00:00अब सोनम वांचुल जी हम लोगो संबोधित करेंगे
00:02सिस्टम को प्रणाली को सुधारना होगा निजाम को बदलना होगा की शिक्षा में
00:09इनसाख हो इनसाख हो सभी के साथ
00:22बहुत बहुत बहुत धन्यवाद यहाँ पर सभी कोक्रोचस जो यहाँ आए हैं
00:29उन सब को मेरा शुक्कान नाएं अभी लंदन गौक्रचिंचीफ और सारे गौक्रचिंच को लदाख का प्यार बरा अभी लंदन
00:45मैं बहुत बहुत प्रभावित हूँ बहुत इंप्रेस्ट हूँ कि आप लोगों ने
00:52इतने शांती पून तरीके से आज यहां पर जमा होकर अपने मन की बात रखी है और बहुत प्रभावित हूँ
01:03सरकार से भी उन्होंने कोई रोख को नहीं लगाया है लोग कंत्र को पनपने दिया है
01:10हमारी उम्मीद है कि आगे भी वो ऐसे अभिव्यक्तियों को ऐसे रचनात्मक, स्रिजनात्मक, क्रियेटिव, कंस्रॉक्तिव एक्स्प्रेशन्स को पनपने देंगे
01:25भारत माता की, भारत माता की, मैं अभिनंगन और धन्यवाद करना चाहूंगा कौक्रोचिन चीफ, अभी शेख दीपके जी का
01:44उन्होंने सभी को जुटाया है और उनके साथ जितने लोग जुड़ते जा रहे हैं, उन सभी का, आप सभी का,
01:52कि आप गरों में रोते नहीं रहे, शिकायत करते नहीं रहे
01:57और नहीं सड़क पर गरिंदगी कर रहे हैं, नहीं सड़क पर कोई हंगामा हला कर रहे हैं, आप यहाँ पर
02:07शांती से अपनी दो बात सुनने और सुनने आए हैं, यह बहुत ही इंप्रेसिव है, बहुत मुझे प्रभावित करता है,
02:17इसके लिए आप सब की जएए
02:25आवाज दो
02:31पूरा भारत एक है, लदाक से लेके कन्या कुमारी तक, और मैं लदाक से आप सभी के लिए बहुत ही
02:39सदबावने के संदेश लाया हूँ
02:41मैं सबसे पहले धन्यवाद करूँगा कि जिस मुद्दे ने आप सब को छुआ शिक्षा का और आप लोगोंने उसी को
02:59चुना है शिक्षा के लिए
03:01और आप एक तरह से मैं इसे प्रोटेस्ट नहीं कहूंगा इसे मैं आग्रह कहूंगा आग्रह करने हम जुटे हैं
03:13अगर आग्रह को नहीं सुना जाता है तो क्या मालूम प्रोटेस्ट भी हो मगर प्रोटेस्ट मुझे उतने अच्छे नहीं लगते
03:22हैं हम अपील करने आग्रह करने आये हैं और आगे भी हमें उम्मीद है आशा है कि ऐसे ही जिम्मेदारी
03:31सरकार की तरफ से दिखाई जाएग
03:33और जवाबते ही भी होगी जवाबते ही जो कि हम चाहते हैं सरकार से इस आग्रह में इस्तिफा की बात
03:43तो चली है बगर इस्तिफा से ज्यादा है जिम्मेदारी की और जिस इंसान को जिम्मेदारी महसूस होती है तो जो
03:51जरूरी है वो करते हैं चाहे उसके लिए इस्तिफा
03:54करना इस्तिफा देना पड़े त्याक पत्र देना तो एक सम्मानित लोगतंत्र की तरह भारत देश में एक सम्मानित नेता एक
04:05सम्मानित मंत्री मुझे नहीं लगता है हमें ऐसे जोर से नारूं से पुकारना पड़ेगा वो खुद अपनी जिम्मेदारी समझ कर
04:16खुद ऐसा क�
04:17लेंगे जो उनके मन और उनके आत्मा पर उतरती हो तो यहीं हम मीद करेंगे ऐसा हमें परदर्शन प्रोटेस ना
04:29करना पड़े आगरे से ही अगर काम चलता है तो बहुत अच्छा है जिस तरह की जिम्मेदारी और संवेद अंशीलता
04:40सरकार ने आज दिखाई है मैं उससे बह�
04:43बहुत गर्वित हूं क्योंकि लोग कहते थे कि ऐसा कुछ नहीं होने देंगे दड़ पकड़ होगी गृफ्तारी होगी आप देख
04:51रहे हैं ऐसा कुछ नहीं हुआ है और ये भारत के लिए बहुत बड़ी बात है यह आप लोगों की
04:58जीत नहीं है यह बारत देश की जीत है �
05:04सरकार की भी जीत है इसका हम जश्मनाएं तालियों के साथ तो अभी मैं देख रहा हूं आप लोगों ने
