके भीतर प्रवेश कर चुकी है
12:14अब आप उसे अपने साथ लेकर फिरेंगे
12:16हो सकता है जन्म भर अब आप उस मूवी
12:18को अपने साथ लेकर फिरें
12:19और अब वो मूवी आपको भीतर
12:36तो आपको बहुत अफसोस और बड़ा दुख होगा
12:39कि मैं अपने हिसाब से अपनी जिन्दगी नहीं जी पा रहा
12:42तुम्हारा अपना कोई हिसाब है का अपनी कोई जिन्दगी है का
12:51कमाम तरीके के प्रभाव भीतर घुसकर बैठे हुए है
12:57उन्ही के चलाए चल रहे हैं उन्ही के चलाए दोड रहे हैं
13:00रुकते भी उन्ही से हैं हसते भी उन्ही से हैं रोते भी उन्ही से हैं
13:05हमारा एक-एक फैसला संसकारित है प्रभावित है
13:11कंडिशन्ड है मैं अक्सर इस सवाल पूछा करता हूँ
13:15आप किसी एर पे हो परस्ट एर परस्ट एर अच्छा है बहुत जल्दी
13:22मैं पूछता हूँ अगर आपको बताया नहीं गया होता कि जिन्दगी कैसे जीनी है
13:32और फैसले कैसे लेने है अगर आपको किसी ने कभी बताया नहीं होता
13:37आपने न सुना होता न पढ़ा होता न देखा होता
13:40तो आज तक आपने जिन्दगी में जो फैसले लिये हैं
13:44क्या इन में से एक भी लेते
13:46नहीं
13:47तो बताओ कोई फैसला तुम्हारा का है
13:50तो इस बात का फिर अफसोस भी क्या करना
13:53कि मैं अपनी जिन्दगी अपने हिसाब से जी ही नहीं पा रहा क्योंकि हमारा तो अपना कोई हिसाब है ही
13:59नहीं
14:01है ही नहीं
14:03अफसोस होना चाहिए निसंदे पर इस बात का नहीं
14:07कि मैं अपनी जिंदगी अपने भावों अपनी फीलिंग्स के हिसाब से नहीं जी पा रहा अफसोस इस बात का होना
14:13चाहिए कि मेरे विचार मेरे निरणएं मेरे रिष्टे और मेरी भावनाएं ये मेरे अपने क्यों नहीं हैं इस बात का
14:25अफसोस होना चाहिए
14:27और जब ये अफसोस होना शुरू हो जाता है
14:29तो तुम पाते हो कि बाहर की कोई ताकत
14:32फिर तुम्हें नियंतरित नहीं कर पाएगी
14:35काबू में नहीं रख पाएगी
14:40आप जो भी फैसले लेते हो न
14:42चुकि वो भीतर बैठे मालिकों के होते हैं
14:45इसलिए उनमें दम नहीं होता
14:48दम इसलिए नहीं होता क्योंकि मालिक एक नहीं है
14:51भीतर मालिक भी सो बैठे है
14:52पूरी एक भीड बैठी है जो आपको अनुशासित रख रही है भीतर से
14:57और ये सो के सो मालिक आपको सो अलग-अलग दिशाओं में भेजते हैं
15:02इसलिए आपकी किसी भी दिशा में कोई दम नहीं होता
15:05आप एक दिशा में चलते हो
15:08दूसरा मालिक बोलता है विपरीत दिशा में चले जाओ
15:12आपकी दिशा रुख जाती है दिशा नहीं भी बदलती
15:16तो गति कम पड़ जाती है
15:19क्योंकि आप भीतर से ही बटे हुए रहते हो
15:21भीतर से एक होना ही विज्टम या अध्यात्म कहलाता है
15:27सौ जगह बटा हुआ नहीं हो, मेरे भीतर सौ मालिक नहीं है
15:33कि एक मालिक है भीतर
15:37कोई पुराना मेरा प्रोफेसर
15:41जो कह रहा है कि
15:43वीकेंड है रीडिंग कर लो
15:46एक मालिक मेरे भीतर कौन बैठा है
15:49मेरे दोस्त त्यार, वो कह रहे है वीकेंड है
15:50आओ बैट करके ड्रिंक्स लेते है
15:53एक मालिक मेरे भीतर कौन बैठा है
15:55जो कह रहा है चलो टीवी देख लेते है
15:59और एक है बैठा जिसने कोई इंस्टारील देख ली है जिसमें कोई बॉडी बिल्डर आया था
16:04तो वो कह रहा है चलो आओ अब वीकेंड है तो जिमिंग कर लेते हैं
16:08और आप पाते हो कि ना आप जिमिंग कर पा रहे हो ना आप रीडिंग कर पा रहे हो ना
16:12कुछ और कर पा रहे हो एक दिशा में चलते हो दूसरी दिशा आपको बुलाने लग जाती है आप कहीं
16:17के नहीं रहते हैं यह किस-किस का अनभव है वो इसी लिए है क्योंकि कोई भी दि
16:37लिए कि वो भीड़ भी एक नहीं है
16:39वो भीड़ भी लगातार
16:41बनती बिगडती रहती है
16:47जैसे एक खुली सी जगह है
16:49जिसमें कोई भी आगर के बैठ जाता है
16:51और हमारा मालिक बन जाता है
16:52अफसूस इस बात का होना चाहिए
16:54यह दिल नहीं है हमारा
16:56ये धर्मशाला है, ये कभूतर खाना है
16:59तो फिर अपने फैसले कैसे ले?
