00:00हम को यह समझना जरूरी है कि यह जो तीनों रड़ रहे हैं इरान है, अमरिका है और इसराइल है
00:06इनका मकसद क्या है ऑबिक ट ability्टिव क्या है लेटने का जहां तक अब प्रॉक्टिव क्ぎहा है इसराइल जो है
00:13पहले से ही उसके अब्जेक्टिव क्लियर है उनकी एनकी तीन म
00:29हमाज है जो और भी जतने प्रोक्सिस हैं उनको जह सपोर्ट करना इराद
00:34बन करें उनको टॉप्ल जह डिम डिस्मेंटल करें तो यह तीनों
00:39चीज जो है डॉनलर्ड टर्म्प साथ जो living कर रहे हैं वह अपनी
00:57इरान और अमेरिका के बीच में डीन होती है और उसमें इस्राइल शामिल नहीं होता या इस्राइल की शर्ते नहीं
01:05मानी जाती तो मैं यह कहता हूँ यह नेगोसेशन जो डीन है पीस डीन है पहली बात तो यह होगी
01:10नहीं इस्राइल कभी होने नहीं देगा अगर हो भी जाती ह
01:14तो जादे दिन नहीं चलेगी अब देखिए जो है हिजबुल्ला को खतम करना इसराइल के लिए बहुत जरूरी है जिस
01:21तरीके से हमास को खतम किया उसी तरीके हिजबुल्ला को खतम करना क्योंकि हिजबुल्ला ने रडाई हिजबुल्ला ने शुरू करी
01:28थे सेकेंड मार्स को
01:29इरान के सपोर्ट में जब उसने नदल इसराइब के ऊपर रॉकेट दागने शूट किये थे
01:34उसके बाद इसराइब में रिटेरियेट किया और उसके बाद जो है लेवनान में गुज गए
01:40और लास्ट में उन्होंने वार्निंग भी दी थी बेरूत को स्टाइक करेंगे
01:46तो जो बेरूत को स्टाइक करना था वो जो है बेरूत की मजबूरी थी
01:51क्योंकि वहां से पूरा का पूरा हिजबुल्ला का कमार्ड स्ट्रक्चर जो है वो बेरूत में है
01:56और इरान ने ये red line दे लिडी थी कि अगर आप बहरोब के उपर हमला करेंगे
02:00तो हम जो है retaliate करेंगे
02:03तो उनों ने उनकी red line इसरैल ने cross करी तो उनोंने हमला कर लिए
02:08और इरान तो हमेशा से मानता है
02:10कि सीस fire स्रफ इसरैल, अमेरिका या इरान नहीं
02:14इसमें लेमनान या बाकी जगह है वो भी शामिल होने चाहिए तो वो शामिल नहीं हो रहे इसलिए ये डीम
02:21भी नहीं हो रही है और अब जो है जिस तरीके से पहले बेरूत पे इसराइल ने हमला किया पिर
02:27एरान ने रिटेलेट किया इसराइल के ओपर हमला करने के लिए अब �
02:42प्राइब करना चाहता है उनको खतम करना चाता है और एरान को इतना कमजोर करना चाहता है कि आने वाले
02:5120-30 साल तक जो है दुबारा इसराहिल के उपर इरान की तरफ से खत्रा ना मन रा है
03:25जी मुकण जी
03:26स्वाल है इस स्टेज पे आके मुझे नहीं लगता कि डॉनलर्ड ट्रम्ट साब की बात को मानेंगे कि डॉनलर्ड ट्रम्ट
03:33साब ने तो पहले दिन से ये का था क्या बेरूट के ओपर हमला नहीं करेंगे आप सदर लेविनान में
03:39हमला कर सकते हो वो भी आप तब करोंगे अग
03:55इसराइल को तो इसराइल के ये हित्मे है कि वो हिजबुल्ला को उसी तरह खतम करें जिस तरह हमास को
04:01कर रहा हमास को किया है अगर हिजबुल्ला को उसने अब खतम नहीं किया तो आने वाले दो साल तीन
04:07साल में फिर हिजबुल्ला जो हमला कर सकता है तो कब तक इरान जो है �
04:11दर के उसमें स्थाय में जीता रहेगा
04:13कि अब हमला हुआ अब हमला हुआ
04:16तो इस बारी इसराइल ने ये ठान दिया है
