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00:00इंसान को पता भी निलगेगा कि हुआ क्या, मेरे साथ हुआ क्या, अचानक चलते जलते बस गिर जाएगा
00:05भले ही फिर उसको तुम पीने के लिए खुद सारा पानी दे रखा है, भले ही वो पहलवान है, भले
00:10ही वो च्छाओं में बाठा हुआ है, वो मरेगा ही मरेगा
00:12और जब मैं इंसान की बाठ कर रहा हुँ, तो उसमें अर्बन प्रिविलेश्ट मिडिल क्लास भी आती है, यह वो
00:19इंसान नहीं है, कुछ और है
00:20जो अर्बन मिडिल क्लास लोग है, वो आज भी सोचते है कि क्लाइमिट चींज एक डूल का इशू है, में
00:24भी किसानों का, गाहों का, यह दूल दासके जगहों का इशू है
00:28आकटोबर, नवमबर, दिसम्बर, जन्वरी, फर्वरी हवा में जहर है, अप्रिल आते ही इतना करण हो गया, कि अभाब वाथ नहीं
00:35कर सकते, और चुलाई आते ही पानी इतना भर गया, कि आप वाथ नहीं
00:51कि मरेंगे, कि मैं जो आपको तापमान बताऊंगा, आप उससे चौक होगे, कितना है वो तापमान, सिर्फ एक है जो
01:01रिलेटिवली कूल-कूल है, और दूसरा है जो बाहर उबल रहा है, उसकी खाल में पोले उठ रहे हैं, टाइमेट
01:10चेंज सिर्फ टेंपरेचर नहीं बढ�
01:11वो बारिश भी बढ़ाता है, जब होती है बारिश, तो जबरदस्त होती है, वो ऐसे नहीं, जैसे कि बस पोहार
01:18है, ऐसा होता है, जैसे कि पानी की दीवार खड़ी होगी है, जमीर और आसमान के बीच में, ग्लेशियर पिहलेंगे,
01:25तो पहले जो कुछ साल तक नदियों में
01:27पानी बढ़ेंगा और बार आएगी और इसके बाद कुछ नहीं, वो नदीगी तेष हई रह जाएगी, आपको दिखाई नहीं देराएगी
01:35क्राइम कितना बढ़ेगा, आपको दिखाई नहीं देराएगी वो जिंदा रहने के लिए कुछ भी करेगा, जैल अबी आगे और ह
01:42होना है और 100 साल आगे नहीं होना है इस साल के भी खेल के अभी बस शुरुवात हुई है
01:46और आप यह आधी ख़बर थी पूरी ख़बर सुनिये
01:53नमस्ते अच्छल जी मेरा नम सिधारत है मैं क्लाइमिट चेंज और सुस्टेनिबिटी स्पेस में कार्या रतू है मेरा जो इंटराक्शन
02:03होते हैं उन चुनिंदा लोगों को छोड़ी जो इस स्पेस में है तो जो अर्बन मिल क्लास लोग है उनसे
02:08बात करके उनका जो परसेप
02:20उनकी लाइफ में जो कन्वीनियंसे उनको मिले हुए है जैसे पानी की समस्या नहीं है एसी में बैठे हैं सुबह
02:25है तो घर मर ऑफिस में जा रहे हैं तो कैब में क्लाइमेट चेंज चूता हुआ अभी उनको अचूता कुछ
02:32तक कर देता है मतलब इंपक्ट फील नहीं होता
02:49अभी नहीं से नहीं है कि आप अर्बन हैं या लोवर क्लास नहीं है आप मिडल क्लास है तो इसलिए
02:58आप बच जाएंगे ऐसा बिलकुल भी नहीं होने वाला
03:01और सवाल का अधार सही है जब क्लाइमेट क्राइसिस की बात होती है तो उसमें जो ज्यादा उल्लेख आता है
03:11वो आता है किसानों का
03:16वो आता है मजदूरों का विशेशकर जो जो लैंडलेस लेबरर्स होते हैं उनकी बात आती है उसमें बात आती है
03:26जो जो बाहर आउटडोर वर्कर्स होते हैं उनकी बात आ जाती है
03:34या वो लोग जो होमलेस होते हैं उनको माइग्रेशन करना पड़ेगा इसकी बात आ जाती है तो यह बिलकुल हो
03:43सकता है कि जो लोग थोड़े प्रिविलेज्ट हैं जिनको जिन्दगी में जैसा आपने कहां कन्वीनियन्सेज मिली हुई हैं उनको यह
03:53लगे कि हाँ क्लाइम
03:55होता तो है it is real but it won't impact me that much. The crisis is for somebody else. Crisis
04:02है मेरे लिए नहीं किसके लिए गरीब मजदूर, किसान के लिए, ठेले वाले के लिए, रिक्षे वाले के लिए, मेरे
04:07लिए नहीं है, ऐसा कुछ भी नहीं है, ऐसा कुछ नहीं है.
04:11Crisis सब के लिए है, जो urban dweller है, जो जो शहरी बाशिंदा है, उस पर भी जबरदस्त चोट पड़
04:21रही है और आगे और जोर की पड़ने वाली है.
04:26अब climate change की बात इसलिए कर रहे हो क्योंकि अभी मई महीने का अंत चल रहा है और गर्मी
04:32बहुत है.
04:35और आप यहाँ पर हो दिल्ली में, NCR में गर्मी लग रही है, तो आजकल चारो तरफ climate-climate की
04:42बात हो रही है.
04:43लेकिन climate की सबसे बड़ी जो आपको मार पड़नी है, वो मई में नहीं पड़नी है, वो पड़नी है जून
04:52-जुलाई में.
04:58जो heat waves होती है, जो heat strokes होते है, वो बाहरी तापमान मात्र पर उतना निर्भर नहीं करते हैं.
05:13वो निर्भर करते हैं तापमान पर और humidity पर.
05:19तो अभी हालत और खराब होगी, और ये जो privileged middle class, upper middle class है, इनके लिए भी खराब
05:28होगी.
05:29ये कब तक अपने private cabins में बैठे रहेंगे, ये कब तक artificial climate को खरीद पाएंगे?
05:42ये सोचते हैं कि हम privately अपने लिए climate खरीद सकते हैं, मेरे कमरे में तो 23 degree है, तो
05:49बाहर climate कुछ भी होगा, मेरा तो climate है जो मैंने खरीद रखा है, ये तुम कब तक कर लोगे?
05:55ये बहुत लंबे समय तक नहीं कर सकते हैं, कमरे से बाहर तो निकलना पड़ेगा, आपको पता है, एक temperature
06:03ऐसा होता है, जिसके बाद अगर आप पेड़ की छाओं में भी बैठे हो, और आपको दुनिया भर का भी
06:13पानी उपलब्ध है, तो भी आप मर जाओगे, हम कितने temperature की �
06:19बात कर रहे हैं, आप पेड़ की छाओं में भी बैठे हो, और पानी भी आपको मिला हुआ है, और
06:28आप स्वस्त हो, आप एक healthy young individual हो, आप तो भी मर जाओगे, आप बची नहीं सकते क्योंकि आपका
06:34शरीर डिजाइन भी नहीं है उतना temperature जेलने के लिए, मैं जो आपको तापम
06:44सिर्फ 35 डिगरी, पर हम बात कर रहे हैं, वेट बल्ब टेंपरिचर की, वेट बल्ब टेंपरिचर जो होता है न,
06:54वो वास्तविक experienced heat wave और heat stroke का indicator होता है, बाहर 45 डिगरी हो, पर humidity 10-15
07:07परसेंट ही हो, आप बच जाओगे, क्यों?
