00:00इरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है
00:03स्ट्रेट अफ हॉर्मूस पर संकट मज़़ा रहा है
00:06तेल की कीमतें उचल रही है
00:08वेश्विक बाजारों में अनिश्चित्ता बढ़ रही है
00:11और खाड़ी देशों में और दुनिया के सारे देशों में रहने वाले लाखो भारतियों के सामने भी कई तरह की
00:16चुनौतिया खड़ी हो गई है
00:18लेकिन इसी तनाव और अनिश्चित्ता के माहौल के बीच भारत सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक ऐसा बड़ा
00:24फैसला लिया है
00:25जुसे विदेशों में रहने वाले भारतियों यानि के इंडियान जास्पोरा के लिए भी एक बड़ी खुशकबरी मानी जा रही है
00:31अब विदेशी निवेशकों को भारत के सरकारी बॉंड में निवेश करने पर कई तरह के टैक्स से छूट मिलेगी
00:37सरकार का दावा है कि इससे भारत में अर्बो डॉलर का निवेश आ सकता है
00:42लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये फैसला है क्या
00:46पहले क्या नियम थे अब क्या बदल गया है
00:49इससे भारत को क्या फाइदा होगा
00:51क्या इसका सर विदेशों में रहने वाले भारतियों पर भी पड़ेगा?
00:54NRI, यानि कि Non-Resident Indians और OCI, यानि कि Overseas Citizens of India को सीधा क्या फाइदा मिलेगा?
01:01और आकिर इरान, अमेरिका तनाव के भीज़ ये फैसला इतना महतोपुन क्यों माना जा रहा है?
01:07नमस्कार, मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
01:11सबसे पहले समझते हैं कि आखिर सरकार ने क्या नए एलान किये हैं
01:15तो इसके साथ ये जानना जरूरी है कि आखिर सरकार का नया फैसला क्या है, नया एलान क्या है
01:21जिसकी चर्चा सर्व भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर के निवेशकों के बीच हो रही है
01:26तो आपको बता दे कि भारतिया रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय महभूतरा ने मौदरिक निती समीती यानि की MPC की
01:31बैठे के बाद विदेशी निवेश फुली कर एक बड़ा एलान किया
01:35सरकार और RBI ने मिलकर विदेशी पूर्टफोलियो निवेशकों यानि की FPI के लिए भारतिय सरकारी बॉंड में निवेश को पहले
01:44से कहीं ज्यादा आसान और आकरशक बना दिया
01:46अब 15 साल, 30 साल और 40 साल की अवधी वाले नए सरकारी बॉंड पूरी तरह से यानि की Fully
01:52Accessible Route के तहट उपलब्ध होंगे
01:55इसका सीधा मतलब है कि विदेशी निवेशकों को इन बॉंड में निवेश करने के लिए पहले जैसी कई तकनीकी और
02:02नियामकिया बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा
02:05वे सीधे भारत के सरकारी बॉंड बाजार में पैसा लगा सकेंगे
02:09लेकिन असली गेम चेंजर सिर्फ निवेश की सुविधा नहीं बलकि टैक्स में दी गई बड़ी राहत है
02:14सरकार ने विदेशी निवेशकों पर लगने वाले कई टैक्स को खतम कर दिया है या फिर बेहत कम कर दिया
02:21है
02:21यानि अब भारत में निवेश करने पर उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलेगा
02:26और टैक्स का बोज भी नहीं उठाना पड़ेगा
02:28दूसरे शब्दों में कहें तो भारत ने वैश्विक निवेशकों को साफ संदेश दिया है
02:33कि अगर दुनिया में अनिश्चिता बढ़ गई है तो भारत आपके निवेश के लिए एक सुरक्षित और अधिक लावदायक ठिकाना