05:15शिक्षा का सवाल उठाया है क्यों ना उठाएं आपके जिंदगी से सीधा जुड़ा है ये इम्तिहान जिस पर हम बरोसा
05:25करते हैं उसी में अगर बैमानिया हो तो फिर
05:28कोई क्या उमीद करें उमीदें टूप जाती हैं तो ये तो बिल्कुल नाजाइज नहीं है कि आप उन इम्तिहान को
05:37उन पैमानों को उसमें इमानदारी मांग रहे हैं और कुछ जमीन, चान, सितारे नहीं मांग रहे हैं तो मुझे उमीद
05:46है कि इस पर सरकार खरे उतरेंगे
05:49हमारे जो शीर्ष नेता है वो सही कदम उठाएंगे और आने वाले दिनों में हमें एक अच्छा समाचार मिलेगा
05:57वरना मैं चाहूंगा सबसे की आगे इसे कैसे ले जाएं इसकर भी बात करें
06:05उमीद है अगले आने वाले दिनों में जो आप मांग कर रहे हैं वो पूरा हो
06:09हो भी तो ये जो युगा शक्ती है जिसको किसी भी देश की लिए बहुत महत्वपून है
06:17उसे और चीजों को अच्छा करने के लिए कैसे ले जाया जाए
06:21शिक्षा सबसे पहली आपकी जरूरत है उसमें आप ये काम कर रहे हैं
06:27मगर शिक्षा में सرف इमतिहान अकेले काफी नहीं है
06:31सिस्टम को प्रनाली को सुधारना होगा निजाम को बदालना होगा की शिक्षा में इमसाफ हो
06:39इन साथ हो सभी के साथ जहर में जो हैं हुनके साथ गाउं में हैं पूर तरा हैं
07:15इस पादो अपने वाद मेरी ऐसी कोई मंचा नहीं है मैं तो चाहूंगा सबसे बहतरीन लोग आएं आगे युवाओं मैं
07:28से आएं
07:31और हम जैसे लोग आपको सला दे सकें राश्टा दिखा सकें एक सच्चा रास्टा हम दिखा पाएं तो मेरी उमीद
07:41है कि आप इम्तिहां से शुरू करेंगे मगर अंजाम इम्तिहां तक न रहे
07:46प्रनाली को बदलने पर भी ये बहस चलती जानी चाहिए विद्यालेओं में बहतर गुनवत्ता कॉलिटी कैसे आए शेहरों में तो
07:55होती है गाओं में कैसे आए जो सरकारी विद्याले हैं वो है कल के भारत के विक्सित भारत के जो
08:03कार खाने हैं
08:05वो दिल्ली के private schools नहीं है, विक्सित बारत के कार खाने गाउं के विद्याले हैं, तो जो government schools
08:12हैं, सरकारी विद्याले हैं, उनको कैसे बहतर बनाएं, और जहां आप एक तरफ इस्तिफा मांग रहे हैं, प्याक पत्र मांग
08:21रहे हैं, अच्छी बात है जिमेदारी मांगना, मगर
08:24जिमेदारी और तरीकों से भी निमानी चाहिए, कि मैं कहूंगा जो भी चुने हुए परतिनिदी हैं, elected representatives हैं, उनके
08:33सबके बच्चे सरकारी विद्यालियों में होने चाहिए, जो system को चला रहे हैं, उनका उसमें कोई stake नहीं, उसमें कोई
08:51उनका दाव नहीं, तो वो उनको क्
08:53हैं, अच्छा करें, और जिनका stake है, उनका कोई आवाज नहीं, जबान नहीं, तो system नहीं चलेगा, तो इसलिए हमें
09:02आज निकटम तो परिक्षाओं की बात जरूर करें, उसे ठीक करें, उसके लिए जिमेदारी मांगें, चाहे वो इस्तिफा हो या
09:11और जो भी इस्तिफे प
09:16बदलाव मांगें, और आगे जाकर, system में बदलाव तब आएगा, जब जो नीती बनाते हैं, जो नीती बनाते हैं, जो
09:26प्रतिनिदी हैं बारत के, उनके अपने बच्चे, जब उनहीं विद्यालियों में हो, जहां सब के बच्चे हों,
09:36तो मेरी उमीद है, सारे सांसर्थ मिल कर सोचेंगे, और एक ऐसा नियम बनाएंगे, कि जो भी सरकार के, जुने
09:46हुए प्रतिनिदी हैं, उनके बच्चे हो, और जो भी सरकार से, आप राशी पाते हैं, तंखा पाते हैं, उनके बच्चे