17:02पहले उनको तो खारज करो जो तुमारे नहीं है
17:06अपने फैसले लेने के लिए पहले अपना पन होना चाहिए
17:10मैं अपने फैसले लूँ, इससे पहले मुझे होना फड़ेगा
17:14कोई है ही नहीं तो
17:17पूछ रहे हो कि
17:19गाड़ी खुद कैसे चलाओ
17:20इसके लिए पहले गाड़ी में तुम्हें होना पड़ेगा
17:23तुम अभी हो कहाँ
17:25अभी तो तुम्हारी गाड़ी दूसरे चला रहे हैं
17:32पहले
17:33जो तुम्हारे वरतमान फैसले हैं
17:36उन पर ही पुनरविचार करो
17:38कुछ भी
17:40क्या मेरा है
17:41और जहां दिखने लग जाएगी
17:43ये तो पक्की बात है
17:45कि सिर्फ प्रभावों और संसकारों
17:48और दवावों पर चल रहा हूँ
17:49वहां रुकना तो शुरू करो
17:51और रुकने में कोई उर्जा नहीं लगती
17:53भागने में लगती है
17:56थमने में क्या श्रम लगेगा
17:59अध्यात्म तुम्हें और कोई
18:02उची लंबी
18:04छलांग मारने को नहीं कहता
18:06न कोई तगड़ी साधना
18:07या तपस्या करने की बड़ी जरूरत है
18:09बस जो करे जा रहे हो
18:11वो करने से बाज आ जाओ
18:12इतने ही काफी है
18:14क्योंकि आप जो कर रहे हो
18:16उसमें से आपका बहुत बहुत कम है
18:19हमारा प्यार भी
18:20संसकारित है
18:24और संसकार
18:25कोई जरूरी नहीं है कि समाज से ही आए
18:28शरीर से भी आते है
18:31आपके शरीर ने आपको
18:32बेबस कर दिया
18:33किसी की और आकरशित कर दिया
18:34आप क्यों कह रहे हो कि यह आपका प्यार है
18:37आपका थोड़ी है
18:39अभी शरीर में दूसरे हॉर्मोन से
18:41कोई इंजेक्शन लगा दिया जाए
18:43आप बिल्कुल
18:44कहोगे कोई आकरशन नहीं बचा
18:47मैं वेरागी हो गया हूँ
18:52और आपको
18:56क्या लग रहा है
18:57यह हडवड़ी इनकी अपनी है
19:00क्या लग रहा है
19:02आप सब न मौझूद हो
19:04तो इनकी हडवड़ा हट बदल जाएगी
19:07अभी इनका जो व्यवहार भी है
19:09इस मंच पर
19:10वो व्यवहार भी आपके द्वारा प्रभावित है
19:14आप चाहो
19:15तो एक वैचारिक प्रयोग करके सोच सकते हो
19:17आप में देहा कोई नहीं होता
19:18सिर्फ ये चार भाई यहां बैठे होते
19:20तो क्या ये मुझसे वही बाते करते
19:23जो अभी कर रहे हैं
19:24नहीं इनकी बाते बदल जाती है
19:26इनकी जो बाते और व्यवहार है
19:28वो भी पूरे तरीके से कंडिशन्ड है
19:31अब मैं कुछ बोल रहा हूँ
19:32बंदू सुनी नहीं पारे हो
19:34जल्दील दिमाई कैसे ऐसे ऐसे कर रहे है
19:36क्यों?
19:37क्योंकि भीतर कोई बैठा है
19:39मालिक जिसके प्रति जवाब दे ही है
19:43जिसको जा करके हिसाब देना है
19:45कि तुम्हें मंच पर जगा मिली
19:46तो तुमने सवाल पूछा जल्दी से कि नहीं पूछा
19:49बस नहीं छूटेगी
19:52मैं आभी के लिए आया हूँ इतनी दूर से
19:57सोचिएगा
19:58कोई नहों तो आप कैसे वेवहार करते हैं
20:01जैसे ही आपको एक आउडियंस मिल जाती है
20:03तो आपका वेवहार बदल जाता है कि नहीं
20:05बोलिए
20:07इसलिए कुछ भी तो हमारा अपना नहीं है
20:09हमारी सोच भी बदल जाती है
20:11अगर हमारे आसपास लोग हो तो
20:16डोपामीन, ऑक्सिटोसिन
20:17हैपी हॉर्मोन, लव हॉर्मोन
20:18अभी आपको लगा दिये जाएं
20:20देखिए आपकी भावनाएं कैसे बदलती हैं
20:25सब में प्यार उमरने लगेगा
20:28पुलिस बलानी पड़ जाएगी
20:31इतना प्यार उमरेगा आपस में
20:36और आप कहोगे ये तो मेरी भावना है
20:38अड़ी नहीं भावनाएं इंजेक्टन लगा दिया गया है
20:40ऑक्सिटोस एने भावी
20:50मेरा क्या है
20:53वाल ही व्यर्थ है
20:56पुछो मेरा क्या नहीं है
20:59दर्शन की विधि होती है नेती नेती
21:02जो मेरा नहीं है
21:05उसको क्यों पकड़े रहूं
21:08जो मेरा नहीं, उसको क्यों पकड़े रहूं, मेरा क्या लाव?
21:15पराई भावनाओं को पाल रहा हूं, पराई करतव्यों को ढो रहा हूं,
21:30उधार के सारे फर्ज निभाए जा रहा हूं, मुझे क्या मिल रहा है?
21:37नजाने किस गुम नाम छुपे हुए मालिक ने मुझे आदेश दे रखे हैं, उन्हीं आदेशों का पालन करे जा रहा
21:48हूं, इसमें मुझे क्या मिल रहा है?
