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भारत का फायदा उठाने के ट्रंप के दावे में कितना दम? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

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00:01नमस्कार मैं हूँ अंजिनाओं कर्षिप और ब्लाक इंवाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है।
00:30नमस्कार में अपना रेविन्यू फर्जी तरीके से बढ़ा चड़ा कर दिखाया।
00:34सेभी ने सक्त आक्शन लिया है लेकिन सबसे गंभीर बात ये है कि इसमें सरकारी बीमा कंपनी LIC की करीब
00:4111 फीसदी हिस्सेदारी है।
00:44सोचे आम लोगों का पैसा LIC के जरिये यहां लगा और क्या हाल हुआ।
00:49इसके बाद आपको अमेरिकी राश्रपती जॉनल्ड ट्राम्प के भारत को लेकर दिये गए बयान के बारे में बताएंगे।
00:55उन्होंने दावा किया कि पहले व्यापार में भारत अमेरिका का खूब फाइदा उठाता था।
01:00लेकिन अब अमेरिका भारत से खूब पैसा कमा रहा है।
01:04जो लोग इस बयान को सत्विक स्थिती क्या है।
01:26और इसके बाद आपको बताएंगे कि क्या देश में ज्यादा पढ़ लिख जाना अब एक गुना है।
01:33अच्छे डिगरी हो तो बड़ी नौकरी मिलेगी या नहीं ये तो तै नहीं लेकिन अब छोटी नौकरी मिलना भी मुश्किल
01:39है
01:39सुप्रीम कोट के एक ताजा फैसले में कहा गया है कि छोटी नौकरीों पर बड़ी डिगरी वाले कबजा नहीं कर
01:45सकते
01:45और कम पढ़े लिखें लोगों का हक नहीं चीन सकते
01:48लेकिन इसमें एक दूसरी बड़ी बात ये भी है
01:51कि दरसल जिस शक्स के मामले में इस पूरे केस की सुनवाई हुई है
01:55उसने अपनी पढ़ाई के बारे में अपने ओफिस में घलत जानकारी दी थी
02:00और किसी भी नौकरी के लिए अगर आप गर गलत जानकारी देंगे
02:06तो वो गर कानूनी ही माना जाएगा
02:08लेकिन वहीं दूसी तरफ बड़ा मुद्दा ये है
02:12कि ज्यादा पढ़े लिखे हैं तो छोटी नौकरी के काबिल नहीं
02:15बड़ी नौकरीों का पता नहीं
02:17इस देश में डिग्री बाटने वाली यूनिवरस्टी तो हैं
02:20लेकिन उन डिग्रियों को समान देने वाले दफ्तर कहा है
02:23और आखिर में आपको बताएंगे कि भारत
02:25इस नई अगनी परीक्षा से कहसे बाहर निकलेगा
02:29देश के अलग-अलग हिसों में बार-बार आग लग रही है
02:33और हमारा सिस्टेम इसके सामने नाकाम साबित हो रहा है
02:37लेकिन आज सबसे पहले हम एक बड़ा सवाल ये पूछेंगे
02:40कि आखिर भारत्य राजनीती में सब कुछ जायस क्यों माना जाता है
02:43और ऐसा क्यूँ है? कि जैसे ही कोई मुद्धा सरकार को घेर्ने का आउसर देता है
02:47वैसे ही तथ ही पीछे हो जाते है, राश्ट्रहेट पीछे चले जाते है
02:52या धकेल दिये जाते है
02:54और सबसे हैरानी की बात यह है कि इस पर किसी को कोई असहज़दा भी नहीं होती
03:13व्यापार के मामले में भारत अमेरिका का खूब फायदा उठाता था
03:16लेकिन अब अमेरिका भारत से खूब पैसा कमा रहा है
03:22इस बयान को भारत की राजनीती में ब्रह्म्ह वाक्य मान लिया गया
03:27और इसे ऐसे पेश किया गया जैसे राश्पती ट्रम्प जो कह रहे हैं वही अंतिम सत्य हैं
03:34और भारत ने अमेरिका के सामने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है
03:38लेकिन आज हम यह सवार पूछते हैं कि क्या किसी ने रुक कर पूछा कि इस दावे का अधार क्या
03:42है
03:43क्या किसी ने व्यापार कैसली आंकड़े निकाले या किसी ने ये जाचने की कोशिश की कि वास्तविक स्थिती क्या है
03:48और क्या किसी ने ये देखा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार संतुलन आखर कहता क्या है
03:53या किसी ने ये समझने की कोशिश की कि डॉनल्ड टरंप अपनी निजी राजनीती को साधने के लिए भारत के
04:03खिलाफ बोल रहे हैं
04:05एसा कुछ नहीं हुआ और इसलिए नहीं हुआ क्योंकि इस वयान की सचाई से जाधा महतपून ये था कि इससे
04:10रणनीतिक और राजनीतिक हमला किया जा सके हमारे देश में जब राजनीती का मौका दिखाई देता है तो अकसर तथे
04:16सबसे पहले बली चड़ जाते हैं
04:18विडम बना देखिए आज के दोर में हर तरफ फैक्ट चेक की बाते होती हैं कई तथा कतित फैक्ट चेकर
04:24इसकी सोशल मीडिया पर दुकान सजाते हैं लेकिन हकीकत में कई बार यही लोग राजनीतिक रूप से सुवधा जनक बयानों
04:31को बिना किसी सवाल के स्वीकार कर ले
04:33और इसलिए कर लेते हैं क्योंकि यहां ऐसे बयान उनके अजेंडे को सूट करते हैं राश्पती ट्रॉम का यह बयान
04:39आज उनको बड़ा मज़ेदार लग रहा है आज यही हुआ है आप पहले इस बयान को सुनिए फिर इसके बाद
04:45हम आपको बताएंगे कि इसमें कितनी हकी
04:47करते है और कितना फसान सुनिए
05:17कितना खुन यहां विदा यहां आपको बताफ लगेंगे कि सुनिए लगेदेदे लगेंस में जबाद वाम्ट अजे बोलगेदे लिए और कितना
05:33है इसका बाद चाप्ता है वुआ प्यान काता है
05:54यहां को सुनने के बाद कोई भी व्यक्ति यही सोचेगा कि क्या वाकई में अमेरिका भारत का फाइदा उठा रहा
06:00है और इसमें आखर कितनी सचाई है तो आज आकड़ों से समझने की कोशिश करते है राश्मपती ट्रॉंप ने यही