04:18कि जितने भी ये प्रॉक्सिज है
04:20इनको जो ख़तम किया जाए
04:22और इरान की जो कैपिबिल्टी है
04:24जो मिल्टरी कैपिबिल्टी है
04:25उनको जो डिग्रेड किया जाए
04:27और वो इसराइल जो करना तो मुझे नहीं लगता
04:31कि अगर इस तरीके से एरान भी हमला करता रहेगा
04:34तो इसराइल नहीं रुकेगा
04:36और इसराइल जो है और ताबर तोड हमले करेगा
04:39और डॉनलर्ट टरम साब जो है
04:41क्योंकि डॉनलर्ट टरम साब को इस लड़ाई से निकलना है
04:44इसलिए वो इसराइल के पीछे पढ़े है
04:46कि आप मत करो आप रिस्टेंट दिखाओ
04:48आप जो है उस जवाब मत दो
04:50लेकिन इसराइल क्यों माने है
04:51क्योंकि डॉनलर्ट रमसा तो बहुत दूर बैठे है, 12,000 किलोमेटर बैठे हैं, उनके उपर कोई असर नहीं होता, उनके
04:56देश के किसी नागरिक के उपर असर नहीं है, लेकिन इस्राइल के नागरिकों कोई असर होता है, जिन राज हैंटर
05:02में रहते हैं, तो इसलिए मुझे
05:04नहीं लगता है कि इसराइल जो है, डॉनलर्ट रमसाब की सारी बाते मानेगा, हो सकता है, थोड़ी बाते मान लें,
05:09रिस्टेंट कर दा है, लेकिन इसराइल बिटकों क्लियर है, उसको जो करना है, वो करेगा, चाहे डॉनलर्ट रमसाब कुस बोनते
05:16रहें, चाहे इरान हमल
05:31जाती है यह जंग बढ़ती है तो अमेरिका क्या सर सीधे मैदान में आएगा या फिर परदे की पीछे रहकर
05:36ही अपनी भूमी का सुनिश्वित करेगा वो पीस जील को लेकर हो या फिर धीरे-धीरे कुछ बातों से ही
05:42नेतन्याहु का सको हो यह रहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प �
05:47शायद अमेरिका की कॉंस्टिशनल और लीगल फ्रेमवर्क में थोड़ा अटक गए हैं भले ही वो इस चीज़ को मीडिया के
05:56सामने सुविकार ना करें लेकिन अमेरिका के कॉंस्टिशन में जो लिखा है कि साथ दिन तक लड़ाई लड़ सकते हैं
06:02प्रेजिनेंट अपने ब
06:17दोनों जगा ऐसे तो दिखा जाए तो डोनल्ड टरम के अपनी जो पाटी है रिपॉब्लिक पाटी हो इसका रिपॉब्लिकन्स का
06:26पांच-पांच-छेचे सीट की बड़त है लेकिन जब मसौदा पास हुआ की डिसकस किया जाएगी प्रेजिदेंट के प्रेजिदेंट आ�
06:46पास करवा दिया इसी तरह से अभी जब ये प्रेजिदेंट की पावर में ये कि तीसरे महिने में उनको अपनी
06:55फॉजों को वापस बुलाना है तो जब डेमोक्रेट्स ने डाला कि अब हमारी फॉजों को वहां से वापस बुलाओ जिसका
07:03मतलब ये भी है कि और फॉज नही
07:05भी भेजनी है तो ये भी पास हो गया तो ये दिखाता है कि डोनल्ड ट्रॉंक थोड़ा समभी धानिक मुसिबत
07:16में पास हो जाएंगे अगर फिर भी वह बताओ प्रेजिदेंट इन मुद्दों को वीटो कर सकते हैं लेकिन वीटो करेंगे
07:28तो फिर अमरीका को पता लग जा
07:34देंगे कि देखो ये प्रेसिडेंट जो है डेमोकरेट प्रेसिडेंट है ये जो प्रेसिडेंट है ये डिक्टेटर प्रेसिडेंट है तो इसलिए
07:43वो डोनल्ड ट्रॉंक से खाल सारे इंडिकेशन यहीं है कि अमरीका डारेक्ली इरान में जनरल बंबारी नहीं चालू करे
08:02चुट-खुट हमले अमरीका कर सकता है जहां से एरानियन छोटे-छोटे एंटिशिक मिसाइल लाग रहे हैं जोगरेब मांटन से
08:10बंदर अलबास के आसपास से लेकिन ऐसा लग रहा है कि अमरीका विशाल युद्ध जैसा कि चारिंजिन का युद्ध हुआ
