00:27।
00:30और तेल की कीमते मार्केट की दिशात तै करेंगी और सबसे बड़ा सवाल यह कि आखिर मार्केट में वुल्स की
00:36वापसी कब होगी इन सभी सवालों के जबाब को समझना बहुत जरूरी है तो चलिए कुछ बड़ी रिपोर्ट्स और डेटा
00:42के जरिये इस पूरे माहौल को आस
00:57विश्वेकर्थव्योस्था अब एक नए दोर में प्रवेश कर चुकी है कुछ साल पहले तक निविश्कों की सबसे बड़ी चिंता ब्याजदने
01:03और आर्थिक विकास हुआ करती थी लेकिन अब तस्बीर पूरी तरह से बदल गई है आज दुनिया के सामने तीन
01:10बड़े म
01:23करेंगी मध्यपूर में तनाओ उर्जा आपूर्ती का खत्रा और दुनिया भर में बदलती सप्लाई चेन ने निविश्कों को सोचने पर
01:30मजबूर कर दिया है अब पुरानी आर्थिक विवस्था तेजी से बदल रही है हाला कि चुनोतिया बढ़ी है लेकिन जेपी
01:49मॉर्
01:50सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है अगर यहां लंबे समय तक तनाओ बना रहता है तो तेल की कीमतें उची
01:55रह सकती है जिससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खत्रा है बैंक का मानना है कि हालिया घटनाओ ने
02:02यह साफ दिखा दिया है कि दुनिया अभी भ
02:04पूर्जिया के मामले में कुछ महत्पून रास्तों पर जादा निर्वर है यही वज़ा है कि निवेशक अब केवल आर्थिक आकड़ों
02:10पर नहीं बलकि भूराजनितिक घटनाओ पर भी नजर रख रहे हैं जेपी मॉर्गन का मानना है कि भविश्य में देश
02:17सुरक्षा औ
02:18और आत्म निर्वरता को प्राथ्मिक्ता देंगे जिससे बैश्वी करन का पुराना मॉडल धीरे धीरे बदल सकता है अब सवाल है
02:24कि भारत के लिए क्या तो भारत के लिए यह महाल और भी चुनोती पूर्ण बन सकता है
02:29M.U.F.G की रिपोर्ट इंडिया एफ़र्फेक्ट स्टॉर्म के अनुसार भारतिये रुपया कई बदलाओं के दबाओं का सामना कर
02:35रही है
02:36उचे तेल के दाम, कमजोर बिदेशी निवेश, बढ़ता चालू, खाता घाटा और बैश्वी का निश्चित्ता रुपय को कमजोर कर सकती
02:43है
02:43रिपोर्ट के मुताबिक समानने इस्थिती में डॉलर रुपया 95 से 96 के आसपास रह सकता है
02:49लेकिन अगर तेल की कीमते और बढ़ती हैं तो यह 98 या 100 के इस्तर को भी छू सकता है
02:54भारत अपनी जरूरत का अधिकांस तेल आयात करता है
02:57इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर देश की अर्थवस्था पर पड़ता है
03:01इसके अलावा कमजोर मांसुन और अल नीनो जैसी मौसम संबंधी घटनाए भी खाद्य महंगाई बढ़ा सकती है
03:08जिससे चुनोतिया और बढ़ जाएंगी
03:31जैसी निवेश को बढ़ावा देना, सोने के आयात पर सकती और पूंजी के बाहरी प्रभाव को सीमित करना
03:36लेकिन डिपोर्ट साफ कहती है कि केवल अस्थाई उपायों से समस्या का समधान नहीं होगा
03:41भारत को लंबे समय तक मजबूत बिदेशी निवेश को आकरसित करना होगा
03:46और कारोबार का महौल बहतर बनाना होगा
03:48ताकि रुपए को अस्थाई मजबूती मिल सके
03:51हलाकि अगर जेपी मॉर्गन की बात करें तो जेपी मॉर्गन सिर्फ जोखिमों की बात नहीं करता
03:55बैंक का मानना है कि बदलती दुनिया में उभरते वाजारों के लिए बड़े औसर भी मौजूद है