06:07कहते हुए भारत पर रसी प्रोकल टैरि�
06:09था ना कि हम अमेरिका के साथ बराबरी का व्यापार नहीं करते हैं अमेरिका तो हम पर काफी कम टारिफ
06:16लगाता है लेकिन हम अमेरिका के सामानों पर बहुत जादा टारिफ लगाते हैं जिससे भारत को फाइदा होता है अब
06:22आंकड़े बताते हैं कि यह फाइदा होता भी �
06:32जबकि इसी दौरान अमेरिका ने हमें 3,86,000 करोड रुपे का ही निर्याद किया
06:40और इससे अमेरिका के साथ भारत का जो व्यापार मुनाफ़ा है वो 3,47,000 करोड रुपे का था
06:47तो इतना हम फाइदे में रहते थे
06:49और इनी आकड़ों के आधार पर राश्रपती ट्रम कहे रहे हैं कि पहले कम टारिफ के कारण भारत अमेरिका का
06:54बहुत फाइदा उठाता था
06:55लेकिन इसके बाद वो कहते हैं कि अब ये स्थिती बदल गई है
06:58और अब अमेरिका भारत से खूब पैसा कमा रहा है
07:03इस बयान से ऐसा लगता है कि टारिफ लगने के बाद भारत का ट्रेड सौपलस खत्म हो गया
07:07ये नमबर याद रखिएगा तीन करोड सैतालीस लाख रुपे
07:11गही है ना हमारा मुनाफ़ा जो चौबिस पच्चिस में था
07:15और ऐसा लग रहा है जिसे अब हम
07:18अमेरिका हमसे व्यापार मुनाफ़ा कमा रहा है
07:20हम नहीं कमा रहा है जबकि ये बात सरासर गलत है
07:25टारिफ लगने के बाद साल दोजार पच्चीस शब्वीस में भारत और अमेरिका के बीच
07:29बारह लाख तर्तालिस हजार करोड रुपे का व्यापार हुआ
07:32ये व्यापार पिछले साल से एक लाख चौबीस हजार करोड रुपे ज़ादा है
07:37और इसमें भी भारत ने अमेरिका को साथ लाख सत्तर हजार करोड रुपे का निर्याद किया है
07:44जब कि अमेरिका ने हमें 4,73,000 करोड रुपे का निर्यात किया है
07:49यानि मतलब यह हुआ कि टारिफ लगने के बाद भी भारत का अमेरिका के साथ व्यापार मुनाफे में है 2
07:56,97,000 करोड रुपे का है
07:58और अब अब भी अगर हम देखें तो हम ट्रेट सर्प्लस में है
08:03पिछली बार से कमी ज़रूर आई है पहले से लगबग सवा करोड की
08:07लेकिन आज भी भारत फाइदा उठाने की बाद भारत फाइदा उठा रहा है
08:12और जो यह डॉनल्ड ट्रम्प अपनी निजी राजनीती के लिए, दोमेस्टिक पॉलिटिक्स के लिए
08:18स्वीपिंग स्टेट्मेंट दे रहे हैं कि अब हमें फाइदा हो रहा है
08:21ये बात किसी भी फैक्ट की सच्चाई पर कसौटी पर खरी नहीं उतरती है
08:26आज भी भारत का व्यापार मुनाफ़ा तीन लाग करोड के आसपास है
08:30ये बात सही है कि अमेरिका का नर्याद पिछले साल से 87,000 करोड रुपे बढ़ा है
08:35और हमारा व्यापार मुनाफ़ा 50,000 करोड रुपे कम हुआ है
08:38लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अमेरिका फाइदे में है
08:41भारत आज भी फाइदे में है और नंबर आपके सामने है लगभग 3,000,000 करोड का
08:51आगे बढ़िए
08:53हकीकत तो ये है कि हम अब भी लगभग 3,000,000 करोड रुपे के ट्रेज सर्पलस में चल रहे
08:59हैं
08:59लगभग 3,000,000
09:01अगर कुछ लोगों को परिशानी है तो exact नंबर बता देते हैं
09:042,97,000 करोड ठीक है तो हम आज भी ट्रेज सर्पलस में ही है
09:13अगर माज 2,026 के भी आंकड़े देखें तो इस एक महीने में
09:17अमेरिका और भारत के बीच 1,21,000 करोड रुपे का व्यापार हुआ
09:20जिसमें भारत कुल 38,146 करोड रुपे के फायदे में रहा
09:24लेकिन फिर भी जब राश्रपती ट्रम्प इन आकड़ों से इतर गलत दावा करते हैं
09:28तो हमारे देश में विपक्षी नेता इसे सच मान लेते हैं
09:31और इस पर पॉलिटिक्स शुरू हो जाती है
09:32हम कहते हैं कि आप करिये राजनीती सरकार पर सवाल उठाईए
09:36लेकिन सवाल है कि राश्रपती ट्रम्प जब जब भारत को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं
09:42अपनी राजनीती को डोमेस्टिक पॉलिटिक्स को साधने के लिए
09:45तो हम सब को एक आवाज में उनके खिलाफ बोलना चाहिए
09:50राश्रपती ट्रम्प घलत दावा करके हमारे देश की छवी ऐसे पेश कर रहे हैं
09:53जैसे अमेरिका हमारा फायदा उठा रहा हो
09:55लेकिन आज भी हम तीन लाग करोड के सर्प्लस में चल रहे हैं
10:00राश्रपती ट्रम्प कहते हैं कि टैरिफ लगने से अमेरिका भारत से खूब पैसा कमा रहा है
10:03लेकिन यहाँ भी उनका दावा घलत है
10:06न्यू यॉर्क का फेडरल रिजर्व बैंक कहता है कि राश्रपती ट्रम्प के फैस्टों से
10:09अमेरिका का उसाट टैरिफ 2.6 प्रतिशत से 13 प्रतिशत हुआ
10:14लेकिन इस टैरिफ का बोज दुनिया के दूसरे देशों पर नहीं पड़ा
10:18टैरिफ का 90 प्रतिशत भुगतान अमेरिका के लोगों ने ही किया
10:23जबकि 10 प्रतिशत भुगतान कंपनियों ने किया
10:26यानि अगर भारत पर सबसे ज़्यादा टारिफ लागू भी हुआ तब भी इस टारिफ को हमने और हमारी कम्पनियों ने
10:32भरा ही नहीं
10:34इसे तो अमेरिका के लोगों ने भरा लेकिन फिर भी राश्पती ट्रम कहते हैं कि वो भारत से खुब पैसा
10:39कमा रहे हैं
10:43अगर अमेरिका की सिपोर्ट पर यकीन ना हो तो जर्मनी के कियल इंस्टिटूट के यह आंकरे देखें
10:48जो यह कहता है कि टारिफ का 96 प्रतिशत बोज अमेरिका के लोगों ने उठाया सिर्फ 4 प्रतिशत बोज कम्पनीज
10:54ने उठाया
