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Iran Attack पर Trump ने क्यों बदला स्टैंड, क्या Netanyahu से टूटी दोस्ती? देखिए कैसे ईरान के मिसाइल हमलों के बीच अमेरिका ने अचानक इजरायल का साथ छोड़ दिया है और इस महायुद्ध में बेंजामिन नेतन्याहू बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं।

Following Iran's massive missile attack on Israel's capital Tel Aviv, a significant shift in geopolitics has emerged as US President Donald Trump signals a step back from the direct military conflict. This unexpected move has raised serious questions about the status of the relationship between Donald Trump and Israeli PM Benjamin Netanyahu. Watch this detailed analysis to understand why the United States is avoiding a direct clash with Iran and how this impacts the ongoing West Asia war.

#IranIsraelWar #DonaldTrump #BenjaminNetanyahu #OneindiaHindi

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00:00हम को यह समझना जरूरी है कि यह जो तीनों रड़ रहे हैं इरान है, अमरिका है और इसराइल है
00:06इनका मकसद क्या है ऑबिक ट ability्टिव क्या है लेटने का जहां तक अब प्रॉक्टिव क्ぎहा है इसराइल जो है
00:13पहले से ही उसके अब्जेक्टिव क्लियर है उनकी एनकी तीन म
00:29हमाज है जो और भी जतने प्रोक्सिस हैं उनको जह सपोर्ट करना इराद
00:34बन करें उनको टॉप्ल जह डिम डिस्मेंटल करें तो यह तीनों
00:39चीज जो है डॉनलर्ड टर्म्प साथ जो living कर रहे हैं वह अपनी
00:57इरान और अमेरिका के बीच में डीन होती है और उसमें इस्राइल शामिल नहीं होता या इस्राइल की शर्ते नहीं
01:05मानी जाती तो मैं यह कहता हूँ यह नेगोसेशन जो डीन है पीस डीन है पहली बात तो यह होगी
01:10नहीं इस्राइल कभी होने नहीं देगा अगर हो भी जाती ह
01:14तो जादे दिन नहीं चलेगी अब देखिए जो है हिजबुल्ला को खतम करना इसराइल के लिए बहुत जरूरी है जिस
01:21तरीके से हमास को खतम किया उसी तरीके हिजबुल्ला को खतम करना क्योंकि हिजबुल्ला ने रडाई हिजबुल्ला ने शुरू करी
01:28थे सेकेंड मार्स को
01:29इरान के सपोर्ट में जब उसने नदल इसराइब के ऊपर रॉकेट दागने शूट किये थे
01:34उसके बाद इसराइब में रिटेरियेट किया और उसके बाद जो है लेवनान में गुज गए
01:40और लास्ट में उन्होंने वार्निंग भी दी थी बेरूत को स्टाइक करेंगे
01:46तो जो बेरूत को स्टाइक करना था वो जो है बेरूत की मजबूरी थी
01:51क्योंकि वहां से पूरा का पूरा हिजबुल्ला का कमार्ड स्ट्रक्चर जो है वो बेरूत में है
01:56और इरान ने ये red line दे लिडी थी कि अगर आप बहरोब के उपर हमला करेंगे
02:00तो हम जो है retaliate करेंगे
02:03तो उनों ने उनकी red line इसरैल ने cross करी तो उनोंने हमला कर लिए
02:08और इरान तो हमेशा से मानता है
02:10कि सीस fire स्रफ इसरैल, अमेरिका या इरान नहीं
02:14इसमें लेमनान या बाकी जगह है वो भी शामिल होने चाहिए तो वो शामिल नहीं हो रहे इसलिए ये डीम
