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Vladimir Putin on PM Modi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका (US) को कड़ी चेतावनी देते हुए भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का खुलकर समर्थन किया है! सेंट पीटर्सबर्ग में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पुतिन ने पीएम नरेंद्र मोदी की कूटनीति की तारीफ करते हुए वाशिंगटन के दबाव को लेकर क्या बड़ा राज़ खोला, देखिए इस वीडियो में।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की स्वतंत्र विदेश नीति का पुरजोर बचाव किया है। अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में पुतिन ने सीधे तौर पर अमेरिका और पश्चिमी देशों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर रूस के साथ व्यापारिक, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को तोड़ने के लिए बनाया जा रहा दबाव पूरी तरह से नुकसानदेह है। पुतिन ने आगाह किया कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश और उसके नेतृत्व पर इस तरह की धौंस जमाने की कोशिशें अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

About the Story:
Russian President Vladimir Putin strongly defended India's independent foreign policy and praised PM Narendra Modi, calling Washington's pressure on New Delhi "harmful." Speaking to international news agencies in St. Petersburg, Putin emphasized that trying to pressure PM Modi the leader of the world's most populous nation is detrimental to global and bilateral relations.

#PutinOnModi #IndiaRussiaRelations #VladimirPutin #BreakingNews

~HT.410~PR.514~ED.104~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक अमेरिका है, दूसरी तरफ परमानूस शक्ती से लैस रूस है, दोनों के
00:06बीच टकराव चल रहा है, युकरेन युदने रिष्टों को लगभग दुश्मनी में बदल दिया है, ततिबंध है, आर्चिक लड़ाई है,
00:13पूट नी
00:26दुश्च है भारत, अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से तेल खरीद कम करे, रूस चाहता है कि भारत उसके
00:32साथ अपने दशकों पूराने रिष्टे बनाए रखे, अमेरिका भारत को इंडो पैसिफिक में अपना सबसे बड़ा साजिदार बताता है, तो
00:39रूस भारत को अ�
00:55इस बैश्विक उधल पुथल के दौर में आखर पुतिन को ये बात कहने की जरूरत क्यों पड़ी, क्या अमेरिका वास्तों
01:02में भारत पर दवाब बना रहा है, क्या च्रम्प और अमेरिका की रूस नीती का आसर भारत पर पड़ रहा
01:07है, क्या मोधी सरकार ने दुनिया की �
01:09दो महाशक्तियों के बीच ऐसा संतुलन बना लिया है, जिसकी मिसाल आज बैश्विक राजुनीती में दी जा रही है, और
01:16सबसे बड़ा सवाल, क्या आज का भारत इतना शक्तिशाली हो चुका है, कि रूस और अमेरिका दोनों उसके साथ खड़े
01:23रहना चाहते हैं, आकर प
01:36बैयान के पीछे रूस की रणीती और मजबूरी क्या है, और क्या ये बैयान दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत
01:42और स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमिक की सबसे बड़ी स्विकारोक्ती है, नमस्कार मेरा नाम है रिचापराशर और आप देख रहे हैं One India
01:48Hindi
02:03तो चलिए शुरू से शुरू करते हैं, उस बैयान से शुरू करते हैं जिसने मॉस्कों से लेकर वोशिंग्टन और नई
02:09दिल्ले तक राजमीती गलियारों में हलशल मचा दी
02:19रूस के साथ लेकिन हर कोई समझ गया है कि नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाना जो दुनिया की सबसे बड़ी
02:28आबादी का नित्रत्व करते हैं, अंतरराश्ट्रिय संबंधों और द्विपक्षिय संबंधों के लिए नुकसान दे है
02:34सेंट पेटरस्बग के अंतरराश्ट्रिय मीडिया से बाचीत के दोरान पोतिन ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला
02:41देश है और प्रधार मंत्री नरेंद्र मोदी के नित्रत्व में तेज आर्थिक विकास कर रहा है
02:45उन्होंने कहा कि भारत अपनी विदेश नीती खुद तय करता है और किसी बाहरी दबाब के अधार पर अपने फैसले
02:51नहीं बदलता
02:52पुतिन का सबसे चर्चित बयान था प्रधार मंत्री मोदी और भारत पर दबाब बनाना अंतराष्ट्रे संबंधों के ये नुपसान दे
02:59है
02:59उन्होंने ये भी कहा कि रूस को भारत पर पश्चिमी दबाब का कोई नकरात्मक असर दिखाई नहीं देता
03:05और तोनों देशों के रिष्टे लगतार में जबूत हो रहे हैं
03:09तब सवाल है कि आखिर ये दबाब किस बाद को लेकर है
03:12असल में यूक्रेन युद शुरू होने के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर व्यापक आर्थिक प्रतिबंद लगाई
03:18लेकिन भारत ने पश्चिमी देशों की तरहे रूस से दूरी नहीं बनाई
03:22इसके उलड भारत रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता रहा
03:27रूसी तेल भारत की उर्जस रक्षा का महतोपूर्ण हिस्सा बन गया