10:55हमारा सोर्स है कियर इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच ऐसा कोई बहुत बड़ा समझाता नहीं हुआ
11:00जिसके आधार पर यह कहा जाए कि अमेरिका भारत का फायदा उठा रहा है
11:0431 अक्टूबर 2025 को भारत और अमेरिका के बीच जो रक्षा समझाता हुआ
11:08वो information sharing technology के साजा इस्तमाल को लेकर था
11:12उसी का वीडियो हम आपको दिखा रहे हैं
11:1419 मई 2026 को भी एक करार हुआ
11:16जिसमें ये तैह हुआ कि अमेरिका भारत को अपाचे हेलिकॉप्टर्स के लिए जरूरी सेवा
11:21जरूरी उपकरन देगा
11:22लेकिन ये भी कोई ऐसा समझाता नहीं था जिससे अमेरिका ने हमारा फायदा उठा लिया
11:26अगर हमने अमेरिका से आपके हेलिकॉप्टर्स खरीदे हैं
11:31तो उनकी maintenance के लिए ऐसे समझाते हमें करने ही होंगे
11:34लेकिन राश्पती ट्रंप हर बार की तरह ऐसे दावे बढ़ा चड़ा कर पेश करते हैं
11:38हमारे देश में इस पर राजनीती होती है
11:45राश्पती ट्रंप ने फ्रांस के राश्पती Emmanuel Macron को लेकर ये दावा किया था
11:49कि वो अमेरिका से टारिफ से डरे हुए हैं अमेरिका के टारिफ से और ऐसा दावा था कि जिस पर
11:55फ्रांस के विपक्षी दल राजनीती कर सकते थे
11:58और ये भी कह सकते थे कि उनके राश्पती अमेरिका के टारिफ से डर गए हैं, उनके दबाव में हैं,
12:02लेकिन फ्रांस में ऐसा कुछ हुआ नहीं, और वहां के विपक्षी दलो ने राश्पती ट्रम्प पर ही सवाल उठाया और
12:07उनके देश के लिए ऐसी टिपड़ी आखिर �
12:08कैसे कर सकते हैं, ये जम कर उन्होंने बात रखी, कैनडा को लेकर भी राश्पती ट्रम्प ने ये दावा किया
12:15था कि बहां के प्रधानमंत्री मार्क कानी उनके टारिफ से आशंके थे, और अब तक कैनडा अमेरिका का फायदा उठाता
12:22था लेकिन अब अमेरिका कैनडा का �
12:25लेकिन सोचे कैनडा में भी इस पर पॉलिटिक्स नहीं हुई, सार्या देश एक साथ मिलकर कैनडा के विपक्षी दलों ने
12:32राश्पती ट्रम्प के बयानों पर खूब सवाल किये, यही चीज जर्मनी के मामले में हुई, स्पेन के मामले में, नेटो
12:38के मामले में, यूरोप
12:53पॉलिटिक्स हो रही है और डॉनल्ड ट्रम्प के दावे को आज खूब महिमामंडन किया जा रहा है, इसी के साथ
13:05यह आकड़ा हमारा नहीं है, यह आकड़ा जो वहाँ पर चापे गए वाशिंग्टन पोस्ट में है, वो हम आपको दिखा
13:11रहे हैं, क्यूंकि अभी तक के �
13:13आकड़े को अगर आप देखिए, तो वाशिंग्टन पोस्ट ये दावा करता है, वाशिंग्टन पोस्ट ये दावा करता है, एक बार
13:23फिर से वो नंबर दिखा दीजे, वाशिंग्टन पोस्ट ये दावा कर रहा है कि खुद ट्रम्प ने अपने कारकाल में
13:3030,573 जूट ब
13:43लीजे इरान को लेकर राश्रपती ट्रंप ने क्या-क्या दावे नहीं किये लेकिन सोचिए क्या वहां इन दावों पर आंक
13:49मूंत कर कोई विश्वास कर रहा है याद कीजे जब राश्रपती ट्रंप ने पिछले साल भारत को डेड एकॉनमी बताया
13:55था तब भी कई विपक्�
14:10एकॉनमी जिसे बता रहे थे डॉनल्ड ट्रंप और हमारे देश में हां में हां मिलाया जा रहा था तो एक
14:16बार यह नजर मार लीजे यह दो हजार पच्छिस शब्विस के आज नंबर आए हैं साथ दशमलो साथ फीस ती
14:23पिछले साल का अगर आप नंबर देखिएगा तो य
14:38नहीं जब आप पिछले साल का देखेंगे तो दो दशमलो आट फीस दीका इसी के आसपास यह जूल रहे हैं
14:44वही पर चाइना में भी देखेंगे तो चाहे वो इस साल का हो या फिर पिछले साल का हो दोनों
14:50में ही 5% है GDP फिर आप आजाए जर्मनी पर जर्मनी में हालत इन द
15:07बढ़िंग कर रहा है वही अगर आप देखें तो अभी जो नंबर ये पिछली बार का है पिछले साल का
15:12है इस बार वो 0.2% आगे बढ़े हैं इससे उबरे हैं अब जपान पर आ जाई जपान 0
15:17.1% है
15:190.1% पिछले साल था और इस बार कितना है वो 1.1% और वैसे ही ब्रिटिन में
15:261.3% मतलब आप समझ लीजे कि ये दोनों देश लगबग आसपास ही है इनसे एक फिजदी उपर ये
15:32अमेरिका है और यहाँ पर आप देखें तो पिछले साल में इनके नंबर 1.1% थे
15:37तो इससे अंदाज़ा आपको लग जाएगा कि चाहे वो ब्रिटिन हो चाहे अमेरिका हो चाहे चाहे चायना जर्मनी जिपान जीडिपी
15:44के मामले में जो नंबर्स आए हैं वो साफ तौर पर हमारी अर्थ व्यवस्था को लेकर एक बात कहते हुए
15:50दिखाई दे रहे हैं
15:51बड़ी बात यही है कि आज इन सब के इर्दगिर्ध हो रही पॉलिटिक्स के बीच सच कहीं चिपना जाए बात
15:57सिर्भ भारत के डैर एकॉनमी बताने की नहीं है राशपती ट्रंप ने पांच बार ये दावा किया कि भारत ने
16:01रश्या से कच्छा तेल खरीदना बंद कर द
16:21भारत पर रश्या से तेल खरीदने के लिए 50% टारिफ लगाया था रश्या से तेल क्यों खरीद रहे हो
16:28लेकिन तब भी हम नहीं चुके और मुझे आज भी रादिमिर पूटिन का मेरा वो इंटर्व्यू याद आता है जिसमें
16:34ये सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि वो �
16:49प्रती दिन 16,90,000 बैरल कच्चा तेल आयात किया था अगस के बाद सितंबर में भी ये प्रती दिन
16:5516,10,000 बैरल रहा और जब हमारे देश के बहुत सारे लोग ये कह रहे थे कि भारत अमेरिका
