00:0023 दल तो गंटे की बैठक और 5 बड़े फैसले लेकिन सबसे बड़ा सवाल इन फैसलों से नहीं जुड़ा है
00:06सबसे बड़ा सवाल है विपक्ष की एकता से
00:09क्योंकि दिल्ली में हुई इंडिया गटबंदन की इस बैठक के बाद फिर चर्चा शुरू हो गई है
00:15कि क्या इंडिया विपक्ष अपने अंदरूनी मतवेदो को पीछे छोड़ पाया है या फिर नहीं
00:20आज की रिपोर्ट में आपको बताएंगे बैठक के 5 बड़े फैसले कौन-कौन नहीं पहुचा और आखिर गटबंदन के सामने
00:28सबसे बड़ी चुनौती क्या है
00:30नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक और आप देख रहे हैं One India हिंद
00:42नए दिल्ली के कॉंसिट्यूशन क्लब में इंडिया गटबंदन की एहम बैठक आयोज़त की गए
00:47बैठक की अधक्षता कॉंग्रेस अध्यक्ष मलिका अर्जुन खडगे ने की
00:51इस बैठक में कॉंग्रेस, त्रनमूल कॉंग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना, UBT, NCP, शरतपवारगुट और वामपंती दलो समेत कुल 23 राजनितिक दलो
01:03के प्रतिनिती शामिल हुए
01:04हाला कि बैठक से पहले और बाद में सबसे जादा चर्चा दो बड़े सयोगी दलो की गैर मौजूदगी को लेकर
01:11आम आदमी पार्टी और DM के इस बैठक में शामिल नहीं हुए
01:15राजनितिक एक्सपोर्ट का मानना है कि विपक्षी एकता की तस्वीर के बीच ये अनुपस्तिती भी चर्चा का विशय बन रही
01:23है
01:23बैठक करीब दो घंटे तक चली और इसके बाद इंडिया गटबंदन की ओर से पाच बड़े फैसलों की घोशना की
01:30गई
01:30पहला फैसला चुनाओी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को लेकर था
01:35गटबंदन का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बडियों और चुनाओी निपक्षता को लेकर गंभीर सवाल है
01:42इस मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायदीश को पत्र भेजने का फैसला लिया गया
01:48दूसरा बड़ा मुद्दा लीट और सीपीसी से जुड़े विवादों का रहा
01:52पक्षी दलों ने आरोप लगाया की परिक्षा प्रणाली में गंभीर खामिया सामने आई है
01:58और इसके लिए जवाब देई तै होनी चाहिए
02:00गठबंदन ने शिक्षा मंत्री से स्तीफे की मांग भी धोराई
02:05तीसरा मुद्दा महेंगाई बेरोजगारी और अर्थ विवस्ता का
02:08विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकारों को सर्वदलिये बैठक बुलानी चाहिए ताकि व्यापक चर्चा हो सके
02:16और चौता फैसला संगटनात्मक मजबूती से जुड़ा था
02:19अब इंडिया गठबंदन की बैठक हर दो महीने में आयोजित की जाएगी
02:23अगली बैठक अगस्थ से हर्दरबाद में प्रस्तावित है
02:26पाचवा फैसला संसत के भीतर बहतर समवय को लेकर था
02:31गठबंदन ने कहा कि संसत सत्र के दोरान विपक्षी दल साजा रणनिती के साथ सरकार को गेड़ने का प्रयास करेंगे
02:39लेकिन राजनितिक चर्चा केवल इन फैसलों तक सीमित नहीं रही
02:43बैठक के बाद कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि गठबंदन के वीतर समनवय और रणनिती को लेकर चिंताए
02:50भी सामने आई
02:51खास तोर पर वामपंथी जलो ने पहले भी सारवजनिक रूप से कॉंग्रेस की कार रिशेली को लेकर सवाल उठाए हैं
02:59कहना रहा है कि कई राज्यों में कॉंग्रेस की राजनिती और राष्ट्रे स्तर पर गठबंदन की राजनिती के वीच अंतर
03:06दिखाई देता है
03:07हाला कि बैठक के अंदर हुई हर चर्चा की अधिकारिक पुष्टी अभी नहीं हुई है
03:12इसलिए इन दावों को राजनितिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के संबढ़ में ही देखा जाना चाहिए
03:18दर असल इंडिया गठबंदन की सबसे वड़ी चनौती शायद भाजपा नहीं बल्कि अलग-अलग राज्यों की राजनितेक वास्त विक्ताएं हैं
03:25पश्चिम बंगाल में कॉंग्रेस और तुनमूल कॉंग्रेस के रिष्टे हमेशा सहज नहीं रहे हैं
03:30केरल में कॉंग्रेस और वामदल सीधा मुकाबले में रहते हैं
03:34काहिया निराज्यों में भी शेत्ली दलों के अपने राज्यिते खितें
03:38ऐसे में राष्ट्य स्तर पर एक जुट्ता बनाए रखना विपक्ष के लिए आसान काम नहीं माना जा सकता।
03:43उधर भाजपा ने इस बैठक पर तीखा हमला बोला है।
03:47भाजपा प्रवक्ता शहजाद पुनावाला ने दावा किया है कि इंडिया गठबंदन लगातार कमजोर हो रहा है और उसके सयोगी दल
03:55भी उसकी दिशा को लेकर सवाल उठा रही है।
03:57वहीं विपक्षी दलो का कहना है कि उनका मुख्य देश्य लोकतंत्र, चुनावी पारच्चता, युवाओ के भविष्य, महंगाई और बेरोजगारी जैसे
04:07मुद्दो को राश्य भैस का हिस्सा बनाना है।
04:10अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नियमित बैठकों से इंडिया गटबंदन के बीतर तालमेल भैतर होगा या फिर
04:17क्या विपक्ष अपने शेत्रिय मतबेदों को पीछे छोड़कर साजा राजनितिक रणनिती बना पाएगा और क्या आने वाले चुनावत तक यह
04:26ग�
04:39है कि विपक्ष के सामने बड़ी परिक्षा अपनी एकता को लगातार बनाए रखने की होगी आपको क्या लगता है इंडिया
04:46गटबंदन मजबूत हो रहा है या अंगरूनी चुनोतियां भी भी उसके सामने सबसे बड़ी बाता है कमेंट करके अपनी राए
04:54हमें जरूर बत
05:06करें अभी वन इंडिया एप डाउनलोड करें
Comments