21:55कोई नकापोश मालिक है, फेसलेस, एनॉनिमस, आप उसको जानते भी नहीं, हो सकता है, वो पंद्रवी शताब्दी में रहता था
22:04कभी, वो कब कब मर गया लेकिन वो आज भी आपके भीतर बैठा हुआ है,
22:11और वो आपसे कह रहा है, बाजार जाओ, शक्कर खरीद लाओ, आप बाजार जाके शक्कर खरीद भी लाए, तो आपको
22:18क्या मिल गया? हो सकता है, इसमें आपने बड़े पहार चड़े हो, जो आपको आपके मालिक ने हासल करने को
22:27कहा हो, वो बड़ी दुरलब हवस्त हो, ब
22:38तो चीज कभी चाहिए ही नहीं थी, आपने एक बड़ा लंबा चोड़ा एंटरेंस एक्जाम क्लियर कर लिया, चाहे आई टी
22:44जाई, चाहे उपेस सी, वो आपकी सक्सेस कैसे हो गई, जब वो डिजायर ही आपकी नहीं थी तो, वो आपका
22:56टारगेट ही नहीं था, वो टार�
23:08कैमरे सक्सेसफुल है, उन्हें तो मुझे कभी रिकार्ड करना ही नहीं था, उनके पीछे देखो, उनके मालिक बैठे हुए हो
23:14रिकार्ड करवा रहे हैं, पर कैमरे इतने बुद्धु नहीं है, कि रिकार्डिंग करने के बाद कहें, वी आर सक्सेसफुल, वी
23:20आर अचीवर
23:20we are achievers, camera इतने बुद्धू नहीं है
23:25पर इंसान ये करने लग जाता है
23:26कोई entrance exam clear कर लिया
23:28कई नौकरी लग गई, कोई green card मिल गया
23:30पैसे आ गए
23:33I'm a high achiever
23:34मैंने ये कर लिया, मैंने वो कर लिया
23:36तुम camera हो, तुमने जो कुछ किया तुमसे करवाया गया
23:38उसमें तुम्हारा कुछ ही नहीं, तुम तो successful भी नहीं हो
23:41तुम हो ही नहीं
23:43तुम सपल कैसे हो जाओगे
23:57बोलो
23:59अचार जी मेरा सवाल ये है
24:00कि हम society में
24:02दो तरह की लोगों को देखते हैं
24:04परको पहले, जो बात ही उसी संबंधित है
24:06या एकदम अलग है
24:07थोड़ा उसी संबंधित है
24:08पहले बताईए आप मेंसे किसी के पास कोई बात है
24:11इससे संबंधित, तो उसको पूरा कर ले
24:13फिर आपके पास आते है
24:15हाँ, बिलकुल इससे
24:17संबंधित बात हो, तो ही हाँ तो उठाइएगा
24:19अलग मुद्धा मत उठाइएगा
24:22मेरा एक follow up question है
24:26तो जैसे कि
24:27हम emotions की बात कर रहे थे
24:30feelings की बात कर रहे थे
24:31तो जैसे कि मैं first year में
24:32तो एक race है मेरे सर में
24:34conflict है
24:35पहला यह है कि तुम पूरी तरीके से कट जाओ
24:37जो तुमारे aims है dreams है
24:39उसके पीछे तुम focus रहो
24:41उसके जो भी
24:46तो जैसे कि
24:47अगर मैं relationship में जाता हूँ
24:48तो उसमें मेरे को time देना पड़ेगा
24:50excessive तो उससे मेरे जो
24:52अभी के मैं सोच रहा रहा हूँ
24:53कि मैं अगर time दूसरी जगह दूँ
24:55उसको मैं achieve कर सूँगा तो वो delay हो जाएगा
24:58या फिर time
25:00diverse हो जाएगा मेरा mind
25:02यह conflict अंदर बना रहता है
25:04तो इससे कैसे deal कर रहे
25:06तो मैं क्यों जाना है relationship में
25:14मैं मना नहीं कर रहा है
25:15मैं पूछ रहा हूँ
25:16इच्छा होती है
25:24तुम में उतनी ही वो इच्छा होती है
25:26अगर campus में पांसा जोड़े ना होते तो
25:29और तुमने उनको ताका जाकी करके
25:31देखना लिया होता तो
25:37लेकिन सर
25:38हाँ यह नामे बताओ पहले
25:41वो इच्छा सचमुछ तुम्हारी है भी क्या
25:45मुझे relationship से कोई लेना देना नहीं
25:47लड़के हो किसी लड़की के साथ घूम रहे हो
25:50किसी के साथ भी घूम रहे हो
25:51इनसान हो मर्जी है तुम्हारी जो करना है करो
25:53पर बात यह है कि क्या तुम्हारी मर्जी है भी
25:58या बस चलन है
26:02या वो भी एक status symbol है
26:05दूसरों की आँखों में उठने के लिए
26:07और हमारा तो सब कुछ ही दूसरों की आँखों में
26:13पूछ रहा हूँ बस पहला साल है
26:15बहुतों के तो अभी दाड़ी मूझ भी नहीं है उती ठीक से
26:19खास कर तुम से नहीं कह रहा हूँ
26:24ये विचार इतना प्रबल कैसे हो जाता है
26:27कि जीवन में एक लड़की होनी ही चाहिए
26:30कैसे हो जाता है
26:33और कोई भुरी बात नहीं है
26:35जीवन में लड़की हो लड़का हो कुछ हो ठीक है
26:37संगती की बात है इनसान और इनसान
26:39अगर साथ घूम रहे हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं हो गई
