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  • 8 hours ago
राजस्थान के Jaisalmer Fort में स्थित ऐतिहासिक ‘हवा प्रोल’ आज भी प्राचीन भारतीय वास्तुकला की अद्भुत मिसाल बना हुआ है. करीब 377 साल पुराना यह प्रवेश द्वार भीषण गर्मी में भी बिना एसी के प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है. विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बनावट, क्रॉस वेंटिलेशन, चूने की परत और बलुआ पत्थर की संरचना हवा के प्रवाह को तेज कर तापमान कम करती है. बाहर तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर भी अंदर का तापमान अपेक्षाकृत काफी कम रहता है. स्थानीय लोग इसे सदियों पुरानी वैज्ञानिक सोच और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीक का शानदार उदाहरण मानते हैं, जो आज के आधुनिक कूलिंग सिस्टम को भी चुनौती देता है.

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Transcript
00:00Rajasthan की भीशन गर्मी में एर कंडिशनर ही राहत का इकलोता जर्या दिखता है
00:05लेकिन जैसल मेर में सुनार किले के भीतर 377 साल पुराने प्रवेशद्वार को ठंड के लिए AC की जरूरत नहीं
00:13पड़ती
00:13हवा प्रोल के नाम से मशूर प्रवेशद्वार पारंपरिक वास्तुकला की अद्भुत मिसाल है
00:19राजस्थान की भीशन गर्मी के बावजूद यहां का वातावरण प्राक्रतिक रूप से ठंडा रहता है
00:25इसे 17 सदी में महरावल मनोहर के शासनकाल में बनाया गया था
00:30उस समय इसका नाम रंग प्रोल था
00:33बाद में हवा ठंडा करने की असाधारन शम्ता के कारण यह हवा प्रोल या पवन द्वार के नाम से मशूर
00:39हो गया
00:40इतिहासकार बताते हैं कि इस चमतकार की वज़ा हवा के पैटर्ण और वास्तो शिर्फ डिजाइन के बीच समन्वे की गहरी
00:48समझ है
00:49जो पुराने जमाने में लोग जो थे या इंजिनियर्स थे या गजदर जिनको कहा करते थे
01:16और दूसरा क्या है कि इस प्रोल के बहार जो है पीछे की तरफ निरानी महल है राजा का महल
01:22है
01:35हवा प्रोल को मौसमी हवा के अनुरूप डिजाइन किया गया है
01:39इसका संक्रा रास्ता, चूने से प्लास्टर की गई दिवारें और बलुआ पधर की संडचना
01:45स्वाभाविक रूप से हवा का प्रवा तेज करती है और तापमान कम रखती है
01:50बाहर का तापमान बेशक 45 डिग्री से उपर हो
01:54तेकिन प्रवेश द्वार के छायादार अंदरूनी हिस्से असाधारर रूप से ठंडे रहते हैं
02:40आज भी उस हवाप रोल में आप जाकर बैठोगे क्यों आपको 25 से 30 डिग्री सेल्सियस हो
02:43देशनमेर का किला जब बना पहले आंधियां घूब चलती थी और रेज के टीले थे चोक्ते चारों तरफ में
02:49पहले इसकी जो बनाओट है वो इस तरह से बनाई गई कि यहां क्रॉस वेंटिलेशन से हवा निकलती रहे
02:59लोगों के घर है जो एकदम सटेवे थे तो हवा बगर कम आती थी दोपैर की टाइम में जो अमारे
03:06बड़े बुजूर्ग या बच्चे वर जो भी होते थे वो लोग वहां से घरों से निकल के खानावाना खाके और
03:12इस प्रोल के अंदर आके बैरते थे और यहां
03:17प्रोल है यह करीबन 800-850 वर्स पुरानी प्रोल है और जो दकसिन की हवाएं आती है वह दकसिन से
03:27उत्तर की तरफ चलती है गर्मियों के अंदर तो यह जो चूने का काम हुआवा है जो हवाएं
03:33cross ventilation
03:34and when it comes to touch
03:37it will be
03:38so that the crossing
03:39will be
03:40so that it will be
03:42because it will be
03:42cross ventilation
03:43and in the heat
03:45under the heat
03:45is about
03:47the heat
03:47is about 45-48
03:51and the temperature
03:52is about
03:53but under the shadow
03:54temperature
03:54is about
03:5532-35 degrees
03:56in the heat
03:57in the heat
03:58in the heat
03:59the heat
04:00in the heat
04:01and the heat
04:03shall not fall
04:05when it comes big
04:05and anotherこちら
04:06The
04:07The
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04:13The
04:13To be continued...
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