Skip to playerSkip to main content
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sukhendu Sekhar Roy ने पार्टी से दूरी बनाकर बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने वाले रॉय के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेद और सिद्धांतों से जुड़े मुद्दे इस निर्णय की बड़ी वजह बने।सुखेंदु शेखर रॉय लंबे समय से TMC का अहम चेहरा रहे हैं और कई संवैधानिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं।उनके इस कदम को बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं।क्या यह सिर्फ एक इस्तीफा है या TMC के भीतर गहरे असंतोष का संकेत?ममता बनर्जी की पार्टी पर इसका क्या असर पड़ेगा और आगे रॉय का राजनीतिक भविष्य क्या होगा?जानिए इस वीडियो में पूरी कहानी और इसके राजनीतिक मायने।

Veteran Trinamool Congress leader and Rajya Sabha MP Sukhendu Sekhar Roy has sparked fresh political debate after distancing himself from the party.
Known as one of Mamata Banerjee’s most trusted associates, Roy’s move has created a buzz in West Bengal politics.Reports suggest that ideological differences and internal disagreements may have contributed to his decision.For years, Roy played a crucial role in defending the party’s position on key political and constitutional matters.Political observers are viewing this development as a significant moment for the TMC.The opposition is also closely watching the situation unfold.Is this merely a resignation or a sign of deeper dissatisfaction within the party?
What impact will this have on Mamata Banerjee and the Trinamool Congress going forward?
Watch this video for the complete story and political analysis.

#SukhenduSekharRoy #TMC #MamataBanerjee #WestBengalPolitics #RajyaSabha #PoliticalNews #TrinamoolCongress #IndianPolitics #BreakingNews

~HT.410~PR.512~ED.276~GR.506~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00कोलकता से लेकर दिल्ली के पावर कोरिडोर्स तक आज सबसे बड़ा सवाल एकी है कि त्रिनमूल कॉंग्रेस के सबसे सीनियर
00:07और नो कॉंप्रमाइस चहरा सुखेंदू सेखर रॉय ने अचानक राजसभा और पार्टी दोनों से इस्तीफा क्यूं दे दिया
00:15एक ऐसा नेता जो 2011 से त्रिनमूल की अवाज बनकर पार्लिमेंट में गूचता था जिसने हर मुश्किल वक्त में मम्ता
00:24बैनर जी का साथ दिया उन्होंने आज 77 साल की उमर में अपने ही पार्टी को अलविदा क्यूं कह दिया
00:30ये सिरफ एक resignation नहीं है ये West Bengal की politics में एक बहुत बड़े भुकंप का इशारा है जहां
00:37West Bengal के पुराने बड़े नेता अब TMC और अपनी नेतागीरी से हाथ जोड़ कर बाहर जा रहे है
00:44स्टोरी की शुरुवात होती है बंगाल के 2026 assembly election से प्रिनमूल कॉंग्रिस को वहां एक बड़ी शिकस्ट का सामना
00:52करना पड़ा एक ऐसी हार जिसने पार्टी के अंदर की दरारों को सब के सामने लाकर खा कर दिया
00:57सुखेंदू सेखर रोय तभी से पार्टी से थोड़ा अलग तलग चल रहे थी उनका सबसे बड़ा अक्रोश था पार्टी के
01:04अंदर फैला करप्शन और हार के बाद किसी भी तरह का इंट्रोस्पेक्शन यानि आत्मन रक्षन का ना होना
01:11रोय का साफ कहना था कि पार्टी में पॉलिटिकल और सोशल इशूस को डिसकस करने के लिए कोई फोरम ही
01:18नहीं बचा निताओं की अवास को दबा दिया गया लेकिन ये नराजगी सिरफ करप्शन तक महदूद नहीं थी इसका सबसे
01:24बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया
01:26जब कोलकता के आरजी कर हॉस्पिटल में एक डॉक्टर के साथ दरिंदगी हुई उस वक्ट जब पूरी पार्टी इस मामले
01:32पर बैक फुट पर थी और डिफेंट कर रही थी सुखेंदू सेखर रोय ने अपनी ही सरकार और पार्टी के
01:37खिलाफ खड़े होकर प्रोटेस्ट
01:39में हिस्सा लिया था उन्होंने साफ कर दिया था कि बात जब सही और गलत ही आएगी तो वो पार्टी
01:44लाइन को फॉलो नहीं करेंगे और इसी वज़े से उन्हें पार्टी में साइड लाइन कर दिया गया अब थोड़ा पीछे
01:50चलते हैं और समझते हैं कि सुखेंदू सेख
01:53पर रॉय आखिर है कौन और टीमसी के लिए उनका जाना इतना बड़ा जटका क्यूं है रॉय को यामनेता नहीं
02:00है वो पुराने दौर के एक महाननेता हैं और फॉर्मर प्रेजिडेंट लेड प्रनब मुखर जी के बहुत करीबी रहे हैं
02:07कॉंग्रिस से अपना सफर शुर�
02:21वहां में टीमसी के डेप्टी लीडर रहे और दोहजार चौबिस तक चीफ विप की जिम्मेदारी भी समभली जब भी पार्लिमेंट
02:28में ऑपोजिशन पर हमला करना होता है या टीमसी का पक्ष रखना होता था सुकेंदू सेखर रॉय का नाम सबसे
02:34आगे होता था उनकी क्ल
02:49जोय का जाना अच्छली एक बहुत बड़े रिबेलियन का आगाज है दिल्ली के मीडिया के सामने उन्होंने जो बाते कहीं
02:55वो इशारा करती है कि त्रिनमूल के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है
02:58स्पेकिलेशन्स बहुत तेज हैं कि उनके बाद कई और MPs भी पार्टी छोड़ सकते हैं जिसमें एक बिल्कुल नियूली इलेक्टेड
03:05राजसबा MP का नाम भी सामने आ रहा है
03:08सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बंगाल के अंदर लेजिसलेचर पार्टी में भी एक बड़ी बगावत हो चुकी है
03:14लगभग साथ TMC MLA's ने पार्टी से अलग होकर एक नया लीडर ओफ ऑपोजिशन तक चुन लिया है
03:20इसका मतलब साफ है MLA's और MP's दोनों का ही अब पार्टी लीडर्शिप से भरोसा उठ चुका है
03:27उन्हें लग रहा है कि उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही इसलिए अब चाहे दिल्ली हो या बंगाल हर तरफ
03:34से TMC के नेता तूटते जा रहे है
03:37सुखेंदू सेखर रॉय का ये कदम उनके नो कॉंप्रमाईज आटिट्यूट को साबित करता है
03:4277 साल की उमर में जब आमनेता सेफ प्ले करना चाहता है रॉय सहाब ने उसूलों के लिए पावर और
03:49पोजिशन दोनों को ठुकरा दिया
03:51लेकिन असली सवाल अब भी ममता बैनर जी और त्रिनमूल कॉंग्रेस के सामने है
03:56क्या पाटी संद्रूनी बगावत को रोख पाएगी या सुखेंदू सेखर रॉय का ये स्तीफा TMC के बड़े बिखराव की शुरुवात
04:04है
04:04बंगाल की सियासत अब किस करवट बैठेगी ये देखना बहुत दिल्चस्प होगा
04:08और आप ऐसे ही देखते रहिए One India मैं हूँ आकर्ष कॉशिक
04:11जो भी आपकी राए हो हमें कॉमेंन सेक्शन में जरूर बताइए
Comments

Recommended