17:00से डर गया है और हमने रश्या से कच्चे तेल की खरीद कम कर दी है तब यही ख
17:18बाद भी हमने रश्या से कच्चे तेल की खरीद बंद नहीं की और रश्या हमारा सबसे बड़ा ओइल पार्टनर बना
17:25रहा है दुख की बात यह है कि जब राश्यपती टरम कहते हैं कि वो बारत से खूब पैसा कमा
17:28रहे हैं तो हमारा विपक्ष इस बयान को उठा कर बद्�
17:45लेकिन आज हम आपको राश्यपती व्लादमिर पूटन का ये बयान भी दिखाना चाहते हैं जो उन्होंने उसी वक्त दिया जब
17:51राश्यपती टरम भारत को लेकर ये भ्रामक दावा कर रहे थे
17:59हमें खुशी है कि भारत दुनिया के सभी देशों के साथ अपने संबंध विक्सित कर रहा है भारत एक महान
18:05देश है ये लगभग डेड़ अरब लोगों का देश है इसकी बड़ी अर्थ विवस्ता है और इसे दुनिया का सबसे
18:11बड़ा लोगतांत्र माना जाता है भारत अ
18:25योग को लेकर लेकिन हर कोई समझ चुका है कि नरेंद्र मुदी और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश
18:30भारत पर दबाव डालना अंतराश्चिय संबंधों और द्विपक्षिय रिष्टों के लिए नुकसान दायक है ये माइने नहीं रखता कि ये
18:38दबाव क
18:52किस की ये तस्वीरे दिखाना चाहते हैं ये वही तस्वीरे हैं जब अमेरिकी संसत कैपिटल हिल में राश्चिपती टरम्प के
18:59समर्थकों ने चुनावी नतीजों के खिलाव दंगे किये थे और अमेरिका की संसत का मजाग बना कर रखा था इन
19:05दंगों में जो लड़का कै
19:08कर अंदर घुसा था और जिसे अमेरिका की अदालत ने इसके लिए दोशी माना था जानते हैं इस दंगाई के
19:17साथ राश्चिपती टरम्प ने क्या किया है एलियस इरिजारी नाम के इस लड़के को राश्चिपती टरम्प ने पेंटेगन में यानि
19:25अमेरिका के रक्षा व
19:38रक्षा विभाग को सख्त जरूरत है सोचे अब तक हम नहीं सोचते थे कि भारत में बाहुबलियों अपराधियों दंगाईयों को
19:47चुनाओं में टिकट कैसे ये पाटियां दे देती हैं सांसद विधायक वो बन जाते हैं जेल से चुनाओ लड़कर जीत
19:53जाते हैं लेकिन अम
20:09कि एिझ दिप एने याईयों के एंदान गलूरत हैं से अजीत आढाँ ंने लीघम वे खिफे फूँवलियों.
20:54आगे बढ़ते हैं आपको यह बताते हैं कि भारत को दूसरे देशों से सर्टिफिकेट लेने की आखिर क्या जरूरत है
20:59अगर कोई विदेशी अखबार, कोई अंतराश्ट्री एजनसी, कोई ग्लोबल थिंक टैंक भारत के बारे में कोई दावा कर दे
21:05तो हमारे यहां उसे लगपग अन्तिम सत्य की तरह स्वीकार कर लिया जाता है आज बात सोने की होगे उसे
21:12शेयर किया जाता है, उसके आधार पर बहसे होती हैं, राजितिक निशकर्ष निकाले जाते हैं, सरकारों को घेरा जाता है
21:20लेकिन जब उसी दावे को देश का केंद्र
21:35विश्वस्निय नहीं हो जाता है। इस हफती 2 जून 2026 को ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट आई जिसमें ब्लूमबर्ग एकनॉमिक्स के
21:43अर्थ शास्त्री अभिशेक गुपता ने अनुमान लगाया कि 22 मई तक के दो हफ्तों में आर बी आई ने 12
21:51बिलियन डॉलर यानि लग�
22:04का सबसे बड़ा तर्किये था कि एरान युद के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर काफी दवाओ है और
22:09शायद इसलिए आर बी आई ने अपने सोने का कुछ हिस्सा बेच दिया और बेचकर डॉलर रिजर्व को मजबूत किया
22:16है। बड़ी बात यह है कि इस अ
22:36अब ब्लूबग की ए रिपोर्ट प्रकाशित हुई हमारे देश में खूब हंगामा हुआ विपक्षी नेताओं ने कहा कि भारत के
22:43इतिहास इन पहली बार है जब देश का सोना बेचा गया इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ इस रिपोर्ट के
22:49आधार पर राहूल गांदी न
23:04तो गोल्ड होल्डिंग है वो 880.52 तन थी और इसमें कोई बदलाव नहीं आया है आर्बियाई के बाद पी
23:12आईबी ने भी यही बताया कि भारत की विदेशी मुद्राभंडार में सोने का महत तो बढ़ रहा था बढ़ रहा
23:17है ना कि घट रहा है दिसमबर 2025 में ये हिस्से
23:21सेदारी 13.92 प्रतिशत थी जो 31 मार्च 2026 को 16.70 प्रतिशत हुई और 22 माई को 2026 को
23:3116.85 प्रतिशत जानते हैं इस फैक्ट चेक के बाल ब्लूमबर्ग ने अपनी घलती मानी अपनी रिपोर्ट को हर प्लाटफॉर्म
23:39से डिलीट किया जब तक ब्लूमबर्ग ने खुद माफी �
23:43नहीं मांगी थी और खुद रिट्राक्ट नहीं किया आपने इस खबर को तब तक कोई भी से मानने को तयार
23:49नहीं था अब ब्लूमबर्ग ने यह भी कहा कि उसकी पुरानी रिपोर्ट घलत थी इन अक्यूरेट शब्द नोने लिखा है
23:56और वो इसके लिए खेद प्रकट कर
23:58लेकिन सोचने बाली बात यह है कि ब्लूमबग ने तो इस रिपोर्ट को डिलीट कर दिया लेकिन हमारे देश के
24:03जिन लोगों ने जिन नेताओं ने जिन यूट्यूबर्स ने इस रिपोर्ट पर आधारित बड़े-बड़े एक्स्प्लेइनर बना दिये इस पर
24:11पोस्ट ल
24:31इस रिपोर्ट पर लंबे चोड़े पोस्ट लिखने वाले जो अलग-अलग लोग हैं वो ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं
24:38वो एक फर्जी खबर पर अपने पोस्ट और एक्स्पेरनर को क्यों नहीं हटा रहे हैं और क्या इससे यह नहीं
24:43पता चलता है कि हमारे देश में सिर्फ