04:00जैसे जैसे देश सप्लाई चेन को डाइवर्सिफाई करने की कोशिश करेंगे
04:04कई उभरती अर्थव्योस्थाओं को फायदा मिल सकता है
04:07लैटीन अमेरिका के पास कॉपर और लीथियम जैसे महतपून खनीच है
04:11जो उर्जा और AI करांती के लिए जरूरी है
04:14इसके साथ ही खाडी देश अपनी उर्जा संपदा का इस्तेमाल AI और डेटा सेंटर बनाने में कर रहे हैं
04:20वहीं एशिया सेमी कंड़क्टर उतपादन का केंदर बना हुआ है
04:23जेपी मॉर्गन का मानना है कि आने वाले वर्षों में निवेशकों का ध्यान उन देशों पर रहेगा
04:28जिनके पास संसाधन उतपादन शमता और तकनीकी महतव होगा
04:32अब आते हैं मुख्य सवाल पर की रिपोर्ट्स में भारत के लिए क्या है और कहा निवेश के मौके बन
04:37रहे हैं
04:38तो रिपोर्ट्स में भारत को लेकर एक दिल्चस्प बात सामने आई है
04:41जहां एक तरफ तेल की कीमते और बैस्विक तनाव भारत के लिए चुनावती है
04:45वहीं दूसरी तरफ आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस यानि की AI भारत के लिए एक बड़ा औसर बन कर उभर सकता है
04:52दुनिया भर में AI पर अर्बो डॉलर का निवेश हो रहा है
04:55नए डेटा सेंटर बन रहे हैं
04:57कमपनिया AI टूल्स अपना रही है
04:59और डिश्टल इंफ्राइस्ट्रक्चर पर खर स्टेजी से बढ़ रहा है
05:02भारत इस बदलाव का लाभारती बन सकता है
05:05क्योंकि देश के पास दुनिया का सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल है
05:09भारतिये IT कमपनिया पहले से ही बैश्ट्रिक ग्रांकों को डिश्टल सेवाय दे रही है
05:13और अब AI से जुड़ी सेवाओं की मांग भी बढ़ रही है
05:16जिसके बाद उम्मीद जताया जा रहा है कि भारतिये कमपनिया भी AI के शेत्र में अपनी संसाधनों को बढ़ाएंगी
05:22और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच के साथ ही कमपनियों को सुभिधाएं भी मुहया कराने की कोशिश करेंगी
05:28वहीं Goldman Sachs का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI से जुरी कमाई बैश्विक बजारों के ग्रोथ का
05:34बड़ा हिस्सा होगी
05:35वहीं JP Morgan का कहना है कि AI सिर्फ एक तकनीक नहीं बलकि उत्पादक्ता बढ़ाने वाली क्रांती है
05:41भारत के लिए इसका मतलब है कि IT, Cloud, Data Center, Semiconductor, Supply Chain और Digital सेवाओं में नए औसर
05:48पैदा हो सकते हैं
05:49यानि अल्पकाल में बाजार पर दबाओ भले हो लेकिन लंबी ओधी में AI भारत की आर्थिक ग्रोथ और Corporate कमाई
05:56को नई गती दे सकता है
05:57इसलिए कुल मिलाकर इतना कहा जा सकता है कि 2026 की कहानी सिर्फ दबाओ और जोखिम की नहीं बलकि उन
06:04नए और सरो की भी है जो इस बदलाओ के दोर में पैदा हो रहे हैं
06:07हाला कि इस पूरे मामले पर आपको क्या लगता है भारत AI के शेतर में कितना प्रगती कर पाएगा और
06:13अपने आपको कितना मजबूत बना सकता है
06:15कमेंट सेक्षन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप
06:20बने रहें गुड रिटरंस डिश्टल के साथ
Comments