26:44मैं कोई यहां पर
26:46नैतिक
26:47बुझा लेकर नहीं बैठा हूँ
26:53और अगर ये फिर्फ एक बॉक्स को टिक करने के लिए किया जाने वाला काम है
26:57कि हाँ जिंदगी में वे गल्फरेंड भी आ गई
26:59तो तुम्हारा रिष्टा भी कैसा होगा कुछ नहीं
27:02तुम उसका इस्तिमाल कर रहे हो बस फिर
27:05और वो भी शायद तुम्हारा इस्तिमाल कर रही है
27:07उसको भी तो दिखाना है कि मैं भी कुछ हूँ
27:11और दोनों एक दूसरे का इस्तिमाल कर रहे हो दूसरों का इस्तिमाल करने के लिए
27:17तो ये तो टॉक्सिक हो गई रिलेशन्शिप
27:20relationship से कोई समस्या नहीं
27:22बेशक रखो
27:23पर toxicity से तो समस्या होनी चाहिए
27:25कि नहीं होनी चाहिए
27:28वो toxicity
27:30लड़के लड़के में भी हो सकती है
27:31लड़की लड़की में भी हो सकती है
27:33और लड़के लड़की में भी हो सकती है
27:34किनी के बीच भी हो सकती है
27:38तुम तो सिर्फ अभी गल्ट्ट्रेंड की बात कर रहे हैं और लोग शादियां भी इसलिए कर लेते हैं
27:44कि लोग क्या कहेंगे इतनी उमूर होगी अभी तक शादी नहीं करी
27:47अब सुचो वो शादी कैसी होगी फिर उसमें बच्चे प्यदा होंगे वो बच्चे कैसे होगे उन बच्चों की परवरिश कैसे
27:53होगी उनको महौल क्या मिलेगा
28:23पहला प्यार
28:25I am prior to everything.
28:28Yes, he is there, this is there, that is there, she is there.
28:34But before any of them, I am.
28:40मैं हूँ तो ये सब हैं, और मेरे ही लिए ये सब हैं.
28:47मेरे ही देखे ये सब हैं.
28:49मैं ही इनका अनुभोकता, मैं ही इनका दृष्टा.
28:53मैं ही इनके केंद्र में, ये अबजेक्ट्स हैं, मैं सबजेक्ट हूँ.
29:00मैं किसी और से फिर क्या प्यार करूँगा अगर खुद से नहीं करता तो.
29:06मैं किसी से क्या प्यार करूँगा अगर खुद से नहीं करता तो.
29:12और खुद से प्यार है मुझे
29:14अगर मैं एक नकली जिंदगी जी रहा हूँ
29:16प्रभाविज जिंदगी जी रहा हूँ
29:17संस्कारिज जिंदगी जी रहा हूँ
29:19पूछ रहा हूँ बताईए
29:21क्या इससे अपने प्रते सम्मान या प्रेम का इशारा मिलता है
29:29जो अपना ही नहीं हो पाया वो किसी और का हो सकता है
29:33पूछ रहा हूँ
29:35जो अपना ही नहीं हो पाया वो किसी और का क्या होगा
29:41और जब आप अपने हो जाते हो
29:45तो आप आते हो कि सही संगति बनाना एकदम सहज हो गया है
29:55अब आप बिलकुल जान जाते हो कि कौन आपके पास होना चाहिए
29:59कौन नहीं और जो पास है जो दूर है
30:03उनसे भी रिष्टे की श्रेणी क्या होनी चाहिए
30:06आप बिलकुल जान जाते हो
30:13तुम कैसे तै करोगे कि लड़की हटा दो
30:16कोई भी विशय तुम्हारे जीवन में आना चाहिए, विशय समझतें, आबजेक्ट
30:21कि माईक एक ऑबजेक्ट है, यह शर्ट एक ऑबजेक्ट है, यह अडिटोरियम भी एक ऑबजेक्ट है
30:28तुम कैसे तै करोगे
30:31उसके लिए मुझे मेरा पता होना चाहिए ना इन्होंने का था requirement
30:35requirement किसकी है
30:37जो need है
30:39मेरी है ना
30:41अगर मुझे मेरा ही नहीं पता तो मुझे कैसे पता कि मेरी requirement क्या है बोलो
30:47फिर तो तुम कुछ भी ओनी पॉनी चीज जिन्दगी में ले आओगे
30:53लगी होगी प्यास
30:55और जिन्दगी में ले आओगे aviation fuel क्यों
30:59क्योंकि वो महंगा होता है
31:01high flying होता है status symbol होता है
31:04चाहिए क्या था साधारण पानी
31:07और लेके आए जीवन में
31:09fuel भी नहीं साधारण
31:10aviation fuel भाई
31:11अप उन high flyer है आईटी में आया है
31:15जीवन में aviation fuel लेके आएगा
31:17sexiness होना मांगता
31:21क्या करेगा तू से aviation fuel का
31:23तू साधारण पानी के लिए
31:25प्यासा था पर तू स्वयम को जानता नहीं
31:29तो नजाने क्या ले आया है
31:30और उसको पिये भी जा रहा है
31:33उससे तुम उड़ोगे नहीं फटोगे
31:36जैसा कि
31:44और उड़ जाओगे तो और खतरनाक बात है
31:46मैं तो कल्पना कर रहा हूँ कि एक ने पिया और ऐसे भी रॉकेट हो गया
31:53कुछ आ रही है बात समझ में
31:55किसी भी रिष्टे से पहले
31:56खुद के साथ तो रिष्टा बनाना सीखो
32:00और खुद के साथ रिष्टा कैसे बनाओगे