07:12क्योंकि पसीना बहेगा, बाहर हवा में उतनी नमी नहीं है, humidity कम है, तो पसीना निकलेगा, और जब बाहर हवा
07:21में humidity कम है, तो पसीना फिर भाब भी बन जाएगा, वेपोरेट हो जाएगा, वेपोरेशन से कूलिंग हो जाएगी, आप
07:26बच जाओगे,
07:30लेकिन अगर तापमान सिर्फ 38 डिग्री हो और 38 डिग्री तो बहुत कॉमन है
07:3638 डिग्री ते कहीं जादा तो आज भी था
07:39और हुमिडिटी 50 प्रतिशत पार कर गई हो
07:44तो आपका बचना मुश्किल हो जाएगा
07:46क्योंकि एवैपुरेशन नहीं होगा
07:51एवैपुरेशन नहीं होगा, कूलिंग नहीं होगी
07:53और आपके सिस्टम के पास कोई तरीका ही नहीं है
07:56खुद को ठंडा रख पाने का
07:59यह जो हुमन बॉडी है यह अपने आपको
08:01सिर्फ और सिर्फ स्वेटिंग से ठंडा रख सकती है
08:04और जो हमारा मेटबॉलिजम होता है
08:06वो लगातार हीट जनरेट करता है
08:07आप एक ऐसी मशीन हो जो इनेफीशियन्ट है
08:11तो आप जब खाना खाते हो ना
08:13उसका मेटबॉलिजम होता है
08:14तो वो जो मेटबॉलिजम है वो एग्जो थर्मल है
08:19तो वो सिर्फ एनरजी नहीं जनरेट कर रहा जिससे फिर आप काम करते हो उससे हीट भी जनरेट हो रही
08:23है हीट लगातार और हमारे पास कोई तरीका नहीं है उस हीट को डिसिपेट करने का यह की तरीका है
08:29क्या
08:33स्वेटिंग वेट बल्ब टेंप्रेचर कहता है कि थर्मोमीटर है उसमें ऐसे कपड़ा बांदो गीला और हवा चलती रहे ताकि पानी
08:42का वो जो कपड़ा है उसके गीले पानी का एवैपुरेशन होता रहे फिर देखते हैं कि वो टेंप्रेचर कितना दिखाता
08:47है थर्मोमी�
08:59बैठा हुआ है वो तब भी नहीं बच सकता वो मरेगा ही मरेगा अब यह आधी खबर थी पूरी खबर
09:08सुनिये दिल्ली में 32-33 डिगरी पहले भी हो चुका है 32-33 डिगरी हो चुका है
09:20इंसान को पता भी नहीं लगएगा कि हुआ क्या मेरे साथ हुआ क्या अचानक चलते चलते बस गिर जाएगा
09:28और जब मैं इंसान की बात कर रहा हूँ तो उसमें अर्बन प्रिविलेश्ट मिडिल क्लास भी आती है या वो
09:34इंसान नहीं है कुछ और हैं वो भी आते हैं
09:41घर से क्या बाहर निकलोगे नहीं कितना इसी चला लोगे और सारे इसी जब एक साथ खींच रहे होंगे ग्रिड
09:49को तो ग्रिड कब तक चल जाएगी
09:53ग्रिड तो गिरेगी जब ग्रिड गिरेगी तब तो बाहर निकलोगे तब बच लोगे क्या
10:00तब बच लोगे
10:07हमारे
10:09सामने जो आम तोर पर
10:10temperature आता है न
10:12वो होता है dry bulb temperature
10:14और वो बहुत काम का नहीं होता
10:16उसे बस आपको इबता दियाता है
10:18कि साब आज 45 डिगरी था उससे कोई फर्क नहीं पड़ता
10:21उससे ज्यादा
10:23महत्वपूर्ण
10:24significant होता है
10:25वो जिसमें लिखा रहता है
10:27feels like
10:28पढ़ाओगा आपने कहीं पर
10:30feels like
10:31वो feels like बहतर है उसमें ये भी शामिल होता है
10:35कि हवा कितनी चल रही है
10:36थोड़ा उसमें humidity को भी ले लेते हैं
10:38कई चीज़े उसमें
10:40वो feels like dry bulb से बहतर होता है
10:44लेकिन जो सबसे
10:47जबरदस्थ
10:48pointer है, the most significant
10:49of all, वो feels like भी नहीं है
10:52वो है wet bulb temperature
10:55लेकिन
10:56आम तोर पर मीडिया वगेरा
10:58में wet bulb temperature की बात करी नहीं जाती है
11:00जबकि wet bulb temperature तया करेगा
11:02कि हम जीएंगे कि मरेंगे
11:06वो बताता है
11:10हमारे दो-तीन organs हैं
11:12जो temperature को ले करके super sensitive होते हैं
11:15और उनका
11:16almost sudden shutdown होता है
11:19temperature rise होने पर
11:21जिनमें सबसे primary है brain
11:25क्योंकि वहाँ पर
11:27सबसे delicate vessels होती है
11:30वहाँ temperature rise बरदाश्ती नहीं होती
11:34आपका हाथ गरम हो जाए
11:35आपका पाओ गरम हो जाए
11:36आपका चल जाएगा
11:36बाकी हिस्सों में कुछ गरमा गरमी हो जाए
11:38भी चल जाएगा
11:41ये गरम हो गया
11:44sudden shutdown होता है system का
11:46आप चलते अलते ऐसे गर जाओगे
11:51ये के middle class साथ नहीं होना है क्या
11:54मैं humidity की बात क्यों कर रहा हूँ
11:56मैं dry bulb की बात क्यों नहीं कर रहा हूँ
11:58मैं wet bulb की बात क्यों कर रहा हूँ
12:00क्योंकि climate change का मतलब होता है
12:02atmosphere में energy का increase होना
12:07और वो जब energy increase होगी
12:09तो उसके साथ precipitation का pattern
12:12जबरदस रूप से बदलता है
12:16ये जो आप आए दिन शहरों में पढ़ते रहते हो
12:19बाढ़ आ गई ज्यादा बारिश हो रही है
12:21वो और क्या है
12:23वो जो excess heat है atmosphere में
12:27वही excess precipitation कर रही है
12:33बंबई में क्या पहले इतनी flooding होती थी नहीं होती थी
12:37वहां का जो पूरा drainage system है
12:39वो बनाया गया है कि अधिकतम घंटे में 25 mm बारिश हो जाए
12:45तो चलेगा
12:48वहां पर अब बारिश हो रही है
12:50100 mm, 500 mm तो drainage system कैसे handle कर लेगा
12:56और दिल्ली का उतना भी नहीं बनाया गया है
12:58दिल्ली का 1976 का एक plan है उसके हिसाब से बनाया गया था
13:01वो है कि पूरे दिन में अगर 75 या 100 mm बारिश हो जाए तो दिल्ली का drainage system समाल
13:08लेगा
13:08बारिश हो रही है उससे दूने से भी ज्यादा
13:13climate change सिर्फ temperature नहीं बढ़ाता वो बारिश भी बढ़ाता है
13:21और वो बारिश का अभाव भी बढ़ाता है जब होती है बारिश तो जबरदस्त होती है वो ऐसे नहीं जैसे
13:31कि बस फुहार है ऐसा होता जैसे कि पानी की दिवार खड़ी हो गई है जमीन और आसमान के बीच
13:36में ऐसे होती है बारिश
13:42और जब वैसे बारिश होती है
13:44तो वेट बल टेंपरेचर ऐसे भागता है
13:47आसमान की उर
13:51और जब वैसे बारिश होती है
13:52तो पानी भरता है, जल भराव होता है
13:55और फिर उससे डेंगू, चिकन गुनिया
13:57ये सब खड़े होते हैं
14:00मिडल क्लास को डेंगू नहीं होता क्या
14:06वैसे उसको डेंगी बोलते हैं
14:07वो ज्यादा एक्यूरेट है
14:11या मिडल क्लास को नहीं काटते हो
14:22कुछ आ रही है बात समझ में
14:23और जल भराओ का
14:26ज्यादा बड़ा मन्जर हमें
14:29मेट्रोज में ही देखने को मिलता है
14:32गाउं वगेरा में ड्रेनेज उतनी बड़ी नहीं समस्या होती
14:34जितनी बड़ी उदारन के लिए मुंबई या बैंगलॉर में होती है
14:39आपको मालूम है
14:42मुंबई में ये शुरू हो चुका है
14:45कि property prices
14:47अब इस बात से तै हो रहे हैं
14:49कि वो जगह above flood line है
14:52या below flood line है
14:55तो जब विग्यापित किया आता है
14:56कि इसी जगह को तो साथ में ये भी लिख देते हैं
14:58धीरे से