02:21भी नहीं हो रही है और अब जो है जिस तरीके से पहले बेरूत पे इसराइल ने हमला किया पिर
02:27एरान ने रिटेलेट किया इसराइल के ओपर हमला करने के लिए अब �
02:42प्राइब करना चाहता है उनको खतम करना चाता है और एरान को इतना कमजोर करना चाहता है कि आने वाले
02:5120-30 साल तक जो है दुबारा इसराहिल के उपर इरान की तरफ से खत्रा ना मन रा है
03:25जी मुकण जी
03:26स्वाल है इस स्टेज पे आके मुझे नहीं लगता कि डॉनलर्ड ट्रम्ट साब की बात को मानेंगे कि डॉनलर्ड ट्रम्ट
03:33साब ने तो पहले दिन से ये का था क्या बेरूट के ओपर हमला नहीं करेंगे आप सदर लेविनान में
03:39हमला कर सकते हो वो भी आप तब करोंगे अग
03:55इसराइल को तो इसराइल के ये हित्मे है कि वो हिजबुल्ला को उसी तरह खतम करें जिस तरह हमास को
04:01कर रहा हमास को किया है अगर हिजबुल्ला को उसने अब खतम नहीं किया तो आने वाले दो साल तीन
04:07साल में फिर हिजबुल्ला जो हमला कर सकता है तो कब तक इरान जो है �
04:11दर के उसमें स्थाय में जीता रहेगा
04:13कि अब हमला हुआ अब हमला हुआ
04:16तो इस बारी इसराइल ने ये ठान दिया है
04:18कि जितने भी ये प्रॉक्सिज है
04:20इनको जो ख़तम किया जाए
04:22और इरान की जो कैपिबिल्टी है
04:24जो मिल्टरी कैपिबिल्टी है
04:25उनको जो डिग्रेड किया जाए
04:27और वो इसराइल जो करना तो मुझे नहीं लगता
04:31कि अगर इस तरीके से एरान भी हमला करता रहेगा
04:34तो इसराइल नहीं रुकेगा
04:36और इसराइल जो है और ताबर तोड हमले करेगा
04:39और डॉनलर्ट टरम साब जो है
04:41क्योंकि डॉनलर्ट टरम साब को इस लड़ाई से निकलना है
04:44इसलिए वो इसराइल के पीछे पढ़े है
04:46कि आप मत करो आप रिस्टेंट दिखाओ
04:48आप जो है उस जवाब मत दो
04:50लेकिन इसराइल क्यों माने है
04:51क्योंकि डॉनलर्ट रमसा तो बहुत दूर बैठे है, 12,000 किलोमेटर बैठे हैं, उनके उपर कोई असर नहीं होता, उनके
04:56देश के किसी नागरिक के उपर असर नहीं है, लेकिन इस्राइल के नागरिकों कोई असर होता है, जिन राज हैंटर
05:02में रहते हैं, तो इसलिए मुझे
05:04नहीं लगता है कि इसराइल जो है, डॉनलर्ट रमसाब की सारी बाते मानेगा, हो सकता है, थोड़ी बाते मान लें,
05:09रिस्टेंट कर दा है, लेकिन इसराइल बिटकों क्लियर है, उसको जो करना है, वो करेगा, चाहे डॉनलर्ट रमसाब कुस बोनते
05:16रहें, चाहे इरान हमल
05:31जाती है यह जंग बढ़ती है तो अमेरिका क्या सर सीधे मैदान में आएगा या फिर परदे की पीछे रहकर
05:36ही अपनी भूमी का सुनिश्वित करेगा वो पीस जील को लेकर हो या फिर धीरे-धीरे कुछ बातों से ही
05:42नेतन्याहु का सको हो यह रहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प �
05:47शायद अमेरिका की कॉंस्टिशनल और लीगल फ्रेमवर्क में थोड़ा अटक गए हैं भले ही वो इस चीज़ को मीडिया के
05:56सामने सुविकार ना करें लेकिन अमेरिका के कॉंस्टिशन में जो लिखा है कि साथ दिन तक लड़ाई लड़ सकते हैं
06:02प्रेजिनेंट अपने ब
06:17दोनों जगा ऐसे तो दिखा जाए तो डोनल्ड टरम के अपनी जो पाटी है रिपॉब्लिक पाटी हो इसका रिपॉब्लिकन्स का
