00:00क्या सिर्फ सत्ता चलाने वाले और दबदबा रखने वाले ही कोट सूट पहनेंगे। मैं कौन सा रंग बिरंगे कपड़े पहन
00:05कर आ रहा हूं सिर्फ दो ही रंग हैं। हम सब के दिल की तरह ब्लैक एंड वाइट। देखो विजये।
00:11तुम हमारे लिए काम करने आये हो। बस
00:26ही चुनावी कट बंधन का। इस बार लडाई बिजली के मीटर पर चड़ी है। जी है स्मार्ट मीटर। वह पर
00:33योजना जिसे केंद सरकार बिजली छेत्र में सबसे बड़े सुधारों में से एक बता रही है। उसी पर योजना को
00:39तमिलनाडू की थलापति विजय सरकार न
00:55यानि कि तमिलनाडू जिनरेशन और डिस्ट्रिबूशन कॉर्पोरेशन की हालत और खराब हो सकती है। लेकिन सवाल है कि आखिर ये
01:02स्मार्ट मीटर है क्या और इसे लेकर इतना विवाद क्यों छड़ा है। मसकार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप
01:08देख रहे हैं वन इ
01:17RDSS का हिस्सा है। इस योजना को केंद सरकार ने विजली वितरन कंपनियों के घाटे को कम करने, विजली चोरी
01:24रोकने और बिलिंग ववस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश से शुरू किया था। पारंपरीक मीटर में विजली की रीडिंग लेने
01:32के लिए कर्मचारी
01:33को घर-घर जाना पड़ता है, लेकिन स्मार्ट मीटर पूरी तरह डिजिटर होता है। ये रियल टाइम में विजली खपत
01:39का डेटा भेजता है। वो भोकता मोबाइल अब पर अपनी खपत देख सकता है और प्रिपेट मोबाइल की तरह विजली
01:45रिचार्ज भी कर सकता है�
01:47कि इस परियोशना पर काम पौन करता है। देश भर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम कई नीजी और सरकारी
01:54कंपनियों को दिया गया है। इनमें प्रमुख नाम हैं जीनिस पावर, हपिल एलेक्ट्रिक्स, अदानी एनर्जी सॉल्यूशन, इंटेली स्मार्ट इंफ्रस्ट
02:04और भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेट। इन सभी नामों में जो सबसे ज्यादा च्वर्चा के केंद्र में जो कंपनी है वो है
02:12अदानी एनर्जी सॉल्यूशन, और इसी वजह से सारा बवाल भी शुरू हुआ है। कई राजियों में अलग-अलग कंपनियां स्मार्ट
02:20मी
02:33जाती है, दूसरा फाइदा है कि बिजली चोरी पर नियंदरन होता है, तीसरा फाइदा है कि डिसकॉम को समय पर
02:38राजस सो मिलता है और तकनीकी नुपसान घटता है। सरगार का कहना है कि जिन राजियों में स्मार्ट मीटर लगाए
02:44गए हैं वहाँ बिल वसूली की दर बढ
03:00गए हैं। कुछ विशेशग्यों का कहना है कि रियल टाइम बिलिंग के कारण उप्भोकताओं को अपनी बास्ति खापत का भुपतान
03:06करना पड़ता है, जिससे पहले की तुलना में बिल्ड ज्यादा दिखाई देता है। दूसरा फिबाद प्रिपेड सिस्टम को लेकर है
03:26यही वज़ा है कि तमिलाडो में यह मुद्धा अब तकनीकी से ज्यादा राजनीतिक बन चुका है। पीजेपी का कहना है
03:32कि स्मार्ट मीटर भविशे की जरूरत है और इन्हें रोकना राज्य के विकास को रोकने जैसा होगा, वहीं विजे सरकार
03:39और उसके समर्थों का तर
03:56क्या बिजली बिल वास्तों में पारदर्शी हुए है या फिर और ज्यादा बढ़ रहे हैं और क्या राज्य सरकारों को
04:01केंद्र के ऐसी ओजनाओं को आँक बंद करके लागू कर लेना चाहिए। पिलाल तमिलाडो में स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली का
04:08मीटर नहीं बल्कि
04:08केंद्र बनाम राज, सुधार बनाम जनहित और तकनीक बनाम राजनीती की नई बहस बन चुका है। आने वाले दिनों में
04:15ये विवाद सिर्फ तमिलाडों तक समित नहीं रहेगा बलकि पूरे देश में बिजली सुधारों की तिशा तैक करने वाली बड़ी
04:21राजनीती हो स
04:38है अगाराइ से की लिवाद से आने की बनाम जलाओ सिर्फ ठाक है। जाति हो सिर्फ थालागों की ये पित
04:45राजनीती है। है। है।
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