00:00आरव चुपचाप वेन्यो पर पहुँच गया
00:02वहाँ उसने नैना को दुलहन के जोडे में देखा
00:04वो बेहत खुबसूरत लग रही थी
00:06बिल्कुल वैसी जैसा आरव ने सपनों में सोचा होगा
00:09पर एक बहुत बड़ा फर्क था
00:11जब नैना की नजर भीड में खड़े आरव पर पड़ी
00:14तो उसकी आँखे तुरंद भराई
00:15एक दुलहन की आँखों में जो खुशी जो चमक होनी चाहिए
00:18वो वहाँ थी ही नहीं
00:20वहाँ सिर्फ एक गहरी उदासी थी जो सब कुछ बिना बोले बयान कर रही थी
00:24शादी की रस में पूरी होने के बाद जब बाकी लोग व्यस्त थे
00:27नैना ने आरव को माफी मांगने के लिए एक कोने में बुलाया
00:31वहाँ एक गहरा सन्नाटा चाह गया
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