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RBI Government Bond Tax Relief: वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में भारत सरकार और आरबीआई ने विदेशी निवेशकों, NRI और OCI के लिए टैक्स छूट का एक ऐतिहासिक ऐलान किया है!
ईरान और अमेरिका (Iran-US Tension) के बीच बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर गहराते संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार उछल रही हैं, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों में भारी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच खाड़ी देशों (Gulf Countries) सहित दुनिया भर में रहने वाले लाखों प्रवासी भारतीयों के सामने भी कई तरह की आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। इसी बीच, भारत सरकार और RBI ने एक बेहद रणनीतिक फैसला लिया है, जिसे विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय (Indian Diaspora) के लिए एक बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है।
RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने MPC Meeting के बाद विदेशी निवेश को लेकर एक क्रांतिकारी घोषणा की है। सरकार ने विदेशी निवेशकों और NRI पर लगने वाले कई तरह के टैक्सों को पूरी तरह खत्म या बेहद कम कर दिया है। इसके तहत नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (NRI) और ओवरसीज सिटीजंस ऑफ इंडिया (OCI) को भारतीय बॉन्ड मार्केट में पैसा लगाने पर अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा शानदार और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलेगा।

About the Story:
Amid rising tensions between Iran and the US affecting global oil prices and trade routes like the Strait of Hormuz, the Government of India and the Reserve Bank of India (RBI) have introduced a breakthrough policy for foreign investors, NRIs, and OCIs. Announced by RBI Governor Sanjay Malhotra.

#GovernmentBonds #NRITaxRelief #RBIMPC #BreakingNews #OneindiaHindi

~HT.410~PR.514~ED.542~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00इरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है
00:03स्ट्रेट अफ हॉर्मूस पर संकट मज़़ा रहा है
00:06तेल की कीमतें उचल रही है
00:08वेश्विक बाजारों में अनिश्चित्ता बढ़ रही है
00:11और खाड़ी देशों में और दुनिया के सारे देशों में रहने वाले लाखो भारतियों के सामने भी कई तरह की
00:16चुनौतिया खड़ी हो गई है
00:18लेकिन इसी तनाव और अनिश्चित्ता के माहौल के बीच भारत सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक ऐसा बड़ा
00:24फैसला लिया है
00:25जुसे विदेशों में रहने वाले भारतियों यानि के इंडियान जास्पोरा के लिए भी एक बड़ी खुशकबरी मानी जा रही है
00:31अब विदेशी निवेशकों को भारत के सरकारी बॉंड में निवेश करने पर कई तरह के टैक्स से छूट मिलेगी
00:37सरकार का दावा है कि इससे भारत में अर्बो डॉलर का निवेश आ सकता है
00:42लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये फैसला है क्या
00:46पहले क्या नियम थे अब क्या बदल गया है
00:49इससे भारत को क्या फाइदा होगा
00:51क्या इसका सर विदेशों में रहने वाले भारतियों पर भी पड़ेगा?
00:54NRI, यानि कि Non-Resident Indians और OCI, यानि कि Overseas Citizens of India को सीधा क्या फाइदा मिलेगा?
01:01और आकिर इरान, अमेरिका तनाव के भीज़ ये फैसला इतना महतोपुन क्यों माना जा रहा है?
