00:00पुछले एक दसक में कोई संबाद आपने विपक्ष के साथ देखा किसी मौके पर विपक्ष से बाद चीज संबाद करने
00:06की कोशिश करते हुए आपने देखी स्थारुदली बैठकों में प्रधान मंत्री जी नहीं जाते आपको याद है किसका भी पर
00:12अतित्य सरकारों में ऐ
00:27दिखाई पड़ता है नहीं है इस सरकार ने विपक्ष को कोई तरजीह की तबज्यों देने की कोशिश नहीं की एक
00:34और एक एक एक एक इसी लिए एक सरकार करती है कि अगर आप अभी आप धर्मेंद प्रधान का इस्तिफा
00:40हो जाए तो ने लगेगा लोग करने लगें कि नह
00:55ना बनती है यह जो लड़के दोजार डाइजार इकटे विए जंतर मंतर पाट यह देश बर में जो अलग लगा
01:01स्थानों पर यह दो अगर दिखटे भी हुए हैं तो दोड़ाई जार लोग नहीं वलकि दोड़ाई जार परवार है परिवार
01:10हैं वहीं मैं कर रहा हूं ना �
01:12है कि परिवार हैं इसन लिए फिर भी फिर भी मेरा अपना माना आये खिया isn't कि इन यह दे
01:21षकता लें जानकारी अ कश्री ने
01:34देने को सम्भावना हो सकती है इस म méthंगे जैसे जैसे
01:41कि इनको सरकार की तरफ से मिल ला भारती जनता पार्टी राश्चिस्वम से संकावीज को सायोग मिल सकता है जो
01:48उन्हों ने बारतिरा के अंदोलन में दिया था उसी का नाम रखा गया
02:05और उसका प्रणाम क्या हुआ और ये लोग जिसे मेरा प्रणामना है कि कोई भी आंदोलन हो उस आंदोलन के
02:12पीछे जो लो भी हो
02:13मेरे दिमाख में आता है जैसे आपने भी का कि अलग अलग आग नहीं जलाना चाहिए ठीक है ना मैं
02:21इतनी दिर से सोच रहा था आप ये क्यों कह रहा है क्या आपके मन में आ सकता है तो
02:25आपकी बाद से मेरे मन में ये आया कि इस आंदोलन ने ये वाओं ने जब नीट का पर
02:32परीक्षा इस तरीके से लीग होती है दूसरी परीक्षा है होती हैं तो बो लोग आम तोर पे सोचल मीडिया
02:38पर तो विरोद आता है लेकिन जबीन पे इस तरह का विरोद और इस तरह का सोचल मीडिया पर कैमपेंड
02:45ये विपक्ची पार्टिया पार्टिये उन चात्राओं
02:49के समर्थन में या फिर सरकार के धर्बेन प्रदार के समर्थन में चलाने में सफल नहीं हुई तो कहीं यह
02:55यह जो यह आंदोलन है यह विपक्षी पार्टियू के भी तो मुँपे तमाचा है कि सरकार अगर अपकी मनमानी कर
03:01रही है तो तुम्हारा काम तो सरकार की निगरानी क
03:15करो और फिर आंदोलन करो और बीरोट करो उसमें भिपक्ष भी सफल रहा है तो यह यह तरीके से निवाओं
03:22जिस तरीके से लोग कि खटे होते हैं वो लोग जो कभी आंदोलमे निखले वो
03:27को नॉन पॉलिटिकल लोगों को बाहर अपने समर्थन में क्यों नहीं ला सके क्या उन विपक्ष पे निवाओं को उतना
03:34विश्वास नहीं था क्या वो पार्टी यह पूरी तरीके से भरोफ से बंद नहीं है क्या उनकी भी जो राजनेतिक
03:40मंसा है उस पर यह वा विश्वास �
03:43करता है एक नए हुआ को अपने हीरो का रूप में लाता है उसके बाइस मिलियन फालोवर बन जाते हैं
03:48और यह पार्टी यह देखती रह जाती है जब कि यह मुख फिर मुख बिपक्ची दल है यह यह सकता
03:55है सरकार को चोटन देखते ही हैं इन विपक्ची तुमारी जिम्मेद
04:00जारी थी तुम क्या कर रहे थे यह अंदोलन एक युवा आता है अब जी जिपके उस बहुतने लोगों को
04:06लिया आता है नॉन प्लिटिकल लोगों को जो कभी मुख लोग रास्ता बूच रहे देखा इधर ही जंतर मंतर किस
04:12रास्ते बोग तभी आंदोलन में नहीं आए अ�
04:29किस राजी में उत्तर प्रदेश में हर्याना में राजस्थान में शतीजगर में मद्द प्रदेश में और लागतार प्रदशन किया है
