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Thalapathy Vijay Government Smart Meter Decision Update: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने सत्ता संभालते ही केंद्र सरकार की सबसे बड़ी बिजली सुधार योजना यानी ₹20,000 करोड़ की 'स्मार्ट मीटर परियोजना' को पूरी तरह से बंद (Abandon) करने का चौंकाने वाला फैसला लिया है! अडानी ग्रुप (Adani Group) के टेंडर से लेकर प्रीपेड बिजली व्यवस्था तक, इस बड़े कदम के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी देखिए।

तमिलनाडु की राजनीति और बिजली क्षेत्र में इस समय एक अभूतपूर्व टकराव छिड़ गया है। राज्य की बागडोर संभालते ही मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) के नेतृत्व वाली सरकार ने ₹20,000 करोड़ की लागत वाली महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट मीटर परियोजना' को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया है। यह वही परियोजना है जिसे केंद्र सरकार की 'रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम' (RDSS) के तहत देश भर की बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने और बिलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लाया गया था।


The newly formed TVK government in Tamil Nadu, led by Chief Minister C. Joseph Vijay, has reportedly decided to completely abandon the ₹20,000 crore 'smart meter' project, triggering a massive political faceoff with the BJP.
#ThalapathyVijay #SmartMeterProject #AdaniEnergy #TANGEDCO

~HT.178~PR.514~GR.508~ED.276~VG.HM~

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00:00क्या सिर्फ सत्ता चलाने वाले और दबदबा रखने वाले ही कोट सूट पहनेंगे। मैं कौन सा रंग बिरंगे कपड़े पहन
00:05कर आ रहा हूं सिर्फ दो ही रंग हैं। हम सब के दिल की तरह ब्लैक एंड वाइट। देखो विजये।
00:11तुम हमारे लिए काम करने आये हो। बस
00:26ही चुनावी कट बंधन का। इस बार लडाई बिजली के मीटर पर चड़ी है। जी है स्मार्ट मीटर। वह पर
00:33योजना जिसे केंद सरकार बिजली छेत्र में सबसे बड़े सुधारों में से एक बता रही है। उसी पर योजना को
00:39तमिलनाडू की थलापति विजय सरकार न
00:55यानि कि तमिलनाडू जिनरेशन और डिस्ट्रिबूशन कॉर्पोरेशन की हालत और खराब हो सकती है। लेकिन सवाल है कि आखिर ये
01:02स्मार्ट मीटर है क्या और इसे लेकर इतना विवाद क्यों छड़ा है। मसकार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप
01:08देख रहे हैं वन इ
01:17RDSS का हिस्सा है। इस योजना को केंद सरकार ने विजली वितरन कंपनियों के घाटे को कम करने, विजली चोरी
01:24रोकने और बिलिंग ववस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश से शुरू किया था। पारंपरीक मीटर में विजली की रीडिंग लेने
01:32के लिए कर्मचारी
01:33को घर-घर जाना पड़ता है, लेकिन स्मार्ट मीटर पूरी तरह डिजिटर होता है। ये रियल टाइम में विजली खपत
01:39का डेटा भेजता है। वो भोकता मोबाइल अब पर अपनी खपत देख सकता है और प्रिपेट मोबाइल की तरह विजली
01:45रिचार्ज भी कर सकता है�
01:47कि इस परियोशना पर काम पौन करता है। देश भर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम कई नीजी और सरकारी
01:54कंपनियों को दिया गया है। इनमें प्रमुख नाम हैं जीनिस पावर, हपिल एलेक्ट्रिक्स, अदानी एनर्जी सॉल्यूशन, इंटेली स्मार्ट इंफ्रस्ट
02:04और भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेट। इन सभी नामों में जो सबसे ज्यादा च्वर्चा के केंद्र में जो कंपनी है वो है
02:12अदानी एनर्जी सॉल्यूशन, और इसी वजह से सारा बवाल भी शुरू हुआ है। कई राजियों में अलग-अलग कंपनियां स्मार्ट
02:20मी
02:33जाती है, दूसरा फाइदा है कि बिजली चोरी पर नियंदरन होता है, तीसरा फाइदा है कि डिसकॉम को समय पर
02:38राजस सो मिलता है और तकनीकी नुपसान घटता है। सरगार का कहना है कि जिन राजियों में स्मार्ट मीटर लगाए
02:44गए हैं वहाँ बिल वसूली की दर बढ
03:00गए हैं। कुछ विशेशग्यों का कहना है कि रियल टाइम बिलिंग के कारण उप्भोकताओं को अपनी बास्ति खापत का भुपतान
03:06करना पड़ता है, जिससे पहले की तुलना में बिल्ड ज्यादा दिखाई देता है। दूसरा फिबाद प्रिपेड सिस्टम को लेकर है
03:26यही वज़ा है कि तमिलाडो में यह मुद्धा अब तकनीकी से ज्यादा राजनीतिक बन चुका है। पीजेपी का कहना है
03:32कि स्मार्ट मीटर भविशे की जरूरत है और इन्हें रोकना राज्य के विकास को रोकने जैसा होगा, वहीं विजे सरकार
03:39और उसके समर्थों का तर
03:56क्या बिजली बिल वास्तों में पारदर्शी हुए है या फिर और ज्यादा बढ़ रहे हैं और क्या राज्य सरकारों को
04:01केंद्र के ऐसी ओजनाओं को आँक बंद करके लागू कर लेना चाहिए। पिलाल तमिलाडो में स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली का
04:08मीटर नहीं बल्कि
04:08केंद्र बनाम राज, सुधार बनाम जनहित और तकनीक बनाम राजनीती की नई बहस बन चुका है। आने वाले दिनों में
04:15ये विवाद सिर्फ तमिलाडों तक समित नहीं रहेगा बलकि पूरे देश में बिजली सुधारों की तिशा तैक करने वाली बड़ी
04:21राजनीती हो स
04:38है अगाराइ से की लिवाद से आने की बनाम जलाओ सिर्फ ठाक है। जाति हो सिर्फ थालागों की ये पित
04:45राजनीती है। है। है।
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