01:07नमस्कार, मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
01:11सबसे पहले समझते हैं कि आखिर सरकार ने क्या नए एलान किये हैं
01:15तो इसके साथ ये जानना जरूरी है कि आखिर सरकार का नया फैसला क्या है, नया एलान क्या है
01:21जिसकी चर्चा सर्व भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर के निवेशकों के बीच हो रही है
01:26तो आपको बता दे कि भारतिया रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय महभूतरा ने मौदरिक निती समीती यानि की MPC की
01:31बैठे के बाद विदेशी निवेश फुली कर एक बड़ा एलान किया
01:35सरकार और RBI ने मिलकर विदेशी पूर्टफोलियो निवेशकों यानि की FPI के लिए भारतिय सरकारी बॉंड में निवेश को पहले
01:44से कहीं ज्यादा आसान और आकरशक बना दिया
01:46अब 15 साल, 30 साल और 40 साल की अवधी वाले नए सरकारी बॉंड पूरी तरह से यानि की Fully
01:52Accessible Route के तहट उपलब्ध होंगे
01:55इसका सीधा मतलब है कि विदेशी निवेशकों को इन बॉंड में निवेश करने के लिए पहले जैसी कई तकनीकी और
02:02नियामकिया बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा
02:05वे सीधे भारत के सरकारी बॉंड बाजार में पैसा लगा सकेंगे
02:09लेकिन असली गेम चेंजर सिर्फ निवेश की सुविधा नहीं बलकि टैक्स में दी गई बड़ी राहत है
02:14सरकार ने विदेशी निवेशकों पर लगने वाले कई टैक्स को खतम कर दिया है या फिर बेहत कम कर दिया
02:21है
02:21यानि अब भारत में निवेश करने पर उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलेगा
02:26और टैक्स का बोज भी नहीं उठाना पड़ेगा
02:28दूसरे शब्दों में कहें तो भारत ने वैश्विक निवेशकों को साफ संदेश दिया है
02:33कि अगर दुनिया में अनिश्चिता बढ़ गई है तो भारत आपके निवेश के लिए एक सुरक्षित और अधिक लावदायक ठिकाना
02:40बनने को तयार है
02:42यही वज़ा है कि इस फैसले को भारत की अर्थ वैवस्था के लिए एक बड़े रणितिक कदम के तौर पर
02:47देखा जा रहा है
02:48हाँ तो शुरू में हमने आपको बताया था कि NRI इसको भी पाइदा होने वाला है और अगर अभी तक
02:52जो मैंने आपको बताया उससे अगर आपको confusion हो रही होगी
02:56तो हम सरकार की policy को NRI और OCI के लिए जो विशेश है वो आपको बताते हैं यानि कि
03:02फिल्टर करके बताते हैं
03:06अब बात उन बड़े बदलावों के जो सीधे तोर पर विदेशों में रहने वाले भारतियों यानि कि NRI और OCI
03:12को फाइदा पहुँचा सकते हैं
03:15रिजर्व बैंक और सरकार ने निवेश नियमों को पहले के मुकाबले काफी आसान बनाने की दिशामें कदम बढ़ाएं
03:21इसका मकसद ये है कि दुनिया भर में रहने वाले भारतियों भारत की अर्थव्यवस्था और वित्या बाजारों में अधिक निवेश
03:28कर सकेंगे
03:45गया है ताकि निवेशकों को अनावश्यक औनप्चारिक और जटल ट्रक्रियाओं का सामना ना करना पड़े
03:50दलचस बात ये है कि ये पहल केवल NRI और OCI तक सिमित नहीं है बलकि भारत के बाहर रहने
03:56वाले अन्य वेक्तिकत विदेशी निवेशकों को भी आकर्शित करने की रणीती का हिस्सा है
04:01साथ इस सरकार ने सरकारी बांड्स और पतिभूतियों में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स नियमों में भी
04:08रहती है
04:09लॉंग टर्म कापिटल गेन टैक्स हटाने जैसे फैसलों से भारतिय बांड बाजार वैश्विक निवेशकों के लिए और आकर्शक बन सकता
04:16है
04:16पहले क्या नियम थे?
04:18तो अब ज़रा ये भी समझ लेते हैं कि आखिर पहले नियम क्या थे और विदेशी निवेशक किस तरह के
04:24टैक्स बोच का सामना कर रहे थे?