04:37जो लड़के नीट से प्रवाईत हुए हैं उन परिवार के लोगों से विपक्षितल के नेतावने मुलाकात किये
04:45मेरा वही सवाल है उन्होंने प्रदशन किये हैं लेकिन युवा जो हैं उनके साथ को खड़े हो रहे हैं क्या
04:52उनका प्रदशन सिर्फ राजनेतिक जोड़ गणित तक लगता है नहीं लगता है नहीं को कि यह बास्तब में हमारे हितों
05:00को साधने वाली पार्टिया है
05:08अगर उनके पास एक संगठन है उसके तहाँ तो प्रदशन कर रहे हैं तो इसमें को कर रहे हैं तो
05:18कि यह बबक्षी पार्टियों को भी तो आयना दिखाने जैसा है
05:24आप अन्मेट कर लिजे प्लीज़ यह बिल्कुल है आप टेबल कर दीज़े आप यह देखिए कि सथा में कांग्रेस है
05:34और वी जेपी विपक्ष में है जब आप विपक्ष का आंदोलन देखते कैसा होता है
05:39और मैं यह मानता हूँ कांग्रेस की कांग्रेस पार्टी इस समय संसद में कमजोर नहीं है लोग सभा में उनकी
05:47वो एस्टिती नहीं है जो 2014 में थी 2019 में थी और नहीं भार्तिय जनता पार्टी के भी वो एस्टिती
05:53है जो 2014 में थी और 2019 में थी
05:56अगर कांग्रेस नीट हो जा रहा है
05:59सीबियसी हो जा रहा है
06:01रुपया अंठानवे पर पहुँचने वाला है
06:04पेट्रोल डीजल के दाम बर रहे हैं
06:07पर बैरल इंटरनेशनल मार्केट में रेट कम होने के बावजूद
06:10आप सोचिये कि कांग्रेस अगर सरकार में होती है
06:13भारतिय जन्ता पाठी भी फक्ष में होता तो क्या होता
06:16अगर कांग्रेस इतनी सारी परिस्थितियां अनगूल होने के बावजूद
06:21एक धर्मेंद्र परधान तक का इस्तिफान नहीं करवा पाती है
06:25तो यह उनकी कमजोड़ी है और उनकी जगा किसी दिपिके को किसी अभिजीत को किसी किस तरीके से इन लोगों
06:46ने सीने मुद्दे पे केंदित रहे
06:49लेकिन जब भी मैं विपक्षियों का देखता हूं या कांग्रेस की बात आप में इसकरी वो सिफ अडानी अंबानी अडानी
06:55अंबानी वो इरिकार्ट चलता है
06:56उनका मुद्दों को कम घेरते हैं तो कहिना की लोगों को लगता है कि जो हमारे मुद्दे हैं वो उस
07:01तरीके से नहीं उठाय जा रहा है और वह अब जीद्दिपके वटका के उठाता है तो नया हुआ निकलता है
07:06सरकार को घेरता है और सरकार के नाक में डंग करने अंदोरन बनता है उसे उसे कहीना की पर्मीशन देनी
07:13पड़ती कल तक लग रहाता नहीं देंगे तमाम बाते हैं कि सुबह तक आनी रहे है हमारे पास कोई कागज
07:17नहीं आया जी केशब जी
07:19जी बिल्कुल शिवेंद्र जी सही कह रहा है आप इन्होंने जो रास्ता चुना है अब जी दिपके और उनके समर्थकों
07:26ने कौकरोज जनता पार्टी का जो रास्ता है वो उन्होंने शांतिकुन रास्ता अपनाया है और उन्होंने बार-बार अपने आच्रन
07:32से अपने ना
07:49करके है विवस्था बदले हालात बहतर हो इसको ले करके है और उन्हों
07:54ने कई बार आज के प्रद्रसन में भी उन्होंने यही चीजे बारम बार
07:59अस्पस्ट की और यह होना भी चाहिए सवाल उठाना जरूरी है अगर सवाल
08:04नहीं उठाएंगे तो फिर प्रजात तंत्र में प्रजात तंत्र की जो सबसे बड़ी
08:09शक्ति है वो नहीं रह जाती है सवाल हर कोने से उठना चाहिए और जो
08:15जिम्मेदार है उनको उस सवाल का जवाब भी देना चाहिए और जो सुनील जी
08:19कह रहे थे यहां बहुत बड़ा दुर्भाग है हाला कि यह सच है कि पिछले बारा साल में
08:24हमने कभी नहीं देखा सरकार का यह हचरितर नहीं है कि मुद्दों को आड्रेस करें