14:59above flood line उससे उसके rate बढ़ जाते हैं
15:01कि यहाँ पर पानी नी भरेगा
15:03ये अपते हैं कि flood तो आनी है आनी है
15:06फिर से अब मौनसून में
15:07तो जब बिलो flood line वाले हैं उनको
15:09और खासकर अगर आपका ground floor पर है
15:12अपार्टमेंट हो गहरा
15:13तो उसकी कीमतें एकदम गिर गई है
15:15कोई नहीं खरीदेगा कोई सबको पता है
15:17कि इसमें हर साल पानी घुझेगा
15:20अब ये जो अपार्टमेंट है
15:21ये landless laborers खरीदते हैं
15:23क्या है middle class के हैं
15:25पूछ रहा हूँ
15:26तो middle class को क्यों लग रहा है कि उन पर फर्क नहीं पढ़ना है
15:31क्यों लग रहा है
15:34AQI का और climate change का बहुत सीधा रिष्टा है
15:38ये दो अलग-अलग समस्याई नहीं होती है
15:42जब आप AQI की बात करते हो
15:43वो भी एक तरह का pollution है
15:45वहाँ dust होती है
15:46और जब आप climate change की बात करते हो
15:48वो भी एक तरह का pollution है
15:49वहाँ carbon dioxide होती है
15:51और ये दोनों तरह के atmospheric pollution
15:53अंतर संबंधित हैं
15:55इंटर रिलेटेड हैं
16:01नवेंबर के मध्य के बाद के दिनों में
16:04ये हर साल निश्यत हो जाना है
16:08कि school बंद होंगे ही होंगे
16:10education disrupt होगी ही होगी
16:13क्योंकि AQI 500 पार करेगा
16:15करेगा ही करेगा
16:17middle class के बच्चे school नहीं जाते
16:20या middle class को लग रहा है climate crisis बस गरीब हों के लिए
16:26middle class टहलने नहीं जाती नीचे
16:27तुम कैसे टहलने जाओगे
16:29अच्छा चलो गिनना शुरू करते हैं कब टहलोगे
16:32October, November, December, January, February
16:35हवा में जहर है AQI इतना बुरा है
16:37तुम टहल नहीं सकते
16:38तुम टहलने जाओगे
16:40खास होगे लगे अग गले में
16:42मेटल घुसा हुआ है कितनों को असास होते हैं
16:44गले मेटलिक सा स्वाद आ रहा हो कितनों को होता है
16:46ऐसे लए गले मेटल घुसा हो
16:48कर लो evening walk, morning walk कैसे कर लोगे
16:51ठीक है
16:53April आते हैं इतना गर्म हो गया कि अब आप
16:56walk नहीं कर सकते
16:58और जुलाई आते हैं पानी इतना भर गया
17:01कि अब आप walk नहीं कर सकते
17:03तो बताओ walk करोगे कब
17:06walk कब करोगे
17:07या middle class AC चला करके भीतर
17:10treadmill पर walk करेगी
17:15हम किस
17:17मुगालते में हैं
17:20और AC के लिए power plant भी अपनी
17:22लगाओगे अपने घर में
17:25या gas के चुले से AC चलाओगे
17:29वो भी नहीं होगा
17:30इरान वहाँ बैठा हुआ है
17:33अगरा gas भी नहीं चलने दूँगा तुम
17:36रखे रहाँ अपने अर्मान
17:43crime जबरदस तरीके से
17:45देखो एक बात बताओ
17:47जो रह रहा है वो टीन की छट के नीचे
17:50ठीक है
17:51जिसका experience temperature अठावन डिगरी हो रहा है
17:56वो विक्षिप्त नहीं हो जाएगा
17:58फिर वो कुछ भी नहीं करेगा क्या
18:00आप इसमें एक जबरदस
18:02social turbulence नहीं देख पा रहे हो क्या
18:08पूछ रहा हो
18:12आपकी colony आपकी society के बाहर कोई guard खड़ा होता है
18:15वहाँ कोई माली काम करता है
18:17आप बुलाते हो किसी को घर में house self की तरह मेड की तरह करते हो यह सब
18:23और वो जहां रह रहे हैं
18:25वहाँ पर
18:27दिन में 15 घंटे बिजली की कटावती हो रही है
18:31और टीन की छत है भीतर green house effect हो रहा है और वो उबल रहे है
18:36आपको दिखाई नहीं दे रहा है कि crime कितना बढ़ेगा
18:38आपको दिखाई नहीं दे रहा है कि वो
18:39वो जिन्दा रहने के लिए आप कुछ भी करेगा
18:43और आप उसे अप कितना दोश दे सकते हो
18:46कितना दोश दोगे बोलो न
18:51तापमान इतना बढ़ रहा है कि जान बचाने के लिए
18:54हमारे महानगरों में
18:56कीड़े मकोड़े घरों के अंदर भाग रहे हैं
18:58गरों के अंदर ऐसी है साब घरों के अंदर भाग रहे हैं कोई घरों के अंदर ठंडक है
19:06बात समझ रहे हो ना
19:07जब आप यह दो केटेगरीज खड़ी कर दोगे
19:10हैवज और हैवनौट की
19:11एक है जो रिलेटिवली
19:14कूल कूल है और दूसरा है
19:16जो बाहर उबल रहा है
19:19उसकी खाल में फफोले उठ रहे है
19:21तो क्या क्राइम नहीं बढ़ेगा
19:25माली कब आके काम करें बताओ
19:27माली को तो दिन में काम करना होता है
19:28दिन में करने ही सकता
19:29उसकी आजीविका का क्या होगा
19:32Construction workers कब काम करेंगे बताओ
19:35उनकी आजीविका का क्या होगा
19:38और यहां हम गरीबों की बात नहीं कर रहे हैं
19:40अब गरीबों के साथ तुम ये सब कुछ करोगे
19:41तो उसका असर फिर अमीरों पर भी पड़ेगा
19:46जब तुम गरीबों के साथ ये होने दोगे
19:49तो वो अमीरों को छोड़ने नहीं वाले
19:51क्योंकि दिख तो उनको भी रहा है
19:53कि उनका यहाल करा किसने है
19:59अभी पिछले साल ही हुआ था
20:01यहाँ जब
20:03ग्रिटर नुड़ा के आसपास के ही गाहों थे
20:05वहाँ पर लगातार पावर कट
20:06पावर कट पावर कट
20:10तो
20:19गरीबों को फिर जली नहीं मिلती है
20:21और एसी पीछे से गरमी फेकता है
20:23तो उसके वज़े से بीचले से गरमी फेक रहा है
20:28इसी ने क्टलाइमेट चेंज करा है
20:29यह माननेता सच नहीं है
20:31पर हां एसी भी जो गरमी फेकता है
20:33उसे अर्बन हीट स्पोट्स तो जरूर
20:34क्रियेट होते हैं, वो बाठीक है
20:37तो मालों पिछले साल क्या हुआ था
20:40बड़ी बड़ी
20:41गाडियां, वहां हाईवेज
20:43पर और एक्स्प्रेस वेपर रोक करके
20:45ग्रामीडों ने उनकी ठुकाई करी थी
20:47अच्छे से, अपना गुस्ता
20:49निकाला था, गाडिया तोड़ी थी
20:51और जितनी बड़ी गाड़ी
20:53उसको और ज़्यादा रोका और ज़्यादा तोड़ा
20:56भीतर भाव क्या था, कि यही गाड़ी है
21:00जिसमें वो अमीर बैठा
21:01हुआ है, जो सारी बिझ्ली खुद खा जाता है
21:03और यही वो गाड़ी है
21:04जितनी बड़ी गाड़ी होती है, उसका इसी भी उतना बड़ा होता है
21:07यही वो गाड़ी है, जो जब चलती है
21:09तो इतनी गर्मी फेकती है
21:11कि बगल वाला, बगल मेगर एक बाइक वाला
21:13खड़ा हो जाए ट्राफिक सिगनल पर तो बाइक वाले को गर्मी महसूस होती है
21:17तो उन्होंने रोक रोक रोक करके रोक रोक करके गाड़िया फोड़नी शुरू कर दी
21:21आपको इसमें दिखाई नहीं दे रहा है कि कितना disorder और chaos फैलने वाला है
21:34आपके पूरे दिन की कोई हरकत ऐसी नहीं है जो climate crisis से अच्छूती रह जानी है
21:41लेकिन हम दिवासोपन में जी रहे हैं
21:43हमने अपने आपको बता रखा है कि ये तो किसी और की समस्या है साब मेरी थोड़ी है
21:52भारत में आप जो quality of life enjoy करते हो
21:57उसका एक बड़ा कारण यही है कि यहाँ पर labor cheap है
22:02ठीक है ना?