04:26अब तक यदि कोई विदेशी पोटफोलियो निवेशक यानि की एफपी आई भारत के सरकारी बॉंड्स में निवेश करता था तो
04:33उसकी कमाई पर अलग-अलग तरह के टैक्स लागू होते थे
04:36अगर निवेशक अपने बॉंड को 12 महीन से धिक समय तक होल्ड करता था तो उसे मुनाफे पर 12.5
04:42प्रतिशत लॉंग टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना पड़ता था
04:45वही अगर निवेशक के एक साल पूरा होने के बाद ही बॉंड बेश दीता था तो उस पर 20 प्रतिशत
04:51तक शौर्ट टम कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाता था
04:54यही नहीं विदेश निवेशकों को विथ होल्डिंग टैक्स यानि की सोर्स पर काटे जाने वाले टैक्स का भी सामना करना
05:00पड़ता था
05:01पहले ये दर लगभग 5 प्रतिशत थी लेकिन बाद के वर्षों में कई मामलों में ये बढ़कर 20 प्रतिशत तक
05:07पहुँच गई
05:08इसका मतलब ये था कि निवेशक को मिलने वाले ब्याज और रिटर्न का एक बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में
05:13कट जाता था
05:15सरल शब्दों में कहें तो भारत के सरकारी बॉंड सुरक्षित और भरोसे मंद निवेश माने जाते थे
05:20लेकिन भारी टैक्स व्यवस्था की वज़े से कई विदेशी निवेशक दूसरे देशों के बॉंड बाजारों की ओर रुप कर लेते
05:27थे
05:27यही कारण था कि लंबे समय से निवेशकों की मांग थी कि भारत टैक्स नियमों को आसान बनाए
05:32अब भारत सरकार के नए फैसले के बाद विदेशी निवेशकों के लिए भारत का बॉंड बाजार पहले की तुलना में
05:38कहीं स्यादा आकरशक और लाबदायक बन गया है
05:41तो अब क्या बदला है एक बार आप ये भी समझ लीज़े
05:44सरकार ने टैक्सों को लगभग पूरी तरह समाप करने का फैसला किया है
05:49अब विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉंड से मिलने वाले रिटर्न पर इंकम टैक्स नहीं देना होगा
05:54लॉंग टर्म कैपिटल गेन टैक्स खत्म कर दिया गया है
05:58शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स भी खत्म कर दिया गया है
06:01विद होल्डिंग टैक्स में भी राहत दी गई है
06:03मतलब निवेशक जुतना कमाएंगे उसका बड़ा हिस्सा उनके पास ही रहेगा
06:08यही वज़े है कि इंतराश्टिय निवेशकों के लिए भारत अचानक पहले से कहीं ज्यादा आकरशक बाजार बनता दिखाई पड़ रहा
06:15है
06:15लेकिन सवाल यह है कि सरकार ने ये कदम अभी क्यों उठाया
06:19इसका जवाब सीधे सीधे पश्ची मेशिया में बढ़ती तनाव और वैश्वी कार्थिक अरनिश्रिता से जुड़ा हुआ है
06:25जब भी इरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है उसका सबसे बड़ा सर तेल व्यापार पर बढ़ता है
06:30खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज जैसे रणनितिक समुद्री मार्क पर खतरा बढ़ते ही दुनिया भर के उज़ा बाजारों में चिंता फैल
06:37जाती है
06:37भारत के लिए ये स्थिती और भी महतोपुन है क्योंकि देश अपने कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85%
06:43से अधिक हिस्सा आयात करता है
06:45अगर स्टेट अफ हॉर्मूज में किसी तरह का व्यावधान आता है या फिर तेल की कीमते तेजी से बढ़ती हैं
06:51तो भारत का आयात बल बढ़ जाता है
06:54इसका मतलब है कि देश को तेल खरीदने के लिए पहले से अधिक डॉलर खर्च करना पड़ता है
06:58नतीजन चालू खाता घाटायान की Current Account Deficit CAD बढ़ने लगता है और अर्थवेबस्था पर अतिरिक्त दबाव पढ़ता है
07:06दूसरी तरफ वैश्विक संकट के दौर में निवेशक डॉलर को सुरक्षित निवेश मानते हैं जिससे डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर
07:13होने लगता है
07:14ऐसे में भारतिय रिजर्व बैंक चाहता है कि देश के पास परियाप्त विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद रहे ताकि किसी भी
07:21आर्थिक जटके का सामना आसानी से किया जासे
07:24यही वज़े है कि सरकार विदेशी निवेश को कुवा कर्शित करने के लिए टैक्स में राहत और निवेश नियमों में