09:57वहीं हो, जिसको आप चला रहे हैं �
10:01वरना ये सिस्टम नहीं चलेगा
10:03तो इसलिए पूरे सिस्टम को सुदारने की तरफ हम आगे बात करेंगे
10:08मगर आज परिक्षाओं की चर्चा चली तो इसमें मुझे उमीद है
10:13उमीद है कि सरकार पूरा ध्यान देगी
10:16मैं तो बहुत सराता हूँ कि परिक्षा पर चर्चा करते हैं हमारे परदान मंत्री
10:22तो परिक्षा पर आज चर्चा की जरूरत है कि ऐसे गलत कैसे हो रहा है परिक्षाओं के साथ
10:28और उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा
10:30तो ये चर्चा परिक्षाओं पर होनी चाहिए
10:35वैसे ही वैसे ही मैं चाहूंगा कि शिक्षा में पहले आप बढ़ाएं दाइरे को परिक्षाओं से आगे बढ़ाएं निजाम को
10:44परन्याली को सुधारें और उसके बाद जब इतनी बड़ी ताकत भारत जैसे युवा देश की है तो फिर इसी पर
10:52ना रुकें शिक्षा पर भ
10:56से सुधारें क्योंकि कल का भारत आपका है कल का कल जो आप पानी पीएंगे क्या वो साफ होगा कल
11:06जो हवा सांस लेंगे क्या वो साफ होगा कल के कीमत पर आज की विकास चाहिए क्या आज का विकास
11:16आज का ग्रोथ अगर कल के कीमत पर हो कि हमारे आम लोग पानी तक ना पी स
11:22हुआ तक सांस ना ले सकें हो उसकेHa इस मुट्धे को भी आगे ले और उसके बाद हर एक मुद्धे
11:29prove?' ये शुरुआत होनी चाहिए अंत नहीं होनी चाहिए
11:37मुझे बहुत अच्छा लगता है एक गीत जिसमें कहते हैं
11:43हम महनत कश हम महनत कश अप दुनिया से अपना हिस्सा मांगेंगे
11:49एक बाग नहीं एक खेत नहीं हम सारी दुनिया मांगेंगे
11:57सिर्फ परिक्षाएं नहीं सिर्फ विद्याले नहीं हम सारे मंत्रालेयों में बदलाओ चाहेंगे
12:05ताकि पूरा बदलाओ बड़े हम सारी दुनिया मांगेंगे
12:29पहल करे काई हम साधियों शाधियों शाधिये चाहिए पहले शाधियしま सबदुनिया रहता है
12:38यह झालीन शार चाहिह रोच हम एट आव में
12:52कि न्जन्जी एक्ता देंड़ाँडराणस को जेंज्ग एक्ता देंड़ाँ
13:00दो सूने माखेगेगे जंदबाँ जंदबाँ
13:09एमारे संगहर्ण इलाईज्द �일ाई जंदबाँ
13:17इलाई एक्ता जंदबाँ
13:45मैं इस तरह से देखता हूँ ये एक जिमेदारी है जो हर कोई श्खस ले तो अच्छा लगता है
13:52और खासकर जो हमारे नेता हैं वो तो ले ही ताकि बच्चे यही सीखें कि जिन्मेदारी कैसे लेते हैं ठीक
13:59है
13:59तो आगे यह कैसे चले मैं चाहूंगा कि अभी जिप जी और बाकी साथी बताएं कि आगे हम कब मिलें
14:07कैसे मिलें
14:08ताकि एक खेट नहीं एक बाग नहीं हम पूरे देश को बदल सकें तो ये शक्ति ऐसी शक्ति हो और
14:18जितने इसमें कटनाईयां हो उसका सामना करें आपको मैं दो लाइन बताता हूं
14:24नशीमन कहते हैं गोंचले को जब गोंचला बनाते हैं तो उसमें बहुत मेहनत बहुत मुश्कीले आती हैं तो नशीमन पर
14:33नशीमन इसकदर तामीर करता जा कि बिजली गिर्ते गिर्ते आप ये वे वजार हो जाए
14:41वो खुद ठकता है नशीमन पर नशीमन इस कदर तामीर करता जा कि पिजली गिर्ते-गिर्ते आप भी बेजार हो
14:54जाए अब मैं चाहूंगा हम थोड़ा सोच के आगे कैसे इस अंदोलन को ले जाएं बहुत ही शांती पूर्ण तरीके
15:03से बहुत ही प्यार मुहपत खुलूस से
15:06ताकि बदलाव आए और ये जो युवा बल है ये पोर्स है ये एक जेंटल पोर्स हो ये एक इस्ट्रक्टिव
15:15पोर्स हो जो किसी भी देश को किसी भी सरकार को और बहतर बना सकती है
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