24:44राजनीती के लिए कितनी गंदी राजनीती की जाती है अगली खबर का रुख करते हैं आपको यह बताते हैं कि
24:53क्या अमेरिका को उत्तर कोरिया में इरान नजर आता है जिस वक्त राश्पती ट्रॉम्प इरान पर दबाव बना रहे हैं
24:59कि वो अपने यूरेनियम को सरेंडर
25:01करें तब जानते हैं किम जॉंग उन क्या कर रहे हैं किम जॉंग उन ने एक घजब का खेल किया
25:07है उत्तर कोरिया की यह तस्वीरे आप देख रहे हैं उन्होंने एक ऐसी फैक्टरी का दौरा किया जहां यूरेनियम को
25:14पर्मानू हतियारों के लिए एंडिच किया जाता है और �
25:17तस्वीरे जारी करती। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने खुद इन तस्वीरों को जारी किया है जो अमेरिका के लिए
25:25बड़ा संदेश मानी जा रही है।
25:47कई प्रतिबंद लगाए। ताकि वो पर्माडू हतियार बनाने की अपनी जो कोश्चे है उसको बंद कर दे। कई बार उत्तर
25:53कोरिया ने ये बादा भी किया कि वो पर्माडू हतियार नहीं बनाएगा।
25:57उस वक्त अमेरिका ने उतर कोरिया पर निगरानी रखी लेकिन इरान की तरह उसे अपना युरेनियम सरेंडर करने के लिए
26:05मजबूर नहीं किया
26:08और इसी बात का फायदा उठा कर गोपनिय तरीके से उतर कोरिया ने साल 2006 में अपना पहला परमाणू हतियार
26:14बना लिया
26:16और यह वो शन है जिसके कारण आज अमेरिका इरान के मामले में कोई लापरवाही नहीं करना चाहता है
26:22अमेरिका को लगता है कि अगर उसने इरान का युरेनियम उससे हासल नहीं किया
26:27तो कुछ सालों के बाद इरान भी परमाणू हतियार बना लेगा और वहाँ के सुप्रीम लीडर भी इसी तरह से
26:31परमाणू हतियार बनाने वाले कारखानों का दौरा करेंगे
26:35जैसे केम जौंग उन उत्तर कोरिया में कर रहे हैं देखिए
26:57केम जौंग दौरा कोरी परमाण हतियार बनाने पर्माण हतिता के सुप्रे कर छो के सुप्राइब करें दया हैं जिक फिर
27:14वहाँ के जिए परमाण के इसके जब हैं परमाण भी ग्रमाणा लेफिए
27:35तो उत्तर कोरिया की तस्वीर आपने देख ली किम जॉंग उनका अपना एक स्टाइल है और उस स्टाइल में आप
27:40देख रहे हैं उनका एक मॉडल है और उसी मॉडल पर उत्तर कोरिया काम कर रहा है जिसके कारण वो
27:45अपने यूरेनियम को अमेरिका के हवाले नहीं करना चाहत
27:49ये तस्वीरे करीब साल भर पहले की हैं जब इसराइल और अमेरिका के हमलों में इरान के परमानू ठिकानों को
27:55निशाना बनाया गया था
27:56ये अमेरिका का दावा था
27:58उस वक्त अंतराश्वे संस्थानों ने यही कहा था
28:00कि इरान का यूरेनियम अमेरिकी हमलों के कारण
28:03जमीन के नीचे दब गया है
28:05और ये अब भी सुरक्षित है
28:08लेकिन आज संयुक्त राश्वे की एक नई रिपोर्ट आई है
28:11जो ये बताती है कि इरान का यही यूरेनियम अब गायब हो चुका है
28:15International Atomic Energy Agency ने खुफिया रिपोर्ट में ये खुलासा किया है
28:19कि इरान का परमाणू कारक्रम उसकी निगरानी से बाहर निकल गया है
28:24वो अब इतना तक बता सब पाने की हालत में नहीं है
28:27कि इरान के पास इस वक्त कुल कितना यूरेनियम है
28:31उसका क्या फॉर्म में वो यूरेनियम है, किस स्वरूप में है
28:35उसे किस खुफिया जगा पर छिपा कर रखा गया है
28:39आये ये ये ये तक नहीं बता पा रही
28:41कि इरान ने यूरेनियम को और ज़्यादा ताकतवर बनाने की
28:45अपनी जितनी भी उसकी गतिविदिया थी
28:47उसको पूरी तरह से रोका है या नहीं
28:50ये समझ से परे है कि दुनिया भर की न्यूक्लियस साइट्स और कारेक्रमों की
28:54देख रहे एक नियंतरन करने वाली संस्ता इतनी बेबस
28:59और असहाई नजर आ रही है
29:01और ऐसा क्या ऐसा हो भी सकता है
29:04कि इरान पिछले साल अपनी न्यूक्लियस साइट्स को बचाने में काम्याब हो गया था
29:09और यूरेनियम को उसने किसी और जगा सुरक्षित छिपा दिया है
29:17खेर आगे बढ़ते हैं और आपको ये बताते हैं कि क्या भारत में हरशद मेहता से भी एक बड़ा स्कैम
29:21हुआ है
29:22और क्या ये स्कैम 15 लाक करोड रुपे का हो सकता है
29:2515 लाक करोड रुपे कोई छोटी रकम नहीं होती
29:28ये पैसा हमारे दो साल के रक्षा बजट के बराबर है
29:33पाकिस्तान जैसे देश की आधी जीडिपी
29:36और यहां तो ये मामला सीदे भारत के शेर मारकेट और LIC से जड़ा हुआ है
29:41राजेश एक्सपोर्स नाम की जिस कमपनी पर इस घुटाले के आरोप लग रहे हैं
29:45उसमें सरकारी बीमा कमपनी LIC की 10.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी है
29:51और इसी वज़े से ही ये मामला बहुत गंभीर हो जाता है
29:55हम आपको एक एक करके वो सारी बाते बताएंगे जिससे आप इस पूरे मामले को समझ सके
30:00ये पूरा विवाद शुरू होता है सेबी के एक अंतरिम आदेश ने
30:05वही सेबी जो भारत के शेर बाजार का चौकिदार है उसकी निगरानी करने वाला एक रेगुलेटर है
30:12अब सेबी ने क्या किया? सेबी ने कड़ा आक्शन लिया
30:16और सेबी ने राजेश एकस पॉर्ट्स के खिलाफ 109 पन्नों का एक अंतरिम आदेश चारी किया है
30:22राजेश एकसपॉर्ट्स भारत के एक बड़ी कमपनी है
30:26करती क्या है ये कंपनी?