02:40बनने को तयार है
02:42यही वज़ा है कि इस फैसले को भारत की अर्थ वैवस्था के लिए एक बड़े रणितिक कदम के तौर पर
02:47देखा जा रहा है
02:48हाँ तो शुरू में हमने आपको बताया था कि NRI इसको भी पाइदा होने वाला है और अगर अभी तक
02:52जो मैंने आपको बताया उससे अगर आपको confusion हो रही होगी
02:56तो हम सरकार की policy को NRI और OCI के लिए जो विशेश है वो आपको बताते हैं यानि कि
03:02फिल्टर करके बताते हैं
03:06अब बात उन बड़े बदलावों के जो सीधे तोर पर विदेशों में रहने वाले भारतियों यानि कि NRI और OCI
03:12को फाइदा पहुँचा सकते हैं
03:15रिजर्व बैंक और सरकार ने निवेश नियमों को पहले के मुकाबले काफी आसान बनाने की दिशामें कदम बढ़ाएं
03:21इसका मकसद ये है कि दुनिया भर में रहने वाले भारतियों भारत की अर्थव्यवस्था और वित्या बाजारों में अधिक निवेश
03:28कर सकेंगे
03:45गया है ताकि निवेशकों को अनावश्यक औनप्चारिक और जटल ट्रक्रियाओं का सामना ना करना पड़े
03:50दलचस बात ये है कि ये पहल केवल NRI और OCI तक सिमित नहीं है बलकि भारत के बाहर रहने
03:56वाले अन्य वेक्तिकत विदेशी निवेशकों को भी आकर्शित करने की रणीती का हिस्सा है
04:01साथ इस सरकार ने सरकारी बांड्स और पतिभूतियों में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स नियमों में भी
04:08रहती है
04:09लॉंग टर्म कापिटल गेन टैक्स हटाने जैसे फैसलों से भारतिय बांड बाजार वैश्विक निवेशकों के लिए और आकर्शक बन सकता
04:16है
04:16पहले क्या नियम थे?
04:18तो अब ज़रा ये भी समझ लेते हैं कि आखिर पहले नियम क्या थे और विदेशी निवेशक किस तरह के
04:24टैक्स बोच का सामना कर रहे थे?
04:26अब तक यदि कोई विदेशी पोटफोलियो निवेशक यानि की एफपी आई भारत के सरकारी बॉंड्स में निवेश करता था तो
04:33उसकी कमाई पर अलग-अलग तरह के टैक्स लागू होते थे
04:36अगर निवेशक अपने बॉंड को 12 महीन से धिक समय तक होल्ड करता था तो उसे मुनाफे पर 12.5
04:42प्रतिशत लॉंग टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना पड़ता था
04:45वही अगर निवेशक के एक साल पूरा होने के बाद ही बॉंड बेश दीता था तो उस पर 20 प्रतिशत
04:51तक शौर्ट टम कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाता था
04:54यही नहीं विदेश निवेशकों को विथ होल्डिंग टैक्स यानि की सोर्स पर काटे जाने वाले टैक्स का भी सामना करना
05:00पड़ता था
05:01पहले ये दर लगभग 5 प्रतिशत थी लेकिन बाद के वर्षों में कई मामलों में ये बढ़कर 20 प्रतिशत तक
05:07पहुँच गई
05:08इसका मतलब ये था कि निवेशक को मिलने वाले ब्याज और रिटर्न का एक बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में
05:13कट जाता था
05:15सरल शब्दों में कहें तो भारत के सरकारी बॉंड सुरक्षित और भरोसे मंद निवेश माने जाते थे
05:20लेकिन भारी टैक्स व्यवस्था की वज़े से कई विदेशी निवेशक दूसरे देशों के बॉंड बाजारों की ओर रुप कर लेते
05:27थे
05:27यही कारण था कि लंबे समय से निवेशकों की मांग थी कि भारत टैक्स नियमों को आसान बनाए