22:03जो लोग बाहर चले जाते हैं विदेशों में
22:06वो विदेशों में बहुत चीज़े हैं जिनके लुथ लेते हैं
22:11लेकिन एक चीज़ को miss करते हैं क्या?
22:13क्याते हैं काम करना ले लोग नहीं मिलते
22:17भारत में बहुत चीज़े हैं जो मिडल क्लास को बिलकुल दबा कर रखती है
22:22पर एक चीज़ है जिससे मिडल क्लास बहुत खुश रहती है
22:28डोमेस्टिक लेबर मिल जाता है असानी से
22:32धोबी, माली, नाई, बाई
22:37अब मिल जाते हैं, उसस्ते मिल जाते हैं
22:40जब उन पर असर पड़ेगा तो आप पर असर नहीं पड़ेगा क्या?
22:45पूछ रहा हूँ
22:47क्या हालत हो जाती है?
22:49जब वो काम वाली दीदी चार दिन नहीं आती है काम पे
22:52क्या हालत हो जाती है?
22:56कैसे आएंगी गाम पर, कब आएंगी
23:02जॉगिंग ओए रहा कितने लोगों को पसंद है
23:05कर लो जॉगिंग
23:07वेट बल्ब साथ लेके चलना, जॉगिंग में
23:10कहां करोगे जॉगिंग
23:17आउटडोर स्पोर्ट्स कितनों को पसंद है
23:21कैसे खेलोगे टेनिस
23:22कभी गर्मी बहुत ज़्यादा है और कभी बारिश हो गई
23:25दोनों ही हालत में तुम्हारा कोट तो खराब हो गया
23:29किनके बच्चे जाते हैं कुछ भी सीखने के लिए
23:31बैडमिंटेन, टेनेस या कुछ भी
23:32कब भेजोगे, कब भेजोगे
23:40मेरे ही कोचें कहते हैं कि
23:41साढ़े पांच का बैच लगाने की नौबत आ रही है
23:44इतनी गर्मी रहती है
23:48बच्चे बिल्कुल ऐसे
23:49साढ़े छे साथ बच्चते ही बच्चे ऐसे होनों शुरू हो जाते हैं
23:54क्योंकि एक तो एट्मोस्फेरिक हीट, दूसरे
23:55दौड़ भाग कर रहे हैं आप कोर्ट पर जो कुछ भी खेल रहे हैं उसमें
24:00और कुतन कितना उपर ले जाओगे
24:02संराइज भी और जल्दी कर दोगे क्या
24:10मिडिल क्लास सोच रही है तो कुछ नहीं
24:12मेरे पास AC है
24:13मेरा कुछ नहीं हो सकता, मेरे पास तो
24:16AC है
24:18जरूर
24:22AC की सर्विसिंग कौन करेगा
24:25चला लो AC
24:34आप और विचार करेंगे
24:35आपको खुदी और उदारण मिल जाएंगे भी
24:37मैं इसमें क्या ऐसा बता रहा हूँ
24:38एजुकेशन प्रहवित होने जा रहा है
24:40ये ओफिस कम्यूट प्रहवित होने जा रहा है
24:43कैसे चले जाओगे ओफिस पानी तो भरा हुआ है
24:45कितने लोग हैं जो बरसातों में घंटों घंटों
24:48जल भराओ की जगहों पर फसे रहे हैं
24:51मैं भी फसा रहा हूँ
24:53अब क्या कर लोगे आप
24:55आप बिजनेस ओनर हो सकते हो
24:57या आप इंपलॉई हो सकते हो
24:58आप क्या जवाब दोगे किसी को
24:59कुछ नहीं आप तो कुछ नहीं करना एक फोटो खीच के भेश दे नहीं है
25:02कोई आपको दोश भी नहीं दे सकता
25:07कितने लोगों को बड़ा अच्छा लगता है
25:08जल्दी से स्विगी से ब्लिंकेट से चीज़े मंगा लेना
25:13वो कैसे ले आएगा
25:15वो कैसे ले आएगा
25:17और कुछ हमारे दिल है की नहीं है
25:19अगर हमें दिखाई दे कि जो लेकर की आया है
25:21वो यहां से यहां तक पसीने से तरबतर है
25:24और इतना पसीना, इतना पसीना
25:27कि उसकी जो काली टी-शिर्ट है
25:29उस पर नमक जलकने लगा है
25:33इतना पसीना
25:34और आपको दिख रहा है कि वो अभी ग्यारा ही बजा है
25:38और ग्यारा बजने में उस सुवह से 25 डिलिवरीज कर चुका है
25:42और अभी पीक टेंपरेचर आना बाकी है
25:45और आप उसे पूछो गयों कहेगा अभी मेरे दिन की 40 डिलिवरीज और होनी है
25:55मैं अभी 3-4 दिन पहले बाइक पर जा रहा था टेंइस खेलने
26:02तो जो मेरा टेंइस वियर है वो मैने मुस्तल में ही पहन लिया
26:08आम तर वहां कोट पर जाकर उधान चेज़ करता हूँ
26:11मैने का पहले ही पहन लेता हूं उसके आज बाइक पर बैठा तो टांगे खुली हुए है
26:15और रात में बज़ रहे हैं आठ-साड़े-ाठ टांगे खुली होई है
26:18आठ-साड़े-ाठ बजे भी बाइक चलाते हुए ऐसा लग रहा था टांगे जल रही है
26:30और ये सिर्व आहट है
26:33खेल अभी आगे
26:35और होना है
26:36और 100 साल आगे नहीं होना है
26:38अगले साल और होना है
26:41इस साल के भी खेल के अभी बस शुरुवात हुई है
26:44अभी थुड़ी हमिटिटी बढ़ने दीजिये फिर देखियेगा
26:46वेट बल ब्याद रखियेगा
26:56कुछ पता नहीं चलेगा यह हो क्या रहा है
26:58लोग जाएंगे बारातों में नाच रहोंगे
27:00अचानक नाचते नाचते बद ऐसे गिर जाएंगे
27:10कुछ मायनों में
27:12हीट स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट से भी ज्यादा फेटल होता है
27:25और पैसे का अंतर हो सकता है अमीर और गरीब में
27:28शरीर का अंतर नहीं होता
27:29प्रक्रते ने फिजियोलोजी दोनों को एक सी ही दिये
27:33जो चीज गरीब को मारेगी वो
27:36अमीर को भी मारेगी
27:47अभी मैं जानवरों की तो बात करी नहीं रहा है
27:53अभी मैं वन्य प्रजातियों की पेड़ पौधों की नदियों की पहाडों की तो बात करी नहीं रहा है
28:01मैं पिघलते हुए ग्लेशियर्स की समुद्रों की मचलियों की तो बात करी नहीं रहा है
28:07मैं इस पर तो भी जाई नहीं रहा कि ये सब जब हो रहा होगा
28:10तब ये सब होने के बावजूद हम CO2 concentration और बढ़ा ही रहे होंगे कम नहीं कर रहे होंगे
28:17ये सब बाते तो भी मैं करी नहीं रहा
28:20ये बाते अभी करी नहीं रहा कि कैसे माना उत्ता खुद कोई धोखा दे रही है
28:26और राश्ट एक दूसरे को धोखा देने की प्रतिसपरधा लगा रहे हैं
28:31सब के अपने अपने national targets हैं
28:34पेरिस संदी के अंतरगत
28:36कि तुम्हें इतना कम करना है तुम्हें इतना कम करना है
28:38कोई कम नहीं कर रहा है और सब एक दूसरे से कहते हैं
28:41पहले तुम कम करो ना तोब हम करेंगे
28:44कम करने तो छोड़ दो
28:45कार्बन एमिशन साल दर साल और बढ़ रहे है
28:49अभी मैं अमीरों की तो बात करी नहीं रहा
28:50जो अपना साल भर का एमिशन कोटा
28:53कोई हफ़ते में कोई दस दिन में
29:11और फ्लटिंग से मत समझ ली जाएगी कुछ अच्छा होगा
29:14चलो बर्खा बहार आई पानी पानी तो भर जाएगा
29:26बारिश पड़ेगी फिर भयानक सूखा पड़ेगा
29:30और ये बात सिर्फ उस जलकी नहीं है
29:34जो हमें वर्षा से मिलता है
29:36ये बात उस जलकी भी है जो में नदियों से मिलता है
29:40ग्लेशियर पिहलेंगे