08:17था वैसा शायद �
08:19युद्ध शार्ट नहीं करेगा जी बलकुल सिरोई सेर हॉर्मूज को लेकर क्या अपडेट है हमारे पास दरशू को हम क्या
08:26समझा सकते हैं इस युद्ध के बाद और कितना ये आर्थिक गल्यारा अब प्रभावित होने बाला है देखिए बुकन जी
08:47ये तो पूरा ही प्र
08:49करता है और इसरैल को इस प्रमूस को अब नवीज citizen में है और इसराईल को कोई फ़र्क नहीं पड़था
08:52है इसब होई तब भी होतीज ने जो क्वें огशी एक्राइब का इसराईल इक्राइब
09:12पर येमन से और इस बारी भी फायर कर सकते हैं तो उस केस में तो स्टेट ऑफ हर्मूस का
09:18अभी मुझे रखता है इन हालात में खुलना और मुश्किल हो गया है
09:22क्योंकि अब डॉलर्ड ट्रम साब को ये नहीं पता लग रहा कि पीस डील करे कि नहीं करे क्योंकि वो
09:28तो अब ना तो वो उस मुसीबत में हैं कि ना तो वो अपन ली इरान को इसराइल को सपोर्ट
09:35कर सकते हैं और ना ही इसराइल को ये कह सकते हैं अब हम आपको सपोर्ट में
09:39करेंगे तो वो उनकी सपोर्ट करना भी उनकी मजबूरी है और जो ए डारेक्टी खुलके लड़ाई में आना ना आना
09:46भी उनकी मजबूरी है तो दोनों साइब से मजबूरी वे फस चुके हैं और उनका जो पीस डील थी या
09:52जो नेगोसेशन या मेमरेंडम अफ अंडेस्टे
09:55नहीं कि जो बाच्ची चल रही थी वो भी अब ठंडे बस्ते में चला गया है जब तक ये दोनों
10:01इसराइब और इरान वापिस ये जो है सी सायर जो हुई थी आठ अपरेन को और दो मीने बाद आठ
10:08जून को जो खत्ब हो गई तब जब तक ये दोनों जो है फायरिंग करना
10:12बन ना करें तब तक ढॉनर्डर्ट रम्साहाब के लिए बहुत बड़ी मिश्किल है और ये जो है पीस डील तब
10:18तक नहीं होगी जब तक इसरायल हonia के उपर हमला करना बन नहीं करेगा और इसरायल ही चुपर हमला बन
10:25नहीं करेगा जब तक हर्दीरा को पूरी तरह से जिस
10:41मन में भी सवाल होते हैं तेल को लेकर
10:43स्पेशली क्योंकि पिछले दो महीने
10:45अगर हम देश भर में देखें तो लगभग
10:47चार से पांच बार पैट्रोल डीजल के कीमतों में
10:49बढ़ातरी हुई हर महीनी की पहली तारीक पर
10:52कमर्शल गैस सिलंडर के दाम
10:53बढ़ा दी जाते हैं उसमें भी लगबग
10:55अगर आप जोड ले पिछले तीन-चार महीने तो
10:56पंद्रो सुर रपे के आसपास का वो एमांट बैठेगा
10:59अब तो घरेलू गैस की कीमते भी बढ़ा दी गई
11:01मौजूदा हालात सर किस और
11:03इशारा कर रहे हैं वो पेट्रोल डीजल की कीमते हो
11:05या फिर अलपीजी प्राइस हाइक को लिकर हो
11:07आप कैसी अपडेट देना चाहेंगे
11:09हमारे दर्शकों को इंडियन ओडियंस को
11:11स्पेशली कि अभी ये जो आर्थिक तूफान किस्ती थी
11:14नजर आ रही है पुरे विश्व में
11:16भारत अभी कितना और प्रभावित होना बाकी है
11:20हाँ मुकुझी हो ये रहा है कि
11:21कच्चे तेल की कीमत जो की युद्ध के पहले
11:2455 डॉलर एक बेरल की थी
11:26युद्ध के बाद चनाव के समय में
11:28ये समय तो ऐसा था कि
11:30115 डॉलर प्रती बेरल हो गया था
11:33अभी फिर जब बात्चीत चालू हुई
11:36इरान के बीच में और अमरिका के बारे
11:38पीच में तो वो कम होके
11:4095 डॉलर पर बेरल हो गया
11:43लेकिन अब जिस तरह से