05:32अब भारत सरकार के नए फैसले के बाद विदेशी निवेशकों के लिए भारत का बॉंड बाजार पहले की तुलना में
05:38कहीं स्यादा आकरशक और लाबदायक बन गया है
05:41तो अब क्या बदला है एक बार आप ये भी समझ लीज़े
05:44सरकार ने टैक्सों को लगभग पूरी तरह समाप करने का फैसला किया है
05:49अब विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉंड से मिलने वाले रिटर्न पर इंकम टैक्स नहीं देना होगा
05:54लॉंग टर्म कैपिटल गेन टैक्स खत्म कर दिया गया है
05:58शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स भी खत्म कर दिया गया है
06:01विद होल्डिंग टैक्स में भी राहत दी गई है
06:03मतलब निवेशक जुतना कमाएंगे उसका बड़ा हिस्सा उनके पास ही रहेगा
06:08यही वज़े है कि इंतराश्टिय निवेशकों के लिए भारत अचानक पहले से कहीं ज्यादा आकरशक बाजार बनता दिखाई पड़ रहा
06:15है
06:15लेकिन सवाल यह है कि सरकार ने ये कदम अभी क्यों उठाया
06:19इसका जवाब सीधे सीधे पश्ची मेशिया में बढ़ती तनाव और वैश्वी कार्थिक अरनिश्रिता से जुड़ा हुआ है
06:25जब भी इरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है उसका सबसे बड़ा सर तेल व्यापार पर बढ़ता है
06:30खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज जैसे रणनितिक समुद्री मार्क पर खतरा बढ़ते ही दुनिया भर के उज़ा बाजारों में चिंता फैल
06:37जाती है
06:37भारत के लिए ये स्थिती और भी महतोपुन है क्योंकि देश अपने कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85%
06:43से अधिक हिस्सा आयात करता है
06:45अगर स्टेट अफ हॉर्मूज में किसी तरह का व्यावधान आता है या फिर तेल की कीमते तेजी से बढ़ती हैं
06:51तो भारत का आयात बल बढ़ जाता है
06:54इसका मतलब है कि देश को तेल खरीदने के लिए पहले से अधिक डॉलर खर्च करना पड़ता है
06:58नतीजन चालू खाता घाटायान की Current Account Deficit CAD बढ़ने लगता है और अर्थवेबस्था पर अतिरिक्त दबाव पढ़ता है
07:06दूसरी तरफ वैश्विक संकट के दौर में निवेशक डॉलर को सुरक्षित निवेश मानते हैं जिससे डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर
07:13होने लगता है
07:14ऐसे में भारतिय रिजर्व बैंक चाहता है कि देश के पास परियाप्त विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद रहे ताकि किसी भी
07:21आर्थिक जटके का सामना आसानी से किया जासे
07:24यही वज़े है कि सरकार विदेशी निवेश को कुवा कर्शित करने के लिए टैक्स में राहत और निवेश नियमों में
07:31धील दे रही है
07:32जितना अधिक विदेशी निवेश भारत में आएगा उतनी ही ज्यादा विदेशी मुद्रा देश में पहुँचेगी
07:38विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा और वैश्विक संकेट के बीच भारती अर्थ वैवस्था को स्थिर्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी
07:45तो भारत को इससे सीधा-सीधा क्या फायदा होगा एक बार मुद्दे की बात समझ लीजिए
07:50बारत को इस फैसले से कई स्थरों पर बड़ा फायदा मिल सकता है
07:53सबसे पहले जब विदेशी निवेशक भारतिया सरकारी बॉंड्स पर निवेश करेंगे
07:57तो बड़ी मातर में विदेशी मुद्रा भंडार खास करके डॉलर भारत में आएगे
