00:00जब कुर्बानी दी जाती है तो कहाए जाता है कि जैसे ही छूरी पड़ती है बकरे के गले पे उसका
00:05खून गिरता है जमीन पे वैसे ही बकरा जन्नत पहुँच जाता है
00:07जबरदस्ती उस जानवर को पकड़ के उसकी गरदन काट रहे और फिर बोल रहे हो हलाल है
00:11हलाल कैसे है
00:12اور हलाल का मतलब होता है
00:14धर्मसंमत
00:14और हराम का मतलब होता है
00:16धर्मविरुद DU
00:17तुम किसी के साथ
00:19अबरधस्ती कर रहे
00:20और उसके प्राण लिये ले रहे
00:21उसका खून भार रहे
00:22और मास खो जायोगे
00:23काजी का बेटा मुए
00:25उर्मे साले पीर
00:27वो साहिब सबका पिता
00:30भला न माने बीर
00:31तेरे भी बच्चे हैं
00:33तेरा बच्चा कोई काट दे
00:34तुझे कैसा लगेगा
00:35और ये सब जो पशुबक्षी जीव हैं
00:37ये भी तो किसी के बच्चे हैं
00:38तो इन्हें काट रहा है
00:39और तुझे काटने से
00:41उपर वाला खुश हो जाएगा
00:43कबीर ते ही पीर हैं
00:45जो जाने पर पीर
00:46जो पर पीर न जाने ही
00:48ते काफिर बे पीर
00:50जिसको दूसरे की पीड़ा नहीं समझ में आती
00:53इसको दूसरे का दर्द नहीं समझ में आता
00:54वो काफिर है
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