11:44हामले चालू हो रहे हैं सारा इंडिकेशन है
11:46कि ये 100 डॉलर
11:48प्रती बेरल को चुने वाला
11:51जहां तक भारतियों की बात है कि
11:56अभी जो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री है
11:58वो कह रही है कि भारत में अभी भी
12:0026 दिन की कच्छे तेल का भंडार रहे
12:03हमारी रुपाइनेजिस जो है
12:04वो फुल फ्लेज पूरी ताकत से कच्छा तेल यानि पत्रोल डीजल बनाने की तरफ अग्रसर हैं
12:14सिर्फ थोड़ी सी दिक्कत और यह एंफेसिज है थोड़ी सी दिक्कत हमें
12:31सबको बताया गया है कि अपने पेट्रोलियम का जो डाइवर्चन है
12:39अब भारत साथ प्रतिशात अपने की कोशिश करो
12:46अब भारत साथ प्रतिशात अपने रिक्वार्मेंट जो है गैस की बाहर से आयात करता है
12:55और जिस साथ प्रतिशाते भी ज्यादातर हिस्सा प्राय प्राय का पूरा हिस्सा ही कहते सकते हैं
13:03अब युद्ध के दारान का जो गैस सेंटर है वो कापी शतिग्रस्त हो गया है
13:14भारत सरकार ने हमारी और कमपनी इसको पूरी छूट दी है कि उर दुनीन से कहीं से स्पॉट पर्चेस का
13:21मतलब है
13:24पर्चेस कर लें एक तो होता है कि आप और में कॉंट्रेक्ट करो अगले तीन माएने च्छे माएने के लिए
13:34और दूसरा होता है कि फिल्हाल मौजुदा सरकम्स्टांसेंस में जहां पर भी मिल रहा है समझे लपी जी, सी एंजी,
13:44पी एंजी, तरीजे, तो और उसका हमें थोड़ा सा ज्यादा कीमत देना पड़ रहा है डॉलर टम्स में, लेकिन फैक्रोलियम
13:53कम्पनिस को बोला गया है क
13:55कि उसका जो परपाई है, या मिफसान है, वो ऑईल कम्पनिस खुद उसको अपने लेवल पर एब्सॉर्ब करें, जैसे एक
14:03मोटा एडिया देता हूँ कि आयोसी, हचपीसी, बीपीसी, हर साल अठारा हजार करोर, बाइस हजार करोर के लगभग डिविडेंड पैदा
14:12करती थ
14:24इतना प्रॉफिट भारत सरकार को देने की जरूत नहीं है, आप कच्छा हो, खास दोर से रसोई का जो गैस
14:31है, थोड़े थायर कीमत पर भी अगर इंपोर्ट कर रहे हो, उसकी प्रोसेसिंग जो कॉस्ट है, थायर प्रोसेसिंग कार्ट आप
14:40अब्सॉर्ब कर लो, तो छोट
14:43छोटा इंप्रीज होगा, यह कोई नहीं बच सकता, भारत के जितने परोसी देश हैं, वहां भारत की तुन्ना में पेट्रोल,
14:51डीजल, एलपीजी की कीमत, चार चार पांच पांच गुना बढ़ चुकी है, भारत में अभी तक जो दवाब है, बहुत
14:58छोटा छोटा दवा�
15:03पेट्रोल की कीमत में, डीजल की कीमत में एक एक डोजोर रुपे का इदावा होगा हर अपते, और रसोई गैस
15:09की कीमत, पी एंजी, एलपीजी, इनकी कीमतों में भी, आप 8 पर्तिशर, 10 पर्तिशर का इदावा हर महिने सोच सकते
15:18हैं, जब तक की यह युद्ध खतम नहीं ह
15:21जी, बल्कुल, देवनर जी, एक और क्योंकि जब हमने बात की, अलपीजी, गैस सिलंडर की, वो सी एनजी, पिंजी हो
15:26सकते हैं, तो जब हम देखते हैं कि साज जून को देश में एक बार फिर अलपीजी, रसोई गैस, जो
15:32घरेलू सिलंडर था, उसकी कीमतों में 29 रुपे क
15:34आसपास बड़े, तो एक स्टेटमेंट सा आता है कि सरकार हर सिलंडर पर 700 रुपे का नुकसान जेल रही है,
15:40ये थोड़ा अगर हमारे दर्शकों को आप स्पश्ट कर पाई, वो कौन से 700 रुपे हैं और इसके पीछे वज़ा
15:45है क्या है?