29:41तो पहले तो कुछ साल तक नदियों में पानी बढ़ेगा और बार आएगी
29:46और उसके बात कुछ नहीं वो नदी ही शेश नहीं रह जाएगी
29:52एबर आप से कहा था मैंने
29:53कि जिन नदियों से हमें प्यार है और जिनको हम पवित्र मानते हैं
29:58जा करके उनसे मिल लो जुलो इसनान करलो
30:01तस्वीरे ले लो वीडियो बनालो
30:02अपने ही जीवन काल में कहीं ऐसा नहों कि हम उन्हें विलुप्थ होता देखें
30:07और हम कहें कि यहाँ पर कभी मेरी प्यारी नदी बहा करती थी अब यहाँ पर कुछ भी नहीं है
30:12खाली जगह है लोग उस पर चल फिर रहे है और ऐसा बहुत नदियों के साथ हो चुका है
30:23और हर बीते साल कुछ छोटी नदियां हमेशा के लिए मिठती जा रही है जो लोग पहाड़ों से परिचित हैं
30:34आते हैं जाते हैं उन्होंने ऐसी नदियां देखी भी होंगी यों कहेंगे कि अरे चार साल पहले यहाँ तो नदी
30:39थी यों कहां गई अब वहाँ पर जा कर गया �
30:41बुलेरो की पारकिंग हो रही है और उस पर राफ्ट लदे हुए हैं यहाँ तो नदी होती थी नदी कहां
30:50गई नदी नहीं है अब अब नहीं है नदी
31:00आप इस बात पर रिलाए कर रहे हो कि आप प्राइवेट क्लाइमेट के कॉंज्यूमर बनोगे यही है न उम्मीद यही
31:08है न बाहर जो हो रहा हूँ सा हो रहा होगा मैं तो अपने लिए प्राइवेट क्लाइमेट कंट्रॉल के बिन
31:15खरीद लूँगी
31:16not for long
31:17ma'am, not for long
31:25no
31:30बारिश और गर्मी
31:31इनका सीधा संबंद उस चीज से होता है
31:34जिससे middle class का भी शरीर बनता है
31:35क्या?
31:37अन
31:39अन
31:45अब middle class बहुत बड़ी range होती है
31:47बहुत बड़ी range होती है middle class
31:49middle class में वो भी आते है
31:51कि जिनका अगर आपने
31:53food budget बिगाड़ दिया
31:55तो उनको nutritional deficiency शुरू हो जानी है
31:58middle class माने
31:59वही नहीं होते सब की जिनके पास
32:01महीने में आपके पास अगर 5 लाग भी आ रहा है
32:03तो भी technically या middle class ही हो
32:07मेरे खाल से middle class की परिभाशा
32:09तो ये भी है महीने में अगर आप 10-15 लाग भी
32:1120 लाग भी कमारे हो तो भी आप शायद technically middle class हो
32:13जो भी उसकी definition है
32:15दिखनी पड़ेगी एक बार
32:18पर अगर आप
32:2130-35 जार उपे महीने का कमारे हो
32:23तो भी आप middle class ही हो
32:26भारत में मेरे ख्याल से
32:29lower middle class
32:32महीने के शायद 15-20 लाग तक जाती है
32:35उसके नीचे फिर lower income शुरू होता है
32:42कहने का आश्या ये है
32:43कि middle class में वो लोग भी आते हैं
32:48कि जिनको
32:50खाने के लाले पड़ जाएंगे
32:52अगर food prices एक सीमा से आगे बढ़ गए
32:55वो भी middle class में ही आते हैं
32:58ऐसा नहीं कि फिर भूखे मरेंगे
33:00खाएंगे
33:00पर सब optimally खाएंगे
33:03कुछ ऐसा खाएंगे जिससे
33:04उनकी nutritional needs पूरी नहीं होंगी
33:12इंसान आसानी से मरता नहीं है
33:13कुछ भी खाकर के जिन्दा रह लेता है
33:15भारत में बड़े बड़े दुर्भिक्ष पड़े
33:18बंगाल वाला याद कर लो
33:19बिहार वाला याद कर लो
33:21जैसा थोड़ी है कि सब मरी गए थे
33:22पर कैसे हो जाते हैं
33:24फिर वो ऐसे हो जाते हैं कि
33:26एक पीड़ी के अंदर
33:27जो एवरेज हाइट है वो कुछ इंच कम हो जाती है
33:31एक पीड़ी के अंदर
33:38इतना मैलन्यूट्रिशन होता है
33:46अच्छा आप में से कितने लोगों
33:48के साथ ऐसा हुआ है या अपने आसपास होता
33:50देखा है कि जब किसी फूड आइटम के दाम बढ़े हैं
33:53तो किचन से वो फूड आइटम फिर हटा दिया गया है
33:56कितने लोगों ने ऐसा किया है या देखा है
33:59ये आगे और ज्यादा फ्रिक्वेंसी से होने वाला है
34:03फ्रिक्वेंसी भी इन्टेंसिटी भी
34:04पहले अगर ऐसा सिर्फ मान लीजिए प्याज के साथ आपने होता देखा है
34:08या मटर के साथ होता देखा है
34:12तो हो सकता है कि आगे आप ऐसा कहीं गेहूं के साथ भी होता ना देखें
34:20क्योंकि उगना तो उसे जमीन पर ये ना या जमीन को भी एसी दे दोगे
34:24कहोगे जमीन तुझे भी गर्मी न लगे चल तुझे भी एसी दे देते हैं
34:28जमीन तो exposed है न
34:32जमीन कैसे
34:34बे मौसम की बारिश सहलेगी जल भराव सहलेगी
34:38गलत temperature pattern बरदाश्ट कर लेगी और फिर वही अन उगा देगी उगेगा ही नहीं उस पर
34:57यह हमारी आपकी सबकी समस्या है
35:00कोई इस गलत फैमिये न रहे कि हम बच जाएंगे
35:03सिर्फ बिचारे रिक्षे वाले और ठेले वाले यही मारे जाएंगे
35:07नहीं नहीं नहीं नहीं
35:08हाँ हाँ उन पर असर ज्यादा पड़ेगा और पहले पड़ेगा यह बात ठीक है
35:12पर बचोगे तो आप भी नहीं
35:15यह जो आग लगेगी यह जब फैलेगी तो हर घर को चपेट में लेगी
35:21लगेगी नहीं
35:22भविशे की बात नहीं यह लग चुकी है फैल रही है
35:26हर साल और ज्यादा बढ़ रही है
35:37इस से ही सम्मंदित कोई बात करिए
35:40यह मुद्दा बहुत ज़रूरी है
35:43अचारी जी नमस्ते
35:45अचारी जी जैसे आप की कलाइमेंट चिंज की बाते हम करते हैं पडोस में
35:49तो वहाँ पर ऐसे अब यह बाते होने लगी है
35:51कि अप तो पहड़ों मकान लेना ज्यादा अच्छा रहेगा
35:54बना लोगे तो आगे चल करके जितनी भी गर्मी होंगी उसके लिए च्छा रहेगा
35:57और दूसरा यह है कि जैसे यह तक भी बताते है
36:00कि वहाँ पर ऐसे कुछ दस बार लाग रुपे नाली क्या जाब होता है
36:04आज लेना का प्या च्छा रहेगा
36:05यह सब सलाए मतलब आने लगी है
36:08मैं कई तलों पर इसका जवाब दे सकता हूँ
36:12पर पहली बात तो यह है कि हम नाधान हैं नासमझ हैं
36:17भोले हैं इतने की भूनदू हैं कि क्या है
36:22हम कितने हैं और पहाड़ों पर जमीन कितनी है
36:25और जो ये बाते बोल रहे हो कहां के धन्ना सेठ है
36:30जब पहाडों पर
36:31जमीन की इतनी मांग बढ़ेगी
36:34तो जो पहाड पर भी
36:36जमीन का मालिक बैठा है
36:39वो तुमें उसी दाम पर देदेगा
36:42उसी रेट पर देदेगा जो आप रेट बता रहे हो
36:45वो जमीन भी