32:02अगर
32:03खुद के नाम पर
32:05सब नकली चीज़ें पकड़ कर बैठे रहोगे
32:08जब मैं कहा रहा हूँ
32:09खुद के साथ रिष्टा बनाओ तो मैं नहीं कहा रहा हूँ
32:11कि तुम्हारे भीतर कोई
32:14सचा सेल्फ बैठा है
32:16और तुम्हें उसके साथ रिष्टा बनाना है
32:19मैं नहीं कहा रहा है कि भीतर कोई चीज़ है
32:21और तुम्हें उसको जानना है
32:24मैं इतनी कहा रहा हूँ
32:25कि जो नकली पकड़ रखा है
32:26उसको ठुकराना है
32:30और इतनी ताकत
32:31इतना विद्द्रोह तो एक जवान आदमी में होना चाहिए न कि नहीं होना चाहिए
32:37फर्जी चीजों को ढो रहे हो
32:38कोई मज़ा है इसमें
32:42कोई मज़ा है क्या
32:45गर्फरेंड भी बनाओगे तो डुगडुगी बजाओगे
32:48पूरे हॉस्टल को जाकर बताओगे ये देख ये देख ये देख ये देख ये देख तुम्हें दिखने रहा हो तुम्हाँने
32:53लेकि आए ट्रॉफी
32:57ट्रॉफी
32:58और बहुत सारे जो successful men होते हैं
33:04वो तो शादी ही ऐसे करते हैं कि उन बीवियों का नाम ही पड़ जाता है ट्रॉफी वाइव्स
33:12ये भाशा का ही एक जुमला है ट्रॉफी वाइव कि अब मैं इतना सक्सेस्फुल हूँ
33:19जिन्दगी में मैंने सब उची उची चीजें अपने घर में लाकर के रख दी है
33:24तो अब एक बहुत खुबसूरत दिखने वाली ट्रॉफी वाइव भी तो होनी चाहिए उसका कोई काम नहीं होता जिन्दगी में
33:29वो बस प्रदर्शित करने के काम आती है
33:31पार्टियों में समाज को कि ये देखो ये मेरी ट्रॉफी वाइव है
33:36इसमें प्रेम होगा ये जिन्दगी कैसी होगी
33:42और जब प्रेम नहीं होता अपने प्रते
33:45और लड़की भी नहीं जानती है सोयम को
33:47तो वो भी ट्रॉफी वाइव बनने को तैयार भी हो जाती है
33:55इसी तरह इसे ट्रॉफी हस्बेंट्स भी हो सकते है
33:59बात बराबरी किये उसमें कुछ नहीं
34:07तुम सही रास्ता पहले चलना तो शुरू करो अभी तो इधर उधर सो तरीके की
34:12अंडबंड राहों पर भगे जा रहे हो इधर से किसी नाकरशित किया उधर भग गए
34:15किसी ने बोला अभी सेकंड यर में आऊ गए इलेक्टिव शुरू हो जाएंगे
34:20मार्च चल रहा है इलेक्टिव तो तुमने करी लियोंगे अभी तक नहीं करें
34:23कब होता है कैमपस में
34:27जोयियों के टाइम पर होता है तुमने सोचा है तुमें कौन से
34:29औप्षिनल्स लेने हैं सकेंड यर में
34:32नहीं सोचा है मैं पताता हूं तुम कैसे करोगे तुम
34:34इदर उधर जाकर क्यों हॉस्ट能 में मुँ तो और देखो گए लोग क्या कर रहे हैं
34:55कौन सा कोर्स ले लूँगा सीवी में लिखूंगा तो जौ प्रॉस्पेक्स बहतर हो जाएंगे अगर पंजी छक्की वाले हो तो
35:03तुम देखोगे कि कौन सा ऑप्शनल है इलेक्टिव है जिसको हाई सीजीपी आले नहीं ले रहे क्योंकि उनके साथ फस
35:15गया तो पांच लाना
35:17भी मुश्किल हो जाएगा और वहां जाके टिक कर दोगे तुम इधर का निलने लो कि उधर का निलने लो
35:24उसमें प्रेम है कहीं पर बताओ उस कोर्स के साथ कैसा रिष्टा होगा तुमारा तुम पहले विर्थ की राहें जो
35:35जिन्दगी में लगातार सामने आ रहे हैं और स�
35:48यह मैं लालच नहीं दे रहा हूँ यह मैं तुम्हें कोई रोमेंटिक सपना नहीं दिखा रहा हूँ कि तुम एक
35:53रहा पर चले जा रहे हो जाड़े की एक सुबह कुहरा है और अचानक तुम्हारे अकेले पन में तुम पाते
35:59हो कि सामने लाल दुपटे वाली कोई तुमें �
36:15कोई मिल गया तो मिल गया नहीं मिला तो नहीं मिला हमें अपने साथ जीना है तुमारी जिंदगी में हमेशा
36:27कोई आता है और फिर उचला भी जाएगा एक दिन या तुम चले जाओगे एक दिन पर तुम तो हो
36:34ना जब तक जीवित हो तुम खुद को तो नहीं छोड़ सकते
36:39खुद के साथ इंसाफ करना शुरू करो
36:42संभावना है कि अगर मिलेगा फिर साथी
36:46तो अच्छा मिलेगा और नहीं मिला तो नहीं मिला
36:49नहीं भी मिलेगा तो तुम उनसे बहतर होगे
36:52जो गलत साथी के साथ बंध कर रह गए है
36:56और मिल ही गया कोई तो अच्छी बात है, मिल भी जाए तो उसे बांधना मत
37:00कहना कि मैं तेरे लिए थोड़ी इस रहा पे चल रहा था
37:04ये रहा मुझे पसंद है, ये रहा मेरी अपनी है, मैं इस लिए इस पर चल रहा था
37:08तुम मिल गए हो, हम हमसफर हो गए
37:11जब तक साथ चल सकते हैं चलेंगे, और फिर कभी रहे हैं अगर जुदा हो गई तो वो भी ठीक