15:47हाँ, मुगी जी होता ही है कि जब देखिए, एक तो एल पी जी जब हम इंपोर्ट करते हैं, तो
15:55ये शिप्स बड़े खास शिप्स होते हैं, बॉटल्ड शिप्स होते हैं, आप देखेंगे फोटो देखते ही पहचान जाएंगे दर्शक, बड़े
16:04बड़े गोल गोल, मैसि�
16:06सिलिंडर्स होते है, गोलाकार, इतने विशाल होते हैं, एक तीन में चार मेंज़़ा घर उसके अंदर 시न.
16:28लाते लिख्यूशन पर ज्यादा खाइब आज गर्चार हो रहा है आज कल एक तो उन शिप्स को बुक करना है
16:35क्यों कि इन शिप्स की शह महीने पहले तीन महीने पहले हो जाती है ऐसा नहीं है कि बस आपने
16:40फोन घुमाया कल और किसी टैंकर कंपनी से बॉटलिंग ऑटव गैस
16:46ले जाने हो वाली टैंकर कम्पनी से बात कर लिए इनकी बुकिंग बहुत पहले से करने पड़ती है दूसरी है
16:52कि इंशुरेंस कॉस्ट बहुत बढ़ गया है लॉइड्स आफ लंडन ज्यादा तर इंशुरेंस करती है इन शिप्स का और कहीं
16:59कहीं तो अगर लॉइड्स आफ �
17:02लेकिन हर ट्रिप का इंशुरेंस नहीं तो होता ही है लेकिन हर ट्रिप का कम्पनी का जो मालिक है और
17:11टैंकर कम्पनी जो है उसको हर ट्रिप की इंशुरेंस करानी पड़ती है कि क्या लेके जा रहे हो कहां से
17:16कहां तक लेके जा रहे हो किस एरिया से गुजर रहे हो तो जैस
17:32ब्लकुल तो भारत सरकार को डोमस्टिक सिलिंडर्स पर जो नुफसान है उसको छेल कर जो आम कंजूमर है खास्तों से
17:47समाज का जो लोवर तपका है लोवर मिडल क्लास है इनको सपोर्ट देना पड़ रहा है जी बल्कुल आपके पास
17:55ही आना चाहेंगे और शोकांतिम सवाल �
17:59कि अगले साथ दिनों में इस युद्ध के मद्धिनजर सबसे बड़ा घटना करम क्या हो सकता है और कैसे ये
18:05पूरी तबाही वाले जंग आगे बढ़ने वाले इस है शिरोई जी
18:09देखिए मुकर जी इस स्टेट पे ये कहना तो बड़ा मुश्किल है कि अगले साथ दिन में क्या होगा घटना
18:17करम लेकि ये बहुत जरूर है कि अगले तालिस से लेके बहातर घंटे जो है इस युद्ध के सबसे जाले
18:25क्रूशिर होंगे जी वो इसलिए कि अगर जिस तरी
18:38देखेंगे कि अमेरिका को अपनी कोई नो कोई भूमी का निवानी पड़ेगी क्योंकि अमेरिका को दिखाना पड़ेगा दुनिया को कि
18:45वो इसराइल को अकेला नहीं छोड़ रहा है लेकिन अमेरिका की ये भी मजबूरी है कि अगर वो इसराइल को
18:51अकेला ना छोड़े औ
18:52involved हो गया तो जो कि डॉनलर्ड ट्रम्प साब नहीं चाते हैं कि दुवारा किसी तरीके सी involved हो तो
18:58इसमें अब ये देखना है दूसरी चीज़ ये है कि इसराइल को ये पहले अमेरिका ने जब इसराइल ने शुरू