08:30सामने आकर के उसको आड्रेस करें और उसका जवाब दे लेकिन समवाद करना किसी
08:37कमजोरी की निशानी नहीं होती है
08:39जो सब्ता के संड़क्षक है
08:41जो उनके सलाकार होंगे
08:43उन्हें ये बताना चाहिए कि समवाद
08:45कमजोरी की निशानी नहीं है
08:47दरसल समवाद से नए रास्ते
08:49खुलते हैं हो सकता है
08:51ये जो विद्रोह शुरू हुआ है
08:53वो विद्रोह
08:572019 में भारी पर जाए
08:59भारतीय जनता पार्टी की
09:00सरकार पर
09:01लेकिन अगर इस विद्रोह
09:04को वो सुनते हैं
09:06समझते हैं इनकी डिमाढ्ड को
09:08अड्रिस करते हैं तो क्या पता
09:09लोगों की सुढ़ब काम नहीं
09:11इनको मिल सकते है
09:21केशब जी अपिजीत ने सरकार को धर्मेंद प्रधान को कि पांच बजे तक आप इस्तीफा दे दीजे, इस्तीफा नहीं देते
09:27हैं, तो हम अब शनीवार को आने वाले हैं, शनीवार को क्या कुछ नई उम्मीद लग रहे हैं, यो शवसर,
09:33क्योंकि इस्तीफा थो हुआ नहीं
10:03पांच बच चुके हैं।
10:04को मिल गया, उस समय की सरकार को मिल गया, अगर सरकार का यही रवया है, तो आज जो यह
10:10जेंजी का प्रोटेस्ट था, जिसमें जेंजी के पैरेंट्स भी आये थे, यह पूरे देश का प्रोटेस्ट बनेगा, यह वीज मैंने
10:18आज देख लिया है, दिल्ली के जंतर मंतर पर इस
10:39प्रोटेस्ट डिजाइन किया होगा इन्होंने पूरी तरह नीशस्त्र शांत प्रदर्सन का रास्ता अपनाया है जगह जगह पर उन्होंने गांधी भगत
10:49सिंग अमवेड कर पंडित नहरू की तस्वीरें लगाई हुई थी और उनके सम्मान में वो नारे भी लगा रहे थे
11:05मेरा केशब जी आपसे और सुनील जी से एक सवाल और है बलकुल छोटा सा कि मैं और आप सभी
11:11लोग ग्राउंड पे थे
11:13उसके बाद हमने देखा सोशल मीडिया और कुछ डिश्टल मीडिया ने इस चीज को दिखाया
11:20मान यह दिखा कि जो मेन स्ट्रीम चैनल है जो ट्रडिश्टनल मीडिया है जिसे हम कहते टीवी चैनल कह दूँ
11:27अकबारों ने तो चापा है टीवी चैनल ने इनको अपने है स्पेस क्यों ने दी आपको क्या लगता है कोई
11:34आपका आंकलन है उनके पास जगए नहीं थी दू
11:48जिवेंद्र जी मुझे लगता है कि जो हलाकि वहाँ पर आई थी बाद में मेनिस्ट्री मीडिया भी आई पहले उनको
11:53यह अरुमान नहीं होगा कि यहाँ पर इस अस्तर तक धीड एकठी हो सकती है तो सुवात में हम लोग
11:59थे वहाँ पर कोई नहीं था लेकिन जैसे इसे दिन
12:02बड़ा और लोगों का हजूम उमरने लगा था तो लगभग वहाँ पर सारे मीडिया हाउस के प्रतिने वीडियो को हमने
12:09देखा वहाँ पर मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहूंगा वरना हमें हमें भी नोटिस भेज दिया जाएगा उनके समर्थक
12:16नाराज थे
12:18CJP के समर्थक बार बार उन्हें गोधी मीडिया कह रहे थे जिसका दिपके ने विरोध किया गोला कि नई जो
12:26भी आ रहे हैं इसको कवर करने के लिए यह अच्छे लोग हैं यह हमारी बात दिखाना चाहते हैं इने
12:32अब मदद करें यह हमारी मदद के लिए हम इनका सम्मान कर
12:35लेकिन ये तो सच है शिवेंद्र जी कि आज के समय में हम और आप भी इसी इंडरेस्ट्री से जुड़े
12:42हुए हैं
12:43आज हर व्यक्ति का हर संस्थान का अपना अजेंडा है सब अपने अजेंडे पर चलते हैं
12:49और हो सकता है कि उनके अजेंडे में
12:54सब्सक्राइब आपका क्या कहना है इस पर सरकार नहीं चाहते कि इस अंद्रोल की तरचा हो तो चैनल भी नहीं
13:04चाहते थे
13:05क्या कुछ चैनल सरकार के खिलाब जा रहा है क्या वंडिया सेर आपके आपने वड़ा दो टूक और सीधा जवाब