06:26पांच-पांच-छेचे सीट की बड़त है लेकिन जब मसौदा पास हुआ की डिसकस किया जाएगी प्रेजिदेंट के प्रेजिदेंट आ�
06:46पास करवा दिया इसी तरह से अभी जब ये प्रेजिदेंट की पावर में ये कि तीसरे महिने में उनको अपनी
06:55फॉजों को वापस बुलाना है तो जब डेमोक्रेट्स ने डाला कि अब हमारी फॉजों को वहां से वापस बुलाओ जिसका
07:03मतलब ये भी है कि और फॉज नही
07:05भी भेजनी है तो ये भी पास हो गया तो ये दिखाता है कि डोनल्ड ट्रॉंक थोड़ा समभी धानिक मुसिबत
07:16में पास हो जाएंगे अगर फिर भी वह बताओ प्रेजिदेंट इन मुद्दों को वीटो कर सकते हैं लेकिन वीटो करेंगे
07:28तो फिर अमरीका को पता लग जा
07:34देंगे कि देखो ये प्रेसिडेंट जो है डेमोकरेट प्रेसिडेंट है ये जो प्रेसिडेंट है ये डिक्टेटर प्रेसिडेंट है तो इसलिए
07:43वो डोनल्ड ट्रॉंक से खाल सारे इंडिकेशन यहीं है कि अमरीका डारेक्ली इरान में जनरल बंबारी नहीं चालू करे
08:02चुट-खुट हमले अमरीका कर सकता है जहां से एरानियन छोटे-छोटे एंटिशिक मिसाइल लाग रहे हैं जोगरेब मांटन से
08:10बंदर अलबास के आसपास से लेकिन ऐसा लग रहा है कि अमरीका विशाल युद्ध जैसा कि चारिंजिन का युद्ध हुआ
08:17था वैसा शायद �
08:19युद्ध शार्ट नहीं करेगा जी बलकुल सिरोई सेर हॉर्मूज को लेकर क्या अपडेट है हमारे पास दरशू को हम क्या
08:26समझा सकते हैं इस युद्ध के बाद और कितना ये आर्थिक गल्यारा अब प्रभावित होने बाला है देखिए बुकन जी
08:47ये तो पूरा ही प्र
08:49करता है और इसरैल को इस प्रमूस को अब नवीज citizen में है और इसराईल को कोई फ़र्क नहीं पड़था
08:52है इसब होई तब भी होतीज ने जो क्वें огशी एक्राइब का इसराईल इक्राइब
09:12पर येमन से और इस बारी भी फायर कर सकते हैं तो उस केस में तो स्टेट ऑफ हर्मूस का
09:18अभी मुझे रखता है इन हालात में खुलना और मुश्किल हो गया है
09:22क्योंकि अब डॉलर्ड ट्रम साब को ये नहीं पता लग रहा कि पीस डील करे कि नहीं करे क्योंकि वो
09:28तो अब ना तो वो उस मुसीबत में हैं कि ना तो वो अपन ली इरान को इसराइल को सपोर्ट
09:35कर सकते हैं और ना ही इसराइल को ये कह सकते हैं अब हम आपको सपोर्ट में
09:39करेंगे तो वो उनकी सपोर्ट करना भी उनकी मजबूरी है और जो ए डारेक्टी खुलके लड़ाई में आना ना आना
09:46भी उनकी मजबूरी है तो दोनों साइब से मजबूरी वे फस चुके हैं और उनका जो पीस डील थी या
09:52जो नेगोसेशन या मेमरेंडम अफ अंडेस्टे
09:55नहीं कि जो बाच्ची चल रही थी वो भी अब ठंडे बस्ते में चला गया है जब तक ये दोनों
10:01इसराइब और इरान वापिस ये जो है सी सायर जो हुई थी आठ अपरेन को और दो मीने बाद आठ
10:08जून को जो खत्ब हो गई तब जब तक ये दोनों जो है फायरिंग करना
10:12बन ना करें तब तक ढॉनर्डर्ट रम्साहाब के लिए बहुत बड़ी मिश्किल है और ये जो है पीस डील तब
10:18तक नहीं होगी जब तक इसरायल हonia के उपर हमला करना बन नहीं करेगा और इसरायल ही चुपर हमला बन
10:25नहीं करेगा जब तक हर्दीरा को पूरी तरह से जिस
10:41मन में भी सवाल होते हैं तेल को लेकर
10:43स्पेशली क्योंकि पिछले दो महीने
10:45अगर हम देश भर में देखें तो लगभग
