00:00ये जो संस्कृति में चलता है ना कि मा का बच्चे के प्रति प्यार तो उच्चतम होता है, unconditional होता
00:06है
00:06सबसे गहरा प्यार कौन सा होता है मा बच्चे का
00:08जूट है ये, बहुत बड़ा जूट है ये, ऐसा कुछ नहीं है
00:14जिसको प्रेम पता ही नहीं, वो किसी से भी प्यार कैसे कर लेगा, अपनी उलाद से भी प्यार कैसे कर
00:19लेगा, ना, नहीं होता
00:20और जिसको प्रेम पता है, उसके प्रेम को तुम रोक के दिखाओ, रुकेगा नहीं
00:24वो सारी सीमाएं लांग जाएगा
00:27धर्म की, जात की, अपने पन की, पराए पन की
00:30उसके प्रेम को रोक नहीं पाओगे
00:32और फिर ये थोड़ी होगा कि
00:33अपने बच्चे को मैंने मुर्गे के बच्चे का सूप पिलाया
00:36कि क्या कर रहे हो
00:38तुम्हारा बच्चा बच्चा और मुर्गे का बच्चा
00:40सूप
00:41मैं इल्जाम नहीं लगा रहा हूँ, मैं आपको आहत नहीं करना चाहता
00:44कि मैं कहूं कि देखो
00:46तुम दोशी हो, तुम गिल्टी हो
00:47तुम में प्यार नहीं है, मैं चाहता हूँ कि प्यार हो
00:50लेकिन जब तक आप नकली प्यार कोई प्यार समझते रहोगे
00:53प्यार कहाँ से होगा
00:55नकली प्यार को हटाना जरूरी है
00:57ताकि असली वाला अंकुरित हो सके
00:59तो बुरा मत मान जाईएगा
01:01कि इन्होंने तो हमारे रिष्टों कोई नकली करार दिया
01:04हम प्यार मतलब जानती ही नहीं है
01:06तो फिर हम और क्या कर रहे है रिष्टों में
01:08बहुत आसान है मेरी बात को अन्यता ले लेना
01:11ये दुनिया जैसी है और जैसी और ज्यादा होती जा रही है
01:15जिस गर्त में गिर रही है
01:16आपको सच मुछ लगता इस दुनिया के लोग प्यार जानते हैं
01:19तो मेरी बात से आपको जटका क्यों लग रहा है, बुरा क्यों मान रहे हो
01:22प्यार सीखो, और प्यार को सीमाए मत दो
01:25मत कहो कि मेरा परिवार है, तो इसलिए प्यार है
01:28ये सब मेरा दोस्त, मेरा यार, मेरी पत्नी, मेरी बच्ची, ये जो मेरा पन है न, ये प्यार का दुश्मन
01:34है
01:34प्यार मेरे पन में बांधने को नहीं कहते, प्यार पंख देने का, उडाम देने का नाम है
01:40और ये मेरे पन का, ममत्तो का, ममता का भाव बहुत बड़ी जन्जीर होता है
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