36:47अमीरों के ही हत्थे लगनी है
36:52आप बस जा करके दरोदर घुमते रहा जाना कि मैं पहाड पर जमीन लेने आया हूँ
36:58पहाड पर इतनी residential जमीन है नहीं
37:03पहाड इतने ज्यादा hospitable है नहीं
37:08और नियम कानून भी पहाडों पर residential प्रोजेक्ट्स को एक सीमा से ज्यादा अनुमती देते हैं नहीं
37:16पर इं मिडल क्लास मुंगेरी लाल के हसीन सपने
37:19जब दिल्ली में गर्मी बहुत बढ़ जाएगी तो हम पहाडों पर मकान खरी देंगे
37:24तुम्हें दिल्ली में जितने मिलता है उसे चार गोना कीमत पर मिलेगा पहाड पर मकान
37:31क्योंकि प्राइस बढ़े गाई भाई
37:34सप्लाई एकदम लिमिटेड है जोग्राफिकली लिमिटेड है बाई टेरीन लिमिटेड है
37:40आप लैंड मैनुफैक्चर नहीं कर सकते
37:43सप्लाई लिमिटेड है और डिमांड करने वाले इतने करोण लोग खड़े है तो तुम्हें दामों का क्या लग रहा है
37:50क्या होने वाला है
37:52पर मिडिल क्लास दिल को बहलाने को घाली भी खयाल अच्छा है
38:12मिडिल क्लास वाँ अफोर्ड कर पा रही है
38:15वहाँ पर नौटंकियां बत्तमीजियां गुंडागर्दी मारपीट यही तो हो गया हमारे हिल स्टेशन का हाल ना
38:22क्योंकि सबको वहीं जाना है गर्मी से इलकुल परेशान हो करके
38:26इधर गर्मी बढ़ती है सब भगते हैं अपना
38:32बैठो बैठो स्विफ्ट निकालो अपनी वैगन आर निकालो क्रेटा निकालो हम जा रहे हैं नैचरल एसी में
38:37और वहाँ पर उस शहर में घुसने के लिए पहले दो घंटे का जाम है
38:41उसके बाद एकदम कोई बहुत साधारन सा बलकि सड़ा सा होटल होगा
38:45वो भी आप कहेगा हाँ बारहाजार रुप है
38:49एक कमरे का भाड़ा देने में हालत खराब हो जा रही है
38:54और सपने हैं मकान खरीदने के
39:00कुछ सप्लाई डिमांड प्राइसिंग को एकनॉमिक्स को समझते भी हो
39:03क्या सपने ले रहे हो
39:05छूने को नहीं पाऊगे पहाड़ों को
39:08क्योंकि वो प्राइम प्रॉपरटीज होंगी
39:10वो प्राइम एसेट्स होंगे
39:13जिस पर प्राइम लोगों का कबजा होगा
39:18जो भी जगह ऐसी होगी
39:20जो ठंडी होगी
39:22सुन्दर होगी
39:25वहाँ
39:25मिडल क्लास को कौन खुषने देगा भाई
39:28आपको कौन खुषने देगा
39:30क्यों खुषने देगा
39:33आपके पास क्या है
39:35या ऐसी बस मूठ आगे
39:36पहुचोगे और कहोगे अब हम भी आ गए हैं यहाँ पर
39:40कालीन भी चाओ ग्लेशियर पर
39:47क्या बोल रहे हो
39:54गंगा किनारे आप रिशिकेश से आगे चलिए गंगा किनारे
39:57पहले साधारन कैम्प लगते थे जहां आम आत्मी भी जा सकता था
40:01पहले लगते थे वहां बिलकुल साधारन कैम्प वहां पर हमने आज से दस-पंदरा साल पुराने बहुत सारे कैम्प वहीं
40:09शेविर वहीं पर लगाए थे और बड़ा बढ़िया रहता था
40:12वो साधारन कैम्प होते थे
40:16टेंप्रेरी स्ट्रक्चर्स वो तंबू है उसको गाड़ा आप वहीं पर हो और फिर वहां से वह हट जाता था
40:22वहीं अपना बैठो हो खाओ पियो
40:24NGT ने उसा बंद करा दिया और अच्छा गिया कि बंद करा दिया
40:27क्योंकि लोग वहां आते थे गंदगी करते थे
40:30बोतले फोड़ते थे और बहुत तरह का प्रदूशन आवाजें भी करते थे धुआ भी छोड़ते थे
40:38तो इसका क्या मतलब है कि वो जो सुन्दर रमणीक जगह है गंगा तट उसकी एकसेस सबको बंदो गई
40:47अब बड़े-बड़े होटेल है हुआ ताज है और बहुत बड़े बड़े होटेल
40:50हैं जाईए आप वहाँ पे एक रात का 50,000-1,000,000 रुपेया दिजिये
40:55केंपों में आप एक रात का 500 रुपया देते हैं
40:57आम आदमी जा सकता था आम आदमी अभी भी सोच रहा है
41:00कि उसे गंगा तट सुलब हो जाएगा
41:02उपलब्ध हो जाएगा
41:03सॉरी सर नो एक्सेस नहीं मिलेगा आपको
41:06उनको मिलेगा जो एक रात का
41:08एक लाग रुपया दे सकते हैं
41:09आप नहीं दे सकते
41:19हम जाएंगे अब जब यहां गर्मी बढ़ेगी
41:23वो कोई नहीं हो तो
41:25फ्रीदाबाद का 2BH के छोड़के
41:27सीधे पहाड पे दो बीखा जमीन लेंगे
41:33वा भीटा वा
41:35वा
41:38और वहां प्राइवेट एकसेस रोड बन वाएंगे
41:41उसमें सिर्फ हमारी आइटन खड़ी होगी
41:47वा भीटा वा
41:51ये एक तल था
41:54जिसमें मैं एकनॉमिक कंस्टेंट की बात कर रहा था
41:56अब दूसरी बात आती है
41:58कि अगर किसी तरह ऐसा हो भी सकता हो
42:00हो भी जाए तो उबात पहाडों के लिए कितनी बुरी होगी
42:07क्योंकि डिमांड के प्रिशर के चलते
42:11अगर फॉरेस्ट लैंड को
42:12या एग्रिकल्चरल लैंड को
42:15रिस्जिएंशियल लैंड में पहाडों की सरकारों ने कनवर्ट कर दिया
42:18तो इसमें पहाडों का कितना बड़ा नाश है आप समझ रहे हो
42:24आप समझ रहे हो
42:26कि जंगल काटे जा रहे हैं कि अब यहाँ पर बन रही है
42:30सोसाइटीज और जब सोसाइटीज बनेंगी तो
42:31एकसेस रोड भी बनेंगी और बड़ी-बड़ी बसें भी चलेंगी
42:34फिर वहाँ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी बनेंगे
42:36फिर वहाँ रेलवे भी पहुचेगी
42:38फिर आसपास कहीं छोटे मोटे हवाई अड़े भी बनाए जाएंगे
42:41आने सारी दुर्दशा
42:43अगर ऐसा हो भी सकता है कि पहाडों पर और जमीन निकल लोगों के बसने के लिए
42:47तो ऐसा होना नहीं चाहिए
42:50पहली बात तो हो नहीं सकता
42:51टेरेन अलाउ नहीं करेगी
42:55और हो सकता हो तो होना नहीं चाहिए
42:57पहाडों में कुछ हिस्सों में ऐसा हुआ भी है
42:59जहां हुआ हुआ है वहाँ की दुर्दशा आप जानते है
43:04आप ऐसे कितने लोगों ने 20-30 साल पहले का शिमला देखा है
43:08या 20-30 साल पहले का नैनिताल मसूरी देखे है
43:12आप समझ रहे होंगे मैं क्या बोलना चाह रहा हूँ
43:16पहाड एकलोजिकली बहुत सेंसिटिव होते हैं
43:19मैदान तो फिर भी पॉपुलेशन प्रेशर बरदास कर लेते हैं
43:22पहाड पॉपुलेशन प्रेशर बिलकुल नहीं झेल सकते
43:27खासकर जो हमारी हिमाले अन रेंजेस हैं
43:30ये दुनिया के अभी सबसे नवजात पहाड हैं
43:33आपको लगता रहे बुढ़ा हमाले वो बुढ़ा हमाले नहीं है
43:36वो शिशु हमाले है
43:38उन्हें हम बोलते भी हैं यंग फोल्ड माउंटेन्स
43:40उनका नाम है
43:43क्योंकि वो अभी अभी बन रहे हैं
43:49वो अभी बनते ही जा रहे हैं