10:47चार से पांच बार पैट्रोल डीजल के कीमतों में
10:49बढ़ातरी हुई हर महीनी की पहली तारीक पर
10:52कमर्शल गैस सिलंडर के दाम
10:53बढ़ा दी जाते हैं उसमें भी लगबग
10:55अगर आप जोड ले पिछले तीन-चार महीने तो
10:56पंद्रो सुर रपे के आसपास का वो एमांट बैठेगा
10:59अब तो घरेलू गैस की कीमते भी बढ़ा दी गई
11:01मौजूदा हालात सर किस और
11:03इशारा कर रहे हैं वो पेट्रोल डीजल की कीमते हो
11:05या फिर अलपीजी प्राइस हाइक को लिकर हो
11:07आप कैसी अपडेट देना चाहेंगे
11:09हमारे दर्शकों को इंडियन ओडियंस को
11:11स्पेशली कि अभी ये जो आर्थिक तूफान किस्ती थी
11:14नजर आ रही है पुरे विश्व में
11:16भारत अभी कितना और प्रभावित होना बाकी है
11:20हाँ मुकुझी हो ये रहा है कि
11:21कच्चे तेल की कीमत जो की युद्ध के पहले
11:2455 डॉलर एक बेरल की थी
11:26युद्ध के बाद चनाव के समय में
11:28ये समय तो ऐसा था कि
11:30115 डॉलर प्रती बेरल हो गया था
11:33अभी फिर जब बात्चीत चालू हुई
11:36इरान के बीच में और अमरिका के बारे
11:38पीच में तो वो कम होके
11:4095 डॉलर पर बेरल हो गया
11:43लेकिन अब जिस तरह से
11:44हामले चालू हो रहे हैं सारा इंडिकेशन है
11:46कि ये 100 डॉलर
11:48प्रती बेरल को चुने वाला
11:51जहां तक भारतियों की बात है कि
11:56अभी जो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री है
11:58वो कह रही है कि भारत में अभी भी
12:0026 दिन की कच्छे तेल का भंडार रहे
12:03हमारी रुपाइनेजिस जो है
12:04वो फुल फ्लेज पूरी ताकत से कच्छा तेल यानि पत्रोल डीजल बनाने की तरफ अग्रसर हैं
12:14सिर्फ थोड़ी सी दिक्कत और यह एंफेसिज है थोड़ी सी दिक्कत हमें
12:31सबको बताया गया है कि अपने पेट्रोलियम का जो डाइवर्चन है
12:39अब भारत साथ प्रतिशात अपने की कोशिश करो
12:46अब भारत साथ प्रतिशात अपने रिक्वार्मेंट जो है गैस की बाहर से आयात करता है
12:55और जिस साथ प्रतिशाते भी ज्यादातर हिस्सा प्राय प्राय का पूरा हिस्सा ही कहते सकते हैं
13:03अब युद्ध के दारान का जो गैस सेंटर है वो कापी शतिग्रस्त हो गया है
13:14भारत सरकार ने हमारी और कमपनी इसको पूरी छूट दी है कि उर दुनीन से कहीं से स्पॉट पर्चेस का
13:21मतलब है
13:24पर्चेस कर लें एक तो होता है कि आप और में कॉंट्रेक्ट करो अगले तीन माएने च्छे माएने के लिए
13:34और दूसरा होता है कि फिल्हाल मौजुदा सरकम्स्टांसेंस में जहां पर भी मिल रहा है समझे लपी जी, सी एंजी,
13:44पी एंजी, तरीजे, तो और उसका हमें थोड़ा सा ज्यादा कीमत देना पड़ रहा है डॉलर टम्स में, लेकिन फैक्रोलियम
13:53कम्पनिस को बोला गया है क
13:55कि उसका जो परपाई है, या मिफसान है, वो ऑईल कम्पनिस खुद उसको अपने लेवल पर एब्सॉर्ब करें, जैसे एक
14:03मोटा एडिया देता हूँ कि आयोसी, हचपीसी, बीपीसी, हर साल अठारा हजार करोर, बाइस हजार करोर के लगभग डिविडेंड पैदा
14:12करती थ
14:24इतना प्रॉफिट भारत सरकार को देने की जरूत नहीं है, आप कच्छा हो, खास दोर से रसोई का जो गैस
