00:00एक दुल्लब यात्रा, एक बड़ा संदेश और एक ऐसी शिकरवारता जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
00:07करीब साथ वर्षों के बाद चाइना के प्रेजिडेंट शी जिन पिंग नौर्थ कोरिया की राश्थानी प्योंग ग्यांग पहुचने वाले हैं।
00:14चाइनीज और नौर्थ कोरिया स्टेट मीडिया के अनुसार शी जिन पिंग आर्ट और नौर्थ जून को किम जॉंक उनके निमंतरन
00:21पर नौर्थ कोरिया का दौरा करेंगे।
00:23ये 2019 के बाद उनकी पहली नॉर्थ कोरिया यात्रा होगी और 2026 की उनकी पहली विदेशी यात्रा लेकिन ये दौरा
00:31सिरफ अपचारिक कुटनिती तक सेमित नहीं माना जा रहा
00:35एक्सपोर्ट के अनुसार इसके पीछे कई बड़े रंडितिक संदेश छिपे हुए हैं
00:40सबसे बड़ी वज़ा है रश्या और नॉर्थ कोरिया के बीश तेजी से बढ़ती नस्दी किया
00:45पिछले दो वर्षों में मॉस्को और प्यांग्यां के रिष्टे पहले से भी जाद मजबूत हुए हैं
00:51उक्रेन वार के दोरा नॉर्थ कोरिया पर रश्या को सैनिक मिसाइले तोप खाने के गोले और अन्य सैन्य सायता देने
00:59के आरोप लगे
01:00इसके बदले में रशिया द्वारा नॉर्थ कोरिया को आर्थिक सायता और उन्नत सेन्य तक्नीक उपलप्त करानी की चर्चाए भी सामने
01:07आई
01:07यही से चाइना की चिंता शुरू होती है
01:10क्योंकि दश्कों से नॉर्थ कोरिया का सबसे बड़ा व्यपारिक साज़दार सबसे बड़ा आर्थिक सयोगी और सबसे प्रभाव शाली राज नितिक
01:18समर्टख चाहिना ही रहा है
01:20लेकिन जैसे जैसे रशिया का प्रभाव बढ़ रहा है वैसे वीजिंग के लिए अपनी पकड़ बनाये रखना एक बड़ी चनौती
01:27बनता जा रहा है
01:28एक्सपर्ट्स का मानना है कि शी जिन पिंग की यात्रा प्योंग गैंग को याद दिलाने की कोशिश करती है
01:34कि उसका सबसे महत्व पूर्ण साजेदार आज भी चाइना ही है।
01:37इस यात्रा का एक संदेश वाशिंग्टन के लिए भी माना जा रहा है।
01:41हाली में शी जिन पिंग और अमेरिकी राष्टर पती डॉनल्ड ट्रॉम्प के बीच उच्छ स्तर ये बात चीत हुई थी।
01:48ऐसे समय में नौर्थ कोरिया का दोराई संकेत देता है कि कोरियन पेनिंसुला से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला चाहे
01:55फिर वो परमानू मुद्दा हो प्रतिबंदों का सवाल या शेत्य सुरक्षा का विशय चाइना को नजर अंदास करके नहीं लिया
02:02जा सकता।
02:03उधर नौर्थ कोरिया ने हाल के महीनों में अपने परमानू और मिसाइल कारेक्रमों को और तेज किया है।
02:38नौर्थ कोरिया के विशय विया पार का दिकांच हिसाज भी चाइना से जुड़ा हुआ है।
03:03इस समझदारी को नौर्थ कोरिया अकसर ब्लड एलाइन्स कहता है।
03:07और उमीद की जा रही है कि दोनों देश इस एतिहासिक रिष्टे को दुनिया के सामने फिर प्रमुकता से पेश
03:12करेंगे।
03:13लेकिन इस पूरी कहानी के पीछे एक बड़ा वैश्विक शक्ती संगर्ष भी दिखाई देता है।
03:18एक तरफ युनाइटिट स्टेट्स और चाइना के बीच बढ़ती प्रतिसपरदा, तो दूसरी तरफ रश्या और नॉर्थ कोरिया की मजबूत होती
03:26साजेदारी।
03:27और इनके बीच अपना रणनितिक महत्व बढ़ाने की कोशिश करता प्योंग ग्यांग।
03:32ऐसे में शी जिन पिंग की ये यात्रा सिरफ दोस्ती का प्रदर्शन नहीं है, कि प्रभाव की लड़ाई है, ये
03:38रणनिति की राजनिति है और ये संदेश है कि चाइना अपने पडोस में अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए पूरी
03:44तरह सक्रिय है।
03:45अब दुनिया की नजरे प्योंग यांग पर टिकी होंगी। क्योंकि इस दुरलब शिखर बैठक में होने वाली बातचीत आने वाले
03:52समय में सिरफ कोरियन पेनिंसुला ही नहीं, बलकि पूरे एशिया पैसिफिक रीजन की राजनिति और सुरक्षा समिकरणों को भी प्रभ
04:00आवित कर सकती है। आप देख रहे हैं One India Hindi।
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