37:16है
37:21तो फिर ऐसा क्यों होता है कि फिर जब आप अपनी एमोशन को थोड़ा सा कंट्रोल है
37:26मतलब जो सुसाइटी डाल रही है, उसके बाद थोड़ा खुदरापन बेचैनी सी अंदर होती है
37:32जब आप सोने जाते हो तो मन उदास सा होता है, लोलनीनेस थोड़ा चड़ पे होता है
37:36यही तो बात है ना, कि हमारी उदासी भी संसकारित है, सोचो
37:41हमारी गुलामी कितनी गह रही है, हमारा सुख तो संसकारित है, हमारा दुख भी संसकारित है
37:52तब यह बैठे हुए हो, यह जितने लोग बैठे है हैं, ऐसा बेक एक करके तुम्हे आन ना बोलो, कोई
37:56बलब होणदो, कोई बुखल बेम्हुकूफ, अगली लग रहा है
38:00पागले बिल्कुल तो दो दो कर के आ रहा है
38:04जरूरत भी नहीं पड़े कि किये सारे के सारे हजार लोग आकर कि तुमसे ऐसा कुछ बोले
38:09मुश्किल से 10-20 जने आएंगे और तुम्हें कुछ बोलेंगे और तुम उदास हो जाओगे
38:13बताओ युदासी तुम्हारी अपनी है इसी तरीके से कोई एकदम बहुत मानलो सधारनस आदमी है
38:20कोई भी हो सकते है मानलो तुम ही हो और इस अब आकर बोलना चुरू कर दे हाई हैंडसम
38:25ये देखो इतने महीं खुश हो गया
38:32तुम्हारी खुशी तुम्हारी अपनी है
38:35तुम कटपुतली हो
38:37कोई भी न चा सकता है बाहर से
38:39कोई तारीफ कर दे तुम खुश हो जाते हो
38:41कोई कुछ
38:43उपेक्चा कर दे
38:44इतना ही काफी होता है तुम्हें दुखी करने के लिए
38:48तुम्हारी जो उदासी है तुम्हें खुरदुरापन महसूस होता है भीतर
38:52वो भी तुम्हें दुन्या ने सिखाई है
38:54तुम्हें कहा गया है कि तुझे उदास होना पड़ेगा मेरे गुलाम
38:58अगर तेरी जिन्दगी में मज़े नहीं है तो
39:02वो तुम्हारी उदासी मौलिक ओरिजिनल नहीं है
39:07ये इतने सारे जो तुमने सैड सॉंग सुने हैं घर में
39:10घर में सुने हैं लगते होंगे सैड सॉंग सक भी अभी हॉस्टल में भी आते होंगे
39:13FM पर भी आ जाते हैं टीवी पर देख लेते हो
39:16यूट्यूब पर देख लिया ये सब देखते हो सैड सॉंग सारे सैड सॉंग में रोना है किस बात का
39:26वहां क्या कहा जा रहा है यही तो कहा जा रहा है मेरी जिन्दगी में फलाना अबजेक्ट नहीं है इसलिए
39:30मैं रो रहा हूँ
39:30यही कहा जा रहा है
39:35कोई सैट सॉंग यह कह रहा है
39:38कि मैं गुलाम हूँ
39:39दूसरों का
39:40और इस बात का अफसों सर्मुझे
39:42कोई नहीं कह रहा है
39:44सब में यही कहा जा रहा है
39:47आप आप बजा लीजी अपने दमाग
39:49में आपके जितनी भी पसंदीदा
39:51दर्द भरे गीत हो
39:53और सब में यही कहा जा रहा है
39:54किसी में कहा जा रहा है कि
39:56मैं जिन्दगी में पीछे रह गया
39:58क्योंकि मैं होशियार चालाक नहीं था
39:59और बहुत दर्द है मुझे
40:02किसी में कहा जा रहा है कि
40:03कोई मुझसे बेवफाई कर गया
40:07यहीं सब तो है
40:09तो तुम्हें यह सिखाया गया है
40:11कि जिन्दगी में फलानी चीज़ें अगर नहीं है
40:15तो तुम्हें उदास होना चाहिए
40:17और तुमने सर जुका करके कहा है
40:19जी मालिक
40:20मेरी जिन्दगी में फलानी चीज़ नहीं है
40:23तो अब मैं उदास हो जाओंगा
40:24तुम्हारी उदासी भी एक अभिने है
40:26तुम्हारी उदासी भी आज्यापालन है
40:29तुम्हारी उदासी भी स्क्रिप्टेड है
40:33वक्त करता जो वफा आप हमारे होते
40:36हम भी औरों की तरह आपको प्यारे होते
40:43उदास होना पड़ेगा
40:47उदासी मैंडेट है
40:51उदासी का आदेश है
40:55वो नहीं है ना मेरे जीवन में
40:56वक्त करता जो अफा आप हमारे होते हैं
40:59आप हमारे नहीं हो पाए ना
41:00तो मुझे उदास होना पड़ेगा
41:02और वो जो उदासी है
41:04वो सिर्फ लफजों में नहीं है
41:07वो बेग्राउंड मूजिक में भी है
41:08कैसा तो मन्हूस बेग्राउंड मूजिक होता है
41:12अच्छे खासे भी बेठे, उसको सुननो तो उदास हो जाओगे
41:17और तुम से कहा गया है कि नहीं सुनो गजले सुनो
41:20बैट जाओ जितने हो हॉस्टल में जिनकी कोई नहीं है
41:25वो सब सेटर्डे नाइट कोई कठे बैट जाओ
41:29और कहीं कहीं तो बीर भी खुल जाती है
41:31और उसके बाद गजले लगा दी जाती है
41:33और फिर चारो बैट के रोते हैं
41:35और छाती पीटते हैं
41:37और उसके बाद के रहे हैं, खुरुदुरापन कहां से आ रहा है?