14:31है, थोड़े थायर कीमत पर भी अगर इंपोर्ट कर रहे हो, उसकी प्रोसेसिंग जो कॉस्ट है, थायर प्रोसेसिंग कार्ट आप
14:40अब्सॉर्ब कर लो, तो छोट
14:43छोटा इंप्रीज होगा, यह कोई नहीं बच सकता, भारत के जितने परोसी देश हैं, वहां भारत की तुन्ना में पेट्रोल,
14:51डीजल, एलपीजी की कीमत, चार चार पांच पांच गुना बढ़ चुकी है, भारत में अभी तक जो दवाब है, बहुत
14:58छोटा छोटा दवा�
15:03पेट्रोल की कीमत में, डीजल की कीमत में एक एक डोजोर रुपे का इदावा होगा हर अपते, और रसोई गैस
15:09की कीमत, पी एंजी, एलपीजी, इनकी कीमतों में भी, आप 8 पर्तिशर, 10 पर्तिशर का इदावा हर महिने सोच सकते
15:18हैं, जब तक की यह युद्ध खतम नहीं ह
15:21जी, बल्कुल, देवनर जी, एक और क्योंकि जब हमने बात की, अलपीजी, गैस सिलंडर की, वो सी एनजी, पिंजी हो
15:26सकते हैं, तो जब हम देखते हैं कि साज जून को देश में एक बार फिर अलपीजी, रसोई गैस, जो
15:32घरेलू सिलंडर था, उसकी कीमतों में 29 रुपे क
15:34आसपास बड़े, तो एक स्टेटमेंट सा आता है कि सरकार हर सिलंडर पर 700 रुपे का नुकसान जेल रही है,
15:40ये थोड़ा अगर हमारे दर्शकों को आप स्पश्ट कर पाई, वो कौन से 700 रुपे हैं और इसके पीछे वज़ा
15:45है क्या है?
15:47हाँ, मुगी जी होता ही है कि जब देखिए, एक तो एल पी जी जब हम इंपोर्ट करते हैं, तो
15:55ये शिप्स बड़े खास शिप्स होते हैं, बॉटल्ड शिप्स होते हैं, आप देखेंगे फोटो देखते ही पहचान जाएंगे दर्शक, बड़े
16:04बड़े गोल गोल, मैसि�
16:06सिलिंडर्स होते है, गोलाकार, इतने विशाल होते हैं, एक तीन में चार मेंज़़ा घर उसके अंदर 시न.
16:28लाते लिख्यूशन पर ज्यादा खाइब आज गर्चार हो रहा है आज कल एक तो उन शिप्स को बुक करना है
16:35क्यों कि इन शिप्स की शह महीने पहले तीन महीने पहले हो जाती है ऐसा नहीं है कि बस आपने
16:40फोन घुमाया कल और किसी टैंकर कंपनी से बॉटलिंग ऑटव गैस
16:46ले जाने हो वाली टैंकर कम्पनी से बात कर लिए इनकी बुकिंग बहुत पहले से करने पड़ती है दूसरी है
16:52कि इंशुरेंस कॉस्ट बहुत बढ़ गया है लॉइड्स आफ लंडन ज्यादा तर इंशुरेंस करती है इन शिप्स का और कहीं
16:59कहीं तो अगर लॉइड्स आफ �
17:02लेकिन हर ट्रिप का इंशुरेंस नहीं तो होता ही है लेकिन हर ट्रिप का कम्पनी का जो मालिक है और
17:11टैंकर कम्पनी जो है उसको हर ट्रिप की इंशुरेंस करानी पड़ती है कि क्या लेके जा रहे हो कहां से
17:16कहां तक लेके जा रहे हो किस एरिया से गुजर रहे हो तो जैस
17:32ब्लकुल तो भारत सरकार को डोमस्टिक सिलिंडर्स पर जो नुफसान है उसको छेल कर जो आम कंजूमर है खास्तों से
17:47समाज का जो लोवर तपका है लोवर मिडल क्लास है इनको सपोर्ट देना पड़ रहा है जी बल्कुल आपके पास
17:55ही आना चाहेंगे और शोकांतिम सवाल �
17:59कि अगले साथ दिनों में इस युद्ध के मद्धिनजर सबसे बड़ा घटना करम क्या हो सकता है और कैसे ये
18:05पूरी तबाही वाले जंग आगे बढ़ने वाले इस है शिरोई जी
18:09देखिए मुकर जी इस स्टेट पे ये कहना तो बड़ा मुश्किल है कि अगले साथ दिन में क्या होगा घटना
18:17करम लेकि ये बहुत जरूर है कि अगले तालिस से लेके बहातर घंटे जो है इस युद्ध के सबसे जाले