30:28सोने की रिफाइनिंग और गोल्ड जूलरी के एक्सपोर्ट्स का ये काम करती है
30:33सेभी ने आरोप लगाया कि इस कंपनी ने अपने रेविन्यू और सेल्स के आकड़ों में बहुत बड़ी गड़बड़ी की है
30:41अब ये गड़बड़ी इसलिए चिंता जनक थी क्योंकि रेविन्यू में हेर फेर कुछ पैसों का नहीं हुआ
30:47आरोप है कि इस कंपनी ने वित्वर्ष 2021 से 2025 के बीच पूरे 15 लाख करोड रुपे का कारुबार दिखाया
30:57जो वास्तविक्ता से कहीं ज्यादा था
31:02आसान भाशा में कहें तो ये कंपनी कह रही थी कि उसने इन चार सालों में 15 लाख करोड रुपे
31:08का कारुबार किया
31:09जबकि सेबी का कहना है कि इतना कारुबार इस कंपनी ने कभी किया ही नहीं है
31:16मतलब 15 लाख करोड का जो उसने नंबर दिया वो पूरी तरह से गलत है
31:31उसका सबसे बड़ा रेविन्यू स्विजिलंड की एक गोल्ड रिफाइनरी से आता है
31:35सबसे ज़ादा रेविन्यू
31:38नाम है बालकैमबी
31:39अब इस दावे के आधार पर सेबी ने इस विदेशी कंपनी के भी बैंक खातों की जाच की
31:44और जब जाच हुई तो यह पता चला कि जितना कारोबार राजेश एक्सपोर्ट्स ने इसके साथ होने का दावा किया
31:50है
31:50वो इस कंपनी के रेकॉर्ड से मेली नहीं खाता
31:53सेबी का ये भी आरोप है कि इस कंपनी ने अपने रेवेन्यू के सही और जरूरी दस्तावेज उपलबदी नहीं कराई
32:01जैसे उन ग्राकों की पूरी सूची नहीं थी
32:04जिनने सोना बेचने का दावा था
32:07जो सप्लायर्स सोना इससे खरीद और बेच रहे थे उनकी भी जानकारी नहीं दी
32:13इस कंपनी की जो सहाय कंपनिया है और जो विदेशों में काम कर रही है
32:17उनका भी वित्य रिकॉर्ड सेबी को सौपा नहीं गया
32:20और इसी वज़े से ओडिटर इस कंपनी की पूरी तरह से जाच नहीं कर पाए
32:24अब मान लीजे कोई दुकानदार आपसे ये कहे कि उसने पूरे साल काम करके एक करोड रुपे कमाए
32:29लेकिन उसका मुनाफ़ा सिर्फ एक लाख रुपे रहा
32:33तो आप क्या कहेंगे
32:34आप यहीं सोचेंगे कि इतनी बड़ी बिखरी के बावजूद मुनाफ़ा इतना कम
32:39और आरूप है कि इस मामले में भी यही खेल चल रहा था
32:43राजेश एक्सपॉर्ट्स का रेविन्यू तो करोडों में था
32:47लेकिन इसका कुल बाजार मुल सिर्फ तीन हजार करोड रुपे
32:51यह आकड़े भी इस साल के हैं जब यह कमपनी साथ लाख असी करोड रुपे का कारुबार करने का दावा
32:57कर रही है
32:58सेवी का ये भी कहना है कि इस कमपनी ने अफ्रीका में सोने की खदानों में
33:02एक हजार करोड रुपे से ज़ादा निवेश करने का दावा किया
33:05लेकिन जब जाच हुई तो सेवी को इसके पास से वैल्यूएशन रिपोर्ट
33:11निवेश के प्रमान और परियाप दस्तावेज मिले ही नहीं
33:16इससे ये सवाल उपता है कि ये निवेश हुआ भी था
33:18ये सिर्फ कंपनी की आमदनी को बढ़ा चड़ा कर पेश करने के लिए किया गया था
33:23अब आप पूछेंगे कि अगर इस कंपनी ने 15 लाग करोड रुपे के रेवेन्यू को बढ़ा चड़ा कर दिखाया
33:28तो ये भारत का सबसे बड़ा कॉर्परेट घोटाला कैसे हो गया
33:31तो इसके पीछे है शेर बाजार की कहानी
33:34शेर बाजार में जब निवेशक किसी कंपनी में पैसे लगाते हैं
33:39तो वहां उसकी आर्थिक सेहत देखी जाती है
33:42यानि उस कंपनी का कारुबार कितना बड़ा है
33:45उसकी सेल कितनी है उसका रवेन्यू कितना है
33:48उसमें निवेश करना ठीक रहेगा नहीं रहेगा
33:50आप भी अगर शेर में इन्वेस्ट करते हूंगे तो यही सब देखते होंगे
33:54तमाम जो health parameters एक company के कहलाते हैं
33:57अब क्योंकि इस company पर आरोप लग रहा है कि उसने अपने revenue को वास्तविक्ता से जादा बताया था
34:02इसलिए share बाजार में उसका महौल बना
34:05उसने दिखाया बढ़ा चड़ा कर नंबर
34:08उसके हक में पूरा share बाजार में एक महौल बना
34:12और सब को लगा कि यहां पर अगर हमने invest किया तो हमको अच्छा return मिलेगा
34:17निवेशकों ने सोचा कि इस company में पैसा लगाने से उनकों फायदा होगा
34:21और इन निवेशकों में सिर्फ आम लोग नहीं थे
34:24ये खबर इसलिए बहुत बड़ी है
34:26इन में सरकारी बीमा company LIC भी थी
34:30इन आकड़ों को देखिए मार्च 2016 में इस company में
34:34LIC की हिस्सेदारी सिर्फ 1.99% थी
34:37साल 2022 में बढ़कर हो गई 11.22%
34:41मार्च 26 में 10.8%
34:44इसका मतलब यह है कि LIC ने पिछले 10 सालों में
34:47अपनी हिस्सेदारी इस company में 5 गुना बढ़ाई
34:49और यह भी तब हुआ
34:50जब mutual funds को पहले दिन से
34:52इस company पर बिल्कुल भरोसा नहीं था
34:542016 में mutual funds की इस company में
34:570.5% की हिस्सेदारी थी
34:59जो आज 6 है
35:00पिछले 10 सालों में mutual funds इस company के
35:03revenue को संदिक दमान कर इससे दूर रहा
35:05लेकिन इसी जगा LIC ने इसमें अपना निवेश 5 गुना बढ़ा दिया
35:08LIC एक सरकारी बीमा company है
35:12जो लोग LIC में policy खरीते हैं
35:14उन्हें पैसे को यह company आगे निवेश करती है
35:16जिससे यह मामला बढ़ा हो जाता है
35:18अच्छी नौकरी चाहिए तो अच्छी डिग्री होनी चाहिए
35:21लेकिन अच्छी नौकरी ना मिले तो क्या बड़ी डिग्री से छोटी नौकरी नहीं कर सकते
35:25आज हम आपको यही बताएंगे कि आपकी बड़ी डिग्री से बड़ी नौकरी मिले या ना मिले
35:30लेकिन छोटी नौकरी तो अब मिलने से रही
35:32क्योंकि नौकरियों के लिए आप जरूरत से ज़्यादा पढ़े लिखे हैं
35:36देश के सुप्रीम कोट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है
35:39जिसने देश के करोडों नौजवान के कान खड़े कर दी है
35:42सुप्रीम कोट ने क्या कहा?