07:31धील दे रही है
07:32जितना अधिक विदेशी निवेश भारत में आएगा उतनी ही ज्यादा विदेशी मुद्रा देश में पहुँचेगी
07:38विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा और वैश्विक संकेट के बीच भारती अर्थ वैवस्था को स्थिर्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी
07:45तो भारत को इससे सीधा-सीधा क्या फायदा होगा एक बार मुद्दे की बात समझ लीजिए
07:50बारत को इस फैसले से कई स्थरों पर बड़ा फायदा मिल सकता है
07:53सबसे पहले जब विदेशी निवेशक भारतिया सरकारी बॉंड्स पर निवेश करेंगे
07:57तो बड़ी मातर में विदेशी मुद्रा भंडार खास करके डॉलर भारत में आएगे
08:00इसे देश का विदेशी मुद्रा भंडार और मिजबूत होगा
08:04जो किसी भी आर्थिक संकट की समय सुरक्षा कवज की तरहे काम करता है
08:07विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने से रुपया पर पढ़ने वाला दबाब कम होगा
08:11आम तोर पर वैश्विक तनाव या तेल की कीमते बढ़ने पर डॉलर मिजबूत होता है
08:15और रुपया कमजोर पढ़ता है
08:17लेकिन अगर परियाप्त विदेश निवेश आता है तो रुपय को स्थर रखने में मदद मिलेगी
08:22इसके लावा भारत का बढ़ता आयात बिल संभालना असान होगा
08:26खास कर तब जब कच्चे तेल की कीमते उची है
08:30बॉन बाजार में निवेश बढ़ने से सरकार को भी अपेक्शा करित कम ब्यास दरों पर उधार लेने का अवसर मिलेगा
08:36और सबसे महत्व कुण बाद ये है कि इरान अमेरिका तनाव जैसी वैश्विक अनिश्चित्ताओं के दौर में
08:42ये कदम भारती अर्थववस्था को अतरिक्त मजबूती और वित्या स्थीरता प्रदान कर सकता है
08:47तो अब बात उस पहलू की भी कर लेते हैं जो अक्सर जिनकी चर्चा नहीं होती इंडियन डायस्पोरा
08:52आज दुनिया के अलग-अलग देशों में लगभग 3.5 करोड भारतिय मुल्के लोग रहते हैं
08:58मिलाको लोग अमेरिका, कैनेडा, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में बसे हुए हैं
09:03इरान-अमेरिका तनाव का सबसे बड़ा सर इनहीं लोगों पर पड़ता है
09:07क्योंकि जब तेल महेंगा होता है तो खाड़ी देशों की अर्थविवस्था प्रभावित होती है
09:11शुपिंग रुकती है, व्यापार प्रभावित होता है, नौक्यों पर असर पड़ता है
09:14और विदेशों में काम कर रहे है भारतियों की आय और भविश तोनों प्रभावित होते है
09:19लेकिन अब यदि भारत विदेशी निवेश आकर्षित करने में सफल रहता है
09:24तो भारतिय अर्थववस्था अधिक मिजबूत बनी रहेगी
09:27रुपया जादा स्थिर रहेगा विदेशी निवेश बढ़ेगा और इसका अप्रत्यक्ष फायदा उन भारतियों को भी मिलेगा
09:33जो विदेशों से भारत में निवेश करना चाहते हैं आपने परिवारों को पैसा भीशते हैं
09:39दुनिया इस समय इरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर नजर बनाए लिए
09:43सब की चर्चा तेल, युद और भूराजबितिक पर केंद्रित है
09:47लेकिन इसे बीच भारत रहे आर्थिक मोच्चे पर एक बड़ा दाव खेल दिया है
10:05अब नजर इस बात पर होगी कि इस फैसले के बात भारत में कितना नया विदेशी निवेश आता है
10:10और क्या ये कदम वास्तों में देश की अर्थवेवस्था को वैश्विक अर्निशित्ताओं से बचाने में मदद कर पाता है
10:17क्योंकि युद्ध के दौर में सिर्फ मिसाइले ही नहीं चलती
10:20आर्थिक मोर्चों पर भी बड़े फैसले लिये जाते हैं
10:23और भारत ने ऐसा ही एक बड़ा आर्थिक दाव खेला है
10:26इस ख़बर में इतना ही
10:28लेकिन ये वीडियो अप कहां से देख रहे हैं
10:29हमें कॉमेंट में जरूर बताईए
10:31और उन सभी दोस्तों, रिष्टेदारों और घरवालों को ये वीडियो जरूर भेजी
10:35जो भारत से बाहर रहते हैं
10:36कि वेवी सरकार की इस नई पॉलिसी का फाइदा उठा सके
10:40जानकारी प्राप्ट कर सके
10:41और हाँ, हमने आपसे कहा था न
10:43कि कोई और आपके फाइदे की बात करे या ना करे
10:45One India जरूर करता रहेगा
10:47नमस्कार
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