41:44कैमपस में हो, यहां इतनी चीजें हैं करने को, तुम उसमें से कुछ भी कर रहे हो?
41:53इतने मौके तुम्हें जंदगी में कभी बाहर नहीं मिलने वाले?
41:59पिछले कुछ महीनों में, मैं दरजन, डेड़ दरजन आईएटीज में गया हूँ
42:07और सब जगे मैंने यही पूछा है कि यह बता दो कि कैमपस तुमको जितनी फैसिलिटीज दे रहा है, यह
42:13तुम्हें बाहर कहां मिलने वाली है?
42:18किसी गाउं और अगर तुम्हारी जॉब लग गई कुछ हो गया, मेकेनिकल या माइनिंग इस तरह कि यह तुम्हारा डिपार्टमेंट
42:25है और तुम्हें कोर जॉब ले ली और थोड़े से किसी कम विक्सिच छेतर में चले गए, तो तुम्हें वैसे
42:30ही वहां पर टेनिस कोर
42:31मिलने से रहा, और स्टोड मिलने से रहा, और स्कॉाश पूर्ट मिलने से रहा, और गोफ्चंट मिलने से रहा, और
42:39अगर तुम्हारी जॉब बैंगलॉर में लग गई या गुड़ गाउं Ne應該 तुम्हारी पर क्लभ मिंबर्शिप इतनी महंगी होती है, कि
42:47बटा चितने कИ त�
43:01लग जाएगा लेकिन बैंगलॉर हो गए रहा हमें क्लब मेंबर्शिप की रेट्स ऐसे होते हैं कि तुम फिर भी एफॉर्ड
43:06नहीं कर पाऊगे
43:09और यहां पर चार साल हो
43:12सुमिंग आती है जिमिंग करते हो
43:15जिमिंग करते हो
43:32जितना तुमको यहां दिया जा रहा है
43:34तुम्हें उसका लाब नहीं उठाना उसकी जगह बैट करके तुम गल्फ्रेंड के खुर्दुरेपन को महसूस कर रहे हो
43:47वीकेंड अगर खाली पढ़ा है तो जाकर के लाइब्रियरियम बिताओ ना
43:51यही थोड़ी है डिपार्टमेंट गया है
43:54तो यही थोड़ी है कि बस मिटीरियल साइंस पढ़ ली तो तुम बिलकुल बादशा हो जाओगे
43:59दुनिया में बहुत कुछ है पढ़ने को
44:05और टेक और साइंस के आगे भी बहुत कुछ है पढ़ने को
44:07लिटरिचर हुमेनिटीज यह सब कौन पढ़ेगा फिलोसिफी कौन पढ़ेगा
44:12वो सब छोड़ करके तुम बता रहे हो कि वो ऐसा है वैसा है अभी चार साल बीच जाएंगे
44:17एक साल तो बीची गया तीन साल बचे है
44:21हैते हैं न कि
44:23चार दिन लाए थे मांग कर गए और दो आरजू में कट गए जो इंतजार में
44:28तो ऐसे ही चार साल मिलते हैं आई टी में दो आरजू में काट देते हो
44:32कि गल्फरेंड मिल जाए और दो इंतजार में की प्लेस्मेंट हो जाए
44:44लाइब्रेरी हैं देखी है
44:47कितने घंटे बिताए वहां आज तक
44:51और अब तो फिजिकल लाइब्रेरी तक जाना भी उतना ज़रूरी नहीं होता है भई
44:55सब वर्चूल है बैठ करके
44:57अपने लैप्टॉप क्या आपने मुबाइल पर पढ़ लो
44:59कितना समय उसको दे रहे हो
45:01कितने क्रियेटिफ काम कर सकते हो
45:03इतना बड़ा तुम्हें कैमपस मिला हुआ है
45:06असल में आप लोग क्या करते हो
45:09कि सीधे अपने हूम टाउन से उठकर के आ जाते हो कैमपस में
45:12वाया कोटा ओवियसली
45:15जिन्दगी आपने देखी होती है नहीं
45:17तो आप ये भी नहीं समझ पाते हो कि इस कैमपस की कीमत क्या है
45:22आप बिलकुल अजीब तरीके के कामों में अपना समय खराब करके
45:26यहां से चौथे साल निकल भी जाते हो
45:30और फिर यहीं वज़य होती है कि जो एवरेज बीटेक होता है
45:33वो लगभग अनएजुकेटेड होता है
45:40बीटेक कर रखी है नौकी सीजी पीए है
45:45उसको आप लिटरेट तो बोल सकते हो
45:50प्रोफेशनली ट्रेंड भी बोल सकते हो
45:53पर एजुकेटेड नहीं बोल सकते
45:56सौ तरीके के सुपरस्टिशन्स वो ले करके घूम रहा है
46:01जिन्दकी को उसने समझा नहीं क्योंकि न साइकॉलजी न फिलोसिफी उसने कभी पढ़ी
46:07वो बस इतनी कर रहा है कि अब यहां से निकला तो उसकी कहीं पर हैदरबाद बैंगलॉर में
46:11या कि अबराड जॉब लग गई या कहीं भी कुछ भी अपना वहां जा करके कमाने खाने लग गया
46:15यह एजुकेशन थोड़े ही है
46:21अभी मैं आप से पुछना शुरू कर दूं दुनिया के ही मुद्दों के बारे में
46:25आप में से बहुत कम लोग होंगे जो कुछ बता पाएंगे
46:27और यह बड़े अफसोस की बात है यह कोई खुशी नहीं और यह मुझे बोलते हुए