35:44सुप्रीम कोट ने साफ साफ कहा है कि अगर नौकरी छोटे पद की है
35:48तो बड़े बड़े डिगरी धारी उस पर कबजा नहीं कर सकते
35:52ज़्यादा पढ़े लिखे होने का मतलब ये नहीं
35:54कि आप कम पढ़े लिखे व्यक्ति का हक मार ले
36:12यसी कि एक अच्छे खासे ग्राजुट ने सोचा कि बड़ा अच्छा मौका है
36:15भाई ये एक स्थाई नौकरी लग जाएगी
36:18उन्होंने अपनी बड़ी डिगरी को बकसे में छिपा दिया
36:20खुद को सिर्फ टेंथ पास बताया और नौकरी हासल कर ली
36:25एक दिन इस बात की जानकारी बैंक को ही
36:27तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया
36:29मामला हाई कोट तक पहुँचा
36:31हाई कोट ने कहा कि वो नौकरी कर चुका है
36:34और सिर्फ जादा योग्यों होने के आधार पर
36:36उसे नौकरी से बाहर करना ठीक नहीं होगा
36:38लेकिन जब बात सुप्रीम कोट पहुची
36:41तो पासा पलट गया
36:43जस्टिस एहसानुदीन अमानुला
36:46और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने
36:49साफ शब्दों में कहा
36:50कि ये हेरा फेरी नहीं चलेगी
36:52कोट ने मदरास हाई कोट के फैसले को पलटा
36:54और कहा कि अपनी उची योग्यता को
36:56छिपा कर जूट बोलकर
36:59नौकरी पाना
37:00सरासर धोका है
37:02ग्रैजुएट था और नौकरी के लिए
37:05बताए कि मैं सिर्फ टेंथ पास हूँ
37:06सुप्रीम कोट ने बेहत एहम टिपड़ी करते
37:09वे कहा कि सरकार का काम हर बर्ग का
37:11खयाल रखना है
37:11अगर सरकार कुछ नौकरियां कम पढ़े लिए
37:14लोगों के लिए बचा कर रखती है
37:15तो वो बिलकुल सही है
37:18जरा सोचे
37:19एक आठवी या दस्वी पास जिवा नौकरी की रेस में
37:22किसी में ए, एम टेक,
37:24एम बिए, पिएशडी वाले का मुकाबला कैसे करेगा
37:28बड़ी डिग्रिया जो है
37:29उनके पास तो अपना फर्राटेदार अंग्रेजी
37:32किताबी ग्यान से उसे चंद मिनटों में
37:34रेस से बाहर कर देंगे
37:35फिर वो गरीब और कम पढ़ा लिखा आदमी
37:38कहा जाएगा क्या उसे जीने और कमाने
37:40का हक नहीं है
37:41यह समस्या सिर्फ इस बैंक कर्मचारी की नहीं है
37:44आज देश में हालात यह है कि जब चपरासी जैसे
37:46पदों पर कुछ सो भरतिया निकलती है
37:49लाखों की संक्या में
37:50बी-े, एम-े, बी-टेक, ल-ल-बी
37:51भी-उवा लाइन में खड़े हो जाते है
37:54इसे एक उधारन से समझे
37:56साल 2015 में लखनव सचिवाले में
37:59368 चपरासियों की जगें निकले
38:01इसकी योगिता रखी गई थी
38:03आवेदन में कि पांचवी पास हो
38:05और साइकल चलाना ज़रूर आता
38:08इसमें लिखित परीक्षा की जगा
38:10इंटर्व्यू होना था
38:11आप कल्पना नहीं कर सकते ति
38:13इसमें कितने आवेदन आए
38:14चपरासी के 368 पदों के लिए
38:1723,24,887 लोगों ने आवेदन किया
38:22जिसमें 10 वी, 12 वी पास छोड़िये
38:24PhD, MBA, BTEC, BSC, MSC होल्डर्स शामिल थे
38:29इसे देखकर ततकालीन सरकार के हाथ पाँ फूल गए
38:32अगर हर दिन 200 लोगों के इंटर्व्यू भी किये जाते
38:35तो इंटर्व्यू में ही 3 साल लग जाते
38:37आखिरकार ये भरती रद करनी पड़ी
38:41और ये ऐसा अकेला मामला नहीं है
38:43मजबूरी और बेरोजगारी का आलम ऐसा है
38:45कि लोग कम योगिता वाले पदों के लिए
38:47अपनी डिग्रियां तक छुपाने को तयार है
38:50लेकिन अब सुप्रीम कोट ने एक लक्षमन रेखा कीचती है
38:54पबलिक एंप्लॉइमेंट सिर्फ और सिर्फ तैन यमों के तहत ही मिलेगा
38:57ज्यादा योगिता का मतलब ये कता ही नहीं कि आप कम योगिता वाले का हक छीन ले
39:03लेकिन इस सिके का एक दूसा पहलू ये भी है
39:05जो हमें सोचने के लिए मजबूर करता है
39:07देश में डिग्री तो उची से उची मिल रही है
39:09लेकिन उस लाइक काम नहीं मिल रहा है
39:12और तभी शायद ऐसी पड़ी डिग्री वाला शक्स भी
39:16छोटी नौकरी करने के लिए आज तयार है
39:20हमारे देश में हर साल एक करोड से जादा नए
39:22ग्राजवेट्स कॉलेज की देली इस पर पार करके बाहर निकलते है
39:2620-29 साल के बेरोजगारों में दो तेहाई संख्या इनी पड़े लिखे नौजवानों की है
39:31लेकिन जब आद नौकरी देने की आती है तो बेरोजगारों की नई खेप तयार हो जाती है
39:35क्योंकि नौकरीयों की मांग समंदर जैसी है और वेकेंसी चम्मच से नापकर निकाली जा रही है
39:41जब ये डिगरियों का पहार चड़ने के बाद यवाओं को धंका काम नहीं मिलता तो फिर डिगरियों की से भरोसा
39:49तूट जाता है
39:49और वो अपने से कम शम्मता की नौकरी करते हैं आज आपको कुछ चौकाने वाले आकड़े बताते हैं देश में
39:54हर साल करीब 15 लाख इंजिनियर्स पास आउट होते हैं
39:58जानते हैं कितनों को नौकरी मिलती है या फिर मिलने की उमीद होती है दस फीजदी इससे आप कलपना कर
40:05सकते हैं बाकी की 90 फीजदी के लिए क्या चुनोती है
40:08मजबूरी में आज देश का इंजिनियर्स क्याप चलाने कॉल सेंटर अलग अलग जगों पर काम करने को मजबूर हैं बड़ी
40:15उनिवर्सी से लिट्रुचर की पढ़ाई करने वाले होनहार चात्र सिर्फ अगर आप देखे पेट पालने के लिए 10,500 शब्दों
40:22का जो एसीओ
40:22कांटेंट है वो लिख रहे हैं जिक निउलियों को देश का भविश्य लिखना था वो कीबोर्ड पर चंद रुपयों के