19:05में लड़ाई शुरू ही तो इसराइल ने जो इनके एनरजी
19:08जो infrastructure है उसके उपर भी हमला किया था ओयल फील्ड के उपर और डॉनलर्ड ट्रम्प साब ने इसराइल को
19:14बोल दिया था कि आप इनके जो एनरजी इन्फरास्ट्रक्टर जो ऑयल फील्ड नहीं जए जैस फील्ड नहीं नहीं किया था
19:23तो अगर इसराइल रिट्याइशन करन
19:38के बाद जो है समालना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि फिर इरां जो है जितनी और गंफ कंट्रीज हैं, उनके एनरजी
19:45स्ट्रक्चर पर भी इंफर स्ट्रक्चर पर भी हमिना करेगा, जो कि काफी घातक उनके लिए भी होगा और वर्ल्ड इकानोवी
19:52के लिए भी होगा.
19:53बिल्कुल तेवनाजी जैसा की सिरोई जी ने बताया भी कि साथ दिन तो थोड़े आप रत्याशित से नजर आते हैं
19:58आपसे भी समझना चाहेंगे 24-47 गंटे में क्या सच मुच ट्रंप दोस्ती निभाने लोटेंगे या फिर इसराइल और एरान
20:18दोनों छिट पुट वार ही क
20:20चाहें नयक्यूंग जिस आ अंदाज में अजराइल हमले कर रहा है अमरिका नहीं चाहेगा कि पौवर प्लान्ट्स पर हमला주�Shawn
20:29कि फिर इरण को बहाना मिल जाता है कि गल्फ कंट� robotics की पौवर प्लांट्स पर हमला करें बारे से
20:47तो प्र
20:49पेट्रोलियम इंडस्ट्री को अमेरिका को सौप देगी, चाहे वो तीम साल बाद हो या पांस साल बाद हो, तो ऐसे
20:57हालत में अमेरिकन कमपनीज भी चाहती हैं, डोनाल टरम्प के मित्रे हैं सारे, अमेरिकन कमपनीज भी चाहती हैं कि जब
21:04वो इरान में जाएं, चाहे वो ड
21:18अमेरिकन कमनी को डालना पड़ेगा और रिता करने में फिन साल लग जाएंगे तो इसलिए डोनाल्ड ट्रम नहीं चाहते हैं
21:26कि इसराइल भी इरानी ओयल कमनी इस पर हमला करें जी बहुत शुक्रिया देवनाच जी हमें वक्त देने के लिए
21:33वन इंडिया के साथ ही पार फिर
21:46जंग में तबाही बहुत ज्यादा भी नहीं हुई लेकिन ये जिटपुट हमले लगाता जारी है पहले इरान तेल अभी पर
21:52हमला करता है उसके बाद इरान पर भी इसराइली कुछ मिसाइल्स देखे गए अब देखना दिल्चवस्प होगा है कि सच
21:58मुछ ट्रम क्या इस य
21:59युद्ध में एंट्री लेते हैं या फिर अभी पर्दे के पीछे से ही उनकी भूमी का नजर आने वाली है
22:04अप्डेट आपको देते रहेंगे 24 से बहतर घंटे के वीटर लेकिन कुछ बड़े धमाके की जरूर उमीद जताए जा रही
22:10है बहराग देखना दिल्चुस्प है
22:12कि ये युद्ध कितना और लंबा किछेगा और कितनी तबहाई की पांकी है इस युद्ध के मैदान पर
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