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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और पूर्व IRGC कमांडर मोहसिन रज़ाई के बयान ने खाड़ी क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। रज़ाई ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत को चेतावनी देते हुए आरोप लगाया कि ये देश अब भी अपनी धरती पर अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष समाप्त होने के बाद इन देशों को अमेरिका का साथ देने की कीमत चुकानी पड़ सकती है। रज़ाई ने ईरान-इराक युद्ध का भी उल्लेख करते हुए पुराने विवादों और अविश्वास की याद दिलाई। वहीं उन्होंने कतर और सऊदी अरब के नेतृत्व की सराहना कर अलग संदेश देने की कोशिश की। विशेषज्ञ इसे ईरान की रणनीतिक कूटनीति मान रहे हैं। फिलहाल किसी सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह बयान संकेत देता है कि मिडिल ईस्ट में नए राजनीतिक समीकरण और तनावपूर्ण परिस्थितियां तेजी से आकार ले रही हैं।

Amid rising tensions in the Middle East, a statement by Iran’s senior military adviser and former IRGC commander Mohsen Rezaee has sparked fresh political concerns across the Gulf region. Rezaee warned the United Arab Emirates, Bahrain, and Kuwait, accusing them of continuing to support the U.S. military presence on their soil. He said that once the current regional conflict ends, these countries could face consequences for aligning with Washington.

Rezaee also referenced the Iran-Iraq War, recalling past disputes and long-standing mistrust in the region. At the same time, he praised the leadership of Qatar and Saudi Arabia, signaling a different diplomatic message toward those nations. Analysts view the remarks as part of Iran’s broader strategic diplomacy aimed at reshaping regional alliances.

While no military action has been announced, the statement underscores the rapidly evolving political landscape in the Middle East, where new alignments and heightened tensions continue to take shape.

#IranWarning #MohsenRezaee #IranMilitary #IRGC #UAEIranRelations #BahrainIranTensions #KuwaitIranWarning #USMilitaryPresence #MiddleEastTensions #IranGulfRelations