43:53हिमालय परवत इतने नए हैं कि वो अभी भी हर साल एकाद दो इंच और बढ़ जाते हैं
44:02वो पता नहीं हिमालय कैसे बने हैं
44:04वो एक तरह की क्रीज हैं
44:06जैसे ऐसे आए ये तो यहाँ पर उठ जाएगा ना ये
44:09ऐसे बने हैं वो
44:13एक तरफ ये जो एशियन मास है वो था और दूसरी तरफ नहीं ये ये बहता हुआ आया
44:26अफ्रीका से तूट करके और आकर के टकराया है
44:30जहां तिब्बत है वहाँ पर तो उसके टकराने से ये ऐसे ये दो टकराई हैं तो ऐसे ये बहुत अभी
44:39फ्रिजाइल है
44:39इन पर आप पॉबुलेशन प्रेशर दोगे लैंड्सलाइड्स ये वो दुनिया भर की दुरदशा होगी
44:53तो ये सपना सपना ही रहे तो अच्छा है साकार नहीं होना चाहिए
44:56कि हम अब जाएंगे और पहाडों को बरबाद करेंगे हम मिडिल क्लास है
45:02अब ही उस दिन तो दहरादून में जब हमारा खुला मंच था तो मैं कह रहा था कि उल्टा है
45:09लगाओ भारी टैक्स उसने ही मत दो पहाडों पर
45:15तुमने जो दुरदशा करी है मैदानों की तुम मैदानों पर ही रहो और जेलो अपनी दुरदशा को
45:19अब आगर के पहाडों को भी क्यों खराब कर रहे हो
45:27हम बताए
45:29सर ये आपने बोला के बाहर को जानना वो फिर भी हो जाता है
45:34लेकिन बाहर को जानना भी नहीं होता
45:36अगर आपने खुद को नहीं जाना
45:38और अभी जो बात हो रही है वो भोग वाली बात ही हो रही है
45:41कि पहाड पर जा करके भोग ही करना है हमें
45:44और उसमें हम पहाड को भी नहीं जानते
45:48पहाड में जो जीवन है वो इतना आसान नहीं है जो गंगा के मैदान में है और दूसरा जो fragility
45:54वाली आपने बात करी गंगा के मैदान बहुत stable है पहाड बहुत fragile है आप सुंदर बन चले जाएं आप
46:02कच चले जाएं वो बहुत fragile area है क्योंकि वो बहुत complex चीजों से बने हुए
46:17quantity है वो तो आपने बोली
46:19लेकिन उसकी जो
46:20nutritional value है
46:22temperature के साथ में उसका
46:25भी बहुत बड़ा connection है
46:26बलकि वो और wider
46:28मुद्दा बन जाएगा क्योंकि food
46:30का जो nutritional
46:32constitution है वो
46:34वास्तव में हर living
46:36organism के constitution से related है
46:39देखिए हम
46:40सब एक
46:42खास ecosystem
46:44की पैदाईश होते हैं
46:47प्रत्वी जितनी बड़ी है उतनी बड़ी ना होती
46:49तो इंसान जितना लंबा है उतना लंबा
46:51ना होता
46:52ठीक है? प्रत्वी पर जितना
46:55तापमान है उतना ना होता
46:56तो हमारी खाल जितनी मोटी है उतनी
46:59ना होती
47:00हम जैसे दिखते हैं
47:02उसका सीधा संबंध
47:04प्रत्वी की स्थितियों से है
47:09बास समुझ रहे
47:10जोग्राफिकल एंड एट्मोस्फेरिक
47:12उसी ने एवॉलूशन को ड्राइव करा है
47:14तो इतना ही नहीं है
47:18कि सबजियों का फलों का
47:20पेड़ पौधों का कॉंस्टिटूशन ही बदल जाएगा
47:23जब एट्मोस्फेरिक कंडिशन्स बदलेंगी
47:28मेरे वाकिय पूरा करिये
47:30इंसान भी बदल जाएगा
47:32जैसे आलू बदल जाता है ना
47:34अगर गर्मी जादा हो
47:35वैसे आदमी बदल जाएगा अगर गर्मी जादा हो
47:42एक होता है देसी चनाई होता है
47:52एक नाम दिया जा सकता है, वो क्या है, जिस जगहे पर इनका evolution हुआ, वो जगहें अलग-अलग थी,
47:58जगहें अलग-अलग थी, इसलिए वही सबजी या वही फल भारत में भी उत्तर में मिलता है, तो एक तरह
48:05का होता है, दक्षण मिलता है, एक तरह का होता है, और पहाणों प
48:21हवाएं बदल गई, मौसम बदल गई, बारिश बदल गई
48:25तो वो जो जीव है, उस जीव की पूरी हस्ती ही बदल गई
48:33nutritional value तो गोभी की, आलू की, पालक की, मेथी की
48:36यो तो बदलेगी ही बदलेगी, मुझे ये पताओ, इंसान का क्या क्या बदलेगा
48:41इंसान का भी सब बदल जाना है, hormonal secretions बदल जाएंगे
48:49आपको नहीं पता चलेगा कि आपका brain दूसरे तक से क्यों काम करने लग गया
48:54ये mood ऐसे से ऐसे क्यों होने लग गया है, इंसान बदल जाएगा
49:00जितनी भी cyclical activities होती है body के अंदर, periodic, वो सब बदल जाएंगी
49:06क्योंकि वो सब एक खास atmospheric input का नतीजा थी
49:14and to top that आप जो खारे हो वो भी बदल रहा है
49:17आप जो गहूँ खारे हो दिखने में गहूँ जैसा है, पर वो चीज अब कुछ दूसरी हो चुका है
49:22क्योंकि वो जिस मिट्टी से आ रहा था, वो मिट्टी बदल गई है
49:24जब atmosphere बदलेगा, temperature बदलेगा, तो उसके भीतर, जो microorganisms है
49:29उनका भी balance बदल जाएगा
49:31कुछ ऐसे होंगे, जो ज्यादा heat को और ज्यादा humidity को बहतर adapt करेंगे
49:36तो उनका proportion बढ़ जाएगा
49:39कुछ ऐसे होंगे, जो ज्यादा heat और अगरा को adapt नहीं कर पाएगे
49:42तो उनका proportion कम हो जाएगा
49:44तो माने मिट्टी ही बदल गई
49:45मिट्टी माने बस minerals ही नहीं होता
49:48मिट्टी माने वो सब bacteria वगरा भी होता
49:50algae fungus जो वहाँ हैं और वो crops के लिए ज़रूरी होते हैं
49:55पानी भर दोगे, उनमें से कई हैं जो खत्म हो जाएगे
49:58एक्दम dry कर दोगे, उनमें से कई हो खत्म हो जाएगे
50:01यहां तक कि अगर
50:03हवाएं भी on an average
50:05जिस गति से चलती रही है
50:06अगर वो average ज्यादा बदल जाएगा
50:08तो जो superficial life है
50:11वो बदल जाएगी
50:13जब वो सब बदल जाएगा
50:15तो हमारे पास यह जो चावाल आता है
50:28पता नहीं आपने उसा क्या खिला दिया
50:29क्योंकि ओ चावल ओ चावल ही नहीं
50:30जो चावल होता है
50:32तो दिखेगा वैसे ही
50:34बस मेहँगा होगा खूब
50:35और मेहँगा हो गया होगा पर वो चावल चावल नहीं है
50:41और यह already हो चुका है
50:52यह 40%
50:54nutrition
50:54क्रिशन डाउन जा चुका है मेजर क्रॉप्स में और हुमन बॉडी में भी 50 परसेंट से जादा जो है हमारे
51:01सेल बैक्टीरियल है बैक्टीरिया है हम लोग वो चेंज होगा तो एब्सॉप्टिव केपासिटी वो सब भी चेंज होगा
51:12जो आत के भीतर सब बैठे हुए है छोटे छोटे जन्तु वो भी एक पर्टिकॉलर ऑक्सीजन कंसेंट्रेशन मांगते हैं कर्बन