18:25क्रूशिर होंगे जी वो इसलिए कि अगर जिस तरी
18:38देखेंगे कि अमेरिका को अपनी कोई नो कोई भूमी का निवानी पड़ेगी क्योंकि अमेरिका को दिखाना पड़ेगा दुनिया को कि
18:45वो इसराइल को अकेला नहीं छोड़ रहा है लेकिन अमेरिका की ये भी मजबूरी है कि अगर वो इसराइल को
18:51अकेला ना छोड़े औ
18:52involved हो गया तो जो कि डॉनलर्ड ट्रम्प साब नहीं चाते हैं कि दुवारा किसी तरीके सी involved हो तो
18:58इसमें अब ये देखना है दूसरी चीज़ ये है कि इसराइल को ये पहले अमेरिका ने जब इसराइल ने शुरू
19:05में लड़ाई शुरू ही तो इसराइल ने जो इनके एनरजी
19:08जो infrastructure है उसके उपर भी हमला किया था ओयल फील्ड के उपर और डॉनलर्ड ट्रम्प साब ने इसराइल को
19:14बोल दिया था कि आप इनके जो एनरजी इन्फरास्ट्रक्टर जो ऑयल फील्ड नहीं जए जैस फील्ड नहीं नहीं किया था
19:23तो अगर इसराइल रिट्याइशन करन
19:38के बाद जो है समालना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि फिर इरां जो है जितनी और गंफ कंट्रीज हैं, उनके एनरजी
19:45स्ट्रक्चर पर भी इंफर स्ट्रक्चर पर भी हमिना करेगा, जो कि काफी घातक उनके लिए भी होगा और वर्ल्ड इकानोवी
19:52के लिए भी होगा.
19:53बिल्कुल तेवनाजी जैसा की सिरोई जी ने बताया भी कि साथ दिन तो थोड़े आप रत्याशित से नजर आते हैं
19:58आपसे भी समझना चाहेंगे 24-47 गंटे में क्या सच मुच ट्रंप दोस्ती निभाने लोटेंगे या फिर इसराइल और एरान
20:18दोनों छिट पुट वार ही क
20:20चाहें नयक्यूंग जिस आ अंदाज में अजराइल हमले कर रहा है अमरिका नहीं चाहेगा कि पौवर प्लान्ट्स पर हमला주�Shawn
20:29कि फिर इरण को बहाना मिल जाता है कि गल्फ कंट� robotics की पौवर प्लांट्स पर हमला करें बारे से
20:47तो प्र
20:49पेट्रोलियम इंडस्ट्री को अमेरिका को सौप देगी, चाहे वो तीम साल बाद हो या पांस साल बाद हो, तो ऐसे
20:57हालत में अमेरिकन कमपनीज भी चाहती हैं, डोनाल टरम्प के मित्रे हैं सारे, अमेरिकन कमपनीज भी चाहती हैं कि जब
21:04वो इरान में जाएं, चाहे वो ड
21:18अमेरिकन कमनी को डालना पड़ेगा और रिता करने में फिन साल लग जाएंगे तो इसलिए डोनाल्ड ट्रम नहीं चाहते हैं
21:26कि इसराइल भी इरानी ओयल कमनी इस पर हमला करें जी बहुत शुक्रिया देवनाच जी हमें वक्त देने के लिए
21:33वन इंडिया के साथ ही पार फिर
21:46जंग में तबाही बहुत ज्यादा भी नहीं हुई लेकिन ये जिटपुट हमले लगाता जारी है पहले इरान तेल अभी पर
21:52हमला करता है उसके बाद इरान पर भी इसराइली कुछ मिसाइल्स देखे गए अब देखना दिल्चवस्प होगा है कि सच
21:58मुछ ट्रम क्या इस य
21:59युद्ध में एंट्री लेते हैं या फिर अभी पर्दे के पीछे से ही उनकी भूमी का नजर आने वाली है
22:04अप्डेट आपको देते रहेंगे 24 से बहतर घंटे के वीटर लेकिन कुछ बड़े धमाके की जरूर उमीद जताए जा रही
22:10है बहराग देखना दिल्चुस्प है
22:12कि ये युद्ध कितना और लंबा किछेगा और कितनी तबहाई की पांकी है इस युद्ध के मैदान पर
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