~HT.410~PR.516~ED.520~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00इतिहास गवा है कि जब समंदर की लहरे श्रांथ दिखती है तो इसका मतलब यह नहीं होता कि तूफान टल
00:05गया
00:06कभी-कभी यह किसी बड़े बवंडर के आने से पहले की खामोशी होती है
00:10आज मिडलीस से कैसी ही खौफनाक खामोशी को चीरती हुए खबर आ रही है
00:15एक ऐसी चुईताबनी जुसने साउधी अरब से लेकर वशिंग्टन तक और UAE से लेकर इसराइल तक के सत्ता के गल्यारों
00:22में खलबली मचा दी है
00:23क्या मिडलीस में दोस्तों और दुश्मनों की परिभाशा बदलने वाली है
00:27क्या एक नई जंग की विसात बिच चुकी है
00:29एरान ने अपने पडोसियों को आखरी अल्टिमेटम दे दिया है
00:32और कहा है या तो सुधर जाओ या फिर अन्जाम खुगतने के लिए तयारा
00:37कहाने शुरू होती है जून 2026 के शुरुवाती हफते से
00:41सोशल मीडिया पर एक विडियो क्लिप बिजली की तरह बाइरल होती है
00:44इस विडियो में एक श्रक्स बेहद गंभीर और तल्क तेवरों में बात करता है
00:48यह श्रक्स कोई आम इंसान नहीं है यह है महसीन रजाई
00:51जो इरान के सर्वोच नेता के वरिष्ट सेंड सलाहकार है और इरान की सबसे टाकतवर फॉज
00:57IRGC के फूर्ज कमांडर रह चुके हैं
01:00यहने इनका बोला हुआ एक एक शब्द इरान की सरकारी नीती माना जाता है
01:04मौसीन रजाई ने के आमरे के सामने आकर सीधे तोर पर तीन खाड़ी देशों का नाम लिया
01:09UA, बहरीन और कुवे
01:11उन्होंने क्या कहा बहुत ही सरल शब्दों में कहे तो उन्होंने इन देशों को धम की दी है
01:16रजाई ने कहा कि छेत्र के कुछ नेता तो इतिहास की सही दिशा में आगे बढ़ने हैं
01:21लेकिन कुछ नेता आज भी उस अमेरिकी ताकत की उंगली ठाम कर चल रहे हैं
01:25जो खुद दूबता हुआ सूरज
01:27एक कमजोर होती ताकत उन्होंने इन तीनों देशों पर सीधा रूप लगाया
01:32कि ये आज भी अपनी जमीन पर अमेरिकी सीना को पना दे रहे हैं
01:36और सबसे बड़ी बात उन्होंने कहा कि जब ये मौजूदा संखार्श खत्म होगा
01:41तो इन देशों को अमेरिका का साथ देने की भारी कीमत चुकाने पड़ेगी
01:45अब आप सोच रहे होंगी कि अच्वानक इरान इन छोटे खाड़ी देशों पर इतना क्यों भड़क रहा है
01:50बात सिर्फ आज की नहीं है
01:51वहसीन रजाई ने अपने बयान में इतिहास का एक ऐसा पना पलट दिया है
01:55जुसने पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है
01:59उन्होंने जिक्र किया इरान इराक युद का
02:01सिके दर्शक में जब इरान और इराक के बीच भायानक युद चल रहा था
02:05तब इन्ही कुछ खाड़ी देशों ने पीट पीछे इराक के ताना शाह सदम हुसेन की मदद की थी
02:11इरान उस दर्द को उस दोके को आज तक भूला नहीं है
02:15जाई ने साफ कर दिया है कि इरान के दिल में वो शिकायते आज भी जिन्दा है
02:19इरान का मानना है कि इतिहास खुट को दोहरा रहा
02:23तब इन देशों ने इराक का साथ दिया था और राजवी देश अपनी जमीन पर
02:27अमेरिकी सेनेट कानों को आक्टिव रखकर इरान की खिलाफ घिरा बंदी कर रहे हैं
02:32इरान को लगता है कि पश्चिमी ताकत है यानि अमेरिका और इस्राइल इन खाड़ी देशों के कंदे पर बंदूख रखकर
02:38इरान पर निश्वाना साथ रहें
02:39लेकिन ठहरिये इस कहारी में एक बहुत बड़ा टोस्ट है इरान सबको एक ही लाठी से नहीं हाक रहा
02:45ज़ा एक तरफ महसीन रजाई ने UAE, कुवेत और बहरीन को लपेटा वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कुछ डेशों की जम
02:52कर तारीफ भी की
02:53उन्होंने कतर के नेत रुतव की तारीफ की और साओधी अरब की क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के फैसलों को
02:59सराह
03:00अब यहाँ समझने वाली बात यह है कि इरान ऐसा क्यों कर रहा है विश्शिश्यों को कावानना है कि इरान
03:05की सूची समझी रणनीती है
03:07इसे डिप्लोमेसी की भाशा में कहते हैं बाटो और राज करो यह साब भी मर जाए और लाठी भी न
03:13टूबे
03:13रान एक तरफ तो बात चीत के रास्ते खुले रख रहा है और दूसरी तरफ थाड़ी से योग परिश्रद यानि
03:18कि GCT यानि इन अरब देशों के संगठन के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहा है
03:24तो साउदी और कतर को अपने पाले में रखना चाहता है ताकि अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ उसका फ्रंट मजबूत
03:31रहे और बाकी देशों पर दबाव बनाया जा सके
03:34ये बयान ऐसे समय में आया है जब 25-26 में इरान, अमेरिका और इस्राइल के वीच का टकराव अपने
03:40चरांग पर पहुँच चुका है
03:41पूरा मिडली इस बारूत के ढेर पर बैठा है जो है एक छोटी सी चुंगारी भी महाविनाश ला सकती है
03:46तो क्या कल ही जंग शुरू होने वाली है रात की बात ये है कि फिलहाल किसी ततकाल से ने
03:51कारवाई या हमले की घूश्रा नहीं की गई
03:53पर देखे पीछे कूटनी थी बात चीत और डायलॉग भी चल रहे हैं लेकिन जमीन पर हकीकत ये है कि
04:00इरान और इन खाड़ी देशों के बीच अविश्वाश की खाई इतनी गहरी हो चुकी है जोसे पाटना फिलहाल नामुम्किन लग
04:07रहा है
04:07तनाव कम होने का कोई भी संके दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है मुसीन रजाई का ये बयान
04:13इस वक्त का साफ सबूत है कि इस महा युद्ध की चाया में मिडल इसके पुराने गटबंदन तूट रहे हैं
04:19और नए समिकरण बन रहे है चलते चलते आज फिर से आपक
04:35का साथ छोड़ देंगे या फिर अमेरिका इन देशों के सुरक्ष्रा के लिए खाड़ी के समंदर में अपनी ताकत और
04:41बढ़ाएगी याद रखेगा मिडल इस के चुइंगारिया सिर्फ वही तक सीमित नहीं रहेगी अगर वहां आग भढ़की तो इसकी आज
04:47पूरी दु
05:05अपन।
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