46:34मैं आप से पुछना शुरू कर दूं कि वार एंड क्लाइमिट कुछ रिश्टा बताइए आप नहीं बता पाएंगे
46:44मैं आप से कहूँ जियो पॉलिटिक्स और रिसूर्सिस बताइए नहीं बता पाएंगे
46:55मैं आप से कहूँ आइडियलॉजी और जॉगर्फी इसमें रिश्टा बताइए अब वो भी आपके लिए मुश्किल हो जाएगा
46:59तो आप जी होगे कैसे आप क्या करोगे बाहर
47:09कि कहीं जाकर कोडिंग कर रहे हो या कि कई कर लिए तो कहीं जाकर नेजमेंटक defenses कर रहे हो
47:14उससे कि पैसे व मिल जा रहे है यह इतना है कि 99 प्रतिशत लोग भारत में जितना कमाते हैं
47:31उससे
47:31ज्यादा कमा हो गया ये पक्ता है
47:36पर भारत तो ही गरीब देश हैं
47:38आपर 99 परसेंटाइल में आ भी गये तो क्या उखाड लिया
47:47ये सब चीजें अगर होनी होंगी तो अपने आप हो जाएंगी
47:52लड़की जिंदगी में आनी होगी तो आ जाएगी
47:54लड़कियों को भी लड़के चाहिए डिमांड दोनों तरफ से है
47:59तुम कहे के लिए बावले डिस्परेट हुए जा रहे हो बिलकुल कि अरे मैं ही रह गया
48:04और कौन सी तुम्हारी उमर बीद गई देखो अभी तो ठीक से
48:12तुम वो काम करो जिसमें सार्थकता है
48:15सिर्फ कोर्से स्पास करने के लिए आप आएटी में नहीं आए हैं
48:20आप अपने आपको यहां फुली एजुकेटिट बनाने के लिए आए हैं
48:25आप अपना पूल्ण विकास करने के लिए यहां पर आए हैं
48:30वैसे ही मत निकल जाईएगा
48:32यहां से जैसे प्रवेश के लिया था
48:37डान्स
48:39ड्रेमेटिक्स
48:41डिबेट
48:44क्रियेटिविटी
48:45वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, कोरियोग्राफी
48:48यह सब किसलिए होते हैं
48:53राइटिंग कौन शुरू करेगा
48:56अभी तक तो जब दस्वी के बाद से तो यही कर रहे थे
48:59बस कि अपना हाँ चलो
49:00सिंपल हार्मोनिक मुशन लगाना है
49:06लिखना कब शुरू करोगे
49:08ट्रैवल करना कब शुरू करोगे
49:12जिमिंग, स्विमिंग, वाली बास्केट बॉल
49:14टेनिस यह तुम्हारी जिंदगी में कब आईंगे
49:23कैंपस नी एक्सचेंज प्रोग्राम्स भी आयुजद कर रखे होंगे
49:26जिसमें शायद आप एक समिस्टर या एक साल के लिए
49:29किसी फॉरेन उनिवरस्टी में जा सकते हो
49:31कर रखे होंगे, कुछ होगा
49:33उसका फाइदा कौन उठैने वाला है
49:36आप में से ज्यादा तर लोग
49:38मिडल क्लास फैमिली से और साधारन शहरों से आते है
49:44आपको अगर विदेशों का एक्स्पोजर मिल रहा है
49:48तो आप वो क्यों नहीं लेना चाहते
49:53या बस एक कंडिशन्ड गुड़े-गुड़िया का खेल खेलना है जल्दी से
49:57और क्या ना है मेरा जंडा उचा हो गया
50:00अब तो
50:03अंट्रिप्रिनर्शिप और इंक्यूबेशन इनकी फैसिलिटीज मी हमारे समय पे तो थी भी नहीं
50:08आप इसका फाइदा क्यों नहीं उठा रहे है और इन सब का अपना रोमांच होता है अपनी थ्रिल होती है
50:16ये वो रास्ते होते हैं जिनको आप फिर भी क्या सकते हो कि मेरे अपने हैं
50:26कम से कम दूसरे रास्तों कि आप एक्षा
50:30रिलेटिवली मेरे अपने हैं उन पर चलना शुरू करिये
50:40आपको खुशी होगी इसनाते जो हमारी अपनी एप है जिसमें हमारे गीता और बाकी सब कारिकरम चलते हैं
50:47यहां पर बुद्ध हैं गीता हैं उपनिशद हैं अश्टावक्र हैं यह मुझे मिले मेरी जिंदगी बदली यह तुम्हें मिलेंगे तुम्हारी
50:55जिंदगी भी बदलेगी
51:01दो लाग से अधिक गीता प्रतिभागियों के साथ जुड़े आचार्य प्रशान्थ एप पर पहला महीना बिल्कुल फ्री गीता मिशन का
51:09पूरा एक्सिस एप पर आपको मिलेंगे नियमित लाइफ सत्र
51:13हर दिन आचार्य प्रशान्थ के विशेश समवाद, गीता कम्यूनिटी का एक्सिस, गीता परीक्षा, चैनित समाचार, ओडियो बुक्स, कोट्स और भी
51:24बहुत कुछ
51:25गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर आचार्य प्रशान्थ सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
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