03:31यही नहीं भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग भी जारी रहा
03:35भारत आज भी अपने सैन्य उपकरणों का बड़ा हिस्सा रूस से प्राक्त करता है
03:40ऐसे में अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों ने कई बार सार्वजनिक और पूटनीदिक स्तर पर
03:45भारत से रूसी तिल खरीद को कम करने और रूस के साथ आर्थिक संबन समित करने की बाथ कही आलाकि
03:51भारत का जवाब हमेशा एक जैसरा है
03:54भारत ने कहा कि उसकी पहली प्राथमिक्ता अपने नागरिकों की हित है उर्जा सुरक्षा है राश्च्य आवश्यक्ताएं है
04:01देश्मंत्री एश्य शंकर से लेकर सरकार के कई प्रतिनेधी बार-बार कह चुके हैं कि भारत अपनी विदेश नीती किसी
04:07तीसरे देश के दबाब में तैय नहीं करता
04:09और यहीं से आता है वो शब्द जिसे भारत की विदेश नीती की पहचान माना जाता है
04:16यानी रणितिक स्वायतता का मतलब है कि भारत किसी सैन्य या फिर राजनितिक ब्लॉक का हिस्सा बने बिना अपने हितों
04:25के आधार पर फैसले ले
04:26यही कारण है कि भारत क्वार्ट का सदस्य भी है अमेरिका के साथ रक्षा साजितारी भी बढ़ा रहा है और
04:31साती रूस के साथ अपने दर्शकों पुराने रिष्टे भी बनाए हुए है
04:35यही संतुलन भारत की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है
04:38तो आप समझते हैं कि पुतिन के बयान का सबसे बड़ा संदेश क्या है
04:42दरसल हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के रिष्टे काफी मिजबूत हुए है
04:46बीच में उतार चड़ाओ भी आये हैं लेकिन एक बैलेंस बना हुआ है
04:50रक्षा तकनीक, सेमी कंड़क्टर, इंडो पैसिविक सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और व्यापार जैसे शेत्रों में दोनों देशों की साज़ितारी तेजी से
04:58बढ़ी है
04:58कई विशलेशकों का मानना है कि अमेरिका के साथ बढ़ती निस्दीक्यों का सर भारत रूस संबंधू पर पढ़ सकता है
05:04लेकिन पुतिन ने रसधारना को सीधे खारिज कर दिया
05:08उन्होंने कहा कि भारत का अमेरिका के साथ संबंध बढ़ाना रूस के ये समस्या नहीं है
05:12रूस इस बात से खुश है कि भारत अपने राष्ट्रे हितों के अनुसार दुनिया के सभी महत्वपूर्ण देशों से संबंध
05:19विक्सित कर रहा है
05:20यानि पुतिन का संदेश साथ है भारत अमेरिका के करीब जा सकता है लिकिन इससे रूस को और रूस भारत
05:26के रुष्टे में कमजोर नहीं होंगे
05:28तो अब सवाल यह है कि रूस को भारत की इतनी जरूरत क्यों है इसके पीछे क्या कई कारण है
05:33पहला कारण व्यापार है रूस और भारत के बीच व्यापार बिशले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड्स तर पर पहुंचा है
05:39पुतिन ने उमीड जताई है कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों का दुईपक्षिय व्यापार सो अरब डॉलर तक बहुत
05:44सकता है
05:45दूसरा कारण उर्जा है भारत रूस के ये सबसे बड़े उर्जा बाजारों में से एक बन चुका है
05:51तीसरा कारण है भू राजनी की यूक्रेन युद के बाद जब पश्चुमी देशों ने रूस से अलग थलग करने की
05:57कोशिश की तब भारत उन कुछ बड़ी अर्थ वैवस्थाओं में शामिल रहा जिसने रूस के साथ समवाद और व्यापार दोनों
06:03जारी रखा
06:04यही वज़ह है कि मौस्को भारत को सिर्फ ग्रहक नहीं बलकि रणितिक साजिदार मानता है अब भारत के लिए इस
06:10बयान के क्या मायमे है भारत के लिए सबसे बड़े संदेश यह है कि दुनिया की दो बड़ी शक्तियां अमेरिका
06:15और रूस दोनों भारत को अपने लिए मह
06:32इनका बयान भारत की सुतंत्र विदेश नीती के इंतराश्ट्रियमानयता को मिजबूत करता है रूस खुले मंच से यह स्विकार कर
06:39रहा है कि भारत किसी दबाब में आने वाला देश नहीं है और तीसरी बात यह बयान बताता है कि
06:45बदलती विश्ववस्था में भारत की भ
07:02बड़ी ताकत यहीं रही है कि उसने कभी अपने राश्ट्रे हितों को किसी एक वैश्विक शक्ति के हवाले नहीं किया
07:08आज भारत अमेरिका के साथ क्वार्ड में भी है इंडो पैसिफिक रणीती का हिस्सा भी है तकनीकी और व्यापार में
07:15साजुदार भी बढ़ा रहा है
07:16लेकिन साथ ही रूस के साथ रक्षा, उजा, रणतिक सहयों को भी जारी रखे हुए हैं इसी संतुलन को दुनिया
07:22भारत मॉडल के रुप में देखने लगी है एक ऐसा मॉडल जहा कोई देश किसी एक खेमे में शामिल हुए
07:29बिना वैश्विक राश्विती में प्रभावश
07:46उससे भी तेल खरीता है और अमेरिका से रक्षा और तक्नीकी साज़ितारी भी बढ़ाता है और अपने हितों को सबसे
07:51उपर रखता है दुनिया की बदलती राजविती में शायद यही भारत की सबसे बड़ी ताकत बन कर उबरी हैं किसी
07:57के दबाब में नहीं बल्कि अपने
08:17सब्सक्राइब अपने हिए और पुतिन ने जो कहा है मुदी के लिए और भारत के लिए उस पर आप क्या
08:22सोचते है यह भी बताए और देश दुनिया की बाकी अपडेट्स के लिए देखते रहें बने जाहिंती
08:28subscribe to one India and never miss an update
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