40:28लिए कीवर्ड सेट कर रहे हैं और हद तो तब हो जाती है जब पांचवी पांच की चपरासी की नौकरी
40:33के लिए एक पत पर हजारों ग्राजुएट
40:41सबसे बड़ा क्रूर बजाग तो यही है कि एक युवा पूरी तरह वाकिफ है कि उसे चपरासी आटेंडेंट की नौकरी
40:46में कितनी सालरी मिलेगी उसे क्या काम करना होगा सब को जानते हुए वो अपने मर्जी से काम करने को
40:52तयार है व्यवस्ता उसे सिर्फ इसलिए नो कह
40:54देती है क्योंकि उसके पास डिगरी बड़ी है अदालत का इफैसला अपनी जगा कानूनी रूप से सही है क्योंकि हक
41:00किसी का नहीं मारा जा सकता और ना ही कोई नौकरी लेने समय सही बात को छुपा सकता है सही
41:07जानकारी देना अनिवारे है और यह इनलीगल है अगर उसने �
41:11गलत जानकारी दी लेकिन इससे हमारी पूरी जो शिक्षा व्यवस्ता है रोजगार के खोकलेपन की पोल जरूर कुल रही है
41:18यह बड़ा सवाल है कि हमारे देश में डिग्रियां बाटने वाली यूनिवर्सी तो खुल गई लेकिन उन डिग्रियों को सम्मान
41:23देने वाले द
41:37हार हुआ है जम्मू कश्मीर के उपराजिपाल मनोच सिनहा खुद कमान सभाल कर घाटी को नशा मुक्त बनाने के मिशन
41:44पर निकले है और सिर्फ 55 दिनों के भीतर घाटी में ड्रग माफिया की कमर तूट चुकी है जम्मू कश्मीर
41:52में बदलाव की बयार अब एक नए और न
42:06हमेदनशील इलाकों, बांदीपुरा, अनंतनाग, बढ़गाओं और कुलगाओं समेच जम्मू कश्मीर के 20 से 17 जिलों में खुद ड्रग्स मुक्त जम्मू
42:16कश्मीर पद्यात्रा का नेत्रत हो किया और कश्मीर का कोना कोना मतने के बाद अब इस मोहिम का रुख जम्मू
42:23
42:35कितना बेरहम है, मैस 55 दिनों के भीतर पुलिस ने 1036 एफायार दर्च की 1128 कुख्यात ड्रग तसकरों को सलाखों
42:46के पीछे धकेल दिया, 344 किलो ड्रग्स बरामत की गई, जिसमें 120 करोड रुपे की कीमत की 13 किलो अफीम
42:54शामिल है, इसके अलावा 24,000 से जादा नशे के टाब
43:05अक्सिजन यानि उनकी काली कमाई पर भी हो रहा है, 63 बड़े तसकरों पर पाब्लिक सेफटी अक्ट लगाया गया, 700
43:16से जादा की ड्राइविंग लाइसेंस रद्ध हो चुके हैं, सबसे बड़ा हंटर चला है उनकी अचल संपत्तियों पर, नशे की
43:22कमाई से, जानते हैं, �
43:24यहाँ पर सो से भी जादा आलेशान मकान और ठिकाने हैं, जिन पर यह या तो बुल्डोजर गर्चा है, या
43:31उन पर सरकारी ताला आज लटक चुका है, एक तरफ जहां गुनेहगारों के लिए कोई रहम नहीं, वहीं दूसी तरफ
43:36भटक चुके यवाओं के लिए प्रशास
43:54नेख हंटर नहीं है, बलकि नारको टेररिस्म के खिलाफ एक जनानदोलन है, गांदिर बलका ये सैलाब गवा है कि कश्मीर
44:02का युवा, अब पाकिस्तान के पाले में हुए ड्रग माफिया जो उसका पाकिस्तान का पाला हुआ ड्रग माफिया है, उसके
44:10आगे जुकने को त्
44:12उप्राजिपाल मनोसिना ने साफ कर दिया है कि ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है जमु कश्मीर के युवाओं को
44:17नशे की लट में धकेलने वाले आकाओं को सीधा संदेश है या तो सुधर जाओ या मिट जाओ अब नशे
44:24का ये काला सामराज जे आखरी तिन गिन रह
44:45परिवार गांदर बल में कश्मीर का चेप्टर है रशामुत भारत उसकी आज आखरी पद्यात्रा लेफ्टर गवर्नर खूद इसको आज फिर
44:55से लीड कर रहे हैं मैसिव जनभियान सब लोग इससे जुड़ रहे हैं कहीं ना कहीं इसकी कमी थी कैसा
45:02फिल आज आज आप कर �
45:03हैं कि इतने सारे लोग आपके साथ है जिस जिस्ट्रिक आप जा रहे हैं और एक वेव सी जो है
45:08खैल चुकी है जिमो कस्मीर पूलिस और फोर्सेस ने नसे पर लगाम लगाई है पूरी तरह से सप्लाई चेन को
45:18डिस्रप्ट कर दिया है और तसकरों के खिलास जिस सक्ति से कर
45:23अवाम भी जागरू को कर सड़कों परा करके यह अवाम का कारकम बन गया है तो सर कितने होफुल है
45:30यह आप ऐसी नीव डाल के जो है रख रहे हैं जो क्या अगे इंस्टूशनाइज होगी इस सो दिन के
45:36बाद भी चलेगी कोई मिशन बहुत बड़ा है इतनी खराबी हो चु
45:52इंडिसरप्सन और तीसरा रिहबिलिटेशन उस पर सिद्द से का लगी कि आप से जितना हो सके उतना आप ड्राग से
46:15दूर रहिए ड्राग से हमें कुछ देर तक टेंशन से राहत मिलती हैं मगरे बहुत बड़ी बिमारी है इससे इंसान
46:21की जा सकती है
46:21हमें नशे से दूर रहना चाहिए हमें यूथ को भी नशे से दूर रखना है
46:36जब से ये नशा मुक्त अब्यान शुरू हुआ है तब से मुझे एक चीज में नोटिस की है कि जितना
46:42भी यूथ है यूथ बहुत खुश है कि ड्रग्स से हम नजात पाएं क्योंकि ड्रग्स एक ये नहीं है कि
46:48हम कहेंगे
46:49कि नशा जहार है वो है नशा एक बहुत बड़ा जुलुम एक बहुत बड़ा कतल है नशे से दूर रहो
46:55क्यूंकि आप अपनी जिंदगी खो रहे हो
47:00तो आज के लिए ब्लाक इंवाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली बुलाकात होगी कल रात 9 बचे
47:05तब तक खुश रहे स्वस्त रहे सुरक्षत रहे और लोग कड़वे सच से नहीं बलकि भ्रह्म के माया जाल के
47:12टूपने से डरते हैं जिसके दम पर उनका वजूद द
47:16का नोस्का नोस्काश
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