13:12दे दिया
13:13वल्लाव दो सब्दों में आपने बहुत कुछ कह दिया है जा समझ लो और कुछ कहने कि आज सब्ता नहीं
13:18वड़ो सठीक आपका आपका अनुहब बिलकुल कहता है और आपने दो टूक कह दिया कि सरकार नहीं चाहती थी
13:24तो फिर कोई चैनल सरकार खिलाब को जाएगा
13:26बिलकुल एक और अंतिम और सबसे महत्वा पूर्ण सवाल आने वाले दिनों को लेकर एक हफ़ते का जो अब आप
13:31वक्त कह सकते हैं पूरा पीरियड जिसके बाद एक और बड़ा आंदोलन आप कह सकते हैं मिलेगा
13:37सीजेपी के और से जंदर मंतर पर ही सुरील जी आप से ही यह अंतिम सवाल दीपगे को लेकर अभी
13:42जीद दीपके जुसन स्तापक हैं इनकी आगे क्या प्लैनिंग हो सकती है कहां रहने वाले हैं ये कुछ अपडेट हो
13:47और कोई और बड़े इनके प्रोग्राम है वो आंदो
14:06तो क्या सकते हैं कि आने वाले 6-7 दिन शांत रहने वाले हैं कोई बड़ा इंपड़ अगर आप कोई
14:13आंदोलन चला रहे हैं तो लोगों को संगरित करेंगा आप शांत कैसे रह सकते हैं तो फिर तो आज का
14:18जो कारक्राम था बुलबुला सावित हो जाए अगर आप किसी आं
14:36सुनिल जी ने कई बार जिक्र किया ताकतों का लेकिन कुछ हमारे दर्शकों के लिए सपष्ट अगर आप बोल पाएं
14:43कि कौन सी आसी ताकते हैं वो कोई पार्टी विशेश हो सकती है
14:47आपको जो आशंका हैं बोई पता दीजिए नहीं नहीं मैं इसके बीचे आपको क्या अधार लगता है इसलिए लगता है
15:05कि आप जो एक अलग राह चलने की कुछ करना है देश का पुरा विप्लक्ष इस मुद्धे पर एक साथ
15:12है अलग अलग नहीं है
15:15और आप विपक्स से अलग एक धारा बनाना चाहते हैं एक और सुनिल जी जवाब सवाली है हमारे कॉमेंट बॉक्स
15:22में यह अगर अगर आप व्योस्था परिवर्तन की बात कर रहे हैं तो इस देश में व्योस्था परिवर्तन की बात
15:31सामोही गुरुप से हुई है
15:33चाहे सोने सुचोफतर का अंदुलन रहा हो और चाहा कोई भी अंदुलन रहा हो अलग अलग धाराये चला करके आपको
15:40आपको व्योस्था प्रिवर्तन नहीं कर सकते
15:43अगले साथ का अंग्रेस वात का ब्यांदुलन चला सामोही का अंदुलन था उसमें सभी इंजिस सोसाइटी सामिल थी राजितिक दल
15:53सामित थे संग्षण सामिल थे इंजियोज सामिल थे और उस उसको एक अंजाम देख ले जाएगे आज जो भरतिन पाट्ड़ी
16:02के खिला�
16:11अगर कोई मोहीम चल लए है इस देश में ब्योस्था परिवर्तन को ले करके सरकार के खिलाब तो उस पूरे
16:22के पूरी मोहीम को ताकत देने की ज़रूरत है
16:30अगर जो इनकी विशेश एक मांग है धर्मेंद प्रधान को स्तीफा चाहिए हुने धर्मेंद प्रधान अपनी इगत्ती छोड़ दे अगर
16:36स्तीफा हो जाता है आने वाले साथ दिनों में अगर हम मान ले दस परसेंट बीस परसेंट परसा कोई भी
16:42चांसस बनते हैं तो सरी
16:43ये जीत किस और देखी जाएगी सीजेपी की या फिर सत्तारूडों की यानि की केन सरगार की बीजेपी की ने
16:50मुझसे पूछ रहे हैं जी जी सुनील जी अगर धर्मेंद प्रधान का स्तीफा हो जाता है तो बड़े उपलद्दी होगी
16:56जीत किसी देखेंगे सर कौन से पक्
17:13लेकिन हा बड़ी भूमी का इतने बच्चे का सामने समलग पर आ गया है और यह राजितिक दलों के अभियान
17:21अलग चल ला है तो यह निशित रूप से जो विरोध की राजिनिती है उसमें के और जो इन बच्चों
17:28का जो या अंदूलन है इसको इस विना पर नहीं किया सकता
17:32कि इन का को युगदान नहीं है मत पर युगदान है
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