08:00इसे देश का विदेशी मुद्रा भंडार और मिजबूत होगा
08:04जो किसी भी आर्थिक संकट की समय सुरक्षा कवज की तरहे काम करता है
08:07विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने से रुपया पर पढ़ने वाला दबाब कम होगा
08:11आम तोर पर वैश्विक तनाव या तेल की कीमते बढ़ने पर डॉलर मिजबूत होता है
08:15और रुपया कमजोर पढ़ता है
08:17लेकिन अगर परियाप्त विदेश निवेश आता है तो रुपय को स्थर रखने में मदद मिलेगी
08:22इसके लावा भारत का बढ़ता आयात बिल संभालना असान होगा
08:26खास कर तब जब कच्चे तेल की कीमते उची है
08:30बॉन बाजार में निवेश बढ़ने से सरकार को भी अपेक्शा करित कम ब्यास दरों पर उधार लेने का अवसर मिलेगा
08:36और सबसे महत्व कुण बाद ये है कि इरान अमेरिका तनाव जैसी वैश्विक अनिश्चित्ताओं के दौर में
08:42ये कदम भारती अर्थववस्था को अतरिक्त मजबूती और वित्या स्थीरता प्रदान कर सकता है
08:47तो अब बात उस पहलू की भी कर लेते हैं जो अक्सर जिनकी चर्चा नहीं होती इंडियन डायस्पोरा
08:52आज दुनिया के अलग-अलग देशों में लगभग 3.5 करोड भारतिय मुल्के लोग रहते हैं
08:58मिलाको लोग अमेरिका, कैनेडा, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में बसे हुए हैं
09:03इरान-अमेरिका तनाव का सबसे बड़ा सर इनहीं लोगों पर पड़ता है
09:07क्योंकि जब तेल महेंगा होता है तो खाड़ी देशों की अर्थविवस्था प्रभावित होती है
09:11शुपिंग रुकती है, व्यापार प्रभावित होता है, नौक्यों पर असर पड़ता है
09:14और विदेशों में काम कर रहे है भारतियों की आय और भविश तोनों प्रभावित होते है
09:19लेकिन अब यदि भारत विदेशी निवेश आकर्षित करने में सफल रहता है
09:24तो भारतिय अर्थववस्था अधिक मिजबूत बनी रहेगी
09:27रुपया जादा स्थिर रहेगा विदेशी निवेश बढ़ेगा और इसका अप्रत्यक्ष फायदा उन भारतियों को भी मिलेगा
09:33जो विदेशों से भारत में निवेश करना चाहते हैं आपने परिवारों को पैसा भीशते हैं
09:39दुनिया इस समय इरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर नजर बनाए लिए
09:43सब की चर्चा तेल, युद और भूराजबितिक पर केंद्रित है
09:47लेकिन इसे बीच भारत रहे आर्थिक मोच्चे पर एक बड़ा दाव खेल दिया है
10:05अब नजर इस बात पर होगी कि इस फैसले के बात भारत में कितना नया विदेशी निवेश आता है
10:10और क्या ये कदम वास्तों में देश की अर्थवेवस्था को वैश्विक अर्निशित्ताओं से बचाने में मदद कर पाता है
10:17क्योंकि युद्ध के दौर में सिर्फ मिसाइले ही नहीं चलती
10:20आर्थिक मोर्चों पर भी बड़े फैसले लिये जाते हैं
10:23और भारत ने ऐसा ही एक बड़ा आर्थिक दाव खेला है
10:26इस ख़बर में इतना ही
10:28लेकिन ये वीडियो अप कहां से देख रहे हैं
10:29हमें कॉमेंट में जरूर बताईए
10:31और उन सभी दोस्तों, रिष्टेदारों और घरवालों को ये वीडियो जरूर भेजी
10:35जो भारत से बाहर रहते हैं
10:36कि वेवी सरकार की इस नई पॉलिसी का फाइदा उठा सके
10:40जानकारी प्राप्ट कर सके
10:41और हाँ, हमने आपसे कहा था न
10:43कि कोई और आपके फाइदे की बात करे या ना करे
10:45One India जरूर करता रहेगा
10:47नमस्कार
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