51:21डायोकसाइड होगी की नहीं होगी मामला एरूबिक होगा एनेरूबिक होगा वो यह सब भी होता है आपका जो टेंप्रेचर है
51:29अगर वो ए�
51:39आप इंसान दूसरे हो जाओगे एक तरह से आप प्रजाती दूसरी हो जाओगे क्योंकि जिसको हम होमोसेपियंस बोलते हैं वो
51:45एक कॉलोनी होती है जिसके भीतर जैसा आपने का हजारों तरीके के दूसरे जीव बैठे हुए हैं वो सब मिल
51:52जुला करके क्युमुलेटिवल
51:54भी कहलाते हैं human being आप सोचती human being माने बस ये ये नहीं इसके साथ में हजार और species
52:02हैं जो यहां भीतर बैठी हुई हैं तो उन सब को जब जोड़ते हो तो जो निकल के आता उसको
52:07कहते है human being अब आप दिखने में ऐसे ही रह गए पर भीतर का जो मामला था बदल गया
52:11तो क्या आ
52:28कहीं तो मैंने पढ़ा था verify कर लीजेगा नहीं तो misinformation हो जाएगा fertility rates बहुत तेजी से drop या
52:36तो हो रहे हैं या हुने वाले
52:40पुरिशों में sperm count बहुत तेजी से गिर रहा है महिलाओं में menstrual irregularities बढ़ रही हैं बच्चियों के periods
52:51ज्यादा early शुरू हो रहे हैं जब सब कुछ बदलेगा तो शरीर क्या पुराने जैसा ही रह जाएगा
53:03यूपी के अंदर में कुछ relative किसान है उनके पास मिलना हुआ तो उन्होंने बताया कि गेहों के दाना इस
53:08बारी बहुत पहले से पतला हुआ है और पैदवार बहुत कम हुई है
53:13आप इस बात का मतलब समझ रहे हो किस सितर तक जाएगी अराजकता जिसको खाने को नहीं है जिसके सामने
53:24मौत प्रकट खड़ी है क्या वो पुलिस के डंडे या आर्मी की गोली से भी घबराएगा
53:31वो तो पूरा सिविलाइजेशन ही उखाड फेकेगा ना वो कहेगा कि अरे मैं क्या law and order का सम्मान करूं
53:38ऐसा law ऐसा order ऐसी विवस्था ऐसा देश मेरे किस काम का जा में भूखा मर रहा हूँ
53:47और आप सोच रहे हो कि आप अपने अपने गेटट अपार्टमेंट में रहते हो और बाहर दो गार्डस खड़े हैं
53:53तो सेक्यूरिटी हो जाईगी
53:56वो दो गार्ड्स खड़े रहते हैं न वो जो भी लोग आएंगे वो पहले उनसे रेजिस्टर पर एंट्री करवाएंगे
54:03गाउं के गाउं उठ तरके आएंगे
54:08क्योंकि वो भूखे होंगे
54:11और भूखे आदमी को डराना बहुत मुश्किल होता है
54:15उसके पास अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा आखरी चीज़ थी शरीर
54:18वो शरीर भी उसका आप जा रहा है भूख से
54:20उसको आप गोली से भी नहीं डरा पाओगे
54:34अब हो गया सबको बहुत डरा दिया हो गया
54:38देजो देजो अच्छा चलो
54:41चारी जी जो अर्बिन मिडल क्लास ऐसा कह रहा है
54:44अब ये अल्रडी एक बर आपनी भी एक बर डिसकस किया था
54:47कि जो एरलाइन्स की जो फंक्शनिंग है और जो रनिंग है
54:49वो अफेक्टे होती है और
54:51तो मैं खोजो के तो क्या-क्या नहीं निकल के आएगा
54:54क्या-क्या नहीं निकल के आना है मैं क्या बताऊँ इसमें
54:58जिस स्तर की
54:59टर्बुलेंश चुरू होगी जब
55:01एट्मॉसफेरिक एनरजी बढ़ेगी
55:02हीट माने एनरजी दब एक्मॉसफेरिक ए�नरजी बढ़ेगी
55:06तो विंड स्पीट भी बढ़ेगी ना
55:08जो currents होती है atmospheric, उनकी intensity भी बढ़ेगी न, आपके planes designed नहीं है उतनी turbulence जहलने के लिए,
55:16और ज़रूरी नहीं है कि मतलब plane mid-air split हो जाएगा, या उसका wing crash कर जाएगा, वो ज़रूरी
55:22नहीं है, बस यह होगा ऐसे ऐसे, ऐसे, ऐसे, ऐसे, मिडिल क्लास भीतर बैठी हुई है, और अ�
55:38thermosensitive होती है, तो अगर हम, सब कुछ ही हमारा thermosensitive है, सब कुछ ही, आख भी, आख भी, आख
55:49को गरम कर दो, दिखाई देना कम हो जाएगा, आपका कुछ भी ऐसा नहीं है, जो heat और humidity पर
55:58dependent न हो, कुछ भी नहीं है आपका ऐसा,
56:04अब की जो, कैसे वो function करेंगे, इन दो रोग पारबिटर्स पे,
56:31afford करो middle class, यह जो हमारी कारें होती है, यह कारें आपको लग रहा है चल जाएंगी,
56:42आप कहते हो EV, EV की batteries भी, कोई infinite temperature range हेलने के लिए नहीं बनी होती है,
56:52हर तरह के vehicle, चाहे वो petrol हो, diesel हो, EV हो, इन में sudden explosions के लिए तयार रही
56:57है, कि गाड़ी खड़ी है और फट गई,
57:03यह explosion नहीं भी हो रहा है, इतने मढड़ी है, explosion नहीं भी हो रहा है, तो malfunction के लिए
57:08तो तयारी रही है,
57:09और छोड़ो ना, यह जो mobile phone है,
57:14आप बाइक चला रहे हो, उसको जेब में रखा हुआ है,
57:19blast नहीं भी होगा, तो shutdown तो होई जाएगा,
57:22उसके भीतर यह mechanism होता है, कि उसका temperature जादा बढ़ेगा,
57:25तो automatically shutdown हो जाएगा,
57:27अच्छा है कि shutdown हो जाए, shutdown नहीं होगा तो जल्दी फटेगा,
57:32और रखते अभी उसको यहाँ पर हो,
57:36इस स्पर्म काउंट वैसे ही लो हो रहा था,
57:48उसको ऐसे शक से देखा करो, यही है,
57:56वन्ष का दुश्मन,
58:01आपको खुशे होगी इसना पर,
58:03जो हमारी अपनी एप है,
58:05जिसमें हमारे गीता और बाकी सब का रिक्रम चलते हैं,
58:08यहाँ पर बुद्ध हैं, गीता हैं, उपनिशाद हैं, अश्टावत्र हैं,
58:12यह मुझे मिले, मेरी जिंदगी बदली,
58:14यह तुम्हें मिलेंगे, तुम्हारी जिंदगी भी बदलेगे,
58:16सच पूछिए तो मतलब लाखों नहीं,
58:18तो कम से कम हजारों जिंदगी हैं तो हैं,
58:20जो बिल्कुल बदली हैं,
58:21दो लाख से अधिक गीता प्रतिभागियों के साथ जुड़े,
58:24आचार्य प्रशान्थ एप पर पहला महीना बिल्कुल फ्री,
58:28गीता मिशन का पूरा एक्सिस,
58:30एप पर आपको मिलेंगे नियमित लाइफ सत्र,
58:33हर दिन आचार्य प्रशान्थ के विशेश समवाद,
58:37गीता कम्यूनिटी का एक्सिस,
58:39गीता परीक्षा,
58:40चैनित समाचार,
58:41ओडियो बुक्स,
58:42कोट्स और भी बहुत कुछ,
58:45गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर पर आचार्य प्रशान्थ सर्च करें और अभी दाउनलोड करें।
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